Chapter 17
ماں کا خواب (نظم)
1. प्रश्न: कविता "माँ का ख़्वाब" किस कवि द्वारा लिखी गई है?
उत्तर: कविता "माँ का ख़्वाब" के रचयिता डॉ. मोहम्मद इक़बाल हैं, जो उर्दू के महान कवियों में से एक माने जाते हैं। इस कविता में उन्होंने एक माँ की गहरी ममता, उसके दुःख, और अपने बिछड़े बच्चे के प्रति असीम प्रेम को बहुत ही भावपूर्ण ढंग से चित्रित किया है। कविता यह दर्शाती है कि माँ का हृदय अपने खोए हुए बच्चे की याद में हमेशा तड़पता रहता है, और उसका स्वप्न भी उसी ममता से भरा होता है।
2. प्रश्न: कवि ने इस कविता के माध्यम से क्या व्यक्त किया है?
उत्तर: कवि ने इस कविता में माँ के अनंत प्रेम, ममता और विरह की वेदना को बड़े ही हृदयस्पर्शी रूप में व्यक्त किया है। माँ अपने उस बच्चे को स्वप्न में देखती है जो अब इस दुनिया में नहीं रहा। उसके मन में बच्चे की यादें, उसकी मुस्कान और उसके साथ बिताए पल एक साथ उमड़ आते हैं। कवि यह दिखाना चाहता है कि माँ का स्नेह मृत्यु से भी परे होता है — उसका हृदय अपने बच्चे के लिए सदा धड़कता रहता है, चाहे वह कहीं भी हो।
3. प्रश्न: माँ ने अपने स्वप्न में क्या देखा?
उत्तर: माँ ने अपने स्वप्न में देखा कि वह घने अंधकार से घिरे एक मार्ग पर अकेली चल रही है, जहाँ कोई दिशा स्पष्ट नहीं दिख रही। तभी उसकी नज़र हरियाली-सी चमकती ज़मुर्रद पोशाक पहने छोटे-छोटे बच्चों की एक लंबी कतार पर पड़ती है। उन सभी बच्चों के हाथों में जलते हुए दीपक हैं और वे शांति से, क्रमबद्ध होकर आगे बढ़ रहे हैं। यह दृश्य माँ के मन में आश्चर्य और उत्सुकता दोनों भर देता है — वह सोचने लगती है कि ये बच्चे कहाँ जा रहे हैं और इस रहस्यमय यात्रा का क्या अर्थ है।
4. प्रश्न: माँ के स्वप्न में बच्चों की क्या विशेषता थी?
उत्तर: माँ ने अपने स्वप्न में जो बच्चे देखे, वे अत्यंत पवित्र और दिव्य रूप वाले प्रतीत हो रहे थे। वे सभी ज़मुर्रद यानी हरे रत्न जैसी चमकती पोशाकें पहने हुए थे, जिससे उनका रूप और भी मनमोहक लग रहा था। प्रत्येक बच्चे के हाथ में एक दीपक जल रहा था, जिसकी रोशनी अंधकार को चीरती जा रही थी। वे सब शांत, अनुशासित और मौन भाव से कतार में आगे बढ़ रहे थे, जैसे किसी स्वर्गीय जुलूस या आत्मिक यात्रा पर हों। यह दृश्य माँ के हृदय को विस्मय और करुणा से भर देता है।
5. प्रश्न: माँ का मन भय और व्याकुलता से क्यों भरा था?
उत्तर: माँ के मन में भय और व्याकुलता इसलिए उत्पन्न हुई क्योंकि उसने अपने स्वप्न में घोर अंधकार और अपरिचित मार्ग देखा था, जहाँ कोई दिशा या राह स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थी। इस अनजान वातावरण में चलते हुए उसका हृदय संतान की चिंता और असुरक्षा की भावना से भर गया। जब उसे बच्चों की कतार दिखी, तो उसका मन और भी अधीर हो उठा कि शायद उनमें उसका बेटा भी हो। यह अनिश्चितता, अंधेरा और अपने लाड़ले की खोज — यही सब उसकी बेचैनी और भय का कारण बने।
6. प्रश्न: माँ को अपने बेटे का दर्शन कैसे हुआ?
