Chapter 20

                                                            झाँसी की रानी    


   प्रश्न 1. “बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी”

उपर्युक्त पंक्ति में भारत को “बूढा” कहा गया है, क्योंकि

(क) भारत गुलाम था।
(ख) भारत में एकता नहीं थी।
(ग) भारत का इतिहास प्राचीन है।
(घ) भारत की दशा शिथिल और जर्जर हो चुकी थी।

उत्तर:- (घ) भारत की दशा शिथिल और जर्जर हो चुकी थी।

प्रश्न 2. लक्ष्मीबाई का बचपन किस प्रकार के खेलों में बीता?

उत्तर:- लक्ष्मीबाई का बचपन साधारण बालिकाओं से भिन्न था। वह गुड़ियों से खेलने के बजाय घुड़सवारी, तलवारबाज़ी, शिकार, दुर्ग तोड़ना और सैनिक व्यूह रचना जैसे साहसी खेलों में भाग लेती थीं। बचपन से ही उनमें एक वीर योद्धा की झलक दिखाई देती थी।

प्रश्न 3. “हुई वीरता की वैभव के साथ सगाई झाँसी में” उपर्युक्त पंक्ति में “चीरता” और “वैभव” का संकेत किस-किस की ओर है।

उत्तर:- यहाँ “वीरता” शब्द रानी लक्ष्मीबाई के साहस, पराक्रम और निर्भीक स्वभाव की ओर संकेत करता है, जबकि “वैभव” शब्द झाँसी राज्य की समृद्धि, गौरव और राजसी सम्मान का प्रतीक है। इस पंक्ति में कवयित्री ने रानी के विवाह को वीरता और वैभव के संगम के रूप में दर्शाया है।

प्रश्न 4. इस कविता के आधार पर कालपी-युद्ध का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

उत्तर:- झाँसी की पराजय के बाद रानी लक्ष्मीबाई ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी सेना संग सौ मील की कठिन यात्रा तय कर कालपी पहुँचीं। वहाँ यमुना तट पर अंग्रेजों से उनका भीषण संग्राम हुआ। युद्ध में रानी ने अपनी वीरता और रणकौशल का अद्भुत परिचय दिया। अंग्रेजों की शक्तिशाली सेना रानी के साहस के आगे टिक न सकी और उन्हें पराजय का मुख देखना पड़ा।

प्रश्न 5. भाव स्पष्ट कीजिए।

(क) गुमी हुई आजादी की कीमत सबने पहचानी थी।

उत्तर:- इस पंक्ति का आशय यह है कि लंबे समय तक पराधीनता में रहने के बाद भारतीय जनता को अपनी खोई हुई स्वतंत्रता का महत्व फिर से समझ में आने लगा। रानी लक्ष्मीबाई के नेतृत्व और साहस ने लोगों के हृदय में आज़ादी की भावना को पुनर्जीवित कर दिया और उन्होंने विदेशी शासन को देश से हटाने का संकल्प लिया।

(ख) “हमको जीवित करने आई बन स्वतंत्रता की नारी थी।”

उत्तर:- इस पंक्ति में यह अर्थ व्यक्त किया गया है कि अंग्रेजों के शासन में भारतीय जनता मानसिक और सामाजिक रूप से थक चुकी थी, मानो जीवित होने की प्रेरणा खो बैठी थी। रानी लक्ष्मीबाई स्वतंत्रता की प्रतीक नारी बनकर सामने आईं और उन्होंने लोगों में साहस और देशभक्ति की चेतना जगाई, जिससे वे फिर से स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय हुए।

प्रश्न 6. इस कविता से लक्ष्मीबाई से संबंधित कुछ पंक्तियाँ चुनकर उनके आधार पर रानी की वीरता का वर्णन कीजिए।

उत्तर:- कविता में रानी लक्ष्मीबाई की वीरता को इन पंक्तियों में स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है: “लक्ष्मीबाई तलवार खींचकर युद्ध में उतरी”, “अंत में घायल वॉकर भाग गया”, “कालपी के मैदान में अंग्रेजों को पराजित किया”, “ग्वालियर दुर्ग पर झंडा फहराया”, और “ह्यूरोज की सेना पर प्रहार कर आगे बढ़ी।” इन पंक्तियों से यह स्पष्ट होता है कि रानी हर मोर्चे पर निडर होकर लड़ती रही, शत्रु को परास्त किया और अपनी सूझबूझ तथा साहस के बल पर इतिहास रचा।


