Chapter 14
दोहे
1. चौपाई का बरषा का क्या अर्थ है?
उत्तर:चौपाई का बरषा सब कृषि सुखानें का अर्थ है कि समय पर बरसात होने से किसानों को फसल उगाने में सुख और लाभ मिलता है।
2. “समय चूकें पुनि का पछिताने” का क्या अर्थ है?
उत्तर:समय चूकने पर बाद में पछताने का अर्थ है कि अवसर का सही समय पर उपयोग न करने से हानि होती है।
3. तुलसी के दोहे में भाँति-भाँति के लोग किस बात को दर्शाते हैं?
उत्तर:यह दर्शाता है कि संसार में विभिन्न प्रकार के लोग रहते हैं। इसलिए सभी के साथ मिल-जुलकर चलना और सहयोग करना चाहिए।
4. “सबसों हिल-मिल चलिए, नदी नाव संजोग” का क्या अर्थ है?
उत्तर:सभी के साथ मेलजोल से चलना चाहिए, जैसे नदी और नाव का संयोग होता है। यह सहअस्तित्व और सहयोग का संदेश देता है।
5. “परहित सरिस धरम नहिँ भाई, पर पीड़ा सम नहिँ अधमाई” का क्या अर्थ है?
उत्तर:जो दूसरों के हित के लिए कार्य करता है, वही सच्चा धर्मी है। केवल अपने लाभ के लिए और दूसरों को दुख पहुँचाने वाला अधमाई कहलाता है।
6. “रहिमन विपदा हूँ भली, जो थोरे दिन होय” का क्या संदेश है?
उत्तर:रहिम कहते हैं कि संकट या विपदा थोड़े समय के लिए ही अच्छी होती है क्योंकि इससे हमें सीख और अनुभव मिलता है।
7. “बड़े बड़ाई न करे, बड़े न बोले बोल” का क्या अर्थ है?
उत्तर:बड़े होकर घमंड न करना और दूसरों से सम्मानजनक वाणी का प्रयोग करना चाहिए।
8. “रहिमन हीरा कब कहे, लाख टका मो मोल” से क्या सिखाया गया है?
उत्तर:सच्ची मूल्यवान चीज़ अपनी कीमत स्वयं बताती नहीं। असली मूल्य का ज्ञान दूसरों को समय आने पर ही होता है।
9. “एकै साधे सब सधै, सब साधे सब जाय” का क्या अर्थ है?
उत्तर:जो किसी को सच्चे मन से साधते हैं, वही सबको सही मार्ग दिखाते हैं। उनका कर्म हमेशा फल देता है।
10. “अति का भला न बरसना, अति की भली न धूप” का क्या संदेश है?
उत्तर:कुछ भी अत्यधिक होना हानिकारक होता है। संतुलन बनाए रखना ही भला है।
11. “बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर” का अर्थ क्या है?
उत्तर:बड़े होने का कोई लाभ तब नहीं जब दूसरों को लाभ न पहुँचे। जैसे खजूर का पेड़ ऊँचा होता है लेकिन उसका फल पंथियों के लिए दूर रहता है।
12. “करत-करत अभ्यास ते, जड़मति होत सुजान” का क्या अर्थ है?
उत्तर:लगातार अभ्यास करने से मूर्ख भी चतुर बन सकता है। निरंतर प्रयास से ज्ञान और कौशल बढ़ता है।
13. “रसरी आवत-जात तै, सिल पर परत निसान” से क्या सिखाया गया है?
उत्तर:निरंतर प्रयास करने से कौशल और निशान बनता है। अनुभव से हम चतुर और सक्षम बनते हैं।
14. शब्द “अघाना” का अर्थ क्या है?
उत्तर:अघाना का अर्थ है ‘संकट या मुसीबत’।
15. शब्द “सरिस” का अर्थ क्या है?
उत्तर:सरिस का अर्थ है समान या बराबर।
16. शब्द “अधमाई” का अर्थ क्या है?
उत्तर:अधमाई का अर्थ है पापी या नीच व्यक्ति।
17. शब्द “विपदा” का अर्थ क्या है?
उत्तर:विपदा का अर्थ है संकट या कठिनाई।
18. शब्द “साधना” का अर्थ क्या है?
उत्तर:साधना का अर्थ है पेट भर खाना, तृप्त होना।
19. शब्द “जड़मति” का अर्थ क्या है?
उत्तर:जड़मति का अर्थ है मूर्ख या अनुभवहीन व्यक्ति।
20. शब्द “सुजान” का अर्थ क्या है?
