Chapter 4
समाज में लिंग भेद
1. शिक्षा हमारे जीवन में क्यों आवश्यक है?
उत्तर: शिक्षा हमारे जीवन में इसलिए जरूरी है क्योंकि यह हमारी सोच को व्यापक बनाती है, हमें आत्मनिर्भर बनाती है और समाज व अपने व्यक्तिगत विकास में योगदान करने में सक्षम बनाती है।
2. शिक्षा समाज में सक्रिय भागीदारी कैसे सुनिश्चित करती है?
उत्तर: शिक्षा लोगों को समाज और राजनीति में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए सक्षम बनाती है। यह उन्हें सरकारी योजनाओं और नीतियों को समझने, निर्णय लेने में भाग लेने और समाज की उन्नति में योगदान देने में मदद करती है।
3. संविधान ने शिक्षा के लिए क्या लक्ष्य निर्धारित किया था?
उत्तर:संविधान ने स्वतंत्रता के बाद यह उद्देश्य रखा कि आने वाले दस वर्षों में 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
4. बिहार में यह लक्ष्य प्राप्त हो पाया?
उत्तर:नहीं, 75 साल बाद भी बिहार में सभी लोगों तक शिक्षा पूरी तरह से नहीं पहुँच पाई है, हालाँकि साक्षरता दर में सुधार हुआ है।
5. साक्षरता दर क्या दर्शाती है?
उत्तर: साक्षरता दर यह दिखाती है कि किसी क्षेत्र की कुल आबादी में कितने लोग पढ़ लिख सकते हैं और अपनी बुनियादी जानकारी समझने में सक्षम हैं।
6. बिहार की साक्षरता दर में हाल के वर्षों में क्या बदलाव आया?
उत्तर: बिहार में 2001 की तुलना में 2011 तक साक्षरता दर में वृद्धि हुई है। कुल साक्षरता 61.8% हुई, साथ ही महिलाओं और अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों की पढ़ाई में भी सुधार देखा गया।
7. बच्चे स्कूल क्यों नहीं जाते?
उत्तर: बच्चे विभिन्न कारणों से स्कूल नहीं जा पाते, जैसे कि स्कूल दूर होना, परिवार की आर्थिक समस्या, बाल मज़दूरी, सुरक्षा की चिंता या पढ़ाई के लिए आवश्यक किताबें न मिलना।
8. स्कूल छोड़ने के प्रमुख कारण क्या हैं?
उत्तर: बच्चे स्कूल इसलिए छोड़ देते हैं क्योंकि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, पढ़ाई में कठिनाइयाँ आती हैं, या स्कूल पहुँचने में असुविधा होती है।
9. बाल मजदूरी क्यों होती है?
उत्तर: बच्चे अपने परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए पढ़ाई की उम्र में ही काम करने लगते हैं, जिससे बाल मजदूरी होती है।
10. शैक्षणिक सर्वेक्षण क्यों किया जाता है?
उत्तर: शैक्षणिक सर्वेक्षण इसलिए किया जाता है ताकि पता लगाया जा सके कि सरकारी, निजी या अन्य प्रकार के स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई और सुविधाओं में क्या समानताएँ और क्या अंतर हैं।
11. सरकार ने 2009 में शिक्षा के लिए क्या कदम उठाए?
उत्तर:2009 में सरकार ने 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को पढ़ाई के लिए अनिवार्य और निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने हेतु कानून लागू किया।
12. गाँव की लड़कियाँ स्कूल क्यों नहीं जा पा रही थीं?
उत्तर: गाँव की लड़कियों के लिए उच्च विद्यालय की दूरी और स्कूल तक सुरक्षित पहुँच का अभाव मुख्य कारण था, जिससे वे पढ़ाई जारी नहीं रख पा रही थीं।
13. सरकार ने इस समस्या का समाधान कैसे किया?
