Chapter 19
بیراگی (تلخیص)
1. प्रश्न: सालिम अली कौन थे और उन्हें “Birdman of India” क्यों कहा जाता है?
उत्तर: सालिम अली भारत के महान पक्षी विज्ञानी थे। उन्होंने भारतीय पक्षियों का व्यवस्थित अध्ययन किया और उनके संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण काम किया। उनके इस अद्वितीय योगदान के कारण उन्हें “Birdman of India” के उपनाम से जाना जाता है।
2. प्रश्न: सालिम अली का जन्म कब और कहाँ हुआ?
उत्तर: सालिम अली का जन्म 12 नवंबर 1896 को मिटीअबरज़ इलाके में हुआ था। यही स्थान उनके बचपन और प्रारंभिक जीवन का हिस्सा रहा।
3. प्रश्न: सालिम अली के बचपन में उनके माता-पिता का क्या हाल हुआ?
उत्तर:सालिम अली दस वर्ष के थे जब उनके पिता का देहांत हो गया। इसके बाद उनकी परवरिश और पालन-पोषण उनके मामा ने किया, जिन्होंने उन्हें बड़े प्यार और स्नेह के साथ बड़ा किया।
4. प्रश्न: सालिम अली को बचपन में किस चीज़ ने आकर्षित किया?
उत्तर: सालिम अली को बचपन से ही खुले आसमान के नीचे घूमना और विभिन्न प्रकार के पक्षियों को देखना बहुत पसंद था। यही शौक उनके जीवन में परिंदों के प्रति गहरी रुचि का कारण बना।
5. प्रश्न: सालिम अली ने पहली बार किस चिड़िया को देखकर परिंदों में रुचि विकसित की?
उत्तर: सालिम अली ने अपने बचपन में पहली बार गोरिया पक्षी को देखा और उसके व्यवहार, आवाज़ और जीवन शैली के बारे में जानने की गहरी उत्सुकता जागी, जिससे उनका पक्षियों में रुचि जन्मी।
6. प्रश्न: सालिम अली ने अपने मामा से किस प्रकार जानकारी ली?
उत्तर: सालिम अली ने अपने मामा से गोरिया पक्षी की नस्ल और उसकी जीवन शैली के बारे में जानने की कोशिश की, लेकिन उनके जवाबों से पूरी जानकारी नहीं मिली, जिससे उनकी जिज्ञासा और बढ़ गई।
7. प्रश्न: मेला रड (Melard) ने सालिम अली को कैसे मार्गदर्शन दिया?
उत्तर: मेला रड ने सालिम अली को अपने खास कमरे में बुलाया और वहाँ विभिन्न पक्षियों के मृत शरीर दिखाकर उनके जीवन, आदतों और प्रकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे सालिम अली का उत्साह और ज्ञान बढ़ा।
8. प्रश्न: सालिम अली को मेला रड से मिलने के बाद क्या सीख मिली?
उत्तर: मेला रड से मिलने के बाद सालिम अली ने यह जाना कि पक्षियों का वैज्ञानिक ढंग से अध्ययन किया जा सकता है, उनकी आदतों और प्रजातियों को समझा जा सकता है और उनका संरक्षण किया जा सकता है।
9. प्रश्न: सालिम अली ने अपने व्यापारिक जीवन को छोड़कर विज्ञान की ओर क्यों रुचि दिखाई?
उत्तर: सालिम अली ने व्यापार में दिलचस्पी कम होने के कारण अपने समय और ऊर्जा को पक्षियों के अध्ययन और उनकी प्रजातियों की खोज में लगाना शुरू किया, क्योंकि उनका असली जुनून यही था।
10. प्रश्न: सालिम अली ने आगे अपनी शिक्षा कहाँ पूरी की और किस क्षेत्र में कार्य किया?
उत्तर: सालिम अली ने अपनी शिक्षा मुंबई में पूरी की और नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम में गाइड के रूप में कार्यरत होकर पक्षियों का गहन अध्ययन करना जारी रखा, जिससे उनके ज्ञान और अनुभव में वृद्धि हुई।
11. प्रश्न: सालिम अली ने अपनी शिक्षा और ज्ञान को बढ़ाने के लिए कहाँ का दौरा किया?
उत्तर: सालिम अली ने अपने पक्षियों के ज्ञान और शोध को और गहरा करने के लिए जर्मनी का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने आधुनिक विधियों और संग्रहालयों से सीख प्राप्त की।
12. प्रश्न: सालिम अली ने अपनी पूरी जीवनशैली में क्या किया?