उत्तर: माँ ने देखा कि बच्चों की लंबी कतार में सबसे पीछे उसका बेटा भी खड़ा है। वह अन्य बच्चों की तरह पन्ना रंग की पोशाक में था, परंतु उसके हाथ का दीपक बुझा हुआ था। यह दृश्य देखकर माँ का हृदय द्रवित हो उठा — वह समझ गई कि उसका पुत्र अब उस उजाले की दुनिया में नहीं है। बेटे के हाथ में दीप न जलना उसकी अपूर्ण इच्छाओं और जीवन की असमय समाप्ति का प्रतीक था।
7. प्रश्न: माँ ने बेटे से क्या कहा?
उत्तर: माँ ने व्याकुल होकर अपने बेटे को पुकारा और बड़े दर्द से कहा — “बेटा! तुम मुझे छोड़कर कहाँ चले गए? देखो, तुम्हारे बिना मेरा जीवन सूना हो गया है। तुम्हारे हाथ में दीपक क्यों नहीं जल रहा? क्या तुमने मुझे भुला दिया?” माँ के इन शब्दों में वियोग, ममता और गहरी करुणा झलकती है।
8. प्रश्न: बच्चे ने माँ के प्रश्न पर क्या उत्तर दिया?
उत्तर: बच्चे ने शांत और गंभीर स्वर में मुँह फेरकर कहा — “अम्मी, मेरे दीपक के बुझने का कारण आप ही हैं। आपके निरंतर बहते आँसुओं ने ही इसे बुझा दिया है।”
9. प्रश्न: कविता का मुख्य भाव क्या है?
उत्तर:इस कविता का केंद्रीय भाव माँ के अटूट प्रेम और ममता की अमरता है। कवि ने दिखाया है कि एक माँ का स्नेह मृत्यु की सीमाओं को भी लाँघ जाता है। उसका हृदय अपने खोए हुए बच्चे की याद में हमेशा तड़पता रहता है। यह कविता मातृत्व की उस भावनात्मक शक्ति का चित्रण करती है जो जीवन और मृत्यु दोनों से परे है।
10. प्रश्न: "اندھیرا ہے اور راہ ملتی نہیں" पंक्ति से कवि क्या भाव प्रकट करता है?
उत्तर: इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन के भ्रम, दुख और असहायता की स्थिति को दर्शाया है। माँ अपने सपने में अंधेरे रास्ते पर चल रही है, जो उसके मन के अंधकार और खोए हुए बच्चे की तलाश का प्रतीक है। यह पंक्ति बताती है कि जब जीवन में प्रियजन बिछुड़ जाते हैं, तो मनुष्य दिशाहीन और अकेला महसूस करता है।
11. प्रश्न: कविता में ‘زمرد کی پوشاک’ का क्या प्रतीकात्मक अर्थ है?
उत्तर:‘ज़मुर्रद की पोशाक’ हरे पन्ने जैसी चमक और पवित्रता का प्रतीक है। कवि ने इसे उन निर्मल आत्माओं और स्वर्गिक बच्चों का रूप देने के लिए प्रयोग किया है जो अब ईश्वर के सान्निध्य में हैं। यह पोशाक उनके निर्दोष जीवन और आत्मिक उजाले का प्रतीक बनती है।
12. प्रश्न: ‘دیا بجھ جانا’ किस बात का प्रतीक है?
उत्तर: ‘दीया बुझ जाना’ यहाँ जीवन के अंत और आत्मा के प्रस्थान का प्रतीक है। यह माँ की विरह वेदना और आँसुओं से उपजे दुख को भी प्रकट करता है। बच्चे का यह कहना कि “तेरे आँसुओं ने मेरा दीया बुझाया” माँ के अत्यधिक शोक और ममता की तीव्रता को दर्शाता है, जो उसके बच्चे की आत्मा को भी प्रभावित कर देती है।
13. प्रश्न: बच्चे ने कहा “ترے آنسوؤں نے بجھایا اُسے” — इसका क्या अर्थ है?
उत्तर:इस पंक्ति का आशय है कि माँ का अत्यधिक विलाप और आँसुओं की वर्षा उसके बच्चे की आत्मिक शांति में बाधा बन रही है। बच्चे का बुझा हुआ दीपक इस बात का प्रतीक है कि माँ के गहरे दुख ने उसकी आत्मा की ज्योति मंद कर दी है। यह वाक्य माँ की असीम ममता और विरह की तीव्र पीड़ा को अत्यंत भावुक रूप में प्रकट करता है।
14. प्रश्न: कविता में किन भावनाओं का समावेश है?