उत्तर: सरकार ने कक्षा नौ की लड़कियों को साइकिल उपलब्ध करवाई, जिससे वे आसानी से स्कूल आ-जा सकें और पढ़ाई जारी रख सकें।
14. बच्चों को किताबें समय पर क्यों नहीं मिल पाती थीं?
उत्तर: बच्चों को समय पर किताबें इसलिए नहीं मिल पाती थीं क्योंकि बाज़ार में वे उपलब्ध नहीं थीं और सरकारी वितरण में विलंब हो जाता था।
15. सरकार ने पुस्तक वितरण के लिए क्या किया?
उत्तर: सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी स्कूल के बच्चों को निःशुल्क पुस्तकें प्रदान की जाएँ।
16. मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य क्या है?
उत्तर:मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों को संतुलित आहार प्रदान करना, उनकी पढ़ाई में उपस्थिति बढ़ाना और उनका स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखना है।
17. पोशाक योजना क्यों जरूरी है?
उत्तर: पोशाक योजना इस लिए महत्वपूर्ण है ताकि सभी बच्चों को समान अवसर मिलें और स्कूल में समानता का माहौल बना रहे।
18. भवन निर्माण योजना क्यों लागू की गई?
उत्तर: इस योजना का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और सुविधाजनक स्कूल भवन प्रदान करना है, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
19. आँगनबाड़ी केन्द्र की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर: आँगनबाड़ी केन्द्र बच्चों को शुरुआती शिक्षा और सही पोषण उपलब्ध कराने के लिए जरूरी हैं।
20. शिक्षा का अधिकार बच्चों के लिए क्या सुनिश्चित करता है?
उत्तर: शिक्षा का अधिकार 6 से 14 साल के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देता है, उन्हें स्कूल से नहीं निकाला जा सकता और सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाता है।
21. स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना सरकार का कर्तव्य क्यों है?
उत्तर: स्वास्थ्य सेवाएँ नागरिकों का अधिकार हैं, इसलिए सरकार के लिए यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि सभी को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें।
22. स्वास्थ्य केंद्रों की भूमिका क्या है?
उत्तर: स्वास्थ्य केंद्र गाँव और शहरों में लोगों को बुनियादी इलाज, टीके, आपातकालीन सेवाएँ और रोगों की रोकथाम की सुविधा प्रदान करते हैं।
23. 2005 से 2010 तक स्वास्थ्य केन्द्रों में रोगियों की संख्या में क्या बदलाव आया?
उत्तर: 2005 में हर स्वास्थ्य केंद्र में औसतन 39 मरीज आते थे, जबकि 2010 तक यह संख्या प्रति माह 4000 तक बढ़ गई, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच में सुधार दिखाई देता है।
24. शिशु मृत्यु दर में बदलाव का क्या संकेत है?
उत्तर: शिशु मृत्यु दर में कमी यह दर्शाती है कि स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर हुई हैं और बच्चों के जीवित रहने की संभावना बढ़ी है।
25. मातृ मृत्यु दर की स्थिति क्या है?
उत्तर: मातृ मृत्यु दर के अनुसार हर 100,000 जन्म देने वाली महिलाओं में 97 की मृत्यु होती है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारत ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्य हासिल कर लिया है और सतत् विकास लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है।
26. शिक्षा और स्वास्थ्य समाज में समानता कैसे लाते हैं?
उत्तर: शिक्षा और स्वास्थ्य सबको समान अवसर और सेवाएँ देने का जरिया हैं, जिससे समाज में लोगों की क्षमता और जीवन स्तर में संतुलन और समानता आती है।
27. सरकार स्वास्थ्य के लिए कौन-कौन से कदम उठा सकती है?
उत्तर:सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना सकती है, पर्याप्त डॉक्टर और नर्स नियुक्त कर सकती है, मुफ्त दवाइयाँ उपलब्ध करा सकती है, आकस्मिक इलाज सुनिश्चित कर सकती है और बच्चों व महिलाओं का टीकाकरण करवा सकती है।
28. शिक्षा की स्थिति बेहतर करने में सरकार की भूमिका क्या है?
