Chapter 8

                                                        نوائے جرس (نظم)


1. प्रश्न: "نوائے جرس" कविता के कवि का नाम क्या है और उनका परिचय लिखिए।

उत्तर: "نوائے جرس" के रचयिता علامہ جمیل مظہری हैं। वे उर्दू के प्रसिद्ध और सम्मानित कवि थे जिनका संबंध بہار राज्य से था। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से देशभक्ति, इंसानियत, और आत्मबल की भावना को जगाया। उनकी कविताएँ नज़्म, ग़ज़ल, और नात — सभी विधाओं में समान रूप से प्रभावशाली हैं। उनके प्रमुख काव्य-संग्रह "فکر جمیل", "عکس جمیل", और "کلیات جمیل" हैं, जिनमें उनके उच्च विचार और गहन संवेदनाएँ झलकती हैं।

2. प्रश्न: "نوائے جرس" का अर्थ क्या है?

उत्तर: “نوائے جرس” का शाब्दिक अर्थ है घंटी की ध्वनि या घंटनाद की पुकार। कवि ने इस शीर्षक के माध्यम से युवाओं के हृदय में चेतना और जोश भरने का प्रयास किया है। यह शीर्षक संघर्ष, जागृति और निरंतर आगे बढ़ने के संदेश का प्रतीक है, जो पूरे कविता का मुख्य भाव व्यक्त करता है।

3. प्रश्न: कवि ने इस कविता में किसे विशेष रूप से संबोधित किया है?

उत्तर: इस कविता में कवि ने मुख्य रूप से नौजवानों (युवाओं) को सम्बोधित किया है। उन्होंने युवाओं को देश की असली ताकत, ऊर्जा और भविष्य का प्रतीक बताया है। कवि का उद्देश्य उन्हें जागरूक करना, अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित करना और देश की आज़ादी तथा विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित करना है।

4. प्रश्न: कविता में कवि ने युवाओं को क्या संदेश दिया है?

उत्तर: कवि ने युवाओं को यह प्रेरणा दी है कि वे हर परिस्थिति में साहस और दृढ़ता बनाए रखें। जीवन की कठिनाइयों या बाधाओं से भयभीत हुए बिना अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहें। उन्होंने युवाओं से कहा है कि वे अपने आदर्शों के प्रति निष्ठावान रहें, देश की स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा के लिए संघर्ष करें, और कभी पीछे न हटें।

5. प्रश्न: "بڑھے چلو" का क्या महत्व है?

उत्तर: "بڑھے چلو" अर्थात “आगे बढ़ते रहो” — यह कविता का मुख्य संदेश और प्रेरक सूत्र है। इस पंक्ति के माध्यम से कवि युवाओं में निरंतरता, साहस और कर्मशीलता की भावना जगाता है। यह पंक्ति युवाओं को रुकने या थकने के बजाय हमेशा आगे बढ़ते रहने, अपने उद्देश्य को पाने के लिए संघर्षरत रहने की प्रेरणा देती है।

6. प्रश्न: “جہان پیر کے لیے شباب جاوداں ہو تم” का भावार्थ लिखिए।

उत्तर: इस पंक्ति में कवि युवाओं से कहता है — “तुम इस वृद्ध होती दुनिया के लिए अमर युवा शक्ति हो।” अर्थात तुममें नई उमंग, जोश और ऊर्जा है जो थकी हुई दुनिया को फिर से जीवन दे सकती है। कवि के अनुसार युवाओं की ताज़गी और उत्साह ही समाज और राष्ट्र में नई चेतना और प्रगति लाते हैं।

7. प्रश्न: “قسم تمہارے عزم کی، خدا تمہاری شان کے” – इस पंक्ति में कवि का क्या भाव है?

उत्तर: इस पंक्ति में कवि युवाओं के अडिग निश्चय और दृढ़ संकल्प की सराहना करता है। वह कहता है कि ईश्वर स्वयं तुम्हारी महानता और गौरव को बढ़ाए। यहाँ कवि ने युवाओं की शक्ति, आत्मविश्वास और अजेय मनोबल को श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया है और उन्हें ईश्वर के आशीर्वाद के योग्य बताया है।

8. प्रश्न: "جھکا دو شاخ کہکشاں" का अर्थ और भाव बताइए।

उत्तर:“جھکا دو شاخ کہکشاں” का अर्थ है — “आकाशगंगा की डाल को झुका दो”। इस पंक्ति में कवि युवाओं की अदम्य शक्ति और आत्मविश्वास की प्रशंसा करता है। उसका आशय है कि यदि युवक ठान लें तो वे ब्रह्मांड की ऊँचाइयों को भी छू सकते हैं और असंभव को संभव बना सकते हैं।

9. प्रश्न: “مجاہدین حریت” का क्या अर्थ है?