उत्तर:इस कविता में माँ के वात्सल्य, विरह की वेदना, असीम प्रेम, आध्यात्मिक लगाव और मृत्यु के बाद भी जीवित ममता की भावनाएँ गहराई से प्रकट होती हैं। कवि ने दिखाया है कि माँ और संतान का रिश्ता सांसारिक सीमाओं से परे है — वह मृत्यु के पार भी जीवित और अटूट रहता है।
15. प्रश्न: इस कविता का वातावरण कैसा है?
उत्तर: इस कविता में गंभीर, करुण और स्वप्निल वातावरण चित्रित किया गया है। अंधकार, मौन और दीपों की कतार का दृश्य कविता को एक रहस्यमयी रूप देता है। माँ का अपने मृत पुत्र से मिलन भावनात्मक और आत्मिक वातावरण को और भी संवेदनशील बना देता है।
16. प्रश्न: कवि ने ‘اندھیرا’ शब्द का प्रयोग क्यों किया?
उत्तर:कवि ने “अंधेरा” शब्द का प्रयोग जीवन के दुःख, विरह और मृत्यु की अनिश्चितता को दर्शाने के लिए किया है। यह माँ के हृदय की पीड़ा, भय और भटकाव का प्रतीक है, जहाँ वह अपने खोए हुए पुत्र की तलाश में भावनात्मक अंधकार से गुजर रही है।
17. प्रश्न: माँ का बेटा किस रूप में दिखाई देता है?
उत्तर:माँ का बेटा एक दिव्य, स्वर्गिक आत्मा के रूप में दिखाई देता है। उसके हाथ का बुझा हुआ दीपक यह दर्शाता है कि उसकी जीवन यात्रा अधूरी रह गई, परंतु उसकी आत्मा अब भी शांत और पवित्र है।
18. प्रश्न: कविता में कौन-सा संवाद सबसे प्रभावशाली है?
उत्तर:कविता का सबसे हृदयस्पर्शी संवाद है — “سمجھتی ہے تو ہو گیا کیا اُسے؟ ترے آنسوؤں نے بجھایا اُسے।”
19. प्रश्न: कविता में प्रकृति के कौन से दृश्य हैं?
उत्तर: कविता में रात्रि का गहन अंधकार, अनजान राह, पन्ने जैसी हरी पोशाक पहने बच्चों की कतार, और जलते-बुझते दीपकों की रोशनी के माध्यम से प्रकृति का एक स्वप्निल और रहस्यमय वातावरण निर्मित किया गया है। ये दृश्य कविता को भावनात्मक गहराई और प्रतीकात्मक सौंदर्य प्रदान करते हैं।
20. प्रश्न: "ماں کا خواب" कविता का शीर्षक सार्थक क्यों है?
उत्तर: यह शीर्षक अत्यंत उपयुक्त है क्योंकि कविता की संपूर्ण भावभूमि माँ के सपने के इर्द-गिर्द घूमती है। इस सपने में उसकी ममता, तड़प और अपने बच्चे के प्रति गहरी भावनाएँ झलकती हैं। माँ का यह सपना केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि हर माँ के हृदय की व्यथा और उम्मीद का प्रतीक बन जाता है।
21. प्रश्न: कविता में "اضطراب" शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: "اضطراب" शब्द का अर्थ है — मन की अशांति या भीतर की हलचल। यह शब्द माँ के हृदय की उस स्थिति को दर्शाता है, जब वह अपने बच्चे की याद में व्याकुल और अस्थिर महसूस करती है।
22. प्रश्न: "محال" शब्द का अर्थ क्या है और कविता में इसका प्रयोग किस अर्थ में हुआ है?
उत्तर: "محال" का अर्थ है — असंभव या बहुत कठिन कार्य। कविता में यह शब्द उस अवस्था को व्यक्त करता है जब माँ भय और दुख के कारण इतनी निर्बल हो जाती है कि उसके लिए आगे बढ़ना या कोई कदम उठाना लगभग असंभव प्रतीत होता है।
23. प्रश्न: कविता में किस प्रकार का भाव छाया हुआ है?
उत्तर: पूरी कविता में करुणा, ममता और वियोग का भाव गहराई से व्याप्त है। इसमें एक माँ का अपने खोए हुए पुत्र के प्रति दर्द, स्नेह और अधूरी आशा अत्यंत संवेदनशील रूप में प्रकट हुआ है।
24. प्रश्न: कविता का कथानक किस रूप में आगे बढ़ता है?
