यमराज की दिशा
बहु वैकल्पिक प्रश्न
१. 'यमराज की दिशा' के रचनाकार का नाम लिखें?
क) जयशंकर प्रसाद
ख) प्रेमचंद
ग) चंद्रकांत देवताले
घ) यशपाल
उत्तर-ग) चंद्रकांत देवताले।
२. हमारे पाठ्यपुस्तक क्षितिज के अंतर्गत देवताले जी द्वारा रचित किस रचना को लिया गया है?
क) लकड़बग्घे हंस रहा हैं
ख) पत्थर की बैंच
ग) भूखंड तप रहा है
घ) यमराज की दिशा
उत्तर-घ) यमराज की दिशा
३. चंद्रकांत देवताले जी हिंदी काव्य के किस परंपरा के माने जाते है?
क) प्रतिवादी धारा
ख) साठोत्तरी हिंदी काव्य परंपरा
ग) छायावाद युगीन
घ) उत्तर छायावाद युग
उत्तर-ख) साठोत्तरी हिंदी काव्य परंपरा।
४. साठोत्तरी हिंदी काव्य परंपरा कब से आरंभ
(शुरू) मानी जाती है?
क) १९४०
ख) १९३५
ग) १९६०
घ) १९४५
उत्तर-ग) १९६० के बाद।
५. क्या लेखक दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रभावित थे?
क) हां
ख) पत्ता नहीं
ग) शायद हां
घ) नहीं
उत्तर-घ) नहीं
६. कवि ने पूंजीवाद को किस का प्रतीक ( रूप) माना है?
क) मित्र का
ख) हितैषी का
ग) समाज सुधारक का
घ) यमराज का
उत्तर -घ) यमराज का
७ कवि की मां किस प्रवृत्ति (स्वभाव) की थी?
क) घुमक्कड़ प्रवृत्ति की महिला
ख) बातूनी प्रवृत्ति की महिला
ग) धार्मिक प्रवृत्ति की महिला
घ) अंहकारी प्रवृत्ति की महिला
उत्तर-ग) धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी
८. कवि की मां की आस्था (भरोसा) किस पर अटूट थी?
क) समाज पर
ख) देश पर
ग) ईश्वर पर
घ) अपने पुत्र पर
उत्तर-ग) ईश्वर पर
९. भारतीयमान्यता के अनुसार मृत्यु के देवता किसे माना गया है?
क) कुबेर जी को
ख) वरुण देव को
ग) यमराज को
घ) अग्नि देव को
उत्तर-ग) यमराज को।
१०. कवि की मां कवि को किस तरफ पैर करके सोने से मना करती है?
क) उत्तर दिशा की ओर
ख) पूरब दिशा की ओरग) दक्षिण दिशा की ओर।
घ) पश्चिम दिशा की ओर
उत्तर-ग) दक्षिण दिशा की ओर।
११. कवि की मां जिंदगी जीने और दुख बर्दाश्त करने के रास्ते किस प्रकार से खोज लेती है?
क) संबंधियों में आस्था रखकर
ख) ईश्वर में आस्था (विश्वास) रखकर
ग) समाज में आस्था रखकर रखकर
घ) देश में आस्था रखकर
उत्तर-ख) ईश्वर में आस्था (विश्वास) रखकर
१२. जिंदगी जीने में कौन सा अलंकार है?
क) उत्प्रेक्षा उत्प्रेक्षा अलंकार
ख) अनुप्रास अलंकार।
ग) रूपक अलंकार
घ) अतिशयोक्ति अलंकार
उत्तर-ख) अनुप्रास अलंकार
१३. दक्षिण की तरफ पैर करके सोने पर कौन कुद्ध (नाराज) हो जाएगा?
क) कुबेर देव
ख) वरुण देव
ग) यमराज
घ) अग्नि देव
उत्तर-ग) यमराज
१४. दक्षिण दिशा में कौन सा अलंकार है?
क) उत्प्रेक्षा अलंकार।
ख) अनुप्रास अलंकार।
ग) रूपक अलंकार।
घ) अतिशयोक्ति अलंकार।
उत्तर-ख) अनुप्रास अलंकार।
१५. दक्षिण दिशा की पहचान लेखक को किसके द्वारा हुई?
