Chapter 21

                                                       محنت سونا سے بہتر ہے (غیر ملکی کہانی )



1. प्रश्न: कहानी “محنت ہونا سے بہتر ہے” का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: 
इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि मेहनत से कमाया हुआ धन और सुख ही स्थायी होता है। जो लोग मेहनत और लगन पर भरोसा करते हैं, वे जीवन में सच्ची सफलता प्राप्त करते हैं, जबकि जो लोग लालच और आसान रास्ता चुनते हैं, उन्हें अंत में पछताना पड़ता है।

2. प्रश्न: कहानी की शुरुआत में यूरोप के लोग दूसरे देशों में क्यों जाया करते थे?
उत्तर: 
कहानी के आरंभ में यह बताया गया है कि पुराने समय के यूरोपवासी दूसरे देशों की यात्रा इस उद्देश्य से किया करते थे कि उन्हें वहाँ से सोना और धन मिल सके। वे जल्दी अमीर बनने की चाह में दूर-दूर तक जाते थे, जिससे उनकी धनलोलुपता और लालच स्पष्ट झलकता है।

3. प्रश्न: چھوٹے بھائی نے بڑے بھائی کو سفر پر چلنے کے لیے کیوں کہا?
उत्तर: 
छोटे भाई ने अपने बड़े भाई को साथ चलने का प्रस्ताव इसलिए दिया ताकि वे दोनों मिलकर सोना प्राप्त करें और जो धन हाथ लगे, उसे समान रूप से बाँट लें। उसका असली मकसद सिर्फ़ अधिक से अधिक धन कमाना और अमीर बनना था।

4. प्रश्न: बड़ा भाई यात्रा पर जाने के विषय में क्या सोचता था?
उत्तर: 
बड़ा भाई स्वभाव से समझदार और दूरदर्शी था। उसने यह विचार किया कि यह सोना पाने की यात्रा अत्यंत कठिन और ख़तरों से भरी हुई है, जिसमें सफलता की आशा बहुत कम है। इसी कारण वह आरंभ में इस यात्रा पर जाने के लिए तैयार नहीं हुआ।

5. प्रश्न: बड़े भाई ने छोटे भाई को क्या समझाया?
उत्तर: 
बड़े भाई ने छोटे भाई को यह समझाने की कोशिश की कि सोना पाने का यह सफर अत्यंत कठिन और अनिश्चित है। इसमें मेहनत से अधिक भाग्य पर निर्भर रहना पड़ता है, और इस तरह के कार्य में सफलता मिलना बहुत मुश्किल होता है।

6. प्रश्न: छोटा भाई क्यों ज़िद पर अड़ा रहा?
उत्तर: 
छोटा भाई अत्यधिक लालच और धन पाने की तीव्र इच्छा के कारण अपनी ज़िद से पीछे नहीं हटा। उसे अपनी अक्लमंदी और किस्मत पर पूरा भरोसा था कि वह ज़रूर बहुत सारा सोना हासिल करेगा और अमीर बन जाएगा।

7. प्रश्न: बड़े भाई ने आखिर में क्या निर्णय लिया?
उत्तर: 
बड़े भाई ने छोटे भाई की ज़िद और आग्रह को देखते हुए यह निश्चय किया कि वह उसके साथ यात्रा पर जाएगा, ताकि उसका मन न टूटे। लेकिन उसने साफ़ कह दिया कि वह केवल साथ रहेगा, सोने या धन में उसका कोई हिस्सा नहीं होगा।

8. प्रश्न: यात्रा के दौरान दोनों भाइयों ने क्या किया?
उत्तर: 
यात्रा के समय छोटा भाई अपने साथियों के साथ सोना खोजने में लग गया, वहीं बड़ा भाई अपने मजदूरों और खेती के औज़ारों के साथ खेती-किसानी में जुट गया।

9. प्रश्न: बड़े भाई ने यात्रा के लिए क्या सामान लिया?
उत्तर: 
बड़े भाई ने अपने साथ खेती करने के औज़ार, बीज, फल और सब्जियाँ रखीं ताकि नए स्थान पर पहुँचकर वह मेहनत से खेती-बाड़ी कर सके और अपना गुज़ारा चला सके।

10. प्रश्न: छोटे भाई ने बड़े भाई की खेती देखकर क्या कहा?
उत्तर: 
छोटे भाई ने बड़े भाई की खेती देखकर उसे ताना मारा और हँसते हुए कहा कि वह अपनी ज़िंदगी खेतों में सब्ज़ियाँ उगाने में बिता देगा, जबकि वह स्वयं सोना जमा कर अमीर बन जाएगा।

