Chapter 12
मान गए लोहा
प्रश्न:1 पक्षियों को ध्यान से देखना और उनका अवलोकन करना क्यों दिलचस्प अनुभव है?
उत्तर: पक्षियों को ध्यान से देखना और उनका अवलोकन करना दिलचस्प इसलिए है क्योंकि हमें उनके आकार, रंग-रूप, बोली, आदतें और भोजन आदि के बारे में बहुत कुछ जानने को मिलता है।
प्रश्न:2 पक्षियों के बारे में जानकारी एकत्र करने वाले शौक को क्या कहते हैं?
उत्तर: पक्षियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और उनका अवलोकन करने वाले शौक को ‘बर्ड वाचिंग’ कहते हैं।
प्रश्न:3 बर्ड वाचिंग के लिए किस प्रकार की डायरी या कॉपी बनाई जा सकती है?
उत्तर: बर्ड वाचिंग के लिए एक अलग डायरी या कॉपी बनाई जा सकती है, जिसमें हर पक्षी के लिए एक अलग पन्ना रखा जाता है।
प्रश्न:4 डायरी में पक्षी का नाम कहाँ लिखा जाता है?
उत्तर: पन्ने पर सबसे ऊपर पक्षी का नाम लिखा जाता है।
प्रश्न:5 यदि संभव हो तो पक्षी का चित्र डायरी में क्यों लगाया जाता है?
उत्तर: चित्र लगाने से पक्षी की पहचान और विशेषताओं को आसानी से समझा जा सकता है। यदि चित्र नहीं मिल सके तो खुद बनाना चाहिए।
प्रश्न:6 पक्षियों के अवलोकन के लिए लंबाई की जानकारी कैसे लिखी जा सकती है?
उत्तर: पक्षी की लंबाई की तुलना किसी परिचित पक्षी जैसे गौरैया या कौए से की जा सकती है।
प्रश्न:7 पक्षी के रंग का अवलोकन किस प्रकार करना चाहिए?
उत्तर: यह देखना चाहिए कि शरीर का रंग एकसमान है या धब्बेदार, चित्तियों वाला, और क्या पूँछ पर चित्तियाँ हैं।
प्रश्न:8 चोंच की पहचान कैसे की जाती है?
उत्तर: चोंच लंबी, छोटी, नुकीली या मुड़ी हुई हो सकती है, इसे देखकर पक्षी की पहचान आसान होती है।
प्रश्न:9 पूँछ का अवलोकन कैसे किया जाता है?
उत्तर: पूँछ की लंबाई, सिरा का आकार (नुकीला, गोलाकार या चौकोर) और हिलाने या नीचे रखने की आदत देखी जाती है।
प्रश्न:10 पंखों का अवलोकन किस प्रकार किया जाता है?
उत्तर: पंख गोलाकार हैं या नुकीले, इसके लिए उड़ते हुए पक्षियों को देखना जरूरी होता है। संभव हो तो फैले पंखों का चित्र भी बनाएं।
प्रश्न:11 पक्षी की आवाज को क्यों सुनना आवश्यक है?
उत्तर: आवाज सुनकर हम पक्षी को जल्दी पहचान सकते हैं। नकल करने की कोशिश भी पहचान में मदद करती है।
प्रश्न:12 पक्षी का आवास कैसे ज्ञात किया जा सकता है?
उत्तर: यह देखा जाता है कि पक्षी अक्सर कहाँ दिखाई देता है—खेत, पानी के पास, पेड़, झाड़ी या बिजली के तारों पर।
प्रश्न:13 पक्षी का भोजन किस प्रकार नोट किया जाता है?
उत्तर: पक्षी क्या खाता है—कीड़े-मकोड़े, अनाज, फल या मांस—इसे डायरी में लिखा जाता है।
प्रश्न:14 पक्षी का मौसम का अवलोकन क्यों किया जाता है?
उत्तर: यह देखा जाता है कि पक्षी अक्सर किस मौसम में दिखाई देता है, ताकि उसके व्यवहार को समझा जा सके।
प्रश्न:15 खंजन पक्षी की लंबाई कितनी होती है?
उत्तर: खंजन पक्षी की लंबाई लगभग 21 सेमी होती है, जो गौरैया से थोड़ी बड़ी होती है।
प्रश्न:16 खंजन पक्षी का रंग कैसा होता है?
उत्तर: नर में पीठ और सिर काले रंग के होते हैं, मादा में धूसर रंग। पेट सफेद, पूँछ में काली और सफेद पट्टियाँ, आँखों के ऊपर सफेद भौंह जैसी पट्टी होती है।
प्रश्न:17 खंजन पक्षी की चोंच कैसी होती है?
उत्तर: चोंच छोटी, पतली और नुकीली होती है।
प्रश्न:18 खंजन की पूँछ का आकार कैसा होता है?
उत्तर: पूँछ लंबी, पतली और आयताकार होती है।
प्रश्न:19 खंजन की आवाज कैसी होती है?