1. प्रश्न: सुभद्रा कुमारी चौहान ने कविता ‘झाँसी की रानी’ में किस ऐतिहासिक घटना का वर्णन किया है?
उत्तर: 
इस कविता में कवयित्री ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का चित्रण किया है। इसमें रानी लक्ष्मीबाई की वीरता, साहस और अंग्रेजों के खिलाफ उनके अदम्य संघर्ष को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

2. प्रश्न: ‘झाँसी की रानी’ कविता का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर: 
इस कविता का केंद्रबिंदु रानी लक्ष्मीबाई का साहस, उनकी मातृभूमि के प्रति गहरी निष्ठा और स्वतंत्रता के लिए उनका अनन्य समर्पण है। कविता में उनके वीरतापूर्ण संघर्ष और बलिदान को प्रमुख रूप से उजागर किया गया है।

3. प्रश्न: कवयित्री ने रानी लक्ष्मीबाई को किस रूप में प्रस्तुत किया है?
उत्तर: 
कवयित्री ने रानी लक्ष्मीबाई को न केवल एक साहसी योद्धा के रूप में बल्कि स्वतंत्रता की प्रतीक और स्त्री शक्ति के प्रतीक स्वरूप प्रस्तुत किया है। उनकी छवि एक अदम्य, निर्भीक और प्रेरणादायक नारी के रूप में उभरती है।

4. प्रश्न: कविता की आरंभिक पंक्तियों में ‘सिंहासन हिल उठे’ से कवयित्री क्या व्यक्त करना चाहती हैं?
उत्तर: 
इस पंक्ति के माध्यम से कवयित्री यह दर्शाना चाहती हैं कि 1857 का स्वतंत्रता संग्राम इतना व्यापक और प्रभावशाली था कि उस समय के शासक और अंग्रेज हुकूमत तक हिल गई। यह क्रांति पूरे देश में गूंज उठी और सत्ता की नींव हिला दी।

5. प्रश्न: कविता में ‘बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी’ का क्या अर्थ है?
उत्तर: 
इस पंक्ति का भाव यह है कि वर्षों तक विदेशी शासन के अधीन रहने के बाद भारत में एक नई ऊर्जा और स्वतंत्रता की चेतना जाग उठी। यह नई जवानी देशवासियों में देशभक्ति और साहस की भावना को पुनर्जीवित करने लगी।

6. प्रश्न: ‘खूब लड़ी मर्दानी’ पंक्ति का क्या अर्थ है?
उत्तर: 
इस पंक्ति से यह स्पष्ट होता है कि रानी लक्ष्मीबाई ने पुरुष योद्धाओं की तरह निर्भयता और साहस दिखाते हुए युद्ध किया। उन्होंने वीरता और पराक्रम में किसी से पीछे नहीं रही।

7. प्रश्न: कवयित्री ने रानी की शिक्षा और बचपन का वर्णन कैसे किया है?
उत्तर: 
कविता में बताया गया है कि रानी लक्ष्मीबाई का बचपन सामान्य बालिकाओं से अलग था। वे नाना के साथ पढ़ाई के साथ-साथ खेल-खेल में शस्त्र चलाना और युद्धकौशल सीखती थीं। उनके बचपन में बरछी, तलवार और कटारी उनकी साथी और मित्र जैसी थीं, जो उनके साहस और वीरता की नींव बनी।

8. प्रश्न: रानी लक्ष्मीबाई को कौन-कौन से युद्धकौशल आते थे?
उत्तर: 
रानी लक्ष्मीबाई बचपन से ही युद्धकौशल में निपुण थीं। उन्हें घुड़सवारी, तलवार और तीर का प्रयोग करना, दुर्गों को घेरना और सैन्य व्यूहों की रचना करना बखूबी आता था। ये सभी क्षमताएँ उन्हें एक सक्षम और निडर योद्धा बनाती थीं।

