Chapter 15

                                                               चिट्ठी आई है


1. प्रश्न: छठ पर्व बिहार में क्यों मनाया जाता है?

उत्तर: छठ पर्व बिहार में सूर्य देव और छठी मइया की पूजा करने के लिए मनाया जाता है। लोग इस अवसर पर मन्नत मांगते हैं और व्रत रखते हैं। यह पर्व कार्तिक महीने की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है।


2. प्रश्न: छठ पर्व कितने दिनों तक चलता है और उन दिनों क्या-क्या किया जाता है?

उत्तर: छठ पर्व चार दिनों तक चलता है। पहले दिन लोग नहाय-खाय करते हैं। दूसरे दिन खरना होता है, जिसमें दिनभर उपवास के बाद रात्रि में रोटी और खीर खाकर प्रसाद बाँटा जाता है। तीसरे दिन व्रती घाट जाकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। चौथे दिन सुबह सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत समाप्त करते हैं और पारण करते हैं।


3. प्रश्न: छठ पर्व की तैयारियाँ कब से शुरू होती हैं और किन कामों से जुड़ी होती हैं?

उत्तर: छठ पर्व की तैयारियाँ कार्तिक महीने की शुरुआत से शुरू हो जाती हैं। लोग अपने घर, गलियों और घाटों की सफाई करते हैं, नए कपड़े तैयार करते हैं, और छठ गीतों की तैयारी करते हैं।


4. प्रश्न: छठ व्रत में जात-पाँत का भेद-भाव क्यों नहीं होता?

उत्तर: छठ व्रत में सभी लोग, चाहे किसी भी जाति या वर्ग के हों, समान रूप से व्रत रखते हैं। इसका उद्देश्य सामाजिक भेद-भाव मिटाना और सभी को एक समान धार्मिक अनुभव देना है।


5. प्रश्न: नहाय-खाय और खरना में क्या अंतर है?

उत्तर: नहाय-खाय छठ व्रत का पहला दिन है, जिसमें व्रती स्नान करके खाने-पीने के लिए तैयार होते हैं। खरना दूसरे दिन होता है, जिसमें व्रती दिनभर उपवास रखते हैं और रात्रि में रोटी और खीर खाकर प्रसाद बाँटते हैं।


6. प्रश्न: छठ पर्व पर घाट पर जाने से पहले किन तैयारियों की आवश्यकता होती है?

उत्तर: व्रती घाट पर जाने से पहले स्नान करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, पूजा सामग्री तैयार करते हैं और फल व पकवान लाते हैं। घाट और नदी के तट को साफ़ किया जाता है।


7. प्रश्न: घाट पर सूर्य को अर्घ्य देने का महत्व क्या है?

उत्तर: सूर्य को अर्घ्य देने से व्रती की मन्नत पूरी होने की कामना की जाती है और यह सूर्य देव के प्रति श्रद्धा और धन्यवाद व्यक्त करने का तरीका है।


8. प्रश्न: छठ पर्व में प्रसाद में कौन-कौन-सी चीजें शामिल होती हैं?

उत्तर: छठ के प्रसाद में मुख्य रूप से ईख, ठेकुआ, खीर, फल, घी और गाय का कच्चा दूध शामिल होता है।


9. प्रश्न: घर वापस आकर व्रती छठ का गीत कैसे गाते हैं और आरती कैसे करते हैं?

उत्तर: घर आने पर व्रती आँगन में ईख और ठेकुआ को कोसी भरकर छठ के गीत गाते हैं और आरती करते हैं। इसके बाद प्रसाद ग्रहण कर पारण करते हैं।


10. प्रश्न: छठ व्रत में स्त्री और पुरुष दोनों क्यों व्रत रखते हैं?

उत्तर: छठ व्रत में स्त्री और पुरुष दोनों व्रत रखते हैं ताकि परिवार और समाज में समान धार्मिक अनुभव और श्रद्धा बनी रहे।


11. प्रश्न: छठ पर्व मनाने में गाँव और शहर के लोगों में क्या समानता है?

उत्तर: गाँव और शहर दोनों में लोग छठ पूजा उत्साहपूर्वक मनाते हैं, घाट और घर की सफाई करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं।


12. प्रश्न: व्रती का उपवास और पारण का महत्व क्या है?

