यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति


 बहुविकल्पीय प्रश्न

प्रश्न 1. रूस में प्रथम विश्व युद्ध के समय किसका शासन था?

a. ज़ार निकोलस प्रथम

b. जार निकोलस द्वितीय

c. लेनिन

व. स्टालिन

 उत्तर: b. जार निकोलस द्वितीय

प्रश्न 2. जारीना रूस के अंतिम निरंकुश शासक जार निकोलस द्वितीय का क्या थी?

a. पत्नी

b. मां

c.वहन

d.दादी

 उत्तर: a. पत्नी

प्रश्न 3. सोवियत संघ में किसानों को सामूहिक खेती में काम करने का आदेश जारी हुआ, उसे क्या कहते हैं।

a. कोलखोज.

b. कुलक

c. रैडिकल

d. कैथोलिक

 उत्तर: a. कोलखोज

प्रश्न 4. 'रशियन सोशल डेमोक्रेटिक वर्कर्स पार्टी' की स्थापना कब हुई?

a. 1898

b. 1815

c. 1871

d. 1891

 उत्तर: a. 1898

प्रश्न 5. 'दास कैपिटल' नामक पुस्तक के रचयिता कौन थे ?

a. मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स

b. लेनिन

c. स्टलिन

d. इनमें से कोई नहीं

 उत्तर: a. मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न1. अक्टूबर क्रांति से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: अक्टूबर क्रांति सन् 1917 में रूस में घटित एक ऐतिहासिक घटना थी, जिसे बोल्शेविक क्रांति भी कहा जाता है। यह क्रांति लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविक पार्टी द्वारा की गई थी।


इस क्रांति के माध्यम से रूस में ज़ार शाही का पूरी तरह अंत हुआ और एक साम्यवादी (कम्युनिस्ट) सरकार की स्थापना हुई।

इस क्रांति के प्रमुख उद्देश्य थे:

*ज़ार निकोलस द्वितीय की निरंकुश सत्ता को समाप्त करना।

*श्रमिकों, किसानों और सैनिकों को सत्ता में भागीदारी देना।

*पूंजीवाद का अंत कर समाजवाद की स्थापना करना।

परिणामस्वरूप:

*रूस में सोवियत शासन की शुरुआत हुई।

*भूमि, उद्योग, बैंक आदि पर राज्य का नियंत्रण स्थापित हुआ।

*बाद में सोवियत संघ (USSR) की स्थापना हुई।

संक्षेप में, अक्टूबर क्रांति एक ऐसी घटना थी जिसने न केवल रूस की राजनीति और समाज को बदला, बल्कि दुनिया भर में साम्यवाद के विचार को बल दिया।

प्रश्न 2. कुलक से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: कुलक (Kulak) शब्द का उपयोग सोवियत संघ में उन समृद्ध किसानों के लिए किया जाता था जिनके पास बड़ी मात्रा में भूमि, मवेशी और कृषि उपकरण होते थे और जो अक्सर दूसरे गरीब किसानों से काम करवाते थे।

जब स्टालिन ने 1920 के दशक के अंत में सामूहिक खेती (Collectivization) की नीति शुरू की, तो कुलकों को इसका विरोधी माना गया। सरकार ने कुलकों को:

  • "शोषक वर्ग" घोषित किया,

  • उनकी संपत्ति जब्त की गई,

  • उन्हें निर्वासित किया गया या श्रम शिविरों में भेजा गया।

  • प्रश्न 3. उदारवादी से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: उदारवादी (Liberal) वे व्यक्ति या विचारधारा के समर्थक होते हैं जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता, लोकतंत्र, समान अधिकार, और संवैधानिक शासन में विश्वास रखते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1. रूसी क्रांति का संक्षिप्त में वर्णन करें।
उत्तर:  रूसी क्रांति 20वीं सदी की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना थी, जो 1917 में रूस में हुई। इस क्रांति ने ज़ार शाही को समाप्त कर साम्यवाद की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।

रूसी क्रांति दो मुख्य चरणों में हुई:

फरवरी क्रांति (मार्च 1917):

जनता में ज़ार निकोलस द्वितीय के प्रति असंतोष बढ़ गया था।

युद्ध, भूखमरी और बेरोजगारी के कारण जनता सड़कों पर उतर आई।

ज़ार निकोलस द्वितीय को सत्ता छोड़नी पड़ी और अंतरिम सरकार का गठन हुआ।

अक्टूबर क्रांति (नवंबर 1917):

लेनिन और बोल्शेविक पार्टी ने अंतरिम सरकार को हटाकर सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया।

रूस में पहली बार कम्युनिस्ट शासन की स्थापना हुई।

ज़मीन, कारखानों और बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया।

परिणाम:

ज़ार शासन का अंत हुआ।

रूस में सोवियत संघ (USSR) की स्थापना हुई।

यह क्रांति दुनिया भर में साम्यवादी आंदोलनों के लिए प्रेरणा बनी।

प्रश्न 2. रूस में स्टालिन के योगदान पर प्रकाश डालें।

उत्तर: जोसेफ स्टालिन रूस (बाद में सोवियत संघ) के एक प्रमुख कम्युनिस्ट नेता थे, जिन्होंने लेनिन की मृत्यु (1924) के बाद सत्ता संभाली और 1924 से 1953 तक शासन किया। उनके शासन में रूस ने कई बड़े राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन देखे।

स्टालिन के प्रमुख योगदान:
कृषि का सामूहिकीकरण (Collectivization):

किसानों की निजी ज़मीन को मिलाकर सामूहिक खेत बनाए गए जिन्हें कोलखोज कहा जाता था।

इसका उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाना और सरकार का नियंत्रण स्थापित करना था।

हालांकि, इससे लाखों किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और कई मारे गए या निर्वासित कर दिए गए।

तेजी से औद्योगीकरण:

स्टालिन ने पंचवर्षीय योजनाएँ (Five-Year Plans) शुरू कीं, जिससे भारी उद्योग, इस्पात, कोयला, और परिवहन क्षेत्रों का तीव्र विकास हुआ।

इससे सोवियत संघ एक कृषि प्रधान देश से औद्योगिक शक्ति बना।

शिक्षा और साक्षरता:

स्टालिन ने शिक्षा पर ज़ोर दिया।

विद्यालयों और विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़ाई गई तथा साक्षरता दर में सुधार हुआ।

सोवियत संघ का सशक्तिकरण:

स्टालिन के शासनकाल में सोवियत संघ एक शक्तिशाली राष्ट्र बनकर उभरा, विशेषकर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद।

राजनीतिक नियंत्रण और विरोधियों का दमन:

स्टालिन ने सत्ता पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया।

महाशुद्धि अभियान (Great Purge) चलाकर अपने राजनीतिक विरोधियों, बुद्धिजीवियों और सैनिक अधिकारियों को बंदीगृह या मृत्युदंड दिया।

द्वितीय विश्व युद्ध में भूमिका:

स्टालिन के नेतृत्व में सोवियत संघ ने नाजी जर्मनी को हराया और युद्ध में विजयी देशों में शामिल हुआ।