Chapter 5
घाघ भड्डरी
1. “उत्तर चमके बीजुरी, पूरब बहती बाउ” का क्या अर्थ है?
उत्तर: जब उत्तर दिशा में बिजली चमकती है और पूरब से हवा चलती है, तो घाघ भड्डरी कहते हैं कि बैलों को घर के अंदर ले आओ क्योंकि वर्षा अवश्य होगी।
2. घाघ भड्डरी किस प्राकृतिक घटना की चेतावनी देते हैं?
उत्तर: यह वर्षा, तूफान और मौसम में होने वाले बदलाव के संकेत देते हैं।
3. “औआ बौआ बहै बतास” का क्या संकेत है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि हवा अनिश्चित दिशाओं में चल रही है, और यह बारिश आने का संकेत है।
4. अगर आकाश लाल पीला हो गया है, तो घाघ भड्डरी क्या बताते हैं?
उत्तर: आकाश लाल पीला होने पर वर्षा की संभावना नहीं होती।
5. रात निबद्दर और दिन को छाया होने पर क्या अर्थ निकलता है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि वर्षा समाप्त हो चुकी है।
6. उल्टे गिरगिट ऊँचे चढ़ने का क्या संकेत है?
उत्तर: गिरगिट जब उल्टा होकर ऊपर की ओर चढ़े तो वर्षा होने की संभावना होती है और पृथ्वी पर जल बढ़ने लगता है।
7. वर्षा का महीनों से पैदावार पर क्या असर होता है?
उत्तर: अगहन में वर्षा से फसल अच्छी होती है, पूस में वर्षा से दूनी फसल, माघ में सवाई पैदावार होती है और फागुन में वर्षा से बीज नहीं मिलता।
8. घाघ भड्डरी का ज्ञान किस आधार पर होता है?
उत्तर: उनका ज्ञान प्राकृतिक संकेतों जैसे हवा की दिशा, आकाश का रंग, जानवरों के व्यवहार और अन्य पारंपरिक अनुभवों पर आधारित होता है।
9. गांव के लोग घाघ भड्डरी के बताए संकेतों को क्यों मानते हैं?
उत्तर: क्योंकि यह लंबे समय से परंपरा में चला आ रहा है और इनके अनुमान अक्सर सही साबित होते हैं।
10. किस प्रकार की हवा आने पर बारिश की संभावना बढ़ जाती है?
उत्तर: अनिश्चित दिशा से तेज या मंद हवाएँ चलने पर बारिश की संभावना होती है।
11. अगहन महीने में वर्षा होने का क्या लाभ होता है?
उत्तर: अगहन में वर्षा होने से फसल अच्छी होती है और किसानों को अच्छा उत्पादन मिलता है।
12. पूस महीने में वर्षा होने पर पैदावार कैसी होगी?
उत्तर: पूस में वर्षा होने पर फसल दूनी (अधिक) होती है।
13. माघ महीने में वर्षा का परिणाम क्या होता है?
उत्तर: माघ में वर्षा होने पर सवाई (अधिकार फसल) होती है।
14. फागुन महीने में वर्षा का क्या नुकसान होता है?
उत्तर: फागुन में वर्षा होने पर बीज नहीं मिलता, इसलिए फसल खराब हो सकती है।
15. वर्षा का समय फसल की गुणवत्ता पर कैसे प्रभाव डालता है?
उत्तर: समय पर वर्षा होने पर फसल अच्छी होती है और देर से या अनियमित वर्षा होने पर फसल खराब हो सकती है।
16. घाघ भड्डरी के अनुसार किस संकेत से किसान अपने बैलों की सुरक्षा करता है?
उत्तर: जब उत्तर दिशा में बिजली चमकती है और पूरब से हवा चलती है, तो बैलों को घर के अंदर ले लिया जाता है।
17. प्राकृतिक संकेतों में जानवरों का क्या योगदान होता है?
उत्तर: जानवरों के व्यवहार, जैसे गिरगिट का चढ़ना या पक्षियों का उड़ना, मौसम की जानकारी देने में मदद करता है।
18. घाघ भड्डरी किस जानवर के व्यवहार को देखकर वर्षा का अनुमान लगाते हैं?
उत्तर: गिरगिट, पक्षी और अन्य जानवरों के व्यवहार के आधार पर।
19. गिरगिट के उल्टा चढ़ने का संकेत क्या होता है?
उत्तर: यह वर्षा होने का संकेत है।
20. आकाश का लाल पीला रंग किस चीज़ का संकेत देता है?