9. प्रश्न: रानी का विवाह कब और किससे हुआ था?
उत्तर: 
रानी लक्ष्मीबाई का विवाह झाँसी के शासक राजा गंगाधर राव से हुआ। इस विवाह के बाद वे झाँसी की रानी बनीं और अपने साहस और नेतृत्व के लिए इतिहास में अमर हो गईं।

10. प्रश्न: विवाह के बाद झाँसी में कैसी खुशी छाई थी?
उत्तर: 
रानी लक्ष्मीबाई के विवाह के बाद झाँसी में खुशी और उल्लास का वातावरण था। राजमहल में हर्षोल्लास छाया हुआ था और जनता आनंदित थी, जैसे पूरे शहर में उत्सव मनाया जा रहा हो।

11. प्रश्न: रानी लक्ष्मीबाई के जीवन में दुःख का दौर कब आया?
उत्तर: 
रानी के जीवन में सबसे बड़ा दुःख तब आया जब उनके पति, राजा गंगाधर राव का निधन हो गया। इस घटना के बाद रानी विधवा हो गईं और उनके हृदय में गहरा शोक और अकेलापन छा गया।

12. प्रश्न: अंग्रेजों ने झाँसी का राज्य किस प्रकार हथियाया?
उत्तर: 
अंग्रेज प्रशासन ने ‘लैप्स नीति’ का उपयोग करते हुए रानी लक्ष्मीबाई के दत्तक पुत्र को उत्तराधिकारी स्वीकार नहीं किया और झाँसी का राज्य अपने अधिकार में ले लिया। इस नीति के चलते झाँसी पर उनका नियंत्रण स्थापित हो गया।

13. प्रश्न: रानी की प्रतिक्रिया क्या थी जब झाँसी अंग्रेजों के अधीन कर दी गई?
उत्तर: 
झाँसी पर अंग्रेजों के कब्जे के बाद रानी लक्ष्मीबाई गहरे दुःख में डूब गईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी राज्य और सम्मान की रक्षा के लिए अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने का दृढ़ निश्चय किया।

14. प्रश्न: कविता में किन-किन अन्य राज्यों के हरण का उल्लेख है?
उत्तर: 
कविता में यह बताया गया है कि अंग्रेजों ने दिल्ली, लखनऊ, नागपुर, उदयपुर, सतारा, कर्नाटक, सिंध, पंजाब, बंगाल और मद्रास जैसे कई महत्वपूर्ण राज्यों पर अधिकार कर लिया था। इन सभी हरणों का उद्देश्य भारत में अपनी सत्ता को मजबूत करना था।

15. प्रश्न: रानी ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह कैसे किया?
उत्तर: 
रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के अत्याचार को सहन न करते हुए अपनी सेना का गठन किया। उन्होंने तलवार और हथियार संभाले और झाँसी की रक्षा तथा स्वतंत्रता के लिए साहसपूर्वक युद्ध किया।

16. प्रश्न: रानी के साथ किन सखियों ने युद्ध में भाग लिया?
उत्तर: रानी की दो सखियाँ — काना और मुंदरा — उनके साथ युद्ध में वीरतापूर्वक लड़ीं।

17. प्रश्न: कविता में लैफ्टिनेंट वॉकर का क्या उल्लेख है?
उत्तर: 
कविता में लैफ्टिनेंट वॉकर को अंग्रेजों की सेना का एक अधिकारी बताया गया है। रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और युद्धकौशल के सामने वह पराजित हुआ और युद्धभूमि से भागने को मजबूर हो गया।

18. प्रश्न: रानी लक्ष्मीबाई कालपी क्यों गईं?
उत्तर: 
झाँसी पर अंग्रेजों के कब्जे के बाद रानी लक्ष्मीबाई ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी सेना संग कालपी की ओर रुख किया ताकि वहां जाकर युद्ध जारी रख सकें और अंग्रेजों के विरुद्ध अपनी लड़ाई को आगे बढ़ा सकें।

19. प्रश्न: कालपी के युद्ध का परिणाम क्या हुआ?
उत्तर: 
कालपी के मैदान में रानी लक्ष्मीबाई ने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए अंग्रेजों को परास्त किया। इसके बाद उन्होंने आगे बढ़कर ग्वालियर पर अधिकार कर अपनी सत्ता और शक्ति को स्थापित किया।