11. प्रश्न: छोटे भाई के समूह में कौन-सा व्यक्ति समझदार था?
उत्तर: 
छोटे भाई के साथ एक अनुभवी वृद्ध व्यक्ति था, जिसने उसे समझाने की कोशिश की कि उसका बड़ा भाई सही मार्ग पर है और मेहनत करने वाला व्यक्ति कभी असफल नहीं होता।

12. प्रश्न: सोने की खान तक पहुँचने के बाद क्या हुआ?
उत्तर: 
सोने की खान तक पहुँचने के बाद छोटा भाई और उसके साथी शुरू में बहुत खुश हुए क्योंकि उन्हें सोना मिल गया, लेकिन कुछ ही दिनों में भोजन और पानी की कमी ने उन्हें परेशान कर दिया और उनकी स्थिति दयनीय हो गई।

13. प्रश्न: بھوک और پیاس سے چھوٹے بھائی کا کیا حال ہوا؟
उत्तर: 
भूख और प्यास की तकलीफ़ से छोटा भाई और उसके साथी थककर चूर हो गए, उनके शरीर में शक्ति नहीं बची। कुछ साथी तो रास्ते में ही दम तोड़ बैठे और बाकी लोग बड़ी मुश्किल से जान बचाकर बड़े भाई के पास लौट आए।

14. प्रश्न: چھوٹے بھائی نے بڑے بھائی سے کیا مدد مانگی؟
उत्तर: 
छोटे भाई ने बड़े भाई से विनती की कि वे बहुत संकट में हैं, उनके साथियों के पास न तो भोजन बचा है और न ही पानी, इसलिए वह उनसे अनुरोध करता है कि वे कुछ अन्न और पानी देकर उनकी जान बचा लें।

15. प्रश्न: بڑے بھائی نے چھوٹے بھائی کو کیا جواب دیا؟
उत्तर: 
बड़े भाई ने शांत स्वर में कहा कि जब तुमने मेरी सलाह को महत्व नहीं दिया था, तो अब मेरे परिश्रम के फल पर अधिकार कैसे जता सकते हो। यदि तुम्हें भोजन चाहिए तो उसके बदले में सोना देना होगा, क्योंकि मेहनत की कमाई बिना मूल्य के नहीं मिलती।

16. प्रश्न: بڑے بھائی کے رویے پر چھوٹے بھائی کو کیسا لگا؟
उत्तर: 
बड़े भाई के सख्त और व्यवहारिक जवाब से छोटा भाई भीतर से आहत हुआ। उसे अपने ऊपर शर्म भी आई और गुस्सा भी, परन्तु भूख और लाचारी के कारण उसने चुपचाप सोना देकर भोजन स्वीकार कर लिया।

17. प्रश्न: छोटे भाई ने किस तरह से भोजन प्राप्त किया?
उत्तर:
छोटे भाई और उसके साथियों ने पेट की आग बुझाने के लिए बड़े भाई से हर दिन सोने की एक-एक टोकरी के बदले भोजन लिया। धीरे-धीरे करते उनका सारा सोना समाप्त हो गया और वे खाली हाथ रह गए।

18. प्रश्न: जब सारा सोना खत्म हो गया तो बड़ा भाई ने क्या कहा?
उत्तर: 
जब बड़े भाई को मालूम हुआ कि छोटे भाई और उसके साथियों का सारा सोना खत्म हो गया है, तो उसने शांत स्वर में कहा कि अब सोने की तलाश छोड़ो और अपने घर लौटकर अपने परिवार की सुध लो, यही समझदारी है।

19. प्रश्न: چھوٹے بھائی نے واپسی سے انکار کیوں کیا؟
उत्तर: 
छोटे भाई ने घर लौटने से इंकार करते हुए कहा कि अब उनके पास कुछ भी नहीं बचा, सारा सोना तो भोजन के बदले चला गया। वह सोचने लगा कि खाली हाथ घर जाकर परिवार को क्या मुँह दिखाएगा, इसलिए वह बहुत निराश और लज्जित हुआ।

