Chapter 21
बरगद का पेड़
1. यह कहानी किस समय की है और उस समय की क्या विशेषता थी?
उत्तर: यह कहानी बहुत पुराने समय की है। उस समय जानवर, पेड़ और मनुष्य आपस में बातचीत कर सकते थे। प्रकृति और इंसान के बीच गहरा संबंध था और सभी एक-दूसरे की भाषा समझते थे।
2. गाँव के पास बरगद का पेड़ कहाँ स्थित था और वह कैसा था?
उत्तर: गाँव के पास हरे-भरे मैदान में बरगद का पेड़ था। वह बहुत विशाल, मजबूत और घना पेड़ था, जिसकी छाया में लोग आराम किया करते थे।
3. बरगद के पत्तों की क्या विशेषता बताई गई है?
उत्तर: बरगद के पत्ते बहुत मोटे और घने थे। उनकी घनता इतनी अधिक थी कि उनके बीच से सूर्य की एक भी किरण नहीं निकल पाती थी।
4. लोग बरगद के पेड़ के नीचे क्यों रुकते थे?
उत्तर: लोग गर्मी की तेज धूप से बचने के लिए बरगद के पेड़ की छाया में रुकते थे, वहाँ आराम करते थे और कभी-कभी पेड़ से बातचीत भी करते थे।
5. शंकर कौन था और वह पेड़ के नीचे क्यों बैठा?
उत्तर: शंकर एक गड़ेरिया बालक था। वह दिन भर धूप में भेड़ें चराने के कारण थक गया था, इसलिए आराम करने के लिए बरगद के पेड़ के नीचे बैठा।
6. शंकर को नींद क्यों आने लगी?
उत्तर: दिन भर की मेहनत, थकान और बरगद के पेड़ के नीचे चल रही ठंडी हवा के झोंकों के कारण शंकर को नींद आने लगी।
7. शंकर को किस बात पर आश्चर्य हुआ?
उत्तर: शंकर को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि इतने बड़े और विशाल पेड़ के फूल और फल बहुत छोटे-छोटे थे।
8. शंकर ने बरगद के फलों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: शंकर ने तिरस्कार से कहा कि इतने बड़े पेड़ के फल इतने छोटे क्यों हैं और इस बात पर वह हँसने लगा।
9. शंकर की बात सुनकर बरगद के पेड़ ने क्या किया?
उत्तर: बरगद का पेड़ चुपचाप रहा और अपने पत्तों को हिलाकर हवा की मधुर लोरी बजाने लगा, जिससे शंकर को नींद आ गई।
10. शंकर के माथे पर क्या गिरा और उसका प्रभाव क्या हुआ?
उत्तर: एक छोटा-सा फल शंकर के माथे के बीच आकर गिरा, जिससे वह झटके से उठ गया और बड़बड़ाने लगा।
11. बरगद के पेड़ ने शंकर से क्या प्रश्न किया?
उत्तर: बरगद के पेड़ ने हँसते हुए पूछा कि उसे चोट तो नहीं लगी।
12. बरगद ने नारियल का उदाहरण क्यों दिया?
उत्तर: बरगद ने समझाने के लिए कहा कि यदि उसका फल नारियल जितना बड़ा होता और सिर पर गिरता, तो शंकर को गंभीर चोट लग सकती थी।
13. शंकर इस बात को सुनकर क्यों चुप हो गया?
उत्तर: शंकर को एहसास हुआ कि उसने बिना सोचे-समझे हँसी उड़ाई थी और पेड़ की बात सही थी।
14. बरगद ने शंकर को सबसे पहली सीख क्या दी?
उत्तर: बरगद ने शंकर को सिखाया कि उसे अपने आसपास की सभी चीज़ों से दोस्ती करनी चाहिए, क्योंकि सभी एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
15. मधुमक्खियों का बरगद के पेड़ से क्या संबंध है?
उत्तर: मधुमक्खियाँ बरगद के फूलों में परागण करती हैं, जिससे फूल फल में बदलते हैं। इस प्रकार वे पेड़ की मदद करती हैं।
16. चिड़ियाँ बरगद के लिए कैसे उपयोगी हैं?
उत्तर: चिड़ियाँ बरगद के पत्तों में घोंसले बनाती हैं और कीड़े-इल्लियाँ खाकर पेड़ को नुकसान से बचाती हैं।
17. चिड़ियाँ किन कामों के लिए मेहनत करती हैं?
उत्तर: चिड़ियाँ दिन भर मेहनत करके अपने बच्चों के लिए कीड़े-इल्लियाँ ढूँढ़ती हैं।
18. चिड़ियों से शंकर की भेड़ों को क्या लाभ मिलता है?