उत्तर: आवाज पतले स्वर में “ट्जीट-ट्जीट” जैसी होती है, कई तरह की सीटी जैसी मधुर बोलियाँ बोलता है। प्रजनन काल में नर सुरीला गीत गाता रहता है।
प्रश्न:20 खंजन पक्षी का मुख्य भोजन क्या है?
उत्तर: खंजन मुख्यतः कीड़े-मकोड़े खाता है।
प्रश्न:21 खंजन पक्षी का आवास कहाँ होता है?
उत्तर: मुख्यतः जमीन पर। नदी के किनारे, तालाब या पानी से भरे खेत के किनारे दिखाई देता है।
प्रश्न:22 खंजन अधिकतर कैसे दिखाई देता है?
उत्तर: अधिकतर जोड़ी में दिखाई देता है, कभी-कभी छोटे झुंड में भी भोजन करता है।
प्रश्न:23 खंजन पूँछ का इस्तेमाल कैसे करता है?
उत्तर: चहचहाते समय पूँछ को ऊपर-नीचे करता है और पानी के किनारे बैठकर लगातार हिलाते हुए भोजन करता है।
प्रश्न:24 नर और मादा खंजन में अंतर कैसे किया जाता है?
उत्तर: रंग के आधार पर किया जाता है। नर में काला सिर और पीठ, मादा में धूसर रंग।
प्रश्न:25 बर्ड वाचिंग क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: इससे हमें पक्षियों के व्यवहार, आदतों, भोजन और आवास के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है।
प्रश्न:26 डायरी में पक्षी के चित्र का महत्व क्या है?
उत्तर: चित्र लगाने से पक्षी की पहचान आसान होती है और जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होती है।
प्रश्न:27 पंखों का आकार पक्षी की पहचान में कैसे मदद करता है?
उत्तर: पंख गोलाकार या नुकीले होने से उड़ान और विशेषताओं का पता चलता है।
प्रश्न:28 पक्षी की आँख की विशेषताओं का अवलोकन क्यों किया जाता है?
उत्तर: आँखों की लकीर और रंग देखकर पक्षी की पहचान और प्रजाति का पता चलता है।
प्रश्न:29 खंजन की प्रजनन अवधि में विशेष क्या होता है?
उत्तर: प्रजनन काल में नर पक्षी सुरीला गीत गाता है और जोड़ी में अधिक सक्रिय रहता है।
प्रश्न:30 बर्ड वाचिंग में मौसम का अवलोकन क्यों जरूरी है?
उत्तर: पक्षियों की गतिविधियाँ और दिखने की आवृत्ति मौसम पर निर्भर करती है।
प्रश्न:31 पक्षियों की पूँछ की आदतों का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: इससे पता चलता है कि पक्षी कैसे संतुलन बनाए रखता है और भोजन करते समय क्या व्यवहार करता है।
प्रश्न:32 छोटे झुंड में खंजन के भोजन करने का अवलोकन कैसे किया जाता है?
उत्तर: इसे देखकर समूह व्यवहार और सामाजिक संरचना का पता चलता है।
प्रश्न:33 बर्ड वाचिंग के दौरान भोजन की जानकारी क्यों नोट की जाती है?
उत्तर: इससे पता चलता है कि पक्षी किस प्रकार के कीड़े, फल या अनाज खाते हैं।
प्रश्न:34 पक्षियों के रंग में भिन्नता क्यों होती है?
उत्तर: यह लिंग, उम्र, प्रजनन काल और प्रजाति के आधार पर होती है।
प्रश्न:35 बर्ड वाचिंग में आवाज़ की नकल करने का क्या लाभ है?
उत्तर: इससे पक्षी जल्दी पहचाने जा सकते हैं और उनकी आवाज़ के पैटर्न समझ में आते हैं।
प्रश्न:36 पक्षी की लंबाई का तुलनात्मक अवलोकन क्यों किया जाता है?
उत्तर: किसी परिचित पक्षी के साथ तुलना से उसकी सटीक लंबाई और आकार का अंदाज मिलता है।
प्रश्न:37 खंजन किस प्रकार के वातावरण में अधिक दिखाई देता है?
उत्तर: नदी के किनारे, तालाब या पानी से भरे खेत के पास और जमीन पर।
प्रश्न:38 बर्ड वाचिंग का दैनिक अभ्यास क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: नियमित अभ्यास से अवलोकन कौशल बढ़ता है और पक्षियों के व्यवहार की समझ विकसित होती है।
प्रश्न:39 पक्षियों की पूँछ और पंखों के हिलाने की आदत क्या दर्शाती है?
उत्तर: यह संतुलन, सामाजिक संकेत और भोजन के दौरान गतिविधियों को दर्शाती है।
प्रश्न:40 खंजन और अन्य पक्षियों के बीच अंतर कैसे पहचाना जा सकता है?
उत्तर: लंबाई, रंग, चोंच, पूँछ, आवाज, भोजन और आवास के आधार पर अंतर पहचाना जा सकता है।
Answer by Mrinmoee