Chapter 3
शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार की भूमिका
1. शिक्षा क्यों हमारे जीवन के विकास के लिए आवश्यक है?
उत्तर: शिक्षा हमारे जीवन में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें दुनिया को समझने की क्षमता देती है। यह आत्म-विश्वास को मजबूत करती है और व्यक्ति तथा समाज को सुधारने में मदद करती है। शिक्षा की सहायता से लोग अपनी रुचियों के अनुसार कार्य कर सकते हैं और समस्याओं का समाधान करने में सक्षम बनते हैं।
2. शिक्षा किस प्रकार समाज में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करती है?
उत्तर: शिक्षा व्यक्ति को समाज और राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने में सक्षम बनाती है। शिक्षित व्यक्ति सरकारी योजनाओं को समझ सकता है, आधुनिक समाज के निर्माण में योगदान दे सकता है और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहता है।
3. संविधान ने शिक्षा के लिए क्या लक्ष्य निर्धारित किया था?
उत्तर: संविधान ने स्वतंत्रता के बाद यह लक्ष्य रखा कि अगले दस वर्षों के भीतर 14 साल तक की उम्र के सभी बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाएगी।
4. क्या बिहार में यह लक्ष्य प्राप्त हो पाया?
उत्तर: नहीं, 75 वर्षों बाद भी बिहार में सभी लोगों तक शिक्षा पूरी तरह नहीं पहुँची है। हालांकि साक्षरता दर में सुधार हुआ है, फिर भी शत-प्रतिशत लक्ष्य अब भी हासिल नहीं हुआ है।
5. साक्षरता दर क्या दर्शाती है?
उत्तर:साक्षरता दर यह दर्शाती है कि कुल जनसंख्या में से कितने प्रतिशत लोग पढ़ने और लिखने में सक्षम हैं। अर्थात् वे लोग जो अपना नाम लिख सकते हैं और सरल वाक्यों को समझ सकते हैं।
6. बिहार की साक्षरता दर में हाल के वर्षों में क्या बदलाव आया?
उत्तर:बिहार में साक्षरता दर में हाल के वर्षों में सुधार देखा गया है। 2001 में जहाँ यह आधे से भी कम थी, 2011 में बढ़कर 61.8% हो गई। महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की साक्षरता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
7. बच्चे स्कूल क्यों नहीं जाते?
उत्तर: बच्चे कई कारणों से स्कूल नहीं जा पाते हैं, जैसे विद्यालय दूर होना, आर्थिक समस्याएँ, बाल मजदूरी, सुरक्षा की चिंता, या समय पर किताबों और सामग्री का न मिलना।
8. स्कूल छोड़ने के प्रमुख कारण क्या हैं?
उत्तर: बच्चे विभिन्न कारणों से स्कूल छोड़ देते हैं, जैसे परिवार की आर्थिक मुश्किलें, पढ़ाई में कठिनाई, या विद्यालय तक आने-जाने की असुविधा।
9. बाल मज़दूरी क्यों होती है?
उत्तर: कुछ बच्चे अपनी परिवार की आर्थिक मदद के लिए पढ़ाई की उम्र में ही काम करने लगते हैं।
10. शैक्षणिक सर्वेक्षण क्यों किया जाता है?
उत्तर: शैक्षणिक सर्वेक्षण इसलिए किया जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि एक ही उम्र के बच्चे सरकारी, निजी या अन्य स्कूलों में पढ़ते समय कौन-कौन सी सुविधाएँ और शिक्षण गुणवत्ता में समानताएँ और अंतर हैं।
11. सरकार ने 2009 में क्या कदम उठाए शिक्षा के लिए?
उत्तर: सरकार ने 2009 में 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा को कानूनी रूप में लागू किया, ताकि हर बच्चा स्कूल जा सके और पढ़ाई से वंचित न रहे।
12. गाँव की लड़कियाँ स्कूल क्यों नहीं जा पा रही थीं?
उत्तर: लड़कियाँ इसलिए स्कूल नहीं जा पा रही थीं क्योंकि उच्च विद्यालय उनके गाँव से लगभग 5 कि.मी. दूर था और आने-जाने में कठिनाइयाँ थीं। उनके माता-पिता भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।
13. सरकार ने इस समस्या का समाधान कैसे किया?