20. प्रश्न: بڑے بھائی نے چھوٹے بھائی کو آخر میں کیا سکھایا؟
उत्तर: 
बड़े भाई ने अंत में छोटे भाई को यह सीख दी कि सच्चा धन सोना-चाँदी नहीं, बल्कि मेहनत और ईमानदारी से कमाई हुई रोज़ी है। उसने समझाया कि लालच इंसान को विनाश की ओर ले जाता है, जबकि परिश्रम ही जीवन का असली खज़ाना है।

21. प्रश्न: “محنت ہونا سے بہتر ہے” کا مطلب کیا ہے؟
उत्तर: 
इस वाक्य का मतलब यह है कि इंसान के लिए मेहनत सबसे बड़ी दौलत है। सोना तो एक दिन खत्म हो सकता है या चोरी हो सकता है, लेकिन मेहनती व्यक्ति कभी गरीब नहीं होता क्योंकि उसकी मेहनत ही उसे बार-बार सफलता दिला सकती है।

22. प्रश्न: چھوٹے بھائی کو کب اپنی غلطی کا احساس ہوا؟
उत्तर: 
छोटे भाई को तब अपनी गलती का गहरा एहसास हुआ जब उसे समझ में आया कि मेहनत से कमाई गई चीज़ ही स्थायी होती है। उसने देखा कि बड़े भाई के पास धन नहीं था, फिर भी वह सुखी था, जबकि स्वयं के पास सोना होते हुए भी वह दुखी और असहाय था।

23. प्रश्न: بڑے بھائی کی شخصیت کے کون سے اوصاف آپ کو پسند آئے؟
उत्तर: 
बड़े भाई का सबसे अच्छा गुण यह था कि वह समझदार और संयमी था। उसने गुस्सा करने या झगड़ा करने के बजाय अपने छोटे भाई को एक व्यावहारिक उदाहरण के माध्यम से सिखाया कि सच्चा सुख मेहनत में है, न कि लालच में।

24. प्रश्न: چھوٹے بھائی کی شخصیت کے کیا عیب تھے؟
उत्तर: 
छोटे भाई का सबसे बड़ा दोष उसका लालच और अधैर्य था। वह बिना सोच-विचार किए सिर्फ़ धन पाने की इच्छा में अंधा हो गया था और उसे मेहनत का महत्व समझ में नहीं आया, यही उसकी सबसे बड़ी भूल थी।

25. प्रश्न: کہانی سے کیا سبق ملتا ہے؟
उत्तर: 
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि सच्ची सफलता और सुख केवल मेहनत से ही मिलते हैं। जो व्यक्ति लालच में पड़कर आसान रास्ता चुनता है, वह अंत में पछताता है, जबकि मेहनती व्यक्ति हमेशा सम्मान और सुख पाता है।

26. प्रश्न: بڑے بھائی کی کھیتی سے کیا ظاہر ہوتا ہے؟
उत्तर: 
बड़े भाई की खेती यह दर्शाती है कि वह आत्मनिर्भर और परिश्रमी व्यक्ति था, जो अपनी मेहनत से जीवन यापन करना जानता था। उसकी खेती उसकी बुद्धिमत्ता, धैर्य और दूरदर्शिता का परिचायक थी।

27. प्रश्न: چھوٹے بھائی کی ضد کا انجام کیا ہوا؟
उत्तर: 
छोटे भाई की ज़िद और लालच का नतीजा यह हुआ कि वह कष्ट, भूख और अपमान का शिकार बना। अंत में उसे यह एहसास हुआ कि बिना मेहनत के कमाया गया धन टिक नहीं सकता और सच्चा सुख केवल परिश्रम में है।

28. प्रश्न: کہانی کے آخر میں چھوٹے بھائی نے کیا کیا؟
उत्तर: 
कहानी के अंत में छोटे भाई ने कृतज्ञता से अपने बड़े भाई को आधा सोना देने की कोशिश की, लेकिन बड़े भाई ने विनम्रता से मना कर दिया और उसे समझाया कि मेहनत की कमाई ही सच्ची दौलत होती है, न कि सोना।

29. प्रश्न: محنت اور لالچ میں کیا فرق ہے؟
उत्तर: 
मेहनत इंसान को आत्मनिर्भर और सम्मानित बनाती है, जबकि लालच व्यक्ति को पतन और अपमान की ओर ले जाती है। मेहनत से मिली सफलता टिकाऊ होती है, पर लालच से पाया धन शीघ्र नष्ट हो जाता है।

