Chapter 15

                                                       سرائے فانی (نظم) 


1. प्रश्न: कविता ‘मरग-ए-नागहानी’ का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर: 
‘मरग-ए-नागहानी’ कविता में कवि जीवन की अस्थिरता और मृत्यु की अपरिहार्यता को उजागर करता है। वह यह संदेश देता है कि संसार अस्थायी है—यहाँ की शोहरत, वैभव और सत्ता सब क्षणभंगुर हैं। जो कभी राजाओं की तरह शासन करते थे, आज मिट्टी में मिल गए। यह जीवन हमें याद दिलाता है कि “سرائے فانی” अर्थात यह दुनिया एक अस्थायी ठिकाना है, जहाँ कोई सदा नहीं रह सकता।

2. प्रश्न: ‘سرائے فانی’ से कवि का क्या तात्पर्य है?
उत्तर: 
कवि ने ‘सराए फ़ानी’ शब्द से इस संसार की अस्थिरता को प्रकट किया है। वह बताना चाहता है कि यह दुनिया एक ऐसी सराय की तरह है जहाँ मनुष्य थोड़े समय के लिए ठहरता है, अपने कर्म करता है, और फिर चला जाता है। यहाँ कोई भी व्यक्ति स्थायी नहीं—न राजा, न दरवेश। अंततः सबको इस नश्वर संसार को छोड़ना पड़ता है।

3. प्रश्न: कवि ने ‘جائے عبرت’ शब्द का प्रयोग क्यों किया है?
उत्तर: 
कवि ने संसार को ‘जाए इबरत’ इसलिए कहा है क्योंकि यह हमें सीख देता है। जब हम देखते हैं कि कभी जिनके पास राज-पाट, वैभव और शक्ति थी, वे भी मृत्यु के आगे असहाय हो गए, तो यह दृश्य मनुष्य को घमंड छोड़ने और विनम्रता अपनाने की प्रेरणा देता है। इस प्रकार यह दुनिया हर व्यक्ति के लिए एक ऐसी जगह है जहाँ से वह जीवन का सच्चा ज्ञान प्राप्त कर सकता है।

4. प्रश्न: कवि ने ‘اونچے اونچے مکان تھے جن کے’ पंक्ति से क्या अर्थ प्रकट किया है?
उत्तर: 
इस पंक्ति के माध्यम से कवि यह दर्शाता है कि जिन लोगों ने कभी ऊँचे महलों और आलीशान इमारतों में जीवन बिताया, वे आज मिट्टी के नीचे दफन हैं। उनकी शोहरत, ऐश्वर्य और शान सब समाप्त हो चुकी है। यह पंक्ति जीवन की अस्थिरता और वैभव की नश्वरता को स्पष्ट करती है तथा यह सिखाती है कि भौतिक वैभव सदा साथ नहीं रहता।

5. प्रश्न: ‘کون سی گور میں گیا بہرام’ से कवि क्या कहना चाहता है?
उत्तर:
इस पंक्ति में कवि यह विचार व्यक्त करता है कि कभी महान और शक्तिशाली राजा रहा बहराम आज कहाँ है, किस कब्र में सोया है, कोई नहीं जानता। यह प्रश्न हमें यह सोचने पर विवश करता है कि दुनिया की सत्ता और ताकत क्षणिक होती है। अंततः सभी को मृत्यु का ग्रास बनना पड़ता है और उनका अस्तित्व केवल इतिहास के पन्नों में रह जाता है।

6. प्रश्न: ‘اک فقط ان کا نام باقی ہے’ पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: 
इस पंक्ति में कवि यह बताता है कि वे लोग जो कभी प्रसिद्धि, सत्ता और वैभव के शिखर पर थे, आज उनका अस्तित्व समाप्त हो चुका है—सिर्फ उनका नाम ही रह गया है। यह संसार की नश्वरता का प्रतीक है। समय सब कुछ मिटा देता है, केवल नाम इतिहास में रह जाता है, वह भी धीरे-धीरे भुला दिया जाता है।

