Chapter 16
मरता क्या न करता
1.विष्णु पोट्टि कौन थे और उनका व्यक्तित्व कैसा था?
उत्तर: विष्णु पोट्टि केरल के एक गाँव में रहते थे। वे बहुत गरीब थे लेकिन दानी और उदार स्वभाव के व्यक्ति थे। वे हमेशा दूसरों को खाना खिलाना अपना धर्म समझते थे।
2.विष्णु पोट्टि की दानशीलता के कारण उनकी पत्नी लक्ष्मी को क्या परेशानी होती थी?
उत्तर: लक्ष्मी को परेशानी यह होती थी कि घर में पर्याप्त खाना भी नहीं होता था और फिर भी विष्णु रोज़ मेहमान लाते थे। इससे उन्हें और खुद भूखा रहना पड़ता था।
3.लक्ष्मी ने अपने पड़ोसियों से किस प्रकार की मदद ली?
उत्तर: लक्ष्मी पड़ोसियों से कभी चावल उधार लाती और कभी सब्ज़ी, ताकि घर चल सके और मेहमानों को खाना खिलाया जा सके।
4.लक्ष्मी ने विष्णु पोट्टि से क्या अनुरोध किया?
उत्तर: लक्ष्मी ने कहा कि वह रोज़ अनजान लोगों को घर न बुलाएँ क्योंकि इससे घर का खाना पर्याप्त नहीं रहता और उन्हें खुद भूखा रहना पड़ता है।
5.विष्णु पोट्टि लक्ष्मी की बात मानते हैं या नहीं?
उत्तर: नहीं, विष्णु पोट्टि ने लक्ष्मी की बात का कोई असर नहीं लिया और अगले दिन फिर दो अजनबियों को घर लाए।
6.लक्ष्मी ने मेहमानों को देखकर क्या उपाय सोचा?
उत्तर: लक्ष्मी ने धान कूटने का मूसल लाकर पूजा करने की चाल चली, ताकि मेहमान डरे और भाग जाएँ।
7.लक्ष्मी ने मूसल के चारों ओर क्या सजाया?
उत्तर: मूसल के चारों ओर दीप जलाया और दो-चार फूल रखे।
8.लक्ष्मी ने मेहमानों से क्या वायदा लिया?
उत्तर: उसने कहा कि वे विष्णु पोट्टि को यह बात नहीं बताएँगे।
9.लक्ष्मी ने मूसल की पूजा क्यों की?
उत्तर: लक्ष्मी ने मूसल की पूजा इसलिए की ताकि उसे पाप न लगे, क्योंकि विष्णु पोट्टि मेहमानों को मारते थे।
10.मेहमान लक्ष्मी की पूजा देखकर क्या प्रतिक्रिया देते हैं?
उत्तर: वे हैरान हो जाते हैं और सोचते हैं कि यहाँ से चुपचाप निकल जाना ही अच्छा है।
11.विष्णु पोट्टि ने मूसल को लेकर मेहमानों के पीछे क्यों दौड़े?
उत्तर: उन्हें लगा कि लक्ष्मी ने मूसल का अपमान किया और वे मेहमानों को मूसल से मारने के लिए दौड़े।
12.गाँव वालों ने विष्णु पोट्टि को कैसे देखा?
उत्तर: गाँव वाले उन्हें मूसल उठाकर मेहमानों के पीछे दौड़ते देख हैरान रह गए।
13.लक्ष्मी की चाल का परिणाम क्या हुआ?
उत्तर: कोई भी व्यक्ति अब घर में खाने के लिए नहीं आने लगा और लक्ष्मी कभी भूखी नहीं रही।
14.कहानी में विष्णु पोट्टि की आदत से लक्ष्मी को क्या सीख मिली?
उत्तर: लक्ष्मी ने सीखा कि समस्या का समाधान चालाकी और बुद्धिमानी से भी किया जा सकता है।
15.लक्ष्मी ने मेहमानों से क्या कहा कि वे डरकर भाग गए?
उत्तर: उसने कहा कि विष्णु पोट्टि उन्हें मूसल से मारेंगे।
16.कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: इस कहानी से यह सीख मिलती है कि बुद्धिमानी और समझदारी से कठिन परिस्थितियों का समाधान किया जा सकता है।
17.लक्ष्मी क्यों घबरा गई जब दो अजनबी आए?
उत्तर: उसने सोचा कि आज भी उन्हें खाना खिलाना पड़ेगा और वह खुद भूखी रह जाएगी।
18.लक्ष्मी ने अपने दुख को कैसे व्यक्त किया?
उत्तर: उसने आँखों में आँसू भरकर मेहमानों को मूसल के माध्यम से अपनी स्थिति बताई।
19.मूसल की पूजा करने से लक्ष्मी का क्या उद्देश्य था?
