Chapter 23
राह भटके हिरण के बच्चे को
1. प्रश्न: कविता "राह भटके हिरन के बच्चे को" का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर: इस कविता का मूल भाव गहरी करुणा और स्नेह से जुड़ा है। कवि एक छोटे से हिरन के अकेलेपन और भय को महसूस करता है और उसे दिलासा देता है कि उसकी माँ जरूर मिलेगी। कविता में ममता, दया और प्रकृति की कोमल भावना बड़ी सुंदरता से प्रकट हुई है।
2. प्रश्न: कवि को हिरन के बच्चे के लिए दुख क्यों होता है?
उत्तर:कवि को उस नन्हे हिरन के लिए दुख इसलिए होता है क्योंकि वह ठंडी रात में अकेला और असहाय रो रहा है। उसकी आँखों में भय और पीड़ा झलक रही है, जिससे कवि का मन करुणा से भर उठता है। उस मासूम जीव की बेबसी देखकर कवि का हृदय पिघल जाता है और वह उसके दुख को अपना दुख मान लेता है।
3. प्रश्न: “राह भटके हिरन के बच्चे को” शीर्षक का क्या अर्थ है?
उत्तर: “राह भटके हिरन के बच्चे को” शीर्षक कविता की संपूर्ण भावना को संक्षेप में प्रस्तुत करता है। यहाँ “राह भटके” शब्द उस नन्हे हिरन की स्थिति को दर्शाते हैं जो खेलते-खेलते अपनी माँ से दूर चला गया और रास्ता भूल गया। यह शीर्षक केवल उसकी भटकन नहीं, बल्कि उस मासूम जीव की असहायता और कवि के मन में जागी ममता व करुणा दोनों को अभिव्यक्त करता है।
4. प्रश्न: कवि ने नन्हे हिरन को कैसे सांत्वना दी है?
उत्तर: कवि ने नन्हे हिरन को बहुत कोमल और स्नेहभरे शब्दों में सांत्वना दी है। वह उसे आश्वासन देता है कि उसकी माँ अवश्य उसे मिलेगी और डरने की कोई बात नहीं है। कवि उसे समझाता है कि रात की हवा, बाँस और पाइन के पेड़ लोरी गा रहे हैं, इसलिए उसे शांत होकर सो जाना चाहिए। इन शब्दों में कवि का मातृत्व भाव और दयालुता स्पष्ट झलकती है।
5. प्रश्न: कविता में रात के वातावरण का वर्णन कैसे किया गया है?
उत्तर: कविता में रात का वातावरण अत्यंत सजीव और संवेदनशील रूप में उभरा है। कवि ने जाड़े की ठंडी रात, बाँस और पाइन के पेड़ों से भरे जंगल, तारे जड़े आकाश और झरे हुए पत्तों के दृश्य से एक शांत, ठिठुरती और करुण भावनाओं से भरी रात का चित्र खींचा है। यह वातावरण नन्हे हिरन की पीड़ा को और अधिक प्रभावशाली बना देता है।
6. प्रश्न: “हिरन के छीने, सो जा” — इस पंक्ति में कवि का भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: “हिरन के छीने, सो जा” पंक्ति में कवि का भाव अत्यंत कोमल और ममतामयी है। कवि यहाँ एक माँ की तरह नन्हे हिरन को स्नेहपूर्वक पुकारता है और उसे सुलाने की कोशिश करता है। उसके शब्दों में करुणा, अपनापन और दुलार झलकता है, जिससे यह पंक्ति मातृत्व और प्रेम की सजीव अभिव्यक्ति बन जाती है।
7. प्रश्न: कविता में प्रकृति और जीव-जगत के बीच क्या संबंध दिखाया गया है?
उत्तर: कविता में प्रकृति और जीव-जगत का संबंध अत्यंत आत्मीय रूप में प्रस्तुत किया गया है। कवि ने प्रकृति को एक संवेदनशील और ममतामयी शक्ति के रूप में दिखाया है, जो जीव-जंतुओं के दुख में साथ देती है। रात की हवा लोरी गाती है, पेड़-पौधे आश्रय देते हैं और सूरज की किरणें स्नेह बरसाती हैं — यह सब दर्शाता है कि प्रकृति भी जीवों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई है।
8. प्रश्न: कवि ने किस रूप में अपनी संवेदना प्रकट की है?
उत्तर: कवि ने अपनी संवेदना को अत्यंत मानवीय भाव में व्यक्त किया है। उसने नन्हे हिरन की पीड़ा और असहायपन को महसूस किया और उसे एक माँ जैसी दयालुता और स्नेह के साथ सांत्वना दी, जिससे उसकी चिंता और भय कम हो सके।
9. प्रश्न: कविता में “लोरी” का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?