उत्तर: “مجاہدین حریت” का अर्थ है — स्वतंत्रता के वीर सेनानी। इस शब्द द्वारा कवि उन बहादुर व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देता है जिन्होंने राष्ट्र की आज़ादी के लिए संघर्ष किया और अपने प्राणों की आहुति दी।

10. प्रश्न: कविता में ‘حریت’ शब्द किस भावना को प्रकट करता है?

उत्तर:“حریت” शब्द कवि के लिए केवल आज़ादी नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, स्वतंत्र चिंतन और गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने की प्रतीक भावना है। इस शब्द में स्वतंत्र जीवन जीने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा निहित है।

11. प्रश्न: “بڑھے چلو” की पुनरावृत्ति का क्या प्रभाव है?

उत्तर: “بڑھے چلو” की पुनरावृत्ति कवि का प्रेरणादायक आह्वान है जो कविता में उत्साह और गति भर देती है। यह पंक्ति युवाओं के मन में निरंतर आगे बढ़ने, संघर्ष करने और लक्ष्य प्राप्ति तक न रुकने की भावना जगाती है।

12. प्रश्न: “کھلے ہیں پھول زخم کے” – यह पंक्ति किस स्थिति को दर्शाती है?

उत्तर:  “کھلے ہیں پھول زخم کے” पंक्ति वीरता और त्याग की स्थिति को व्यक्त करती है। कवि का आशय है कि स्वतंत्रता की लड़ाई में जो घाव मिले, वे अपमान नहीं बल्कि गर्व और सौंदर्य के प्रतीक बन गए हैं।

13. प्रश्न: कवि ने अपने देशवासियों से क्या अपेक्षा की है?

उत्तर: कवि अपने देशवासियों से यह अपेक्षा करता है कि वे निर्भीक होकर आगे बढ़ें, कठिनाइयों से न घबराएँ और अपने कर्म व संकल्प से देश को महान बनाने में योगदान दें।

14. प्रश्न: कविता में किस भावना का समावेश है?

उत्तर: इस कविता में देशप्रेम, स्वतंत्रता के प्रति समर्पण, बलिदान की भावना और युवाओं की अटूट ऊर्जा का अद्भुत संगम दिखाई देता है।

15. प्रश्न: "لہو سے سرخ ہیں کفن" का प्रतीकात्मक अर्थ बताइए।

उत्तर:  यह पंक्ति उन वीरों के बलिदान का प्रतीक है जिनका रक्त राष्ट्र की मिट्टी में मिलकर अमरता का रंग भर देता है। उनका लाल कफन देशभक्ति और गौरव का चिन्ह बन जाता है।

16. प्रश्न: कवि ने युवाओं को आगे बढ़ने के लिए किन बाधाओं का उल्लेख किया है?

उत्तर:कवि बताता है कि मार्ग में कठिनाइयाँ, पीड़ा और मृत्यु जैसी बाधाएँ अवश्य आएँगी, पर सच्चे युवा को इनसे डरना नहीं चाहिए। उसे साहस और दृढ़ विश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।

17. प्रश्न: कवि का युवाओं से आह्वान क्या है?

उत्तर:  कवि युवाओं को पुकारते हुए कहता है कि वे ठहरें नहीं, भय से पीछे न हटें, बल्कि पूरी निडरता और विश्वास के साथ आगे बढ़ते रहें — क्योंकि प्रगति और विजय उन्हीं को मिलती है जो रुकते नहीं।

18. प्रश्न: "مجھے نہ پرچم و علم، کھڑے ہیں دار راہ میں" का अर्थ समझाइए।

उत्तर: इस पंक्ति में कवि कहता है कि उसे नाम, यश या परचम की चाह नहीं है — उसके मार्ग में तो बलिदान और मृत्यु की चुनौती खड़ी है। फिर भी वह निडर होकर अपने उद्देश्य के लिए आगे बढ़ने को तत्पर है।

19. प्रश्न: कवि ने "جہان پیر" शब्द का प्रयोग क्यों किया है?

उत्तर:“جہان پیر” का प्रयोग कवि ने इस बात को उजागर करने के लिए किया है कि यह संसार थका हुआ और जर्जर हो चुका है। अब इसे फिर से जीवित और सशक्त बनाने का कार्य युवाओं की नव ऊर्जा और ताजगी से ही संभव है।

20. प्रश्न: "تمہارے حوصلے جواں" का क्या आशय है?

