Chapter 10
तीन बुद्धिमान
1. “तीन बुद्धिमान” पाठ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर:इस पाठ का मुख्य उद्देश्य बुद्धि, सूझ-बूझ और तर्कशक्ति का महत्व बताना है। पाठ में गोपी, हरि और देव बिना ऊँट को देखे ही उसके पैरों के निशान और अन्य संकेतों के आधार पर उसकी विशेषताएँ बता देते हैं। यह दिखाता है कि विवेकपूर्ण दृष्टि और निरीक्षण से किसी भी समस्या का समाधान किया जा सकता है।
2. गोपी, हरि और देव किस गाँव के निवासी थे और वे क्यों जा रहे थे?
उत्तर: वे नगदहा गाँव के निवासी थे। वे काम की तलाश में जयपुर नगर जा रहे थे।
3. नाटक में राजदरबार का क्या महत्व है?
उत्तर: राजदरबार वह स्थान है जहाँ राजा अपने राज्य के मामलों का निर्णय करते हैं। यहाँ लोग राजा से न्याय, नौकरी या समस्या का समाधान मांग सकते हैं। पाठ में व्यापारी और तीनों मित्र इसी दरबार में जाते हैं।
4. तीनों मित्रों ने ऊँट के बारे में क्या-क्या बातें बताईं?
उत्तर: हरि ने कहा कि ऊँट एक पैर से लँगड़ा है।
गोपी ने बताया कि ऊँट दाई आँख से अंधा है क्योंकि उसने केवल बाईं ओर के पत्ते खाए।
देव ने कहा कि ऊँट की पूँछ छोटी है क्योंकि घाव के कारण वह मक्खियों को नहीं भगा पा रहा था।
5. तीनों मित्रों ने यह बातें कैसे पता कीं?
उत्तर: वे ऊँट को देखे बिना उसके पैरों के निशान, खाए हुए पत्ते और रक्त की बूँदों के निरीक्षण से निष्कर्ष पर पहुँचे।
6. राजा ने तीनों मित्रों को क्या पुरस्कार दिया?
उत्तर: राजा ने उन्हें मंत्री पद पर नियुक्त किया और उनकी बुद्धिमत्ता की प्रशंसा की।
7. व्यापारी ने तीनों मित्रों को राजदरबार क्यों ले जाया?
उत्तर: व्यापारी ने विश्वास नहीं किया कि तीनों ने ऊँट को देखा बिना उसकी सारी विशेषताएँ पता की। उसने सोचा कि उन्होंने ऊँट चुरा लिया होगा। इसलिए वह राजा के पास न्याय के लिए गया।
8. गोपी ने ऊँट के बारे में क्या देखा?
उत्तर: गोपी ने देखा कि ऊँट ने केवल बाईं ओर लगे पेड़ों के पत्ते खाए थे। इससे उसने निष्कर्ष निकाला कि ऊँट दाई आँख से अंधा है।
9. हरि ने ऊँट के बारे में क्या निष्कर्ष निकाला?
उत्तर: हरि ने पैरों के निशान देखकर कहा कि ऊँट एक पैर से लँगड़ा है।
10. देव ने पूँछ के छोटे होने के बारे में कैसे निष्कर्ष निकाला?
उत्तर: देव ने पैरों के पास रक्त की बूँदें देखीं और अंदाज लगाया कि ऊँट की पूँछ छोटी है क्योंकि वह मक्खियों को भगा नहीं पा रहा था।
11. तीनों मित्र ऊँट को देखे बिना जानकारी कैसे प्राप्त कर पाए?
उत्तर: वे पैरों के निशान, खाए हुए पत्ते और रक्त की बूँदों का निरीक्षण करके समझदारी से निष्कर्ष निकाले।
12. “घबराओ मत, हम तीनों जयपुर के राजा के पास जाएँगे।” किसने और किससे कहा?
उत्तर: देव ने गोपी और हरि से कहा।
13. “क्या आपका ऊँट एक पाँव से लँगड़ा है?” किसने और किससे कहा?
उत्तर: हरि ने व्यापारी से कहा।
14. “हम निर्दोष हैं इसलिए हमें कोई चिंता नहीं।” किसने और किससे कहा?
उत्तर: हरि ने व्यापारी से कहा।
15. “यह व्यापारी कहता है कि इन तीनों यात्रियों ने रास्ते में इसका ऊँट चुरा लिया।” किसने और किससे कहा?
उत्तर: सिपाही ने राजा से कहा।
16. “उसने दाईं ओर लगे पत्तों को छुआ तक नहीं।” किसने और किससे कहा?
उत्तर: गोपी ने राजा से कहा।
17. तीनों मित्रों ने पैरों के निशान का निरीक्षण क्यों किया?