7. प्रश्न: ‘مرگ ناگهانی’ का अर्थ और भाव क्या है?
उत्तर:
‘मरग-ए-नागहानी’ का अर्थ है अचानक आने वाली मृत्यु। कवि इस शीर्षक के माध्यम से यह कहना चाहता है कि मृत्यु का कोई समय निश्चित नहीं होता। वह बिना चेतावनी के आती है और राजा, अमीर, फकीर—सबको समान रूप से अपने वश में कर लेती है। यह हमें जीवन की अस्थिरता और मृत्यु की सार्वभौमिक सच्चाई का बोध कराती है।

8. प्रश्न: कविता में कवि ने किन प्रसिद्ध व्यक्तियों का उल्लेख किया है?
उत्तर: 
कवि ने इस कविता में बह्राम, रستم, साम, कैसर और फग़फूर जैसे महान और प्रसिद्ध शासकों का उल्लेख किया है। इन सबके उदाहरण देकर कवि यह स्पष्ट करता है कि चाहे व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली या प्रसिद्ध क्यों न हो, मृत्यु के सामने सभी समान हैं। मृत्यु न किसी की पदवी देखती है और न ही सामर्थ्य — अंत में सभी को उसी अटल सत्य का सामना करना पड़ता है।

9. प्रश्न: कवि ने ‘گردش چرخ’ से क्या तात्पर्य लिया है?
उत्तर: 
‘گردش چرخ’ से कवि का तात्पर्य समय या भाग्य के निरंतर घूमते हुए पहिये से है। कवि बताता है कि यह चक्र सदा चलता रहता है और इसके प्रभाव से कोई भी बच नहीं सकता। चाहे व्यक्ति कितना ही बलवान, बुद्धिमान या प्रतिष्ठित क्यों न हो, समय की इस निरंतर गति के आगे सबको झुकना पड़ता है। यही जीवन का शाश्वत नियम है।

10. प्रश्न: कविता में ‘ہر گھڑی منقلب زمانہ ہے’ का क्या अर्थ है?
उत्तर: 
इस पंक्ति में कवि यह विचार प्रकट करता है कि संसार का समय हर क्षण परिवर्तनशील है। कोई भी स्थिति सदा एक समान नहीं रहती। आज जो व्यक्ति सत्ता, वैभव और प्रतिष्ठा से घिरा है, कल वही विपत्ति या निर्धनता का सामना कर सकता है। कवि कहना चाहता है कि इंसान को इस बदलते समय के प्रति सचेत रहना चाहिए और अभिमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि समय की चाल सबके जीवन को बदल देती है।

11. प्रश्न: कवि ने ‘دنیا کا کارخانہ ہے’ क्यों कहा है?
उत्तर: 
कवि ने संसार को ‘دنیا کا کارخانہ’ इसलिए कहा है क्योंकि यह संसार निरंतर परिवर्तनशील है, जैसे किसी कारखाने में हर समय कुछ न कुछ बनता और बिगड़ता रहता है। यहाँ जन्म और मृत्यु का सिलसिला चलता रहता है—कोई आता है, कोई चला जाता है। इसी सतत परिवर्तन के कारण कवि इसे एक कारखाने से तुलना करता है, जहाँ समय कभी रुकता नहीं और सृष्टि का कार्य अनवरत चलता रहता है।

12. प्रश्न: कविता में ‘استخوان تک بھی ان کے خاک ہوئے’ से क्या अर्थ निकलता है?
उत्तर: 
इस पंक्ति में कवि यह समझाना चाहता है कि मृत्यु के बाद मनुष्य का शरीर पूरी तरह मिट्टी में मिल जाता है — यहाँ तक कि उसकी हड्डियाँ भी धूल बन जाती हैं। यह पंक्ति मानव जीवन की नश्वरता और मृत्यु की अनिवार्यता को दर्शाती है। कवि यह संदेश देता है कि जब अंत में सब कुछ मिट्टी में मिल जाना है, तो मनुष्य को घमंड नहीं करना चाहिए और जीवन में सच्चे कर्मों पर ध्यान देना चाहिए।

13. प्रश्न: कविता में कवि किस भावना को जागृत करना चाहता है?
उत्तर: 
कवि इस कविता के जरिए लोगों के मन में नम्रता, आत्मचिंतन और अनित्य जीवन के प्रति जागरूकता की भावना उत्पन्न करना चाहता है। वह यह सिखाना चाहता है कि संसार में धन, शक्ति और वैभव सब नश्वर हैं, इसलिए मनुष्य को घमंड छोड़कर सच्चाई, भलाई और विनम्रता के मार्ग पर चलना चाहिए।