क) अपने मित्रों द्वारा
ख) अपने पिता द्वारा
ग) अपने गुरु द्वारा
घ) अपनी मां के द्वारा।
उत्तर-ग) अपने मां के द्वार
१६. दूर-दूर में कौन सा अलंकार है?
क) उत्प्रेक्षा अलंकार।
ख) अनुप्रास अलंकार। अलंकाररा
ग) रूपक अलंकार।
घ) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।
उत्तर-घ) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।
१७. लांघ लेना का अर्थ बताएं?
क) दौड़ लगाना
ख) दौड़ कर पार कर लेना
ग) उछलकर पार कर लेना।
घ) कूदकर पार कर लेना
उत्तर-घ) उछलकर पार कर लेना।
१८. संभव शब्द का अर्थ बताएं?
क) नहीं करने लायक
ख) असंभव
ग) कठिन
घ) करने योग्य या वश की बात।
उत्तर-घ) करने योग्य या वश की बात।
१९. छोर का अर्थ बताएं?
क) बीच
ख) बगल
ग) किनारा
घ) ऊपर
उत्तर-ग) किनारा
२०. बचपन में कवि के मन में क्या जिज्ञासा उत्पन्न हुई?
क) दोस्त के घर देखने की इच्छा
ख) विदेश देखने की इच्छा
ग) परदेश देखने की इच्छा
घ) यमराज के घर को देखने की इच्छा
उत्तर-घ) यमराज के घर को देखने की इच्छा
२१. कवि यमराज के घर का पता किससे पूछते है?
क) अपने मित्रों से।
ख) अपने पिता से।
ग) अपने गुरु से।
घ) अपनी मां से।
उत्तर-घ) अपनी मां से।
लघु उत्तरीय प्रश्न
१) चंद्रकांत देवताले जी हिंदी काव्य के किस परंपरा के माने जाते है?
उत्तर- साठोत्तरी हिंदी काव्य परंपरा।
१) साठोत्तरी हिंदी काव्य के अन्य रचनाकारों के नाम लिखें?
उत्तर- विष्णु खरे, अज्ञेय, मुक्तिबोध, नागार्जुन, श्रीकांत वर्मा, आलोक धन्वा, दूधनाथ सिंह आदि।
२) साठोत्तरी हिंदी काव्य परंपरा के कवियों की क्या विशेषताएं थी?
उत्तर- इस परंपरा के कवि प्रायाः विरोधी स्वभाव के थे। सामाजिक अवस्था और पूंजीवाद के खिलाफ में इन्होंने अपनी कलम चलाई।
३) यमराज की दिशा किस प्रकार की रचना है?
उत्तर- प्रतीकात्मक शैली की रचना है।
४) प्रतीकात्मक का अर्थ का अर्थ बताएं?
उत्तर- जिसमें प्रतीकों (चिन्हों) की सहायता से विषयों का बोध कराया जाता हो जैसे यमराज की दिशा में दक्षिण दिशा पूंजीवाद या पूंजीपतियों को दर्शाता है।
५) दक्षिण की दिशा को लेकर कवि और उनकी मां की सोच में क्या अंतर था?
उत्तर- कवि की मां एक धार्मिक महिला थी उनके लिए दक्षिण का दिशा यम की दिशा
थी, लेकिन कवि के लिए यह दिशा पूंजी पतियों की थी।
६) दक्षिणपंथी विचारधारा का क्या अर्थ है?
उत्तर- यह एक ऐसी विचारधारा है जो सामाजिक असमानता और पूंजीवाद को समर्थन (प्रदान) करती है।
७) क्या लेखक दक्षिणपंथी विचारधारा प्रभावित थे?
उत्तर- नहीं, लेखक इस विचारधारा के सख्त (कड़ा) खिलाफ में थे।
८) सभी दिशाओं में यमराज का आलीशान महल है का तात्पर्य (मतलब) बताएं?
उत्तर- इसका तात्पर्य यह है कि पूंजीवाद चारों ओर फैल रही है और इस व्यवस्था से साधारण जनता प्रभावित हो रही है।
९) कवि की मां किस प्रवृत्ति (स्वभाव) की थी?