उत्तर: कविता में “लोरी” प्रतीकात्मक रूप से स्नेह, सुरक्षा और शांति का प्रतिनिधित्व करती है। यह नन्हे हिरन के भय, अकेलेपन और पीड़ा को कम करने वाली comforting शक्ति के रूप में दिखाई गई है, जो उसे चैन और आराम देती है।
10. प्रश्न: “आकाश में हैं तारे भरे” — यह पंक्ति किस भाव को प्रकट करती है?
उत्तर: “आकाश में हैं तारे भरे” पंक्ति में कवि ने रात के दृश्य की सुंदरता प्रस्तुत की है और साथ ही यह आशा और उम्मीद का संदेश देती है। जैसे अंधेरी रात में तारे चमकते हैं, वैसे ही जीवन के कठिन समय में भी उम्मीद और सहारा हमेशा मौजूद रहता है।
11. प्रश्न: कवि ने नन्हे हिरन की पीड़ा का वर्णन कैसे किया है?
उत्तर: कवि ने नन्हे हिरन की पीड़ा को बहुत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया है। वह बताता है कि हिरन की आँखों में गहरी वेदना झलक रही है, और ठंडी रात में वह डर और असहायपन के कारण कांपते हुए रो रहा है। माँ से बिछड़ने का यह दर्द अत्यंत संवेदनशील और हृदयस्पर्शी है।
12. प्रश्न: कविता में ‘जाड़े की रात’ का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?
उत्तर: कविता में ‘जाड़े की रात’ प्रतीकात्मक रूप से जीवन की कठिनाइयों और संकटों को दर्शाती है। जैसे ठंडी रात में छोटे जीवों को ठिठुरन होती है और वे असहाय महसूस करते हैं, वैसे ही कठिन समय में मनुष्य भी भय और अकेलेपन का अनुभव करता है।
13. प्रश्न: कविता में ‘सूरज की सुनहरी किरणों’ का क्या महत्व है?
उत्तर: कविता में ‘सूरज की सुनहरी किरणें’ नए दिन की शुरुआत और आशा का प्रतीक हैं। कवि बताता है कि जैसे ही सुबह होगी, सूरज की यह कोमल किरणें नन्हे हिरन को स्पर्श करेंगी और उसके डर और अकेलेपन को दूर कर उसे सुकून देंगी।
14. प्रश्न: कवि ने किस प्रकार प्रकृति को मानवीय गुण दिए हैं?
उत्तर: कवि ने प्रकृति को मानवीय रूप देकर उसे संवेदनशील और ममतामयी बनाया है। हवा को लोरी गाने वाली, पेड़ों को रक्षा करने वाला और सूरज को स्नेह देने वाली माँ के रूप में प्रस्तुत करके कवि ने प्रकृति में जीवंतता और करुणा का भाव भरा है। यह मानवीकरण कविता की मुख्य विशेषता है।
15. प्रश्न: “डर मत, बेहिचक सो जा” — इस वाक्य में कवि का आशय स्पष्ट करें।
उत्तर: इस वाक्य में कवि नन्हे हिरन को यह भरोसा दिला रहा है कि उसे कोई खतरा नहीं है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। कवि की यह बात उसके प्रति करुणा और संरक्षण की भावना को उजागर करती है, जिससे हिरन निश्चिंत होकर आराम कर सके।
16. प्रश्न: कविता में कौन-कौन से प्राकृतिक दृश्यों का चित्रण किया गया है?
उत्तर: कविता में कवि ने प्रकृति के अनेक सुंदर दृश्यों का चित्रण किया है। इसमें बाँस, पाइन और ओक के घने वन, ठंडी रात की हवा, तारे भरा आकाश, झरे हुए पत्तों का नरम बिछौना और सुबह की सुनहरी किरणें शामिल हैं, जो नन्हे हिरन के वातावरण को जीवंत और भावपूर्ण बनाती हैं।
17. प्रश्न: “उसकी खुली आँखों में वेदना है कितनी” — इस पंक्ति का सौंदर्य बताइए।
उत्तर: इस पंक्ति की सुंदरता इसकी संवेदनशीलता में निहित है। ‘वेदना’ शब्द के माध्यम से कवि ने नन्हे हिरन की पीड़ा और उसके भावनात्मक हालात को इतने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है कि पाठक उसकी तकलीफ को स्वयं अनुभव करने लगता है।
18. प्रश्न: कवि का मन हिरन के बच्चे के प्रति कैसा है?
उत्तर: कवि का हृदय हिरन के प्रति अत्यंत कोमल और करुणामयी है। वह उसके दुख को महसूस करता है और उसे स्नेहपूर्वक सांत्वना देकर उसके भय और अकेलेपन को कम करने का प्रयास करता है।
19. प्रश्न: कविता का वातावरण किस प्रकार का है?
