Chapter 10
1. प्रश्न: पाठशाला में किस प्रकार के पंडितों को बुलवाया गया?
उत्तर: हिमालय की कन्दराओं से खोज-खोजकर उद्दण्ड पंडितों को बुलवाया गया, जिनकी संख्या पौन दशमलव से अधिक नहीं थी।
2. प्रश्न: प्रथम अध्यापक कौन थे और उनका क्या उपाधि थी?
उत्तर: प्रथम अध्यापक पंडित मुग्धमणि शास्त्री ‘तर्क वाचस्पति’ थे।
3. प्रश्न: पाठशाला में धर्मशास्त्र पढ़ाने वाले अध्यापक कौन थे?
उत्तर: पाखंडप्रिय धर्माधिकारी, अध्यापक धर्मशास्त्र थे।
4. प्रश्न: वैद्यकशास्त्र के अध्यापक का क्या नाम था?
उत्तर: प्राणान्तकप्रसाद वैयाकरण, वैद्यकशास्त्र के अध्यापक थे।
5. प्रश्न: पाठशाला किस समय खोली गई?
उत्तर: अर्ध रात्रि को पाठशाला खोली गई।
6. प्रश्न: लेखक किस परमेश्वर को धन्यवाद देता है?
उत्तर: लेखक उस परमेश्वर को धन्यवाद देता है जो संसार को बनाकर क्षण भर में नष्ट कर सकता है।
7. प्रश्न: लेखक किस बात की प्रशंसा करता है?
उत्तर: लेखक अपने स्वार्थरत चित्त की प्रशंसा करता है जिसके प्रभाव से विद्यालय की नींव पड़ी।
8. प्रश्न: लेखक का उद्देश्य क्या था पाठशाला खोलने के पीछे?
उत्तर: लेखक का उद्देश्य अपना नाम इस पृथ्वी पर स्थायी करना था।
9. प्रश्न: लेखक ने धन प्राप्त करने में किनका योगदान माना?
उत्तर: लेखक ने अपने इष्ट मित्रों की सहायता को धन प्राप्त करने में योगदान माना।
10. प्रश्न: लेखक अपने परिवार के बारे में क्या कहता है?
उत्तर: लेखक कहता है कि उनके पुत्र और परिवारजन चैन से हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
11. प्रश्न: लेखक आज के दिन को क्या मानता है?
उत्तर: लेखक आज के दिन को नित्यता का प्रथम दिन मानता है।
12. प्रश्न: पाठशाला की तुलना किससे की गई है?
उत्तर: पाठशाला की तुलना सकलपूर्ण कामधेनु से की गई है।
13. प्रश्न: मुग्धमणि शास्त्री को किस प्रकार प्राप्त किया गया?
उत्तर: वे मृगयाशील श्वान के मुख में शशी के धोखे बद्रिकाश्रम की कंदरा में पड़ गए।
14. प्रश्न: मुग्धमणि शास्त्री की विद्या की तुलना किससे की गई?
उत्तर: उनकी विद्या की प्रशंसा करने में स्वयं सरस्वती भी लज्जित होती है।
15. प्रश्न: लेखक के अनुसार, मुग्धमणि शास्त्री के प्रभाव से क्या हो सकता है?
उत्तर: उनके थोड़े परिश्रम से पंडित मूर्ख और अबोध पंडित बन सकते हैं।