उत्तर: चिड़ियाँ कीड़ों को खाकर नियंत्रित करती हैं, जिससे घास और पत्ते सुरक्षित रहते हैं और भेड़ों को पर्याप्त चारा मिलता है।
19. पत्तियों के सड़ने से क्या होता है?
उत्तर: पत्तियाँ सड़कर खाद बन जाती हैं, जिससे मिट्टी उपजाऊ होती है।
20. केंचुए मिट्टी में क्या भूमिका निभाते हैं?
उत्तर: केंचुए सड़ी पत्तियाँ खाते हैं और मिट्टी में सुराख बनाते हैं।
21. केंचुओं के सुराख मिट्टी के लिए क्यों जरूरी हैं?
उत्तर: इन सुराखों से मिट्टी में हवा पहुँचती है, जिससे जड़ें मजबूत होती हैं।
22. मजबूत जड़ों से पेड़ को क्या लाभ होता है?
उत्तर: मजबूत जड़ों के कारण पेड़ स्थिर, स्वस्थ और मजबूत बना रहता है।
23. बरगद का पेड़ स्वयं को मजबूत कैसे बताता है?
उत्तर: वह बताता है कि जड़ें मजबूत होने से पूरा पेड़ मजबूत हो जाता है।
24. शंकर को कब पूरी बात समझ में आई?
उत्तर: जब बरगद ने सभी जीवों के आपसी संबंध समझाए, तब शंकर को पूरी बात समझ में आई।
25. शंकर ने बरगद से क्या कहा?
उत्तर: शंकर ने बरगद से माफी माँगी कि उसने बिना समझे उस पर हँसी उड़ाई।
26. बरगद ने शंकर की माफी पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: बरगद ने सहजता से माफी स्वीकार कर ली और उसे भेड़ें घर ले जाने को कहा।
27. शंकर घर जाते समय क्या सोच रहा था?
उत्तर: शंकर सोच रहा था कि वास्तव में सभी जीव एक-दूसरे पर निर्भर हैं।
28. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: कहानी हमें आपसी सहयोग, मित्रता और प्रकृति के महत्व का संदेश देती है।
29. कहानी में प्रकृति को कैसे दर्शाया गया है?
उत्तर: प्रकृति को सजीव, समझदार और मार्गदर्शक के रूप में दिखाया गया है।
30. बरगद का पेड़ किस प्रकार शिक्षक की भूमिका निभाता है?
उत्तर: वह शंकर को जीवन की महत्वपूर्ण सीख देकर उसका मार्गदर्शन करता है।
31. शंकर की कौन-सी गलती कहानी में दिखाई गई है?
उत्तर: शंकर ने बिना समझे बरगद के फलों का मजाक उड़ाया।
32. कहानी में विनम्रता का उदाहरण कहाँ मिलता है?
उत्तर: शंकर द्वारा बरगद से माफी माँगना विनम्रता का उदाहरण है।
33. बरगद का पेड़ चिड़ियों को मित्र क्यों कहता है?
उत्तर: क्योंकि चिड़ियाँ पेड़ की रक्षा करती हैं और संतुलन बनाए रखती हैं।
34. कहानी पर्यावरण संरक्षण का संदेश कैसे देती है?
उत्तर: यह बताती है कि हर जीव पर्यावरण के संतुलन के लिए आवश्यक है।
35. बरगद के पेड़ से मनुष्य को क्या सीख मिलती है?
उत्तर: मनुष्य को प्रकृति से प्रेम और सम्मान करना सीखना चाहिए।
36. शंकर के व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर: वह पहले मजाक उड़ाने वाला था, बाद में समझदार और विनम्र बन गया।
37. कहानी में सहयोग का भाव कैसे दिखाया गया है?
उत्तर: मधुमक्खी, चिड़िया, केंचुआ और पेड़ एक-दूसरे की मदद करते हैं।
38. बरगद के पेड़ का व्यक्तित्व कैसा है?
उत्तर: वह शांत, बुद्धिमान और सहनशील है।
39. कहानी बच्चों को क्या नैतिक शिक्षा देती है?
उत्तर: किसी का मजाक उड़ाने से पहले सोचना चाहिए और सभी का सम्मान करना चाहिए।
40. “हम सब एक-दूसरे के बिना जिंदा नहीं रह सकते” कथन कैसे सही सिद्ध होता है?
उत्तर: कहानी में दिखाया गया है कि पेड़, चिड़ियाँ, कीड़े, केंचुए और मनुष्य सभी एक-दूसरे पर निर्भर हैं, इसलिए यह कथन पूर्णतः सत्य है।
Answer by Mrinmoee