उत्तर:सुजान का अर्थ है चतुर और समझदार व्यक्ति।
21. शब्द “सिल” का अर्थ क्या है?
उत्तर:सिल का अर्थ है पत्थर।
22. शब्द “संजोग” का अर्थ क्या है?
उत्तर:संजोग का अर्थ है मेल या मिलन।
23. संकट में सहायता के लिए हम किनके पास जाते हैं?
उत्तर:संकट में हम अपने माता-पिता, शिक्षकों, मित्रों या अनुभवी लोगों के पास मदद के लिए जाते हैं।
24. किसी काम में दक्षता पाने के लिए हम क्या करते हैं?
उत्तर:किसी काम में दक्षता पाने के लिए लगातार अभ्यास करते हैं और अनुभव प्राप्त करते हैं।
25. एक साथ कई काम करने पर क्या समस्या होती है?
उत्तर:एक साथ कई काम करने पर ध्यान बंटता है और काम सही ढंग से नहीं होता। इसलिए क्रमबद्ध और एक-एक करके काम करना चाहिए।
26. सच्चा मित्र या शुभचिंतक कौन है?
उत्तर:सच्चा मित्र या शुभचिंतक वह है जो संकट में मदद करे, सही मार्ग दिखाए और हमें अनुकूल सलाह दे।
27. समय पर काम न करने से क्या नुकसान होता है?
उत्तर:समय पर काम न करने से अवसर गँवाए जाते हैं और हमें पश्चाताप करना पड़ता है।
28. वर्षा अधिक या कम होने पर क्या हानि होती है?
उत्तर:वर्षा बहुत अधिक होने पर बाढ़ आ सकती है और कम होने पर फसल नहीं उगती। दोनों ही स्थिति किसानों के लिए हानिकारक हैं।
29. सबसे अच्छा कार्य कौन सा है?
उत्तर:परहित यानी दूसरों के हित के लिए किया गया कार्य सबसे अच्छा माना गया है।
30. विपत्ति से हमें क्या पता चलता है?
उत्तर:विपत्ति से हमें यह पता चलता है कि कौन हमारे सच्चे मित्र हैं और जीवन में किस प्रकार का धैर्य और संयम अपनाना चाहिए।
31. “सबसों हिल-मिल चलिए” का क्या संदेश है?
उत्तर:सभी के साथ मिल-जुलकर, सहयोगपूर्वक जीवन जीना चाहिए।
32. “अति का भला न बोलना, अति की भली न चूप” से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:अत्यधिक बोलना या अत्यधिक चुप रहना हानिकारक होता है। संतुलन बनाए रखना चाहिए।
33. “रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय” का अर्थ क्या है?
उत्तर:सच्चे मन से किया गया कार्य हमेशा फलदायक होता है।
34. “बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर” का जीवन में क्या संदेश है?
उत्तर:ऊँचाई या बड़ा होना किसी के उपयोग में न आए तो कोई महत्व नहीं। दूसरों के लिए लाभकारी होना चाहिए।
35. “करत-करत अभ्यास ते, जड़मति होत सुजान” का महत्व क्या है?
उत्तर:लगातार अभ्यास करने से अनुभवहीन व्यक्ति भी समझदार और कुशल बन सकता है।
36. “रसरी आवत-जात तै, सिल पर परत निसान” का क्या सिखावन है?
उत्तर:लगातार प्रयास करने से कौशल और निशान बनता है। अनुभव से सफलता प्राप्त होती है।
37. “विपदा हूँ भली, जो थोरे दिन होय” का जीवन में क्या महत्व है?
उत्तर:संकट और कठिनाई अल्पकालीन हों तो हमें सीख और अनुभव मिलते हैं।
38. “परहित सरिस धरम नहिँ भाई” से हमें क्या सिखाया गया?
उत्तर:सच्चा धर्म दूसरों के हित के लिए कार्य करना है, केवल अपने लाभ के लिए नहीं।
39. “बड़े बड़ाई न करे, बड़े न बोले बोल” का व्यवहारिक संदेश क्या है?
उत्तर:अहम और घमंड से दूर रहकर नम्रता और संयम से बोलना चाहिए।
40. दोहों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर:दोहों का मुख्य उद्देश्य जीवन के महत्वपूर्ण संदेश देना, नैतिक शिक्षा देना और अनुभवजन्य ज्ञान साझा करना है।
Answer by Mrinmoee