उत्तर: कविता का वातावरण ठंडक, शांति और करुणा से ओत-प्रोत है। इसमें ममता और स्नेह का भाव भी झलकता है, जो पाठक के हृदय में गहरी संवेदना और सहानुभूति जागृत करता है।
20. प्रश्न: “मदमस्त” शब्द का अर्थ और भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: ‘मदमस्त’ शब्द का अर्थ है – आनंद या खेल में पूरी तरह लीन होना। कविता में यह दर्शाया गया है कि हिरन अपने खेल में इतना मग्न था कि उसने रास्ता भटक दिया। यह शब्द उसके मासूम और चंचल स्वभाव को उजागर करता है।
21. प्रश्न: कविता में ‘माँ-बेटे’ का संबंध किस रूप में झलकता है?
उत्तर: कविता में माँ और बेटे के संबंध की भावनाएँ स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं। हिरन अपनी माँ से अलग हो गया है, और कवि उसके माध्यम से यह संदेश देता है कि बिछोह के बावजूद मिलन की उम्मीद हमेशा रहती है, जिससे माँ-बेटे के स्नेह का भाव और भी गहरा महसूस होता है।
22. प्रश्न: इस कविता में कवि का जीवन-दर्शन क्या है?
उत्तर: इस कविता से कवि का जीवन-दर्शन यह प्रकट होता है कि कठिनाइयों और दुख के समय में भी आशा और उम्मीद बनी रहती है। जैसे रात के बाद हमेशा सुबह होती है, वैसे ही जीवन में विपरीत परिस्थितियों के बाद सुख और मिलन की संभावना हमेशा मौजूद रहती है।
23. प्रश्न: कविता का अनुवाद किसने किया है?
उत्तर: यह कविता मूल रूप से वियतनामी भाषा की रचना है, और इसका हिंदी अनुवाद राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने किया है। उन्होंने इसे अपनी कोमल और संवेदनशील शैली में प्रस्तुत करते हुए हिंदी पाठकों के लिए सजीव बनाया है।
24. प्रश्न: कवि ने हिरन के बच्चे को सुलाने के लिए कौन-कौन से उदाहरण दिए हैं?
उत्तर: कवि ने नन्हे हिरन को सुलाने के लिए कई उदाहरण दिए हैं। उन्होंने बताया कि बाँस और पाइन के पेड़ हवा के साथ लोरी गा रहे हैं, आकाश में तारे चमक रहे हैं, और झरे हुए पत्ते नरम बिछौने का काम कर रहे हैं, जिससे हिरन को आराम और सुरक्षा का अनुभव हो।
25. प्रश्न: कविता में कौन-कौन से इंद्रियों से संबंधित बिंब हैं?
उत्तर: कविता में विभिन्न इंद्रियों से जुड़े बिंबों का सुंदर मिश्रण देखा जाता है। दृष्टि के लिए तारे और झरे हुए पत्ते, श्रवण के लिए लोरी और हवा की सरसराहट, तथा स्पर्श के लिए ठंडी हवा और नरम पत्तों का उल्लेख किया गया है, जिससे पाठक हर अनुभव को जीवंत रूप में महसूस कर सकता है।
26. प्रश्न: कविता में करुणा की भावना कैसे व्यक्त होती है?
उत्तर: कविता में करुणा की भावना नन्हे हिरन के रोने और उसकी आँखों में झलकती पीड़ा के माध्यम से व्यक्त की गई है। साथ ही, कवि के स्नेहपूर्ण और दुलार भरे शब्द इस करुणा को और गहराई देते हैं, जिससे पाठक उसके दुःख को अनुभव कर सके।
27. प्रश्न: कविता में कौन से शब्द वातावरण निर्माण में सहायक हैं?
उत्तर: कविता में वातावरण को जीवंत बनाने वाले शब्दों में ‘जाड़े की रात’, ‘हवा लोरी सुना रही है’, ‘तारे भरे आकाश’, और ‘झरे हुए पत्ते’ शामिल हैं। ये सभी शब्द ठंडक, शांति और करुण भाव को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
28. प्रश्न: कविता में कौन-कौन से अलंकारों का प्रयोग हुआ है?
उत्तर: कविता में प्रमुख रूप से मानवीकरण का अलंकार देखने को मिलता है, जहाँ हवा, पेड़ और सूरज को जीवित और संवेदनशील गुण दिए गए हैं। इसके अलावा, अनुप्रास जैसे “सो जा, सो जा” और चित्रात्मकता के अलंकार भी कविता में भाव और दृश्य को और प्रभावशाली बनाने के लिए प्रयुक्त हुए हैं।
29. प्रश्न: कविता से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: कविता हमें यह संदेश देती है कि सभी जीव-जंतुओं के प्रति करुणा, स्नेह और प्रेम की भावना रखना आवश्यक है। दूसरों के दुःख को समझना और संवेदनशील होना ही मनुष्य की महानता को दर्शाता है।
30. प्रश्न: कविता के अंत में कवि कौन-सी आशा प्रकट करता है?