उत्तर: उपवास व्रती की भक्ति और संयम का प्रतीक है। पारण के माध्यम से व्रत समाप्त होता है और व्रती अपने मन की इच्छाएँ पूरी होने के लिए धन्यवाद अर्पित करता है।


13. प्रश्न: छठ पर्व पर गाए जाने वाले गीतों का महत्व क्या है?

उत्तर: छठ गीत व्रती के भाव और श्रद्धा को व्यक्त करते हैं। ये गीत वातावरण में धार्मिक उल्लास और खुशी का संचार करते हैं।


14. प्रश्न: व्रती घाट पर सूर्य को अर्घ्य देने में कौन-कौन से पकवान ले जाता है?

उत्तर: व्रती घाट पर फल, ठेकुआ, खीर, ईख और गाय का कच्चा दूध लेकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं।


15. प्रश्न: छठ पर्व में व्रत रखने वाले किस प्रकार के कपड़े पहनते हैं?

उत्तर: छठ व्रत में व्रती नए और साफ-सुथरे कपड़े पहनते हैं। महिलाएँ पारंपरिक साड़ी और पुरुष धोती-कुर्ता पहनते हैं।


16. प्रश्न: छठ पर्व समाज में समानता और भाईचारे का संदेश कैसे देता है?

उत्तर: छठ पर्व में जाति, धर्म या वर्ग का भेद नहीं होता। सभी व्रती समान रूप से पूजा करते हैं और यह सामाजिक समानता और भाईचारे का संदेश देता है।


17. प्रश्न: छठ पर्व में व्रती किन साधनों से अपनी मन्नत पूरी होने की कामना करते हैं?

उत्तर: व्रती स्नान, उपवास, घाट पर अर्घ्य, प्रसाद अर्पित करना और पूजा के माध्यम से अपनी मन्नत पूरी होने की कामना करते हैं।


18. प्रश्न: छठ पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व क्या है?

उत्तर: धार्मिक महत्व सूर्य और छठी मइया की पूजा में है। सांस्कृतिक महत्व में यह पर्व सामाजिक सहयोग, पारिवारिक मिलन और परंपराओं को बनाए रखने का अवसर है।


19. प्रश्न: छठ व्रत में महिलाएँ और पुरुष किन-किन कार्यों में भाग लेते हैं?

उत्तर: महिलाएँ पूजा की तैयारी, प्रसाद बनाना और गीत गाना करती हैं। पुरुष घाट पर अर्घ्य देने और व्रत की सहायता करने में मदद करते हैं।


20. प्रश्न: छठ पर्व में घाट की सफाई का क्या महत्व है?

उत्तर: घाट की सफाई धार्मिक श्रद्धा और व्रती की भक्ति को दर्शाती है। यह साफ़-सुथरा वातावरण सुनिश्चित करता है और पूजा को पवित्र बनाता है।


21. प्रश्न: छठ पर्व में व्रती किन प्रकार के फल अर्पित करते हैं?

उत्तर: आम, केला, सेब, नाशपाती जैसे ताजे और पवित्र फल अर्पित किए जाते हैं।


22. प्रश्न: छठ पर्व में ईख और ठेकुआ का क्या महत्व है?

उत्तर: ईख और ठेकुआ पारंपरिक प्रसाद हैं। यह व्रती की भक्ति और मेहनत का प्रतीक है।


23. प्रश्न: छठ पर्व के दौरान घर की सफाई क्यों की जाती है?

उत्तर: घर की सफाई धार्मिक पवित्रता और श्रद्धा बनाए रखने के लिए की जाती है। यह पर्व को उल्लासपूर्ण और सुंदर बनाता है।


24. प्रश्न: छठ पर्व में घाट पर अर्घ्य देने की प्रक्रिया कैसे होती है?

उत्तर: व्रती नए कपड़े पहनकर घाट पर जाते हैं। वे फल, खीर, ठेकुआ और दूध लेकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं और गीत गाकर पूजा करते हैं।


25. प्रश्न: छठ पर्व में उपवास रखने का उद्देश्य क्या है?

उत्तर: उपवास का उद्देश्य संयम, भक्ति और श्रद्धा व्यक्त करना है। यह व्रती की आत्मा और शरीर को शुद्ध करता है।


26. प्रश्न: छठ व्रत के दौरान प्रसाद बाँटने की परंपरा क्यों है?