उत्तर- धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी।
१०) कवि की मां की मान्यता दक्षिण दिशा को लेकर क्या थी?
उत्तर- दक्षिण दिशा यमराज का घर हैऔर दक्षिण में पैर करके नहीं सोना चाहिए।
११) कवि की मां जिंदगी जीने और दुख बर्दाश्त करने के रास्ते किस प्रकार से खोज लेती है?
उत्तर- ईश्वर में आस्था (विश्वास) रखकर।
१२) दक्षिण दिशा की पहचान लेखक को किसके द्वारा हुई?
उत्तर- अपनी मां के द्वारा।
१३) दक्षिण दिशा को पहचान में कवि की मां ने किस प्रकार से सहायता की?
उत्तर- दक्षिण दिशा की ओर पैर करके नहीं सोने की सख्त मनाही (मना करना) मां ने कवि को दी थी, जिससे कवि दक्षिण दिशा को पहचानने लगे।
१४) दूर-दूर में कौन सा अलंकार है?
उत्तर- पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार है।
१५) लांघ लेना का अर्थ बताएं?
उत्तर- उछलकर पार कर लेना।
१६) संभव शब्द का अर्थ बताएं?
उत्तर- करने योग्य या वश की बात। की बात।
१७) बचपन में कवि के मन में क्या जिज्ञासा उत्पन्न हुई?
उत्तर- यमराज के घर को देखने की इच्छा कवि के मन में उत्पन्न हुई।
१८) आज जिधर भी पैर करके सोओ वही दक्षिण दिशा हो जाती है ऐसा कवि को क्यों लगता है?
उत्तर- क्योंकि आज हर तरफ अनचाही मृत्यु का साम्राज्य है।
१९) सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं का अर्थ बताएं ?
उत्तर- अनाचारी और पूंजीवादी लोगों से हर
दिशा भर गया है, सीधे-साधे लोगों पर ये वर्ग अत्याचार करते हैं।
२०) 'दहकती आंखों सहित विराजते' हैं का अर्थ बताएं?
उत्तर- इस कथन का तात्पर्य यह है की अत्याचारी लोग साधारण लोगो के बीच में भय का माहौल तैयार करते हैं, जिससे उनका वर्चस्व (दबदबा) बना रहे।
२१) 'अब मां नहीं है और यमराज की दिशा भी वह नहीं रही जो मां जानती थी' का अर्थ बताएं?
उत्तर- 'अब मां नहीं है और यमराज की दिशा भी वह नहीं रही जो मां जानती थी' — इस पंक्ति का अर्थ है कि अब मां इस दुनिया में नहीं रही, और साथ ही साथ समय और परिस्थितियाँ भी बदल चुकी हैं। पहले जो जीवन और मृत्यु की समझ, दिशा या विश्वास मां के अनुभव और ज्ञान पर आधारित थी, वह अब वैसी नहीं रही।
यह पंक्ति यह दर्शाती है कि मां के जाने के बाद जीवन में स्थिरता और विश्वास की भावना भी चली गई है। यमराज की दिशा का बदलना प्रतीकात्मक है — यह संकेत करता है कि अब जीवन में मृत्यु, भय, या भविष्य को लेकर भ्रम और असमंजस बढ़ गया है।
सरल शब्दों में: मां के ना रहने से जीवन की वह स्पष्टता और सुरक्षा भी नहीं रही जो उनके रहते थी।
२२) मां के अनुसार मृत्यु की दिशा दक्षिण थी। हमारे भारतीय परंपरा के अनुसार कर्मों के आधर पर हमे मृत्यु प्रप्त होती है लेकिन वर्तमान में ये परिभाषा बदल गई है। आज मृत्यु का कारण कर्म नहीं बल्कि दूसरे लोगों का स्वार्थ है जिसके कारण आज मृत्यु की दिशा परिवर्तित (बदल) हो गई है।
उत्तर-'अब मां नहीं है और यमराज की दिशा भी वह नहीं रही जो मां जानती थी' — इस पंक्ति का अर्थ है कि मां के अनुसार मृत्यु की एक निश्चित दिशा थी, जैसे भारतीय परंपरा में दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है। यह विश्वास था कि मृत्यु हमारे कर्मों के आधार पर आती है।
लेकिन वर्तमान समय में यह परिभाषा बदल गई है। अब मृत्यु का कारण केवल व्यक्ति के कर्म नहीं, बल्कि दूसरों के स्वार्थ, लालच, हिंसा और अन्य सामाजिक कारण बन गए हैं। इसलिए यमराज की दिशा बदलने का अर्थ है कि अब मृत्यु का रास्ता स्पष्ट और नैतिक नहीं रहा, बल्कि अन्याय और अनीति से जुड़ गया है।
यह पंक्ति एक गहरी सामाजिक विडंबना को दर्शाती है — जहां मां जैसे स्नेह और विश्वास के प्रतीक नहीं रहे, वहीं जीवन और मृत्यु की नैतिक दिशा भी खो गई है।
२३) 'आज जिघर भी पैर करके सोओ वही दक्षिण दिशा हो जाती है' यह पंक्ति किस पाठ से ली गई है इसके रचनाकार का नाम बताएं?