20. प्रश्न: ग्वालियर की स्थिति क्या थी जब रानी वहाँ पहुँचीं?
उत्तर: 
जब रानी लक्ष्मीबाई ग्वालियर पहुँचीं, तब वहां के शासक सिंधिया अंग्रेजों के सहयोगी थे। उनके डर और रानी की वीरता के कारण सिंधिया ने राजधानी छोड़ दी थी, जिससे ग्वालियर पर रानी का अधिकार स्थापित करना संभव हो सका।

21. प्रश्न: जनरल स्मिथ कौन था और उसका क्या हुआ?
उत्तर: 
जनरल स्मिथ अंग्रेजों की सेना का एक वरिष्ठ अधिकारी था। उसने रानी लक्ष्मीबाई से युद्ध किया, लेकिन रानी की वीरता और रणनीति के सामने वह पराजित हुआ और युद्धभूमि से पीछे हटने को मजबूर हो गया।

22. प्रश्न: युद्ध के दौरान रानी किस परिस्थिति में घायल हुईं?
उत्तर: 
ग्वालियर के युद्ध के समय रानी लक्ष्मीबाई का घोड़ा नाले में अटक गया। इसी बीच अंग्रेज सैनिकों ने उन पर हमला किया, जिससे रानी गंभीर रूप से घायल हो गईं।

23. प्रश्न: कवयित्री ने रानी की मृत्यु का वर्णन कैसे किया है?
उत्तर: 
कवयित्री ने बताया है कि रानी लक्ष्मीबाई अंतिम क्षण तक निडर होकर लड़ती रहीं। अंत में उन्होंने वीरगति प्राप्त की और उनकी चिता ही उनके शौर्य और बलिदान की दिव्य सवारी बन गई।

24. प्रश्न: रानी की मृत्यु के समय उनकी आयु क्या थी?
उत्तर: रानी लक्ष्मीबाई की आयु मृत्यु के समय केवल तेईस वर्ष थी।

25. प्रश्न: कवयित्री ने रानी की तुलना किससे की है?
उत्तर: रानी की तुलना देवी दुर्गा और वीरता की साक्षात अवतार से की गई है।

26. प्रश्न: ‘मनुज नहीं अवतारी थी’ से कवयित्री का क्या तात्पर्य है?
उत्तर: 
इस पंक्ति में कवयित्री यह व्यक्त करना चाहती हैं कि रानी लक्ष्मीबाई साधारण मनुष्य नहीं थीं। उनका व्यक्तित्व और कार्य मानो देवी का अवतार था, जो भारतीय जनता को स्वतंत्रता और साहस का संदेश देने के लिए प्रकट हुआ।

27. प्रश्न: ‘हमको जीवित करने आई बन स्वतंत्रता नारी थी’ पंक्ति का भावार्थ क्या है?
उत्तर: 
इस पंक्ति का अर्थ यह है कि रानी लक्ष्मीबाई भारतीय जनता में देशभक्ति और स्वतंत्रता की चेतना को फिर से जागृत करने वाली नारी के रूप में प्रकट हुईं। उन्होंने लोगों में साहस और आत्मसम्मान लौटाया।

28. प्रश्न: ‘दिखा गई पथ, सिखा गई हमको जो सीख सिखानी थी’ का भावार्थ लिखो।
उत्तर: रानी ने हमें साहस, देशप्रेम, आत्मबल और मातृभूमि के लिए मर मिटने की प्रेरणा दी।

29. प्रश्न: कविता में ‘बुंदेले हरबोलों के मुँह’ पंक्ति का क्या महत्व है?
उत्तर: 
इस पंक्ति से यह स्पष्ट होता है कि रानी लक्ष्मीबाई की वीरता और गाथाएँ बुंदेलखंड के लोकगायक और हरबोलों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाई और गाई जाती रही हैं। यह उनके साहस और पराक्रम की लोकप्रिय स्मृति को दर्शाता है।

30. प्रश्न: इस कविता में कौन-सी भाषा शैली का प्रयोग किया गया है?
उत्तर: 
कविता में सुभद्रा कुमारी चौहान ने उत्साही, भावपूर्ण और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत भाषा का प्रयोग किया है। इसमें वीर रस का प्रभुत्व है और पाठक में साहस तथा देशभक्ति की भावना जागृत होती है।

Answer by Mrinmoee