उत्तर: प्रसाद बाँटने से परिवार और समाज में सामंजस्य और भाईचारा बढ़ता है। यह खुशियाँ साझा करने का प्रतीक है।


27. प्रश्न: छठ पर्व में गाए जाने वाले गीतों का स्वरूप कैसा होता है?

उत्तर: छठ गीत भावपूर्ण, श्रद्धापूर्ण और पारंपरिक होते हैं। इनमें सूर्य और छठी मइया की स्तुति होती है।


28. प्रश्न: छठ व्रत में बच्चों और बुजुर्गों की भूमिका क्या होती है?

उत्तर: बच्चे व्रती की सहायता करते हैं, प्रसाद लेकर आते हैं और गीत गाते हैं। बुजुर्ग मार्गदर्शन और पूजा की व्यवस्था करते हैं।


29. प्रश्न: छठ पर्व में नदी या तालाब का क्या महत्व है?

उत्तर: नदी या तालाब सूर्य को अर्घ्य देने का स्थान होते हैं। यहाँ व्रती पूजा करते हैं और पवित्र जल से अर्घ्य अर्पित करते हैं।


30. प्रश्न: छठ पर्व में अर्घ्य देने की सामग्री क्या-क्या होती है?

उत्तर: अर्घ्य में फल, खीर, ठेकुआ, घी, गाय का कच्चा दूध और अन्य पवित्र पकवान शामिल होते हैं।


31. प्रश्न: छठ पर्व में व्रत रखने वालों की संख्या समाज में कितनी होती है?

उत्तर: छठ व्रत गाँव और शहर में लगभग हर परिवार में किसी न किसी सदस्य द्वारा रखा जाता है। सभी वर्गों और जातियों के लोग इसमें भाग लेते हैं।


32. प्रश्न: छठ व्रत में प्रसाद ग्रहण करने की प्रक्रिया कैसे होती है?

उत्तर: व्रती घर लौटकर आँगन में प्रसाद को सजाते हैं, छठ गीत गाते हैं, आरती करते हैं और सभी परिवारजन साथ में प्रसाद ग्रहण करते हैं।


33. प्रश्न: छठ पर्व में व्रती का संयम क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: संयम व्रती की भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। यह व्रत को सफल और धार्मिक रूप से पूर्ण बनाता है।


34. प्रश्न: छठ पर्व समाज और परिवार में किस प्रकार का मेलजोल बढ़ाता है?

उत्तर: छठ पर्व में सभी मिलकर पूजा करते हैं, प्रसाद बाँटते हैं और गीत गाते हैं। इससे परिवार और समाज में सहयोग, भाईचारा और सामंजस्य बढ़ता है।


35. प्रश्न: छठ पर्व की पूजा में महिलाओं और पुरुषों का अनुभव कैसे अलग हो सकता है?

उत्तर: महिलाएँ अधिकतर पूजा की तैयारी और गीत गाने में भाग लेती हैं। पुरुष घाट पर अर्घ्य देने और व्रत में सहायता करने में सक्रिय रहते हैं।


36. प्रश्न: छठ व्रत के दौरान लोग किन धार्मिक गीतों का आयोजन करते हैं?

उत्तर: लोग छठ गीत, सूर्य स्तुति और पारंपरिक भक्ति गीत गाते हैं। इनमें सूर्य और छठी मइया की महिमा का वर्णन होता है।


37. प्रश्न: छठ पर्व में पारंपरिक पकवानों का महत्व क्या है?

उत्तर: पारंपरिक पकवान जैसे ठेकुआ, खीर, ईख व फल व्रती की भक्ति का प्रतीक हैं और पूजा को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाते हैं।


38. प्रश्न: छठ पर्व में व्रती किन दिनों में उपवास रखते हैं?

उत्तर: व्रती नहाय-खाय से पहले के दिन, खरना वाले दिन और छठी के दिन उपवास रखते हैं।


39. प्रश्न: छठ पर्व मनाने का बच्चों और युवाओं के लिए क्या महत्व है?

उत्तर: बच्चों और युवाओं के लिए यह पर्व धार्मिक शिक्षा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक जिम्मेदारी का अनुभव कराता है।


40. प्रश्न: छठ पर्व समाज में धार्मिक समानता का संदेश कैसे देता है?

उत्तर: छठ पर्व में जाति, वर्ग, या सामाजिक भेदभाव को दरकिनार कर सभी समान रूप से व्रत रखते हैं। यह धार्मिक और सामाजिक समानता का संदेश देता है।

Answer by Mrinmoee