उत्तर: सरकार शिक्षा सुधार के लिए नए स्कूल बनाती है, योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करती है, बच्चों को निःशुल्क पुस्तकें देती है, मध्याह्न भोजन जैसी पोषण योजनाएँ लागू करती है और बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करती है।
29. सर्वेक्षण क्यों किया जाता है?
उत्तर: सर्वेक्षण इसलिए किया जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति कैसी है, किन कारणों से समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं और उन्हें सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
30. सरकारी और निजी स्कूलों में अंतर कैसे देखा जा सकता है?
उत्तर: सरकारी और निजी स्कूलों के बीच अंतर देखा जा सकता है जैसे कि स्कूल की सुविधाएँ, अध्यापकों की गुणवत्ता, पढ़ाई का पाठ्यक्रम और बच्चों के सीखने का स्तर।
31. सामाजिक लिंग क्या है?
उत्तर: जेंडर या सामाजिक लिंग यह दर्शाता है कि समाज पुरुषों और महिलाओं से किन कार्यों, व्यवहारों और जिम्मेदारियों की उम्मीद करता है।
32. बचपन में लड़कों और लड़कियों को अलग-अलग खिलौने देने का क्या अर्थ है?
उत्तर: बचपन में अलग-अलग खिलौने देने का मतलब यह होता है कि समाज उन्हें भविष्य में स्त्री या पुरुष की अलग-अलग जिम्मेदारियाँ और भूमिकाएँ निभाने के लिए तैयार कर रहा है।
33. घर के कामों में महिलाओं की असमानता क्यों है?
उत्तर: महिलाएँ घर के अधिकांश काम करती हैं, लेकिन समाज इन कार्यों को कम महत्व देता है और इसे उनकी 'प्राकृतिक क्षमता' मान लेता है।
34. घरेलू काम का मूल्य क्यों कम समझा जाता है?
उत्तर:घरेलू कामों को कम महत्व इसलिए दिया जाता है क्योंकि ये बिना वेतन के किए जाते हैं और घर के भीतर ही होते हैं, जिससे उनका आर्थिक या सामाजिक मूल्य नजरअंदाज किया जाता है।
35. ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के अतिरिक्त कार्य कौन-कौन से हैं?
उत्तर: ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को घर के कामों के अलावा दूर से पीने का पानी लाना, जलावन के लिए लकड़ियाँ लाना, पशुओं की देखभाल करना और खेतों में काम करना भी करना पड़ता है।
36. घरेलू कार्यों के लिए समाज में भुगतान की स्थिति कैसी है?
उत्तर: समाज में घरेलू कामों के लिए भुगतान बहुत कम होता है, अक्सर न्यूनतम मजदूरी से भी कम, और कामगारों के प्रति सम्मानपूर्ण व्यवहार की कमी रहती है।
37. लड़कों और लड़कियों की सामाजिक भूमिकाएँ कैसे तय होती हैं?
उत्तर: समाज लड़कों और लड़कियों की भूमिकाएँ उनके पहनावे, खेल-कूद के सामान और रोज़मर्रा के व्यवहार के आधार पर तय करता है।
38. बड़े होने की प्रक्रिया में बच्चों का अनुभव कैसे भिन्न होता है?
उत्तर: बच्चों के बड़े होने का अनुभव उनके परिवार और समाजिक माहौल के अनुसार अलग-अलग होता है, जैसे उनकी रोज़मर्रा की गतिविधियाँ, जिम्मेदारियाँ और मिलने वाले अवसर।
39. आप किस रूप में बड़ा होना पसंद करेंगे और क्यों?
उत्तर: यह हर व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर, ऐसा रूप चुनना जिसमें बराबर अवसर और शिक्षा मिलें, बेहतर विकास और स्वतंत्र जीवन सुनिश्चित करता है।
Answer by Mrinmoee