भारत का भौतिक स्वरूप


पाठ अभ्यास सह उत्तर

1. निम्नलिखित विकल्पों में से सही उतर चुनिए।

a) एक स्थलीय भाग जो तीन ओर से समुद्र समुद्र से घिरा हो

क. तट

ख. प्रायद्वीप

ग. द्वीप

घ. इनमे से कोई नहीं

उत्तर- ख. प्रायद्वीप

b. भारत के पूर्वी भाग में म्यांमार की सीमा का निर्धारण करने वाले पर्वतों का संयुक्त नाम

क. हिमाचल

ख. पूर्वाचल

ग. उत्तराखंड

घ. इनमे से कोई नहीं

उतर - ख. पूर्वांचल

c. गोवा के दक्षिण में स्थित पश्चिम तटीय पट्टी-

क. कोरोमंडल

ख. कन्नड़

ग. कोकण

घ. उतरी सरकार

उत्तर- कन्नड़।

d. पूर्वी घाट का सर्वोच्च शिखर -

क. अनाइमुडी

ख. महेंद्रगिरी

ग. कंचनजंघा

घ. खासी

उतर- महेंद्रगिरी ।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए -

1. भाबर क्या है?

उतर - भाबर निम्न हिमालय और शिवालिक की पहाड़ियों के दक्षिणी ओर 8-16 किलोमीटर पट्टी में बसा एक क्षेत्र है। जहाँ पर्वतों से नीचे आने वाली नदियाँ विलुप्त हो जाती है।

2. हिमालय के तीन प्रमुख विभागों के नाम उत्तर से दक्षिण के क्रम में बताइए ।

उत्तर - हिमालय के तीन प्रमुख विभागों उतर से दक्षिण के क्रम में इस

1. हिमाद्री या महान हिमालय

2. लघु या हिमाचल हिमालय

3. शिवालिक या बाह्य हिमालय

3. अरावली और विन्ध्याचल की पहाड़ियों में कौन सा पठार स्थित है?

उतर - अरावली और विन्ध्याचल की पहाड़ियों में मालवा का पठार स्थित है।

4. भारत के उन द्वीपों के नाम बताइए जो प्रवाल भित्ति के हैं?

उत्तर - लक्षद्वीप, वे द्वीप हैं जो प्रवाल भित्ति से बने हैं।

5. निम्नलिखित में अंतर स्पष्ट कीजिए-

a. बांगर और खादर



6. पूर्वी घाट तथा पश्चिमी घाट।

उत्तर - पश्चिमी घाट (Western Ghat)- मुम्बई के उत्तर से लेकर धुर दक्षिण में कोमोरिन अंतरीप तक लगभग 1600 किमी. की लम्बाई में विस्तृत है। पश्चिमी घाट पश्चिमी तट के सहारे- सहारे विस्तृत मिलते हैं, जिन्हें महाराष्ट्र में सहयाद्रि, कर्नाटक व तमिलनाडु में नीलगिरी तथा केरल में अन्नामलाई व कार्डामम पहाड़ियाँ (Cardamom Hills) के नाम से जाना जाता है। पश्चिमी घाट पूर्वी घाट की तुलना में सतत रूप में विस्तृत मिलते हैं तथा उसकी ऊँचाई भी अधिक है। पश्चिमी घाट की औसत ऊँचाई 1500 मीटर है जो उत्तर से दक्षिण की और जाने पर क्रमशः अधिक होती जाती है। पश्चिमी घाट के दक्षिणी भाग में विस्तृत अन्नामलाई पहाड़ियों में पश्चिमी घाट का सर्वोच्च शिखर अनाईमुडी (2695 मीटर) अवस्थित है जबकि नीलगिरि पहाड़ियों में पश्चिमी घाट का दूसरा सर्वोच्च शिखर डोडाबेटा (2670 मीटर) अवस्थित है। प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश नदियों का उद्गम स्थल पश्चिमी घाट की पहाड़ियों में ही हैं।

पूर्वी घाट (Eastern Ghats) पूर्वी समुद्र तटीय मैदान के समान्तर समान्तर महानदी की घाटी
से दक्षिण में नीलगिरी पहाड़ी तक दक्षिण-पूर्व दिशा में 1,800 किमी. की लम्बाई में फैले हैं। ये घाट पश्चिमी घाट से बिल्कुल भिन्न है क्योंकि ये पश्चिमी घाट की भाँति न तो अधिक ऊँचे ही है और न श्रृंखलाबद्ध ही पूर्वी घाट की सतता अनेक स्थानों पर महानदी, गोदावरी, कृष्णा तथा कावेरी नदियों द्वारा भंग कर दी गयी है। पूर्वी घाट की प्रमुख श्रेणियाँ जवादी पहाड़ियाँ, पालकोंडा श्रेणी, नल्लामाला पहाड़ियाँ तथा महेन्द्रगिरी पहाड़ियाँ हैं। ओडिशा के गंजाम जिले में स्थित महेन्द्रगिरि (1501 मीटर) पूर्वी घाट की सर्वोच्च चोटी है। पूर्वी तथा पश्चिमी घाट सुदूर दक्षिण में नीलगिरी पहाड़ियों पर मिल जाते हैं।

7. भारत के प्रमुख भू-आकृतिक विभाग कौन से हैं? हिमालय क्षेत्र तथा प्रायद्वीप पठार के उच्चावच लक्षणों में क्या अंतर है?

उत्तरभारत को भौगोलिक दृष्टि से मुख्यतः तीन प्रमुख भू-आकृतिक विभागों में बाँटा गया है:

  1. हिमालयी पर्वतीय क्षेत्र

  2. उत्तर भारतीय मैदान (Indo-Gangetic Plains)

  3. प्रायद्वीपीय पठारी क्षेत्र (Peninsular Plateau)

इनके अतिरिक्त दो सहायक भू-आकृतिक विभाग और भी हैं:

  1. थार मरुस्थल

  2. तटीय मैदान एवं द्वीप समूह


हिमालय क्षेत्र तथा प्रायद्वीपीय पठार के उच्चावच लक्षणों में अंतर:

विशेषताहिमालय क्षेत्रप्रायद्वीपीय पठार
उत्पत्तिहाल ही में बना हुआ युवा पर्वत है, टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव से बना।बहुत पुराना है, गोंडवाना भूखंड का भाग था, ज्वालामुखीय व विवर्तनिक क्रियाओं से बना।
संरचनातहों में मुड़ी हुई तलछटी चट्टानों से बना।कठोर आग्नेय और रूपांतरित चट्टानों से बना।
उच्चावच (Relief)अत्यधिक ऊँचाई, तीव्र ढलान, गहरी दरारें, अस्थिर भू-आकृति।अपेक्षाकृत समतल, पहाड़ियाँ और पठारी ढालें, स्थिर भू-आकृति।
भूकंपीय क्रियाएँअधिक सक्रिय, भूकंप और भूस्खलन सामान्य।अपेक्षाकृत स्थिर, कम भूकंपीय गतिविधियाँ।
नदी तंत्रयुवा नदियाँ – तीव्र वेग, गहरी घाटियाँ।प्राचीन नदियाँ – विस्तृत घाटियाँ, धीमा प्रवाह।