CHAPTER-12
1. प्रश्न: 'पढ़े-लिखों का पांडित्य' निबंध के लेखक कौन हैं?
उत्तर: महावीर प्रसाद द्विवेदी।
2. प्रश्न: यह निबंध सबसे पहले कहाँ प्रकाशित हुआ था?
उत्तर: 'सरस्वती' पत्रिका में, सितम्बर 1914 में।
3. प्रश्न: यह निबंध किस संग्रह से लिया गया है?
उत्तर: 'महिला मोद' नामक निबंध संग्रह से।
4. प्रश्न: लेखक ने इस निबंध में किस सोच की आलोचना की है?
उत्तर: स्त्री-शिक्षा का विरोध करने वाली दकियानूसी सोच की।
5. प्रश्न: लेखक के अनुसार कौन लोग स्त्री-शिक्षा का विरोध करते हैं?
उत्तर: तथाकथित सुशिक्षित लोग, जो रूढ़िवादी सोच रखते हैं।
6. प्रश्न: स्त्री-शिक्षा विरोधियों का पहला तर्क क्या था?
उत्तर: इतिहास और पुराणों में स्त्रियों की शिक्षा की कोई नियमबद्ध प्रणाली नहीं मिलती।
7. प्रश्न: स्त्री-शिक्षा विरोधियों का दूसरा तर्क क्या था?
उत्तर: शकुंतला की थोड़ी-सी पढ़ाई से अनर्थ हुआ।
8. प्रश्न: शकुंतला ने किसे कटु वाक्य कहे थे?
उत्तर: दुष्यंत को।
9. प्रश्न: विरोधियों के अनुसार शकुंतला की भाषा कैसी थी?
उत्तर: अपढ़ गँवारों जैसी।
10. प्रश्न: लेखक ने इन दलीलों का खंडन किस प्रकार किया है?
उत्तर: अकाट्य तर्कों और व्यंग्य के माध्यम से।
🔹 प्रश्नोत्तर (11–20):
11. प्रश्न: लेखक के अनुसार शिक्षा का असली उद्देश्य क्या होना चाहिए?
उत्तर: कुशिक्षितों को सुशिक्षित करना और अधार्मिकों को धर्म समझाना।
12, प्रश्न: लेखक ने किन परंपराओं को अपनाने की सलाह दी है?
उत्तर: विवेकसम्मत और तर्कपूर्ण परंपराओं को।
13. प्रश्न: लेखक ने किस प्रकार की परंपराओं का विरोध किया है?
उत्तर: दकियानूसी और अप्रासंगिक परंपराओं का।
14, प्रश्न: 21वीं सदी की स्त्रियाँ किन-किन क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं?
उत्तर: विज्ञान, सरकारी सेवा, निजी क्षेत्र, व्यापार, वाणिज्य आदि।
15. प्रश्न: आज स्त्रियाँ किसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं?
उत्तर: पुरुषों के साथ।
16. प्रश्न: स्त्रियों को समान अधिकार दिलाने में किसे संघर्ष करना पड़ा?
उत्तर: स्त्री-शिक्षा के पक्षधर समाज सुधारकों को।
17. प्रश्न: इस निबंध की भाषा शैली किस युग की विशेषता है?
उत्तर: द्विवेदी युग की।
18, प्रश्न: लेखक ने स्त्रियों को किस अधिकार से वंचित नहीं रखने की बात कही?
उत्तर: शिक्षा के अधिकार से।
19. प्रश्न: लेखक का व्यंग्य किस पर केंद्रित है?
उत्तर: उन पढ़े-लिखे लोगों पर जो स्त्री-शिक्षा का विरोध करते हैं।
20. प्रश्न: इस निबंध का मूल उद्देश्य क्या है?
उत्तर: स्त्री-शिक्षा के विरोधियों की मानसिकता का खंडन और समाज में स्त्री के समान अधिकारों की स्थापना।
यदि आप Chapter 12