उत्तर- पाठ यमराज की दिशा एवं रचनाकार चंद्रकांत देवताले।
२४) 'जिंदगी जीने और दुख बर्दाश्त करने के रास्ते खोज लेती है' यह पंक्ति किस पाठ से ली गई है इसके रचनाकार का नाम बताएं?
उत्तर- पाठ यमराज की दिशा एवं रचनाकार चंद्रकांत देवताले हैं।
२५) 'मां ने एक बार मुझसे कहा था दक्षिण की तरफ पैर करके मत सोना' यह पंक्ति किस पाठ से ली गई है एवं इसके रचनाकार का नाम बताएं?
उत्तर- पाठ यमराज की दिशा एवं रचनाकार चंद्रकांत देवताले हैं।
२६) 'तब मैं छोटा था और मैंने यमराज के घर का पता पूछा था' यह पंक्ति किस पाठ से ली गई है एवं इसके रचनाकार का नाम बताएं? 10
उत्तर- पाठ यमराज की दिशा एवं रचनाकार चंद्रकांत देवताले जी है।
२७) 'दक्षिण दिशा पहचानने में मुझे कभी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा' किस पाठ ली गई है के रचनाकार का नाम बताएं?
उत्तर- पाठ यमराज की दिशा एवं रचनाकार चंद्रकांत देवताले।
२८) 'सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल है' पंक्ति किस पाठ से ली गई है एवं इसके रचनाकार का नाम बताएं?
उत्तर- पाठ यमराज की दिशा एवं रचनाकार चंद्रकांत देवताले।
प्रश्न-अभ्यास
१) कवि को दक्षिण दिशा पहचानने में कभी मुश्किल क्यों नहीं हुई?
उत्तर- मांके द्वारा दक्षिण दिशा में पैर करके सोने की सख्त हिदायत ने कवि को दक्षिण दिशा की पहचान करवाने में सहायता की।
२) कवि ने ऐसा क्यों कहा की दक्षिण को लांघ लेना संभव नहीं था?
उत्तर- मृत्यु जैसे गूढ़ (गहरा) विषय को समझना आसान नहीं है इसलिए कवि को ऐसा लगता है।
३) कवि के अनुसार आज हर दिशा दक्षिण दिशा क्यों हो गई?
उत्तर- इसके निम्म कारण हो सकते
है-
१) १) बढ़ाता पूंजीवाद
२) धार्मिक असहिष्णुता
३) धनबल का बढ़ना
४) सामाजिक अस्थिरता
५) बहु संख्यक वाद की धारणा
४) भाव स्पष्ट कीजिए-
सभी दिशाओं में यमराज का आलीशान महल है और वे सभी एक साथ अपने दहकती आंखों सहित विराजते हैं।
उत्तर- स्वार्थ से वशीभूत, धन की चाहत और राजनीतिक तुष्टीकरण (संतुष्ट करना) ने दक्षिण दिशा के सारे समीकरण या मान्यता को तोड़ दिया है। आज व्यक्ति खसकर सीधा