उत्तर:  इस पंक्ति में कवि का आशय यह है कि युवाओं के हौसले हमेशा प्रबल और जवान बने रहें। उनका उत्साह और वीरता ही राष्ट्र को आगे बढ़ाने की सबसे बड़ी ताकत है।

21. प्रश्न: कविता का भाव-सार लिखिए।

उत्तर: इस कविता का भाव-सार यह है कि युवाओं को अपने देश के लिए सदैव समर्पित, निडर और कर्मठ रहना चाहिए। कवि उन्हें प्रेरित करता है कि वे संघर्ष के मार्ग पर डटे रहें, कठिनाइयों से न घबराएँ और मातृभूमि की रक्षा व उन्नति के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने को सदैव तत्पर रहें।

22. प्रश्न: "نوائے جرس" को देशभक्ति कविता क्यों कहा गया है?

उत्तर: “نوائے جرس” को देशभक्ति कविता इसलिए कहा गया है क्योंकि इसमें मातृभूमि के प्रति गहरा प्रेम, आज़ादी के लिए बलिदान की भावना और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का संदेश निहित है। कवि युवाओं को देश के उत्थान और रक्षा के लिए समर्पित होकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

23. प्रश्न: कवि ने किन-किन रूपकों का प्रयोग किया है?

उत्तर: कवि ने अपनी कविता में कई सुंदर रूपकों का प्रयोग किया है जैसे — “جہان پیر” (बूढ़ी दुनिया), “شباب جاوداں” (अमर जवानी), “شاخ کہکشاں” (आकाशगंगा की डाल), “پھول زخم کے” (घाव रूपी फूल), और “لہو سے سرخ کفن” (रक्तरंजित कफन)। इन रूपकों से कविता में गहराई, भावनात्मकता और सौंदर्य की वृद्धि हुई है।

24. प्रश्न: "نوائے جرس" में कवि की भाषा-शैली पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर: “نوائے جرس” में कवि की भाषा अत्यंत प्रभावशाली और जोश से भरी हुई है। उन्होंने सरल लेकिन ऊर्जावान शब्दों का प्रयोग किया है जो सीधे हृदय को स्पर्श करते हैं। तुकांत, अनुप्रास और पुनरावृत्ति ने कविता को संगीतात्मक बना दिया है, जिससे इसका संदेश और भी प्रभावी हो गया है।

25. प्रश्न: “قسم تمہارے عزم کی” पंक्ति का भाव समझाइए।

उत्तर: इस पंक्ति में कवि युवाओं के अटूट विश्वास और दृढ़ निश्चय की सराहना करता है। वह कहता है कि तुम्हारा संकल्प इतना पवित्र और अडिग है कि उस पर कसम खाई जा सकती है। यह युवाओं की आत्मशक्ति और उनके अदम्य साहस की प्रशंसा का प्रतीक है।

26. प्रश्न: कवि के अनुसार जीवन में सफलता का रहस्य क्या है?

उत्तर: कवि के मतानुसार जीवन में सफलता प्राप्त करने का असली रहस्य यह है कि व्यक्ति अपने लक्ष्य पर विश्वास रखे, कठिनाइयों से न घबराए और निरंतर आगे बढ़ता रहे। दृढ़ निश्चय और सतत प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं।

27. प्रश्न: कविता में किन दो गुणों पर विशेष बल दिया गया है?

उत्तर: इस कविता में कवि ने विशेष रूप से दो गुणों पर बल दिया है — पहला अटल संकल्प (عزم), जो व्यक्ति को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है, और दूसरा साहस (حوصلہ), जो हर कठिनाई का सामना करने की शक्ति प्रदान करता है।

28. प्रश्न: कविता में किन परिस्थितियों का वर्णन है?

उत्तर: इस कविता में देश की आज़ादी की लड़ाई के वे भीषण और चुनौतीपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किए गए हैं, जहाँ चारों ओर अत्याचार और यातनाएँ थीं, लेकिन फिर भी वीर सैनिकों ने हिम्मत नहीं हारी और अपने प्राणों की आहुति देकर स्वतंत्रता का सूर्य उदित किया।

29. प्रश्न: कवि के अनुसार युवाओं की क्या भूमिका है?

उत्तर:कवि के अनुसार, युवाओं का कार्य केवल अपने भविष्य को सँवारना नहीं, बल्कि देश की तरक्की, स्वतंत्रता की रक्षा और समाज में नई चेतना व जोश का संचार करना है — क्योंकि उन्हीं के कंधों पर राष्ट्र का भविष्य टिका है।

30. प्रश्न: कविता का शीर्षक उपयुक्त क्यों है?

उत्तर:  “نوائے جرس” यानी “घंटी की ध्वनि” — यह शीर्षक अत्यंत उपयुक्त है क्योंकि यह कविता एक जागरण गीत की तरह है। जैसे घंटी की आवाज़ लोगों को सतर्क करती है, वैसे ही कवि की पुकार युवाओं को जगाने, उन्हें कर्म और संघर्ष के मार्ग पर अग्रसर करने का संदेश देती है।

31. प्रश्न: कविता में प्रयुक्त प्रतीक बताइए।

उत्तर: कविता में कई गहरे प्रतीकों का प्रयोग हुआ है — जैसे کفن बलिदान और शहादत का प्रतीक है, پھول زخم کے संघर्ष और वीरता की सुंदरता दर्शाते हैं, کہکشاں ऊँचे आदर्शों और लक्ष्यों का प्रतीक है, जबकि کارواں एकता, संगठन और सामूहिक प्रयास का संकेत देता है।

32. प्रश्न: कवि युवाओं से “شاخ کہکشاں جھکا دو” क्यों कहता है?