14. प्रश्न: ‘تھے جو محمود سر جہان میں مشہور، آن میں فاتحہ کو محتاج’ का अर्थ बताइए।
उत्तर:
इस पंक्ति में कवि यह बताता है कि जो लोग कभी संसार के सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली शासक थे, वे आज मृत्यु के बाद इतने असहाय हैं कि उनके लिए दूसरों को दुआ करनी पड़ती है। यह पंक्ति हमें यह सिखाती है कि संसार का वैभव क्षणिक है, मृत्यु के बाद न सत्ता रहती है, न नाम—मनुष्य को इसलिए अपने कर्मों से ही अमर बनने का प्रयास करना चाहिए।

15. प्रश्न: ‘عطر ملی کا جو نہ ملتے تھے، اک میں مل گیا سب ان کا غرور’ का क्या आशय है?
उत्तर: 
इस पंक्ति में कवि यह कहना चाहता है कि जो लोग जीवन में बहुत ऐश्वर्यशाली थे, जिन्हें दुर्लभ सुगंध और विलास की वस्तुएँ भी सहजता से नहीं मिलती थीं, वे मरने के बाद उसी मिट्टी में मिल गए जहाँ सबका अंत होता है। उनके गर्व, अभिमान और शान सब एक मुट्ठी ख़ाक में समा गए। कवि यहाँ यह सिखाना चाहता है कि अहंकार और भौतिक वैभव अंततः मिट्टी में ही मिल जाते हैं, इसलिए इंसान को विनम्र रहना चाहिए।

16. प्रश्न: ‘پڑھتے ہیں كُل مَنْ عَلَيْهَا فَان’ पंक्ति का धार्मिक महत्व क्या है?
उत्तर: 
यह कुरआन शरीफ की एक गहरी अर्थवाली आयत है, जिसका मतलब है — “इस धरती पर जो कुछ भी मौजूद है, वह सब नष्ट हो जाने वाला है।” कवि इस आयत के माध्यम से यह बताता है कि मृत्यु से कोई भी नहीं बच सकता — न राजा, न फ़कीर। यह पंक्ति इंसान को यह एहसास कराती है कि दुनिया की शोहरत, ताकत और दौलत सब अस्थायी हैं; स्थायी है केवल ईश्वर और उसके कर्मों का फल।

17. प्रश्न: कवि ने ‘طائران خوش الحان’ किस संदर्भ में कहा है?
उत्तर: 
कवि ने “طائران خوش الحان” यानी मधुर स्वर वाले पक्षियों का उल्लेख जीवन की क्षणभंगुरता दर्शाने के लिए किया है। जैसे ये पक्षी सुबह मधुर गीत गाते हैं और संध्या होते ही मौन हो जाते हैं, वैसे ही मनुष्य का जीवन भी एक क्षणिक संगीत की तरह है — कुछ समय के लिए खिलता है और फिर शांत हो जाता है। कवि इस उदाहरण से संसार की नश्वरता और समय के परिवर्तनशील स्वभाव को स्पष्ट करता है।

18. प्रश्न: ‘مقیم زیر خاک’ का क्या मतलब है?
उत्तर: 
‘مقیم زیر خاک’ का अर्थ है — वह व्यक्ति जो अब मिट्टी के नीचे सदा के लिए ठहर गया है, यानी जो मरकर कब्र में समा गया है। कवि इस वाक्यांश के माध्यम से यह दिखाना चाहता है कि संसार की सारी महिमा, शक्ति और शोहरत अंततः मृत्यु के आगे मिट जाती है। जो कभी ऊँचे महलों में रहता था, आज धरती की गोद में सोया हुआ है — यही जीवन का सबसे बड़ा सत्य है।