उत्तर: सालिम अली ने अपना पूरा जीवन पक्षियों के अध्ययन और शोध में समर्पित किया; वे लगातार घूमें, पक्षियों की आदतों और व्यवहार को अपने नोट्स में दर्ज करते रहे और इन्हें व्यवस्थित करके विज्ञान के लिए प्रस्तुत किया।
13. प्रश्न: सालिम अली के शोध का वैश्विक महत्व क्या है?
उत्तर: सालिम अली के पक्षियों पर किए गए शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च सम्मान मिला; वैज्ञानिकों ने इसे अद्वितीय और मूल्यवान माना और उन्हें इस क्षेत्र में अग्रणी विशेषज्ञ के रूप में देखा।
14. प्रश्न: सालिम अली के अध्ययन की विशेषता क्या थी?
उत्तर:सालिम अली की विशेषता यह थी कि उन्होंने पक्षियों का निरीक्षण अत्यंत सावधानी और लगन से किया, उनकी आदतों, आवाज़ों और स्वभाव का विस्तार से अध्ययन किया, जो उस समय किसी और ने इतनी गंभीरता से नहीं किया।
15. प्रश्न: सालिम अली की लिखी किताबों का महत्व क्या है?
उत्तर: सालिम अली ने अपने लंबे समय के अध्ययन और नोटबुक में संकलित जानकारी को व्यवस्थित कर प्रकाशित किया, जिससे पक्षियों के जीवन और व्यवहार का वैज्ञानिक ज्ञान सम्पूर्ण दुनिया के लिए सुलभ हुआ।
16. प्रश्न: सालिम अली को कौन-कौन से पुरस्कार और सम्मान मिले?
उत्तर: सालिम अली की पक्षियों के अध्ययन और शोध में असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें भारत और विश्व के कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया।
17. प्रश्न: सालिम अली की मृत्यु कब हुई?
उत्तर: सालिम अली 20 जून 1987 को इस दुनिया से चले गए। उस समय उनकी आयु 91 वर्ष थी।
18. प्रश्न: “ज्ञान की जिज्ञासा” शब्द का उनके जीवन में क्या महत्व था?
उत्तर: सालिम अली में हमेशा नई चीज़ें जानने और खोजने की तीव्र इच्छा रही। इसी जिज्ञासा ने उन्हें पक्षियों के विस्तृत और गहन अध्ययन की दिशा में प्रेरित किया।
19. प्रश्न: सालिम अली के जीवन से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: सालिम अली के जीवन से यह शिक्षा मिलती है कि लगातार मेहनत, गहन अध्ययन और उत्सुकता से किसी भी विषय में उत्कृष्टता प्राप्त की जा सकती है और वह ज्ञान का मूल्यवान स्रोत बन सकता है।
20. प्रश्न: सालिम अली का बचपन किस प्रकार का था?
उत्तर: सालिम अली का बचपन चुनौतियों भरा था, लेकिन उनकी रुचि हमेशा खुली हवा और पक्षियों की दुनिया में बनी रही, जिसने उनके भविष्य की दिशा तय की।
21. प्रश्न: सालिम अली ने पक्षियों के अध्ययन में किस प्रकार की मेहनत की?
उत्तर: सालिम अली ने पक्षियों का गहन अध्ययन किया, उनकी हर गतिविधि, व्यवहार और जीवनशैली को ध्यानपूर्वक रिकॉर्ड किया और उसे व्यवस्थित रूप से समझा।
22. प्रश्न: सालिम अली ने पक्षियों का अध्ययन क्यों शुरू किया?
उत्तर: सालिम अली ने पक्षियों का अध्ययन इसलिए शुरू किया क्योंकि वे उनके अद्भुत व्यवहार, जीवनशैली और प्राकृतिक वातावरण को समझने और उन्हें संरक्षित करने के लिए प्रेरित हुए।
23. प्रश्न: सालिम अली के योगदान को किस तरह से विश्व ने स्वीकारा?
उत्तर: सालिम अली के कार्यों को विश्वभर के वैज्ञानिकों और प्रकृति प्रेमियों ने सराहा। उन्हें “Birdman of India” की उपाधि दी गई और उनके शोध को आधुनिक एवम् व्यवस्थित पक्षी विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना गया।
24. प्रश्न: सालिम अली की रुचि पर उनके मामा का क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: सालिम अली के मामा ने उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें विशेषज्ञ मेला रड से मिलवाया, जिससे सालिम अली का पक्षियों में गहरा रुचि और ज्ञान दोनों विकसित हुआ।
25. प्रश्न: सालिम अली की उपलब्धियों का सामाजिक महत्व क्या है?