उत्तर: कविता का कथानक स्वप्न की क्रमिक प्रक्रिया में विकसित होता है — प्रारंभ में माँ की बेचैनी और भय, फिर स्वप्न में बेटे का साक्षात्कार, और अंत में उस दर्शन से उत्पन्न आध्यात्मिक शांति का अनुभव कविता को पूर्णता प्रदान करता है।
25. प्रश्न: माँ की व्यथा को कवि ने किस प्रकार व्यक्त किया है?
उत्तर: कवि ने माँ की व्यथा को अत्यंत संवेदनशील प्रतीकों के माध्यम से उकेरा है — अंधकार उसके मन की पीड़ा को, बुझा दीप उसके टूटे विश्वास को, आँसू उसकी मौन पुकार को, और सन्नाटा उसकी अधूरी ममता को प्रकट करता है।
26. प्रश्न: कविता में ‘دیئے’ (दीये) का प्रयोग किस अर्थ में है?
उत्तर: कविता में ‘दीये’ का प्रयोग केवल रोशनी के रूप में नहीं, बल्कि जीवन, आशा और आत्मा की पवित्रता के प्रतीक के रूप में हुआ है — जो यह दर्शाता है कि हर आत्मा अपनी ज्योति से संसार को आलोकित करती है, भले ही वह क्षणिक ही क्यों न हो।
27. प्रश्न: कविता में प्रयुक्त भाषा कैसी है?
उत्तर: कविता की भाषा अत्यंत भावनापूर्ण और संवेदी है — इसमें उर्दू के मधुर, कोमल और प्रभावशाली शब्दों का प्रयोग किया गया है, जो माँ की ममता, पीड़ा और सपनों की दुनिया को गहराई से व्यक्त करते हैं।
28. प्रश्न: "زمرد" शब्द का अर्थ क्या है?
उत्तर: ‘زمرد’ (ज़मुर्रद) का अर्थ ‘पन्ना’ अर्थात हरा कीमती रत्न है। कविता में इसका प्रयोग शुद्धता, कोमलता और आत्मा की आभा को दर्शाने के लिए किया गया है।
29. प्रश्न: इस कविता में कौन-कौन से अलंकार हैं?
उत्तर:इस कविता में उपमा, रूपक, मानवीकरण और प्रतीकात्मकता जैसे अलंकारों का प्रभावी प्रयोग किया गया है, जिनसे भावनाएँ और अधिक गहराई से व्यक्त होती हैं।
30. प्रश्न: इस कविता की शिक्षात्मक महत्ता क्या है?
उत्तर: कविता हमें यह शिक्षा देती है कि सच्चा प्रेम अमर होता है — मृत्यु भी माँ के स्नेह और आत्मीय संबंधों को समाप्त नहीं कर सकती; वे आत्मा के स्तर पर जीवित रहते हैं।
31. प्रश्न: कविता में बच्चे की आत्मा के शब्द क्या संदेश देते हैं?
उत्तर:बच्चे की आत्मा माँ को यह सन्देश देती है कि उसका शोक और निरंतर आँसू बच्चे की आत्मा को शांति नहीं दे रहे; बल्कि माँ को धैर्य रखकर ईश्वर में विश्वास करना चाहिए ताकि दोनों की आत्माएँ शांत रह सकें।
32. प्रश्न: कविता का भावार्थ क्या है?
उत्तर: इस कविता का भावार्थ यह है कि माँ और बच्चे के बीच का स्नेह शाश्वत होता है — मृत्यु भी उस प्रेम को समाप्त नहीं कर सकती। माँ का वात्सल्य आत्मा के स्तर तक जीवित रहता है, और यही प्रेम जीवन के पार भी संवाद बनाए रखता है।
33. प्रश्न: डॉ. मोहम्मद इक़बाल का साहित्य में क्या योगदान है?
उत्तर:डॉ. मोहम्मद इक़बाल ने अपने साहित्य के माध्यम से आत्मसम्मान, आध्यात्मिकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को जगाया। उन्होंने उर्दू और फ़ारसी दोनों भाषाओं में ऐसे विचार प्रस्तुत किए जो मानवता को ऊँचा उठाने वाले थे। इसी कारण वे “شاعرِ مشرق” अर्थात् “पूर्व के कवि” के रूप में प्रसिद्ध हुए।
34. प्रश्न: कविता का अंत कैसा है?