19. प्रश्न: कवि के अनुसार, मृत्यु से कोई क्यों नहीं बच सकता?
उत्तर: 
कवि के अनुसार मृत्यु एक ऐसी सच्चाई है जिससे कोई भी नहीं बच सकता — न राजा, न गरीब, न वीर, न ज्ञानी। यह सब पर समान रूप से आती है। कवि ने “موت سے کسی کو رستگاری ہے؟” कहकर स्पष्ट किया है कि चाहे मनुष्य कितना भी शक्तिशाली या प्रसिद्ध क्यों न हो, अंततः उसे मिट्टी में मिल जाना है। यही मृत्यु की अपरिहार्यता का प्रमाण है।

20. प्रश्न: कविता का अंतिम संदेश क्या है?
उत्तर: 
कवि यह संदेश देता है कि यह जीवन स्थायी नहीं है, इसलिए मनुष्य को अहंकार नहीं करना चाहिए। धन, पद और शोहरत सब नश्वर हैं — मृत्यु के बाद केवल अच्छे कर्म ही साथ जाते हैं। इसलिए इंसान को चाहिए कि वह नम्र बने, सच्चाई और भलाई के मार्ग पर चले ताकि उसका नाम सदा सम्मान के साथ याद किया जाए।

21. प्रश्न: ‘علم’ से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
‘علم’ उस नाम को कहा जाता है जो किसी व्यक्ति की पहचान के लिए रखा गया हो, जिसे लोग या माता-पिता किसी खास व्यक्ति के लिए निर्धारित करते हैं। यह اسمِ معرفہ (पहचाने जाने वाला नाम) की एक श्रेणी है, जो व्यक्ति को दूसरों से अलग पहचान प्रदान करती है।

22. प्रश्न: علم کی کتنی اقسام ہیں؟
उत्तर: 
‘علم’ की कुल छह प्रमुख किस्में मानी गई हैं —

(1) اسم – वह नाम जो माता-पिता या बड़ों द्वारा रखा जाता है, जैसे: असलम, नाहिद।
(2) کنیت – वह नाम जिससे किसी रिश्ते या गुण का पता चलता है, जैसे: अबुलहसन, इब्न अब्बास।
(3) لقب – जो किसी विशेष गुण या प्रसिद्धि को दर्शाए, जैसे: शेर-ए-बिहार, बुलबुल-ए-हिंद।
(4) خطاب – वह नाम जो किसी विशेष गुण के कारण शासन द्वारा दिया जाए, जैसे: देश रत्न, पद्मश्री।
(5) عرف – वह नाम जो असली नाम के अलावा प्रचलित हो, जैसे: करीमुद्दीन उर्फ़ कल्लू।
(6) تخلص – वह नाम जो कवि अपने असली नाम के बदले कविता में प्रयोग करता है, जैसे: ग़ालिब, शाद।

23. प्रश्न: ‘اسم’ किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: 
‘اسم’ वह व्यक्तिगत नाम होता है जो किसी व्यक्ति के जन्म के समय उसके माता-पिता या बुज़ुर्ग लोग पहचान के रूप में रखते हैं। यह नाम उसकी शिनाख्त का आधार बनता है।

उदाहरण के तौर पर — असलम, नाहिद, पटनہ आदि ऐसे नाम हैं जिन्हें ‘اسم’ कहा जाता है।

24. प्रश्न: ‘کنیت’ क्या होती है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर: 
‘کنیت’ वह नाम होता है जो किसी व्यक्ति के परिवारिक रिश्ते या वंश संबंध को दर्शाता है। यह नाम अक्सर पिता, पुत्र या किसी करीबी रिश्ते से जुड़ा होता है।

उदाहरण — ابوالحسن (हसन का पिता), ابنِ عباس (अब्बास का पुत्र) आदि।

25. प्रश्न: ‘لقب’ की परिभाषा दीजिए।
उत्तर: 
‘لقب’ वह नाम होता है जो किसी व्यक्ति की विशेष योग्यता, गुण, या प्रसिद्धि को दर्शाता है। यह नाम आम तौर पर किसी की सराहना या पहचान के रूप में दिया जाता है।

उदाहरण — بلبلِ ہند (भारत की मधुर स्वर वाली गायिका), شیرِ بہار (साहस और शक्ति का प्रतीक व्यक्ति)।