उत्तर:सालिम अली की उपलब्धियाँ समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि उन्होंने पक्षियों के संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा दिया, जिससे लोग प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशील हुए।
26. प्रश्न: सालिम अली ने अपने जीवन में किन चुनौतियों का सामना किया?
उत्तर:सालिम अली ने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया, जैसे बचपन में पिता का निधन, व्यापारिक काम में मन न लगना और पक्षियों का अध्ययन करने के लिए सुविधाओं का अभाव। इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने शौक और मेहनत को कभी नहीं छोड़ा।
27. प्रश्न: सालिम अली को पक्षियों का अध्ययन करने की प्रेरणा किसने दी?
उत्तर:सालिम अली को पक्षियों के अध्ययन की प्रेरणा सबसे पहले बचपन में गोरिया को देखकर मिली, और बाद में मेला रड ने उन्हें पक्षियों की दुनिया को समझने और उनका अध्ययन करने की दिशा दिखाई।
28. प्रश्न: सालिम अली ने अपने अध्ययन को किस रूप में प्रस्तुत किया?
उत्तर: सालिम अली ने अपने लंबे समय के अवलोकन और शोध को नोटबुक में दर्ज किया, उसे व्यवस्थित किया और फिर इसे पुस्तकें बनाकर वैज्ञानिक समुदाय और आम जनता के सामने प्रस्तुत किया।
29. प्रश्न: सालिम अली के अध्ययन का वैज्ञानिक महत्व क्या है?
उत्तर: सालिम अली के शोध ने पक्षियों के व्यवहार, जीवन शैली और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में वैज्ञानिक ज्ञान प्रदान किया, जिससे यह क्षेत्र विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त हुआ।
30. प्रश्न: सालिम अली की शोध शैली क्या थी?
उत्तर:सालिम अली अपने अध्ययन में पक्षियों का बार-बार अवलोकन करते, उनकी आदतें नोट करते और सभी जानकारियों का वैज्ञानिक विश्लेषण करते थे।
31. प्रश्न: सालिम अली के जीवन में शिक्षा का क्या योगदान था?
उत्तर: सालिम अली की शिक्षा ने उन्हें पक्षियों का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करने और अपने निष्कर्षों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने की योग्यता दी।
32. प्रश्न: सालिम अली ने अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए कौन-कौन से देश देखे?
उत्तर: अपने पक्षियों के अध्ययन और शोध को और अधिक गहरा करने के लिए सालिम अली ने जर्मनी का दौरा किया, जहाँ उन्होंने नई तकनीकें और ज्ञान अर्जित किया।
33. प्रश्न: सालिम अली के शोध का लाभ आज हमें किस रूप में मिलता है?
उत्तर: सालिम अली के शोध से आज हमें पक्षियों की प्रजातियों, उनके व्यवहार और प्राकृतिक आवासों की समझ मिली है, जो संरक्षण और जैविक विविधता के अध्ययन में सहायक है।
34. प्रश्न: सालिम अली ने अपने नोटबुक में किन चीज़ों का विवरण रखा?
उत्तर: सालिम अली ने अपनी नोटबुक में पक्षियों की व्यवहारिक आदतें, उनकी चहचहाहट, खाने की प्रवृत्ति, रहने की जगह और जीवनचर्या का पूरा विवरण दर्ज किया।
35. प्रश्न: सालिम अली ने विज्ञान के प्रति अपनी रुचि कैसे बनाए रखी?
उत्तर: सालिम अली ने विज्ञान में अपनी रुचि बनाए रखने के लिए निरंतर पक्षियों का निरीक्षण किया, विभिन्न स्थानों की यात्रा की और सभी जानकारियों को व्यवस्थित रूप से संग्रहित किया।
36. प्रश्न: सालिम अली के कार्यों का वैश्विक स्तर पर महत्व क्या है?
उत्तर: सालिम अली के कार्यों ने न केवल भारत में बल्कि विश्वभर के वैज्ञानिकों के लिए पक्षियों के अध्ययन का मानक स्थापित किया और शोध का मार्गदर्शन प्रदान किया।
Answer by Mrinmoee