उत्तर: कविता का अंत अत्यंत संवेदनशील और आत्मिक जागृति से परिपूर्ण है। माँ जब अपने बेटे की आत्मा की वाणी सुनती है, तो उसे एहसास होता है कि उसका पुत्र शरीर से भले ही दूर हो, पर उसकी आत्मा सदा उसके पास है। इस प्रकार कविता का समापन शांति और आध्यात्मिक अनुभूति के साथ होता है।
35. प्रश्न: “خواب” शब्द का प्रयोग किस रूप में हुआ है?
उत्तर: “ख़्वाब” शब्द यहाँ केवल एक नींद में देखा गया सपना नहीं, बल्कि माँ के हृदय की गहराई में छिपी चाह, स्मृति और अधूरी ममता का प्रतीक है। यह वह मानसिक अवस्था है जहाँ वास्तविकता और भावना एक हो जाती हैं, और माँ अपने बिछड़े हुए बेटे से आत्मिक रूप से मिलती है।
36. प्रश्न: माँ और बेटे के संवाद में कौन-सी भावना सर्वोपरि है?
उत्तर:माँ और बेटे के संवाद में सबसे प्रमुख भावना असीम ममता और गहन विरह की है। माँ का प्रेम अपने खोए हुए पुत्र के लिए आँसुओं में ढल जाता है, जबकि बेटे के शब्द उस प्रेम को शांत करने का प्रयास करते हैं। यह संवाद दर्शाता है कि मृत्यु भी माँ-बेटे के संबंध को तोड़ नहीं सकती — उनका स्नेह आत्मा तक जुड़ा रहता है।
37. प्रश्न: कविता में कौन-सा धार्मिक या आध्यात्मिक संकेत मिलता है?
उत्तर: कविता में स्पष्ट रूप से आध्यात्मिक संकेत दिखाई देता है — यह बताती है कि मृत्यु अंत नहीं, बल्कि आत्मा की यात्रा का नया आरंभ है। माँ का स्वप्न ईश्वर और आत्मा के मिलन की अनुभूति कराता है। बच्चे की आत्मा यह संदेश देती है कि सच्चा प्रेम और आत्मिक संबंध मृत्यु के पार भी जीवित रहते हैं।
38. प्रश्न: इस कविता का श्रोता कौन हो सकता है?
उत्तर: इस कविता का श्रोता कोई भी संवेदनशील व्यक्ति हो सकता है, विशेष रूप से वे माताएँ या अभिभावक जिन्होंने अपने बच्चे को खोने का दुःख झेला है। यह कविता उनके हृदय की गहराइयों में उतरकर सांत्वना देती है और यह सिखाती है कि आत्मिक प्रेम कभी समाप्त नहीं होता, बल्कि वह ईश्वर से जुड़कर और भी पवित्र बन जाता है।
39. प्रश्न: इस कविता की पंक्तियाँ हृदय को क्यों स्पर्श करती हैं?
उत्तर: यह कविता हृदय को इसलिए स्पर्श करती है क्योंकि इसकी प्रत्येक पंक्ति में माँ के स्नेह, विरह और आत्मिक पीड़ा की सच्ची अनुभूति झलकती है। कवि ने शब्दों के माध्यम से एक ऐसे भावलोक का निर्माण किया है, जहाँ प्रेम और दुःख एकाकार हो जाते हैं। माँ की व्यथा और बेटे की आत्मा का उत्तर दोनों ही पाठक के मन में गहरी करुणा और संवेदना जगाते हैं।
40. प्रश्न: कविता का सारांश लिखिए।
उत्तर: “माँ का ख़्वाब” एक अत्यंत भावनात्मक और करुणामय कविता है, जिसमें मातृत्व की गहराई, विरह की वेदना और आत्मिक प्रेम का अद्भुत संगम है। इस कविता में कवि दिखाता है कि माँ अपने मृत पुत्र को स्वप्न में देखती है — वह बच्चों की पंक्ति में चलता है, परंतु उसके हाथ का दीप बुझा होता है। जब माँ चिंता से कारण पूछती है, तो पुत्र उत्तर देता है — “मेरे दीप को तुम्हारे आँसुओं ने बुझा दिया।” यह एक ऐसा क्षण है जो ममता की सीमा और प्रेम की अमरता दोनों को उजागर करता है। कविता का सार यही है कि सच्चा प्रेम मृत्यु के पार भी जीवित रहता है।
Answer by Mrinmoee