26. प्रश्न: ‘خطاب’ किसे कहते हैं?
उत्तर: 
‘خطاب’ वह सम्मानजनक उपाधि होती है जो किसी व्यक्ति को उसके विशिष्ट कार्य, योग्यता या सेवा के कारण शासन या संस्था की ओर से प्रदान की जाती है।

उदाहरण — देश रत्न (महात्मा गांधी को दिया गया), पद्मश्री (भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला सम्मान) आदि।

27. प्रश्न: ‘عرف’ का क्या अर्थ है?
उत्तर:
‘عرف’ वह नाम होता है जो किसी व्यक्ति के असली नाम के अतिरिक्त लोगों के बीच प्रसिद्ध या प्रचलित हो जाता है। यह आमतौर पर प्यार, पहचान या आदत के कारण दिया जाता है।

उदाहरण — کلیم الدین عرف کلو (कलीमुद्दीन जिसे लोग ‘कल्लू’ कहते हैं), तनवीर عرف خودیرا (तनवीर जिसका मशहूर नाम ‘खुदीरा’ है)।

28. प्रश्न: ‘تخلص’ क्या होता है? उदाहरण सहित बताइए।
उत्तर: 
‘تخلص’ वह विशेष नाम होता है जिसे कोई कवि या शायर अपने वास्तविक नाम की जगह अपनी शायरी या कविता में प्रयोग करता है। यह उसका पहचान चिन्ह भी बन जाता है।

उदाहरण — غالب (मिर्ज़ा असदुल्ला खाँ), شاد (शाद अज़ीमाबादी), میر (मीर तकी मीर) आदि।

29. प्रश्न: शायर अपने ‘تخلص’ का प्रयोग क्यों करते हैं?
उत्तर: 
कवि अपने ‘تخلص’ का उपयोग अपनी व्यक्तिगत पहचान और काव्यात्मक हस्ताक्षर के रूप में करते हैं। इससे उनकी रचनाएँ दूसरों से अलग दिखती हैं और पाठक या श्रोता आसानी से समझ लेते हैं कि यह शेर या कविता किस शायर की है।

30. प्रश्न: ‘لقب’ और ‘خطاب’ में क्या अंतर है?
उत्तर:
‘لقب’ वह नाम होता है जो किसी व्यक्ति की योग्यता, गुण या प्रसिद्धि को दर्शाता है, और यह आमतौर पर लोगों द्वारा दिया जाता है। जबकि ‘خطاب’ वह उपाधि होती है जो किसी व्यक्ति को उसके विशेष कार्य या योगदान के लिए सरकार या संस्था की ओर से औपचारिक रूप से प्रदान की जाती है।

उदाहरण —
‘بلبلِ ہند’ एक لقب है, जबकि ‘पद्मश्री’ या ‘देश रत्न’ एक خطاب है।

31. प्रश्न: कवि ने ‘قیصر و فغفور’ का उदाहरण क्यों दिया?
उत्तर: 
कवि ने ‘قیصر’ (रोम का सम्राट) और ‘فغفور’ (चीन का बादशाह) का उदाहरण यह दिखाने के लिए दिया है कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली और समृद्ध शासक भी मृत्यु से नहीं बच सके। इससे कवि यह संदेश देना चाहता है कि शक्ति, धन और प्रसिद्धि सब नश्वर हैं — अंत में सबको मिट्टी में मिल जाना है।

32. प्रश्न: ‘بہرام’ कौन था और किस देश का था?
उत्तर: 
‘बहराम’ ईरान का एक प्रसिद्ध और शक्तिशाली राजा था। वह अपनी वीरता, शिकार प्रेम और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन के लिए प्रसिद्ध था। कवि ने उसका उल्लेख यह दिखाने के लिए किया है कि इतनी शक्ति और वैभव के बावजूद वह भी मृत्यु से बच न सका।

33. प्रश्न: ‘رستم’ और ‘سام’ कौन थे और क्यों प्रसिद्ध हुए?
उत्तर: 
‘रستم’ ईरान का एक अत्यंत वीर और पराक्रमी योद्धा था, जबकि ‘साम’ उसका दादा था। दोनों अपने शौर्य, युद्ध कौशल और देशभक्ति के लिए प्रसिद्ध हुए। कवि ने उनका उदाहरण यह दिखाने के लिए दिया कि इतने महान वीर भी मृत्यु के आगे टिक नहीं सके।