उत्तर: सरकार ने कक्षा नौ की सभी लड़कियों को साइकिल प्रदान की, जिससे वे आसानी से विद्यालय जा सकें और अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
14. बच्चों को किताबें समय पर क्यों नहीं मिल पाती थीं?
उत्तर: किताबें बाज़ार में नहीं मिलती थीं और सरकारी वितरण में देरी होने के कारण बच्चों को समय पर पुस्तकें नहीं मिल पाती थीं।
15. सरकार ने पुस्तक वितरण के लिए क्या किया?
उत्तर: सरकार ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी स्कूल के छात्रों को निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध करवाईं।
16. मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: मध्याह्न भोजन योजना बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराकर उनकी सेहत सुधारने और स्कूल में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का उद्देश्य रखती है।
17. पोशाक योजना क्यों जरूरी है?
उत्तर:पोशाक योजना का उद्देश्य बच्चों को समान पहनावे प्रदान करके उन्हें बराबरी का अवसर देना और विद्यालय में समान वातावरण बनाना है।
18. भवन निर्माण योजना क्यों लागू की गई?
उत्तर: भवन निर्माण योजना इस लिए लागू की गई ताकि स्कूलों में सुरक्षित और सुविधाजनक भवन उपलब्ध हों, जिससे बच्चों की पढ़ाई व्यवस्थित और निरंतर हो सके।
19. आँगनबाड़ी केन्द्र की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर: आँगनबाड़ी केन्द्र इसलिए आवश्यक हैं ताकि छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा मिले और उन्हें उचित पोषण प्रदान किया जा सके।
20. शिक्षा का अधिकार कब लागू हुआ?
उत्तर: 1 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू हुआ।
21. शिक्षा का अधिकार बच्चों के लिए क्या सुनिश्चित करता है?
उत्तर: शिक्षा का अधिकार यह सुनिश्चित करता है कि 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा मिले, उन्हें कक्षा से बाहर न निकाला जाए और नामांकन में कोई बाधा न आए।
22. स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना सरकार का कर्तव्य क्यों है?
उत्तर: संविधान के अनुसार यह सरकार की मुख्य जिम्मेदारी है कि सभी नागरिकों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ।
23. स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका क्या है?
उत्तर: स्वास्थ्य केंद्र जनता को प्राथमिक चिकित्सा, आपातकालीन उपचार, टीकाकरण और रोगों की रोकथाम जैसी सेवाएँ प्रदान करते हैं।
24. 2005 से 2010 तक स्वास्थ्य केन्द्रों में रोगियों की संख्या में क्या बदलाव आया?
उत्तर: 2005 में हर स्वास्थ्य केंद्र में औसतन 39 रोगी आते थे, जबकि 2010 तक यह संख्या बढ़कर प्रतिमाह 4000 रोगियों तक पहुँच गई।
25. शिशु मृत्यु दर क्या संकेत देती है?
उत्तर: यह बच्चों के स्वास्थ्य और विकास का महत्वपूर्ण संकेतक है।
26. शिशु मृत्यु दर में हाल के वर्षों में क्या बदलाव आया?
उत्तर: 1000 बच्चों में 28 की मृत्यु होती है, पूर्व की तुलना में कमी आई है।
27. मातृ मृत्यु दर की स्थिति क्या है?
उत्तर:प्रति 100,000 माताओं में से 97 की प्रसव के दौरान मृत्यु होती है। भारत ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्य हासिल कर लिया है और सतत् विकास के मातृ मृत्यु दर लक्ष्य की ओर सही दिशा में बढ़ रहा है।
28. शिक्षा और स्वास्थ्य समाज में समानता कैसे लाते हैं?
उत्तर: शिक्षा और स्वास्थ्य सभी को समान अवसर और सेवाएँ उपलब्ध कराकर समाज में क्षमता और जीवन स्तर की समानता सुनिश्चित करते हैं।
29. सरकार स्वास्थ्य के लिए कौन-कौन से कदम उठा सकती है?