30. प्रश्न: دور اندیشی کیا ہوتی ہے؟
उत्तर: 
दूरदर्शिता वह गुण है जिसमें व्यक्ति भविष्य की परिस्थितियों को पहले से सोचकर सही निर्णय लेता है। बड़े भाई ने اسی سمجھداری سے اپنے چھوٹے بھائی کو سبق سکھایا۔

31. प्रश्न: کہانی میں بزرگ شخص کا کردار کیا ہے؟
उत्तर: 
कहानी में बुज़ुर्ग व्यक्ति का کردار एक सलाहकार और मार्गदर्शक का है। उसने छोटे भाई को चेताया कि उसका बड़ा भाई समझदार है और उसकी मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी, पर छोटा भाई उसकी बात नहीं मानता।

32. प्रश्न: سونا چھوٹے بھائی کے لئے مصیبت کیسے بنا؟
उत्तर: 
सोना छोटे भाई के लिए वरदान नहीं, अभिशाप बन गया। उसे सोना तो मिला, लेकिन उसी के लालच में वह भूख और प्यास से तड़पने लगा और अंत में सब कुछ खो बैठा।

33. प्रश्न: بڑے بھائی کے روکھے جواب کا مقصد کیا تھا؟
उत्तर: 
बड़े भाई के रूखे जवाब का असली مقصد अपने छोटे भाई کو ایک سبق سکھانا था — کہ محنت سے کمائی ہوئی چیز ہی اصل دولت ہوتی ہے، بغیر محنت کے حاصل مال کبھی قائم نہیں رہتا۔

34. प्रश्न: کہانی میں اخلاقی سبق کیا ہے؟
उत्तर: 
इस कहानी کا اخلاقی سبق یہ ہے کہ انسان کو ہمیشہ محنت پر بھروسہ کرنا چاہیے، کیونکہ محنت سے حاصل دولت پائیدار ہوتی ہے، جبکہ لالچ انسان کو بربادی کی طرف لے جاتا ہے۔

35. प्रश्न: کہانی کا عنوان “محنت ہونا سے بہتر ہے” کیوں مناسب ہے؟
उत्तर: 
कहानी का शीर्षक “محنت ہونا سے بہتر ہے” बिल्कुल उचित है, क्योंकि पूरी कहानी इसी विचार पर आधारित है कि सोना एक दिन समाप्त हो सकता है, लेकिन मेहनत करने की आदत हमेशा साथ रहती है और मनुष्य को सच्ची सफलता दिलाती है।

36. प्रश्न: بڑے بھائی نے اپنی کمائی کو کیا کہ؟

उत्तर: बड़े भाई ने कहा कि उसकी मेहनत की कमाई उसकी सबसे बड़ी पूँजी है। उसने स्पष्ट कहा कि मेहनत से अर्जित वस्तु का मूल्य होता है, इसलिए वह उसे बिना मेहनत के किसी को नहीं देगा।

37. प्रश्न: چھوٹے بھائی کی سونے کے لالچ نے اس کو کیا سبق دیا؟
उत्तर: 
छोटे भाई का सोने के लिए लालच उसे यह सबक सिखा गया कि लालच इंसान को नुकसान और कष्ट की ओर ले जाता है, जबकि मेहनत और ईमानदारी से कमाया गया धन स्थायी सुख और सम्मान देता है।

38. प्रश्न: دونوں بھائیوں کے نظریے میں کیا فرق تھا؟
उत्तर: 
दोनों भाइयों के दृष्टिकोण में स्पष्ट अंतर था। बड़ा भाई मेहनत और धैर्य में विश्वास करता था, जबकि छोटा भाई केवल भाग्य और सोने की लालच पर भरोसा करता था। अंत में यह साबित हुआ कि बड़ा भाई ही सही सोच रखने वाला था।

39. प्रश्न: بڑے بھائی نے سارا سونا واپس کیوں دیا؟
उत्तर: 
बड़े भाई ने सारा सोना वापस इसलिए दिया ताकि छोटे भाई को उसकी गलती का एहसास हो सके और वह समझे कि मेहनत से अर्जित चीज़ ही असली मूल्यवान होती है, जबकि बिना मेहनत की दौलत स्थायी नहीं रहती।

40. प्रश्न: کہانی کا مرکزی خیال لکھئے۔
उत्तर: 
इस कहानी का मुख्य विचार यह है कि मेहनत ही असली सफलता और सुख की कुंजी है, जबकि लालच केवल कष्ट और हानि लेकर आता है। इंसान को हमेशा मेहनत और ईमानदारी पर भरोसा रखना चाहिए।


Answer by Mrinmoee