उत्तर: यह वर्षा की अनुपस्थिति का संकेत देता है।
21. घाघ भड्डरी के ज्ञान का स्रोत क्या है?
उत्तर: यह ज्ञान पीढ़ी-दर-पीढ़ी अनुभव और प्राकृतिक अवलोकन से आता है।
22. क्यों कहा गया कि हवा अनिश्चित दिशा से चल रही है तो बरखा होगी?
उत्तर: अनिश्चित दिशाओं से हवा चलने का अर्थ है मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना बढ़ना।
23. लाल पीला आकाश देखकर किसान क्या निर्णय लेता है?
उत्तर: वह वर्षा की उम्मीद छोड़ देता है और फसल की रक्षा के अन्य उपाय करता है।
24. घाघ भड्डरी की भूमिका गांव में क्यों महत्वपूर्ण होती है?
उत्तर: किसान, पशु पालक और गाँव के लोग उनके संकेतों के आधार पर कार्य तय करते हैं, जिससे नुकसान कम होता है।
25. क्या यह ज्ञान विज्ञान पर आधारित है या अनुभव पर?
उत्तर: यह पारंपरिक अनुभव और प्राकृतिक संकेतों पर आधारित है, जिसे विज्ञान से जोड़कर समझा जा सकता है।
26. “घाघ कहै सुन भड्डरी” का भावार्थ क्या है?
उत्तर: इसका अर्थ है कि मौसम में बदलाव का संकेत सुनो और जरूरी तैयारी करो।
27. “तब होवे बरखा के आस” में “बरखा” किसका संकेत है?
उत्तर: बरखा यहाँ वर्षा या बारिश का संकेत है।
28. घाघ भड्डरी के अनुसार किस मौसम में अनिश्चित हवाएँ चलती हैं?
उत्तर: वर्षा ऋतु में कभी-कभी इधर-उधर, तेज या मंद हवा चलती है।
29. किसान बरखा के संकेत जानकर क्या करता है?
उत्तर: वह अपने पशु और फसल की सुरक्षा करता है।
30. गाँव में वर्षा की जानकारी किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह फसल की तैयारी, बुवाई और कटाई के समय तय करने में मदद करती है।
31. घाघ भड्डरी की बातों से आधुनिक किसान क्या सीख सकता है?
उत्तर: प्राकृतिक संकेतों से मौसम का अनुमान और कृषि की योजना बनाई जा सकती है।
32. बारिश आने से पहले कौन-कौन से उपाय किए जाते हैं?
उत्तर: बैलों को घर में लाना, फसल की सुरक्षा करना और खेत की तैयारी करना।
33. गिरगिट के व्यवहार से मौसम का अनुमान कैसे लगाया जाता है?
उत्तर: गिरगिट का उल्टा ऊपर चढ़ना बारिश की संभावना दिखाता है।
34. लाल पीले आकाश की चेतावनी से किसान क्या करता है?
उत्तर: वह फसल की रक्षा और जल प्रबंधन के लिए अन्य उपाय करता है।
35. “रात निबद्दर, दिन को छाया” का व्यावहारिक अर्थ क्या है?
उत्तर: यह बताता है कि अब वर्षा समाप्त हो चुकी है और मौसम साफ है।
36. यदि घाघ भड्डरी की जानकारी गलत हो जाए तो क्या असर होगा?
उत्तर: किसानों और पशुपालकों को नुकसान हो सकता है, जैसे फसल खराब होना या बैल बाहर रह जाना।
37. आप घाघ भड्डरी की जगह होते तो मौसम का अनुमान कैसे लगाते?
उत्तर: हवा की दिशा, पशुओं और पक्षियों के व्यवहार, आकाश के रंग और अन्य प्राकृतिक संकेतों के आधार पर।
38. क्यों कहा गया कि पूस में वर्षा होने से फसल दूनी होती है?
उत्तर: क्योंकि पूस में वर्षा की मात्रा और समय के कारण अधिक उत्पादन होता है।
39. फागुन में वर्षा क्यों हानिकारक होती है?
उत्तर: इस समय वर्षा होने से बीज नहीं मिलता और फसल की गुणवत्ता खराब हो जाती है।
40. इस पाठ से आपने क्या सीख ली?
उत्तर: प्राकृतिक संकेतों को समझकर मौसम का अनुमान लगाया जा सकता है और खेती, पशुपालन व जीवन की योजना बनाई जा सकती है।
Answer by Mrinmoee