उत्तर:सरकार स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कर सकती है, डॉक्टरों की नियुक्ति कर सकती है, मुफ्त दवाइयाँ प्रदान कर सकती है, आकस्मिक इलाज सुनिश्चित कर सकती है और टीकाकरण की व्यवस्था कर सकती है।
30. शिक्षा की स्थिति बेहतर करने में सरकार की भूमिका क्या है?
उत्तर: सरकार शिक्षा की स्थिति सुधारने के लिए स्कूलों का निर्माण कर सकती है, योग्य शिक्षक नियुक्त कर सकती है, सभी बच्चों को पुस्तकें वितरित कर सकती है, पोषण योजनाएँ चला सकती है और शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित कर सकती है।
31. सर्वेक्षण क्यों किया जाता है?
उत्तर: सर्वेक्षण यह जानने के लिए किया जाता है कि शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति कैसी है, किन कारणों से समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं और इन्हें सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
32. सरकारी और निजी स्कूलों में अंतर कैसे देखा जा सकता है?
उत्तर: सरकारी और निजी स्कूलों के बीच अंतर सुविधाएँ, शिक्षकों की गुणवत्ता, पढ़ाई का पाठ्यक्रम और छात्रों की शैक्षणिक प्रदर्शन देखकर समझा जा सकता है।
33. गाँव में पढ़ाई के लिए लड़कियों की प्रमुख समस्या क्या थी?
उत्तर: लड़कियों को पढ़ाई में मुख्य समस्या स्कूल की दूरी, स्कूल तक आने-जाने में कठिनाई और उनकी सुरक्षा को लेकर माता-पिता की चिंता थी।
34. बच्चों को समय पर किताबें न मिलने की समस्या किस तरह हल हुई?
उत्तर: प्रधानाध्यापक ने किताबों के समय पर वितरण का ध्यान रखा और बच्चों को एक माह के भीतर सभी आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध करवा दी गईं।
35. शिक्षा में सुधार के लिए सरकार ने कौन-कौन सी योजनाएँ शुरू की?
उत्तर:सरकार ने शिक्षा सुधार के लिए विभिन्न योजनाएँ लागू की हैं, जैसे कि बच्चों को निःशुल्क पुस्तकें देना, मध्याह्न भोजन योजना, पोशाक योजना, सुरक्षित स्कूल भवन निर्माण और आँगनबाड़ी केंद्र स्थापित करना।
36. स्वास्थ्य और शिक्षा की उपलब्धता बच्चों और महिलाओं के जीवन पर कैसे प्रभाव डालती है?
उत्तर: स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा मिलने से बच्चों और महिलाओं का जीवन बेहतर होता है, स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम होते हैं, मृत्यु दर घटती है और वे अधिक सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनते हैं।
37. सरकार द्वारा साइकिल वितरण योजना का क्या महत्व था?
उत्तर: सरकार की साइकिल वितरण योजना से लड़कियों को स्कूल जाने में आसानी और सुरक्षा मिली, जिससे उनकी पढ़ाई लगातार बनी रहती है।
38. सरकारी विद्यालय की पढ़ाई व्यवस्था से संतुष्टि क्यों आवश्यक है?
उत्तर: सरकारी स्कूल में पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था होने से बच्चे नियमित रूप से सीखते हैं, उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और पढ़ाई में रुचि बनी रहती है।
39. स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा में सुधार के लिए समाज की भूमिका क्या है?
उत्तर: समाज को जागरूक रहकर, सरकारी कार्यों पर निगरानी रखकर, सुझाव देकर और योजनाओं के सही तरीके से लागू होने में सहयोग करके स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति सुधारने में मदद करनी चाहिए।
40. शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार क्यों लोकतंत्र के लिए महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर: शिक्षा और स्वास्थ्य लोकतंत्र के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये लोगों को सक्षम बनाते हैं, समाज में समान अवसर सुनिश्चित करते हैं और नागरिकों को अपने अधिकारों का सही ढंग से प्रयोग करने में समर्थ बनाते हैं।
Answer by Mrinmoee