दो बैलो की कथा
(1) कॉजीहौस में पशुओं की हाजिरी क्यों ली जाती होगी ?
उत्तर- कॉजीहास में वसे पशुओं को रखा जाता था जिनके कोई मालिक नहीं होते थे। किसी की खेती खाने वाले पशुओं को कॉजीहौस में बंद कर दिया जाता था। कुछ समय बाद इन पशुओं की नीलामी कर दी जाती थी।
कॉजीहौस में कैद पशुओं की हाजिरी निम्न कारणों से ली जाती होगी-
(क) पशुओं की संख्या पता लगाने के लिए कि सभी पशु है या नहीं।
(ख) पशुओं की पहचान रखने तथा स्वास्थ्य की जानकारी के लिए।
(ग) शरारती या उत्पात करने वाले पशुओं को बाँधकर रखने या अलग रखने के लिए।
(ह) सुखी-संपन्न लोगों को भी दूसरे वर्गों की भलाई के लिये सोंचना चाहिए।
(2) छोटी बच्ची का बैलों के प्रति प्रेम क्यों उमड़ आया ?
उत्तर- छोटी बच्ची का बैलों के प्रति प्रेम निम्नलिखित कारणों से उमड़ आया-
(क) छोटी बच्ची की सौतेली माँ बच्ची को हमेशा मारते-पीटते रहती थी। वह अपनी माँ से बिछड़ने का दर्द जान रही थी। अपने मालिक से दूर होने के कारण इन बैलों को गया मारते-पीटते रहता था।
(ख) जिस प्रकार से छोटी बच्ची को सौतेली माँ भरपेट खाना नहीं देती थी. उत्ती प्रकार गया इन बैलों को पेटभर खाना नहीं देता था।
(3) कहानी में बैलों के माध्यम से कौन-कौन से नीति-विषयक मूल्य उभर कर आए हैं?
उत्तर - इस कहानी में बैलों के माध्यम से निम्नलिखित नीति-विषयक मूल्य उभर कर आए हैं-
(क) आजादी पाने के लिए मनुष्य को बड़ा से बड़ा कष्ट उठाना पड़ता पड़ता है।
(ख) एकजुट होकर किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है, एकता में शक्ति होती है।
(ग) अपने साथ-साथ दूसरों की भलाई के बारे में भी सोंचना चाहिए।
(घ) सच्चा मित्र किसी भी समस्या में या किसी भी स्थिति में साथ नहीं छोड़ता है।
(घ) मोटा-ताजा साँड़ का मुकाबला दोनों मिलकर किए थे तथा साँड़ को मारकर गिरा दिए थे।
(ड) मटर का फसल खाते समय मोती के पकड़े जाने पर हीरा भी वापस आ गया और दोनों कॉजीहौस में बंद कर दिये गये।
(च) कॉजीहौस का दीवार तोड़ने के बाद हीरा मोटी-सी रस्सी से बंधा होने के कारण भाग नहीं पाता है तो मोती भी नहीं भागता है।
(4) प्रस्तुत कहानी में प्रेमचंद ने गधे की किन स्वभावगत विशेषताओं के आधार पर उसके प्रति रूढ़ अर्थ 'मूर्ख' का प्रयोग न कर किसी नए अर्थ की ओर संकेत किया है?
उत्तर- गधा को उसके सीधे-सादे स्वभाव के कारण 'मूर्ख' का पर्याय समझा जाता है। उसका स्वभाव सहनशील होता है। लेखक ने गधे की सरल और सहनशील स्वभाव की ओर लोगों का ध्यान खींचा है। इस कहानी में भी उन्होंने गधे की सीधेपन की 'दुर्दशा' दिखलाई है, 'मूर्खता' की नहीं।
(5) किन घटनाओं से पत्ता चलता है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी ?