उत्तर: कविता के अंत में कवि यह आशा व्यक्त करता है कि सुबह का सूरज उदय होगा और नन्हा हिरन अपनी माँ से मिल जाएगा। यह मिलन जीवन में आशा, सुकून और पुनर्मिलन का प्रतीक बनकर उभरता है।
31. प्रश्न: कविता में कौन-सी भावनाएँ प्रमुख हैं?
उत्तर: कविता में मुख्य भावनाएँ करुणा, ममता और स्नेह हैं। इसके साथ ही आशा और प्रकृति के प्रति प्रेम की भावनाएँ भी स्पष्ट रूप से प्रकट हुई हैं, जो कविता की सौंदर्यपूर्ण और संवेदनशीलता को बढ़ाती हैं।
32. प्रश्न: “हिरन के छीने” में कवि का संबोधन किस भाव से है?
उत्तर: “हिरन के छीने” में कवि का संबोधन बहुत ही कोमल और स्नेहपूर्ण है। यह ऐसे है जैसे कोई माँ अपने बच्चे को प्यार और दुलार से बुलाती है, जिससे हिरन को सुरक्षा और आराम का अनुभव हो।
33. प्रश्न: कविता में ‘सूरज’ का प्रतीक क्या है?
उत्तर: कविता में ‘सूरज’ का प्रतीक नई उम्मीद, जीवन और उजाले का है। यह अंधकार और कठिनाइयों के बाद आने वाले सुकून और आशा को दर्शाता है।
34. प्रश्न: कविता में कौन-सा दृश्य सबसे मार्मिक है?
उत्तर: कविता में सबसे मार्मिक दृश्य वह है जब नन्हा हिरन ठंडी रात में अकेला रो रहा होता है और उसकी खुली आँखों में गहरी वेदना झलक रही होती है। यह दृश्य पाठक के हृदय को गहराई से छू जाता है।
35. प्रश्न: कविता में कवि ने प्रकृति की किस विशेषता को उजागर किया है?
उत्तर: कवि ने प्रकृति की दयालुता और संवेदनशीलता को उजागर किया है। उसने दिखाया है कि प्रकृति भी जीव-जंतुओं की तरह उनके दुःख और सुख को महसूस करती है और उनके साथ सहानुभूति रखती है।
36. प्रश्न: कविता का भावात्मक प्रभाव क्या है?
उत्तर: कविता का भावात्मक प्रभाव यह है कि यह पाठक के हृदय में करुणा, ममता और आशा की भावनाएँ जागृत करती है। यह उसे जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील और दयालु बनने की प्रेरणा देती है।
37. प्रश्न: कविता में ‘भय’ और ‘सुरक्षा’ के भाव कैसे उभरे हैं?
उत्तर: कविता में भय और सुरक्षा के भाव स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। हिरन का डर उसके रोने और असहाय होने में दिखाई देता है, जबकि कवि के स्नेहपूर्ण और सांत्वनादायक शब्द उसे सुरक्षित महसूस कराते हैं और उसका भय कम करते हैं।
38. प्रश्न: कविता में कौन-सी रात्रिकालीन सुंदरता दर्शाई गई है?
उत्तर: कविता में रात्रिकालीन सुंदरता को बहुत ही कोमल और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया है। तारे भरा आकाश, झरे हुए पत्तों का नरम बिछौना, और हवा की लोरी सभी मिलकर रात के दृश्य को सजीव और सौम्य बनाते हैं।
39. प्रश्न: कवि ने छोटे प्राणी के माध्यम से कौन-सा सार्वभौमिक संदेश दिया है?
उत्तर: कवि ने छोटे हिरन के माध्यम से यह संदेश दिया है कि हर जीव प्रेम, सुरक्षा और मातृस्नेह का अनुभव चाहता है। यह जीवन का एक सार्वभौमिक सत्य है, जो सभी प्राणियों पर लागू होता है।
40. प्रश्न: कविता में मानवता का कौन-सा रूप दिखाई देता है?
उत्तर: कविता में मानवता का रूप उस करुणा और स्नेह में दिखता है जो कवि सभी जीवों के प्रति रखता है। उसका हृदय न केवल इंसानों के लिए बल्कि नन्हे हिरन जैसे प्राणियों के प्रति भी द्रवित होता है, यही सच्ची मानवता है।
Answer by Mrinmoee