उत्तर:कवि युवाओं को उनकी असीम शक्ति का एहसास कराते हुए कहता है — “شاخ کہکشاں جھکا دو”, अर्थात यदि तुम चाहो तो आकाशगंगा की डाल भी झुका सकते हो। यह पंक्ति युवाओं की अटूट शक्ति, आत्मविश्वास और असंभव को संभव बनाने की क्षमता का प्रतीक है।

33. प्रश्न: कविता का मूल उद्देश्य क्या है?

उत्तर:  इस कविता का मुख्य उद्देश्य युवाओं के भीतर जोश, साहस और देशभक्ति की ज्योति प्रज्वलित करना है। कवि उन्हें आलस्य और भय से मुक्त होकर कर्म, बलिदान और संघर्ष के मार्ग पर अग्रसर होने का संदेश देता है।

34. प्रश्न: कवि ने संघर्ष को किससे तुलना की है?

उत्तर: कवि ने संघर्ष की तुलना “گردِ کارواں” अर्थात “कारवाँ की उड़ती धूल” से की है। यह तुलना इस बात का प्रतीक है कि संघर्ष जीवन की यात्रा का हिस्सा है — जहाँ कठिनाइयाँ और बाधाएँ मार्ग को धुँधला तो करती हैं, परंतु वही आगे बढ़ने का प्रमाण भी होती हैं।

35. प्रश्न: "لہو سے سرخ کفن" का रूपक किस चीज़ को दर्शाता है?

उत्तर:  “لہو سے سرخ کفن” वह रूपक है जो देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीरों की शहादत और अमरता को दर्शाता है। यह बताता है कि उनका रक्त राष्ट्र की आन और स्वाभिमान का प्रतीक बन गया है।

36. प्रश्न: कवि का देशप्रेम कैसा है?

उत्तर:कवि का देशप्रेम गहरा, निस्वार्थ और कर्मनिष्ठ है। वह केवल देश से प्रेम की बात नहीं करता, बल्कि उसके लिए त्याग, संघर्ष और बलिदान को सच्चे देशभक्ति का प्रमाण मानता है।

37. प्रश्न: “نوائے جرس” के माध्यम से कवि ने कौन-सा आदर्श प्रस्तुत किया है?

उत्तर: “نوائے جرس” के माध्यम से कवि ने युवाओं के समक्ष निडरता, अटूट संकल्प, निरंतर कर्म और देशसेवा का आदर्श रखा है। वह उन्हें बताता है कि सच्चा जीवन वही है जो राष्ट्र और मानवता की सेवा में समर्पित हो।

38. प्रश्न: कविता में प्रयुक्त अलंकारों की चर्चा कीजिए।

उत्तर: इस कविता में अनुप्रास, रूपक, प्रतीक और पुनरावृत्ति जैसे अलंकारों का सुंदर और प्रभावशाली प्रयोग हुआ है।

उदाहरण के लिए —

  • “بڑھے چلو بڑھے چلو” में पुनरावृत्ति अलंकार है।

  • “لہو سے سرخ کفن” और “جھکا دو شاخ کہکشاں” में रूपक अलंकार है।

  • “جہان پیر کے لیے شباب جاوداں ہو تم” में प्रतीकात्मकता के माध्यम से युवाओं की शक्ति का चित्रण किया गया है।

39. प्रश्न: "بڑھے چلو" पंक्ति का व्यावहारिक संदेश क्या है?

उत्तर:  “بڑھے چلو” पंक्ति जीवन का एक व्यावहारिक मंत्र देती है — यह कहती है कि इंसान को निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। चाहे रास्ते में कितनी भी रुकावटें क्यों न हों, उसे साहस, विश्वास और कर्म से उन्हें पार करना चाहिए और अपने उद्देश्य को प्राप्त करना चाहिए।

40. प्रश्न: “نوائے جرس” आज के युवाओं के लिए किस प्रकार प्रासंगिक है?

उत्तर: आज के युवाओं के लिए “نوائے جرس” अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि यह उन्हें जागरूक और कर्मठ बनने का संदेश देती है। कवि युवाओं से कहता है कि वे केवल सपने न देखें, बल्कि उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष करें। यह कविता आज के युवाओं को देशप्रेम, समर्पण और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।


Answer by Mrinmoee