34. प्रश्न: कविता में ‘چرخ’ शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर:
‘चर्ख’ शब्द का अर्थ है — आकाश या भाग्य का घूमता हुआ पहिया। कवि ने इसे समय के प्रतीक के रूप में प्रयोग किया है, यह दर्शाने के लिए कि समय निरंतर बदलता रहता है और उसकी गति के सामने न कोई राजा स्थायी रह सकता है, न कोई साधारण मनुष्य।

35. प्रश्न: ‘رستگاری’ शब्द का अर्थ समझाइए।
उत्तर:
‘रस्तगारी’ का अर्थ है — मुक्ति, छुटकारा या नجات। कवि इस शब्द के माध्यम से यह प्रश्न उठाता है कि क्या किसी मनुष्य को मृत्यु से मुक्ति मिल सकती है? उसका उत्तर स्वयं ही निहित है — नहीं, क्योंकि मृत्यु से कोई नहीं बच सका, चाहे वह राजा हो या फकीर।

36. प्रश्न: कविता के अनुसार जीवन को कैसे जीना चाहिए?
उत्तर: 
कवि का मत है कि मनुष्य को अपना जीवन सदाचार, विनम्रता और सादगी के साथ व्यतीत करना चाहिए। उसे अहंकार, दिखावा और भौतिक सुख-सुविधाओं के मोह से दूर रहना चाहिए, क्योंकि ये सभी क्षणिक हैं। केवल हमारे अच्छे कर्म और नैतिक मूल्य ही सदा अमर रहते हैं और वही मनुष्य को सच्चा सम्मान प्रदान करते हैं।

37. प्रश्न: कवि मृत्यु को किस रूप में प्रस्तुत करता है?
उत्तर:
कवि ने मृत्यु को एक ऐसी अटल और निष्पक्ष शक्ति के रूप में चित्रित किया है जो समाज के सभी भेदभावों को समाप्त कर देती है। उसके सामने न कोई राजा बड़ा होता है, न गरीब छोटा — सब एक समान हो जाते हैं। इस प्रकार, मृत्यु जीवन की असमानताओं को मिटाकर सबको समानता के स्तर पर ले आती है।

38. प्रश्न: ‘سرائے فانی’ की उपमा कितनी उपयुक्त है?
उत्तर: 
‘सराए फ़ानी’ की उपमा अत्यंत सार्थक है क्योंकि यह जीवन की नश्वरता को गहराई से प्रकट करती है। जैसे एक सराय में यात्री कुछ समय ठहरकर आगे बढ़ जाता है, वैसे ही मनुष्य भी इस संसार में थोड़े समय के लिए आता है और फिर चला जाता है। यह उपमा हमें याद दिलाती है कि जीवन स्थायी नहीं है, इसलिए हमें इसे सद्कर्मों से अर्थपूर्ण बनाना चाहिए।0

39. प्रश्न: इस कविता से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: 
इस कविता से यह गहरी शिक्षा मिलती है कि जीवन अस्थायी है, इसलिए हमें अहंकार और दिखावे से दूर रहकर सादगी, नम्रता और सत्कर्मों का मार्ग अपनाना चाहिए। कवि यह संदेश देता है कि धन, सौंदर्य और पद सब नश्वर हैं, परंतु नेक कार्य और अच्छा चरित्र ही व्यक्ति को अमर बनाते हैं।

40. प्रश्न: ‘كل من عليها فان’ आयत का भावार्थ क्या है और कवि ने इसे क्यों जोड़ा?
उत्तर: 
इस आयत का भाव है कि इस धरती पर मौजूद हर चीज़ नश्वर है — चाहे इंसान हो, सत्ता हो या वैभव, सब एक दिन समाप्त हो जाते हैं। कवि ने इस आयत को अपनी कविता में इसलिए शामिल किया है ताकि यह सिद्ध हो सके कि उसकी बात मात्र एक विचार नहीं, बल्कि खुद ईश्वर का स्थापित सत्य है। यह शाश्वत सत्य मानव को विनम्रता, आत्मचिंतन और मृत्यु की याद दिलाता है।


Answer by Mrinmoee