इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
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राष्ट्रभक्ति और बलिदान का प्रतीक:
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सैनिकों को देश के लिए लड़ने और प्राणों की आहुति देने वाला वीर माना गया।
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वे राष्ट्रीय गौरव और सम्मान के प्रतीक बन गए।
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सैन्य अनुशासन और साहस की सराहना:
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युद्ध के बाद समाज में अनुशासन, कठोरता, और आज्ञापालन को श्रेष्ठ गुण माना गया — जो सैनिकों में होते हैं।
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राजनीतिक प्रचार का हिस्सा:
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कई देशों में सैनिकों का महिमामंडन कर उन्हें राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया गया, जैसे कि नाजी जर्मनी में।
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आर्थिक और सामाजिक विशेषाधिकार:
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कुछ देशों ने सैनिकों को पेंशन, रोजगार, या भूमि देकर विशेष सुविधाएं दीं।
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इससे आम लोगों में सैनिकों की प्रतिष्ठा और बढ़ गई।
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युद्ध के प्रभाव और जनभावना:
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युद्ध में मारे गए सैनिकों की याद में स्मारक बनाए गए।
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शहीदों के प्रति सम्मान की भावना पूरे समाज में थी।
प्रश्न 3. 1929 ई की आर्थिक महामंदी का जर्मनी पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: 1929 की आर्थिक महामंदी (Great Depression) ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया, लेकिन इसका सबसे गहरा प्रभाव जर्मनी पर पड़ा क्योंकि वह पहले से ही वर्साय की संधि और युद्ध हर्जाने से जूझ रहा था।
जर्मनी पर आर्थिक महामंदी के प्रभाव:
1.बेरोजगारी में भारी वृद्धि:
* लाखों लोग अपनी नौकरियाँ खो बैठे।
* 1932 तक जर्मनी में 60 लाख से अधिक लोग बेरोजगार हो गए।
2. उद्योग और व्यापार पर असर:
* जर्मनी के कारखाने और उद्योग बंद हो गए।
* निर्यात घट गया और उत्पादन रुक गया।
3. बैंकों का पतन:
* जर्मनी के बैंक दिवालिया हो गए।
* अमेरिका ने अपने दिए गए ऋण वापस मांगने शुरू कर दिए, जिससे स्थिति और खराब हो गई।
4. गरीबी और भुखमरी:
* आम जनता भूख, गरीबी और बेघरपन का शिकार हुई।
* लोगों का सरकार पर से विश्वास उठ गया।
5.राजनीतिक अस्थिरता:
* आर्थिक संकट ने लोकतांत्रिक सरकार को कमजोर कर दिया।
* लोगों ने कट्टरपंथी और मजबूत नेतृत्व की मांग की।
6. नाज़ी पार्टी का उदय:
* जनता ने समस्याओं से निपटने के लिए हिटलर और नाजी पार्टी की ओर रुख किया।
* हिटलर ने जनता को आर्थिक पुनर्निर्माण और गौरव की वापसी का वादा किया।
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