उत्तर: उद्देश्य यह था कि वे पाप से बचें और अपने पति की आदत के कारण उत्पन्न परेशानी का हल निकालें।
20.मूसल की पूजा देखकर मेहमानों ने क्या निष्कर्ष निकाला?
उत्तर: उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि यह घर असामान्य है और यहाँ से चुपचाप निकल जाना ही सुरक्षित है।
21.लक्ष्मी ने मूसल की पूजा क्यों अपने दृष्टिकोण से की और नहीं किसी धार्मिक कारण से?
उत्तर: उसने पूजा अपने दृष्टिकोण से की ताकि उसे पाप न लगे और वह भूखी न रहे।
22.मेहमानों ने लक्ष्मी की चाल पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: वे भयभीत होकर पीछे के दरवाज़े से भाग गए।
23.गाँववालों ने मूसल के पीछे दौड़ते विष्णु पोट्टि को देखकर क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने कहा कि विष्णु पोट्टि अपने मेहमानों को मारते हैं।
24.लक्ष्मी की बुद्धिमानी ने उन्हें भूख से कैसे बचाया?
उत्तर: लक्ष्मी की चाल के कारण अब कोई भी मेहमान घर में खाने के लिए नहीं आता और वह कभी भूखी नहीं रहती।
25.विष्णु पोट्टि के दानी स्वभाव का क्या नतीजा हुआ?
उत्तर: उनका दानी स्वभाव गाँववालों को भ्रमित कर देता है कि वे अपने मेहमानों को मारते हैं।
26.लक्ष्मी की चाल का विष्णु पोट्टि पर क्या असर पड़ा?
उत्तर: उन्हें इस चाल का पता नहीं चला, इसलिए वे अब भी अपने स्वभाव में बने रहे।
27.कहानी में किसने समस्या का समाधान किया?
उत्तर: लक्ष्मी ने समस्या का समाधान किया।
28.लक्ष्मी ने मूसल का प्रयोग कैसे किया?
उत्तर: उन्होंने मूसल को पूजा के लिए सजाया और मेहमानों के डरने का साधन बनाया।
29.कहानी में मेहमानों का क्या डर था?
उत्तर: उन्हें डर था कि विष्णु पोट्टि उन्हें मूसल से मार देंगे।
30.लक्ष्मी ने मूसल की पूजा क्यों ध्यानमग्न होकर की?
उत्तर: ताकि मेहमानों को लगे कि वह पवित्र और गंभीर पूजा कर रही हैं।
31.लक्ष्मी ने अपने पति को कैसे सुरक्षित रखा?
उत्तर: उसने ऐसा किया कि मूसल का डर मेहमानों को दूर कर दे और विष्णु पोट्टि को कोई परेशानी न हो।
32.इस कहानी में हास्य का तत्व कहाँ दिखाई देता है?
उत्तर: हास्य तब दिखाई देता है जब गाँववाले विष्णु पोट्टि को मूसल उठाकर दौड़ते देखते हैं।
33.लक्ष्मी और विष्णु पोट्टि का आपसी संबंध कैसा था?
उत्तर: लक्ष्मी ने अपने पति का सम्मान किया और बुद्धिमानी से उनकी आदतों को संभाला।
34.लक्ष्मी की चाल का क्या नैतिक संदेश है?
उत्तर: यह संदेश है कि कठिन परिस्थिति में धैर्य और बुद्धिमानी से काम लेना चाहिए।
35.मूसल का महत्व इस कहानी में क्या है?
उत्तर: मूसल डर और चाल का प्रतीक बन गया जिससे लक्ष्मी अपनी भूख और समस्या से बची।
36.लक्ष्मी के उपाय से गाँव वालों की धारणा कैसे बदल गई?
उत्तर: अब लोग सोचते हैं कि विष्णु पोट्टि अपने मेहमानों को मारते हैं, इसलिए कोई घर नहीं आता।
37.कहानी में लक्ष्मी की रणनीति क्यों सफल हुई?
उत्तर: क्योंकि उसने स्थिति का सही आंकलन किया और डर का प्रयोग किया।
38.क्या यह कहानी ग्रामीण जीवन की समस्याओं को दिखाती है?
उत्तर: हाँ, यह कहानी दिखाती है कि गरीबी और मेहमानों को खिलाने की आदत जीवन में मुश्किलें पैदा कर सकती है।
39.लक्ष्मी के बुद्धिमान व्यवहार से पाठक क्या सीख सकते हैं?
उत्तर: कठिन परिस्थिति में चतुराई और चालाकी से समाधान किया जा सकता है।
40.इस कहानी का समग्र संदेश क्या है?
उत्तर: यह कहानी सिखाती है कि दानशीलता अच्छी बात है, लेकिन विवेक और बुद्धिमानी भी उतनी ही आवश्यक है।
Answer by Mrinmoee