उत्तर- इस पाठ में अनेक घटनाएँ हैं जिनसे पता बलला है कि हीरा और मोती में गहरी दोस्ती थी. जैसे -
(क) हल जोतते समय दोनों बैल गर्दन हिला-हिलाकर चलते थे। उस समय दोनों प्रयास करते थे कि अधिक से अधिक बोझ मेरे कंधे पर रहे।
(ख) दिनभर हल जोतने के बाद दोपहर या शाम को दोनों खुलते थे तो एक दूसरे को चाट-चाट कर अपनी थकान मिटाते थे।
(ग) नांद में खली, भूसा, चोकर आदि पड़ जाने के बाद खाने के लिए दोनों एक-साथ उठते, एक-साथ नांद में मुँह डालते और एक ही साथ उठाते थे।
इस कहानी में झूरी हीरा और मोती को अपने पुत्र की तरह स्नेह करता था। वह उन्हें अपनी आँखों से दूर नहीं करना चाहता था। किसान अपने पशुओं को घर के सदस्य की तरह प्रेम करते हैं। इसलिए पशु भी अपने मालिक के लिए जान लगा देने को तैयार रहते हैं।
(6) "लेकिन औरत जात पर सींग चलाना मना है, यह भूल जाते हो" हीरा के इस कथन के माध्यम से स्त्री के प्रति प्रेमचंद के दृष्टिकोण को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- हीरा द्वारा मोती से कहे गए इस कथन से पता चलता है कि उस सभ्य समाज में स्त्रियों की स्थिति अच्छी नहीं थी। पुरुषों द्वारा स्त्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। उन्हें यातनाएं दी जाती थी, इसलिए समाज द्वारा नियम बनाया गया है कि स्त्रियों को पुरुष-समाज शारीरिक दंड न दें। हीरा और मोती अच्छे इंसानों के प्रतीक है। इसलिए यह कथन सभ्य समाज पर लागू होता है। लेखक स्त्रियों के सम्मान के पक्षधर थे। वह स्त्री-पुरुष की समानता के पक्षधर थे।
(7) किसान-जीवन वाले समाज में पशु और मनुष्य के आपसी संबंधों को कहानी में किस तरह व्यक्त किया गया है?
उत्तर - प्रारंभ से ही पशु मनुष्यों के साथी रहे हैं। किसान के लिए तो पशु वरदान के समान है। हल चलाने, बोझ ढोने और सवारी करने के लिए किसान पशुओं का ही सहयोग लेते हैं। हीरा और मोती बिना बोले ही एक-दूसरे की बातों को समझ जाते थे। हमेशा वे एक दूसरे का हित के बारे में सोचते थे। मनुष्य अपने-आप को सभी जीवों में श्रेष्ठ मानता है. लेकिन मनुष्य में भी यह शक्ति नहीं होती कि वह एक-दूसरे की मन की बात को समझ सके। मनुष्य हमेशा स्वार्थ के बारे में सोंचता है, दूसरे की भलाई के बारे में सोंचना ही नहीं चाहता है।
(8) "इतना तो हो ही गया कि नौ दस प्राणियों की जान बच गई, वे सब तो आशीर्वाद देंगे।" मोती के इस कथन के आलोक में उसकी विशेषताएँ बताइए।
उत्तर- मोती के इस कथन के आलोक में निम्नलिखित विशेषताएँ सामने आती हैं-
(क) उग्र स्वभाव का हाते हुए भी मोती दयालु था ।
(ख) मोती संकट के समय अपने मित्र हीरा का साथ नहीं छोड़ता, वह एक सच्चा मित्र था ।
(ग) मोती परोपकारी था, तभी वह कॉजीहौस में कैद पशुओं को आजाद करा के सबकी जान बचाता है।
(घ) मोती निडर और साहसी था। वह हीरा की मदद से साँड को मार गिराया था।
(ङ) मोती अत्याचार का विरोधी था, तभी कॉजीहौस का दीवार गिरा कर विरोध प्रगट किया था।
(9*1) "अवश्य ही उनमें कोई ऐसा गुप्त शक्ति थी जिससे जीवों में श्रेष्ठता का दावा करने वाला मनुष्य वंचित है।"
(क) गरीबी के कारण खली आदि खरीदना उसके बस की बात नहीं थी।
(ख) वह हीरा-मोती के व्यवहार से बहुत दुःखी था।
(ग) उसे खली आदि सामग्री की जानकारी नहीं थी।
उत्तर- (ख) वह हीरा- मोती के व्यवहार से बहुत दुःखी था।
रचना-अभिव्यक्ति :
(9°2) "उस एक रोटी से भूख तो क्या शांत होती, पर दोनों के हृदय को मानो भोजन मिल गया।"
उत्तर- गया हीरा और मोती के साथ सौतेला व्यवहार करता था। वह दोनों बैलों को दिनभर हल जोतता था और शाम के समय खाचे के लिए सिर्फ रूखा-सूखा भूसा डाल देता था, जबकि अपने घर के बैलों को भूसा के साथ खली भी डाल कर पेट-भर खिलाते थे। इसलिए हीरा और मोती गया के इस व्यवहार से अपमानित महसूस करते थे। तभी छोटी-सी लड़की आकर दोनों बैलों को एक-एक रोटी देती है। इस एक रोटी से दोनों बलों का भूख शांत नहीं हो सकता है, परंतु लड़की के इस व्यवहार से प्रेम और अपनापन की भावना का अनुभव करते हैं। दोनों प्रसन्न हो जाते हैं, क्योंकि प्रेम का भोजन आत्मा को शांत करने के लिए काफी होता है।
(10) गया नें हीरा-मोती को दोनों बार सूखा-भूसा खाने के लिए क्यों दिया?