उत्तर: ताकि ऊँट की विशेषताएँ जान सकें और यह साबित कर सकें कि उन्होंने ऊँट नहीं चुराया।
18. व्यापारी का मूड जब ऊँट नहीं मिलता था, कैसा था?
उत्तर: व्यापारी चिंतित और परेशान था।
19. राजा ने तीनों मित्रों की बुद्धिमत्ता पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: राजा ने उन्हें बहुत बुद्धिमान माना और मंत्री पद पर नियुक्त किया।
20. गोपी ने ऊँट की आँखों के बारे में क्या देखा?
उत्तर: गोपी ने देखा कि ऊँट दाई आँख से अंधा है क्योंकि उसने दाईं ओर के पत्ते नहीं खाए।
21. हरि ने पैरों के निशान देखकर क्या निष्कर्ष निकाला?
उत्तर: ऊँट एक पैर से लँगड़ा है।
22. देव ने खून की बूँदों के आधार पर क्या निष्कर्ष निकाला?
उत्तर: ऊँट के पैर में घाव है और पूँछ छोटी है।
23. पाठ में पैरों के निशान और खाए हुए पत्तों का महत्व क्या है?
उत्तर: ये संकेत ऊँट की विशेषताओं को समझने में मदद करते हैं।
24. व्यापारी ने तीनों को देखकर क्या सोचा?
उत्तर: व्यापारी ने सोचा कि तीनों ने ऊँट चुरा लिया है।
25. तीनों मित्रों ने व्यापारी के प्रति क्या रवैया अपनाया?
उत्तर: वे शांत और साहसी बने रहे और सत्य को साबित करने के लिए दरबार गए।
26. पाठ में राजा का व्यवहार कैसे था?
उत्तर: राजा न्यायप्रिय, बुद्धिमान और प्रसन्न दिखाए गए हैं।
27. पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: बुद्धि, निरीक्षण और सूझ-बूझ से समस्याओं को हल किया जा सकता है।
28. पाठ में तीनों मित्रों की दोस्ती का महत्व क्या है?
उत्तर: वे एक-दूसरे की मदद करते हैं और मिलकर समस्या हल करते हैं।
29. पाठ में व्यापारी और ऊँट की भूमिका क्या है?
उत्तर: व्यापारी कथा में चुनौती पैदा करता है और ऊँट उन संकेतों का स्रोत है जिनसे बुद्धि दिखाई जाती है।
30. तीनों मित्रों ने राजमहल तक जाने का निर्णय क्यों लिया?
उत्तर: क्योंकि उन्हें अपनी निर्दोषता साबित करनी थी।
31. पाठ में राजा ने तीनों मित्रों की प्रशंसा क्यों की?
उत्तर: क्योंकि उन्होंने बिना ऊँट देखे ही उसकी विशेषताएँ सही-सही बताईं।
32. पाठ में “न्याय” का क्या संदेश है?
उत्तर: सत्य और बुद्धि के आधार पर हमेशा सही निर्णय लिया जाता है।
33. पाठ में निरीक्षण की कौन-कौन सी तकनीक दिखाई गई?
उत्तर: पैरों के निशान, खाए हुए पत्ते और खून की बूँदों का अध्ययन।
34. व्यापारी को विश्वास क्यों नहीं हुआ कि तीनों निर्दोष हैं?
उत्तर: क्योंकि यह असंभव लगता था कि कोई ऊँट को देखे बिना उसकी सारी विशेषताएँ जान सके।
35. पाठ में तीनों मित्रों ने राजा से क्या आशा की?
उत्तर: उनकी आशा थी कि राजा उनकी बुद्धिमत्ता को समझेंगे और उन्हें न्याय देंगे।
36. पाठ में तीनों मित्रों की बुद्धिमत्ता का उदाहरण कहाँ दिखाया गया?
उत्तर: ऊँट के पैरों के निशान, खाए हुए पत्ते और रक्त की बूँदों के निरीक्षण में।
37. पाठ में सबसे रोचक घटना क्या है?
उत्तर: ऊँट को देखे बिना उसकी सभी विशेषताएँ बताना सबसे रोचक घटना है।
38. पाठ में तीनों मित्रों की सूझ-बूझ से क्या साबित होता है?
उत्तर: कि तर्क, बुद्धि और निरीक्षण से सत्य को समझा जा सकता है।
39. पाठ का संदेश बच्चों के लिए क्या है?
उत्तर: सावधानीपूर्वक निरीक्षण और बुद्धिमत्ता का उपयोग करना चाहिए।
40. पाठ से हमें जीवन में क्या सीख मिलती है?
उत्तर: कि धैर्य, तर्क और सही जानकारी से कठिन समस्याएँ भी हल की जा सकती हैं।
Answer by Mrinmoee