(क) गया पराये बैल पर अधिक खर्च नहीं करना चाहता था।के लिए क्रांतिकारियों को अनेक यातनाएं सहनी पड़ी, उसी तरह हीरा और मोती को भी गया और कॉजीहौस से आजादी पाने के लिए बार-बार संघर्ष करना पड़ता है। गुलामी का विरोध करने के कारण इन्हें बहुत अधिक दंड और काफी यातनाएँ मिलती है। गया के घर से भाग जाने की कोशिश करने पर उन्हें डंडे से पीटा जाता है और खाने के लिए भी कुछ भी नहीं दिया जाता है। इसी तरह कॉजीहौस में कैद पशुओं को आजाद कराने के लिए हीरा और मोती को रस्सी से बाँध दिया जाता है और डंडे से पीटा जाता है। जब दढ़ियल वाले कसाई के हाथों दोनों को बेच दिया जाता है, तब भी यह दोनों हार नहीं मानते हैं और संघर्ष करते हुए कसाई से पीछा छुड़ाकर झूरी के घर वापस चले आते हैं। इस तरह उन्हें आजादी मिल जाती है।
(11) हारा आर माता न ण के खिलाफ आवाज उठाई, लेकिन उसके लिए प्रताड़ना भी सही। हीरा-मोती की इस प्रतिक्रिया पर तर्क सहित अपने विचार प्रगट करें।
उत्तर- हीरा और मोती शोषण के विरुद्ध आवाज उठाते रहे। उन्हें गया का विरोध करने पर डंडे और सूखी रोटियाँ खानी मुड़ी। कॉजीहौस में अन्याय का विरोध करने पर रस्सी के बंधन में पड़ गए। हीरा-मोती के द्वारा शोषण का विरोध किया जाना ठीक है, क्योंकि शोषित होकर जीने का कोई मतलब नहीं है। शोषितों को दुःख ही दुःख मिलता है।
(12) क्या आपको लगता है कि यह कहानी आजादी की कहानी की ओर भी संकेत करती है?
उत्तर- हाँ, यह कहानी आजादी की कहानी की ओर संकेत करती है। हीरा और मोती को स्वतंत्रता सेनानी के रूप में देखा जा सकता है। गया और कॉजीहौस गुलामी का प्रतीक है। जिस तरह गुलाम भारत को आजाद कराने
(क) एक मुँह हटा लेता तो दूसरा भी हटा लेता।
(ख) कुत्ता भी बहुत गरीब जानवर है।
(ग) चार बातें सुनकर गम खा जाते, फिर भी बदनाम है।
(13) बस इतना ही काफी है।
फिर मैं भी जोर लगाता हो
'ही', 'भी' वाक्य में किसी बात पर जोर देने पर जोर देने का काम कर रहे हैं। ऐसे शब्दों को 'निपात' कहते हैं। कहानी में से पाँच ऐसे वाक्य छाँटिए जिनमें 'निपात' का प्रयोग हुआ है-
उत्तर- (क) एक ही विजय ने उसे संसार की सभ्य जातियों में राण्य बना दिया।
(ख) अवश्य ही उनमें कोई ऐसी गुप्त शक्ति थी जिससे जीयो में श्रेष्ठ का दावा करने वाला मनुष्य वंचित हैं।
14 कहानी म र मुहावरा का प्रयोग हुआ है। कोई पाँच मुहावरे छोटिए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
(क) मुहावरा जी तोड़ काम करना -
वाक्य प्रयोग भारतीय किसान जी तोड़ा
काम करते हैं।
का आश्वासन देते रहा, पर समय आने पर टाल गए। गए।
(ग) मुहावरी जान से हाथ घोना (ग) मुहावरा -
वाक्य प्रयोग शेर के सामने जाओगे तो जान -से हाथ धोना पड़ेगा।
(घ) मुहावरा नौ दो ग्यारह होना
वाक्य-प्रयोग पुलिस को देखते ही चोर नौ दो ग्यारह हो गए।
(ड) मुहावरा ईंट का जवाब पत्थर से देना
वाक्य-प्रयोग कारगिल के युद्ध में भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना को ईंट का जवाब पत्थर से दे रहे थे।