Chapter 17
बिना जड़ का पेड़
1.राजा के दरबार में व्यापारी कौन आया और उसने क्या दावा किया?
उत्तर: व्यापारी संदूक के साथ दरबार में आया और दावा किया कि वह बिना बीज और पानी के पेड़ उगाता है।
2.व्यापारी ने अपने उपहार के लिए क्या चुनौती रखी?
उत्तर: उसने कहा कि पहले कोई बताए कि संदूक में क्या है, तभी वह दरबार में चाकरी करने को तैयार होगा।
3.दरबार के पंडित और ज्योतिषियों ने व्यापारी की चुनौती पर क्या किया?
उत्तर: वे सिर झुका कर चुप रहे और कोई जवाब नहीं दिया।
4.गोनू झा ने चुनौती स्वीकार क्यों की?
उत्तर: गोनू झा ने चुनौती इसलिए स्वीकार की ताकि दरबार की हँसी रोक सके और अपनी बुद्धिमानी दिखा सके।
5.गोनू झा ने व्यापारी से रातभर समय क्यों मांगा?
उत्तर: ताकि वह रात में संदूक की जांच कर सके और पता लगा सके कि पेड़ कैसे उगाए जा रहे हैं।
6.रातभर संदूक की निगरानी करने का क्या उद्देश्य था?
उत्तर: यह सुनिश्चित करने के लिए कि संदूक बदला न जाए और व्यापारी कुछ छल न कर सके।
7.गोनू झा ने व्यापारी से क्या प्रश्न किया जो उन्हें संदेह से मुक्त कर गया?
उत्तर: उन्होंने पूछा कि क्या व्यापारी रात में पेड़ उगा सकते हैं और उनके फूल रात में खिलते हैं।
8.व्यापारी ने गोनू झा के प्रश्न पर क्या उत्तर दिया?
उत्तर: उसने अहंकार से कहा कि उसके पेड़ रात में ही अच्छे लगते हैं और रंग-बिरंगे फूल देखते ही बनते हैं।
9.गोनू झा ने रात को क्या तैयार किया?
उत्तर: गोनू झा ने आतिशबाजी निकालकर तैयार किया ताकि संदूक में असली पेड़ का रहस्य उजागर हो सके।
10.व्यापारी और राजा की सभा में क्या प्रतिक्रिया हुई जब आतिशबाजी जली?
उत्तर: सभासद झुंझला गए, राजा की आँखें लाल-पीली हो गईं, लेकिन गोनू झा ने वातावरण को सहज किया।
11.गोनू झा ने व्यापारी का रहस्य कैसे उजागर किया?
उत्तर: उन्होंने बताया कि बिना जड़ के पेड़ में भाँति-भाँति के फूल असल में आतिशबाजी थे।
12.व्यापारी ने गोनू झा से क्या पूछा और गोनू झा ने क्या उत्तर दिया?
उत्तर: व्यापारी ने पूछा कि आप कैसे जान गए कि इसमें आतिशबाजी है, गोनू झा ने सरलता से कहा कि रात में फूल खिलते हैं, इसलिए यह सिर्फ आतिशबाजी हो सकती है।
13.राजा ने व्यापारी को क्या सलाह दी?
उत्तर: राजा ने कहा कि व्यापारी यहाँ रह सकता है और रात में प्रदर्शन करके लोगों का मनोरंजन कर सकता है।
14.राजा ने पुरस्कार किसे देने का निर्णय लिया?
उत्तर: अभी पुरस्कार गोनू झा का हकदार बताया।
15.गोनू झा की चतुराई से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर: बुद्धिमानी और सावधानी से किसी भी रहस्य या चुनौती का समाधान किया जा सकता है।
16.व्यापारी का अहंकार कैसे उसकी हार का कारण बना?
उत्तर: व्यापारी ने घमंड में कोई सुराग नहीं छिपाया, जिससे गोनू झा ने रहस्य पता लगा लिया।
17.कहानी में रात का महत्व क्यों बताया गया है?
उत्तर: क्योंकि व्यापारी ने कहा कि उसके पेड़ रात में अच्छे लगते हैं, जिससे गोनू झा को शंका हुई और वह समाधान ढूंढ सके।
18.गोनू झा ने आतिशबाजी को पेड़ क्यों कहा?
उत्तर: ताकि व्यापारी के झूठ का रहस्य उजागर हो और दरबार में हँसी का मौका न बने।
19.व्यापारी ने संदूक के बारे में किस तरह का दावा किया था?
उत्तर: उसने दावा किया कि बिना बीज-पानी के पेड़ उगते हैं और रात में भाँति-भाँति के फूल खिलते हैं।
20.गोनू झा ने व्यापारी की बात पर पहला संदेह कब किया?
उत्तर: जब व्यापारी ने कहा कि पेड़ रात में खिलते हैं, तभी गोनू झा को शंका हुई।
21.व्यापारी के पेड़ की सच्चाई क्या थी?
उत्तर: असल में पेड़ नहीं थे, बल्कि आतिशबाजी थी।
22.सभा में व्यापारी और गोनू झा की उपस्थिति से क्या संदेश मिलता है?
उत्तर: यह संदेश मिलता है कि धैर्य और बुद्धिमानी से किसी भी चुनौती को हल किया जा सकता है।
23.गोनू झा ने आतिशबाजी क्यों रात को ही दिखाई?
उत्तर: ताकि व्यापारी के झूठ का सच रात में उजागर हो और उसे स्वयं समझ आए।
24.व्यापारी ने गोनू झा के बुद्धिमान उत्तर पर क्या कहा?
उत्तर: वह अवाक् रह गया और स्वीकार किया कि गोनू झा ने सही अनुमान लगाया।
25.कहानी में राजा की भूमिका क्या है?
उत्तर: राजा न्यायप्रिय और समझदार हैं, उन्होंने गोनू झा की बुद्धिमानी को सराहा और व्यापारी को उचित अवसर दिया।
26.गोनू झा ने किस तरीके से सभा का माहौल नियंत्रित किया?
उत्तर: उन्होंने सभासदों की नाराजगी और राजा की चिढ़ को सहज शब्दों और व्यवस्थित प्रदर्शन से नियंत्रित किया।
27.व्यापारी ने अहंकार क्यों दिखाया?
उत्तर: वह अपने उपहार की अनूठी प्रतिभा पर घमंड करता था।
28.गोनू झा ने व्यापारी का अहंकार कैसे मात दिया?
उत्तर: उन्होंने तार्किक प्रश्न पूछकर और रात की जांच करके रहस्य उजागर किया।
29.कहानी में संदूक का प्रतीक क्या दर्शाता है?
उत्तर: संदूक दिखावा और छल का प्रतीक है।
30.कहानी से किस प्रकार की नैतिक शिक्षा मिलती है?
उत्तर: चालाकी और बुद्धिमानी से किसी भी छल या धोखे का सामना किया जा सकता है।
31.गोनू झा ने आतिशबाजी के अलावा और क्या इस्तेमाल किया?
उत्तर: उन्होंने सभा को नियंत्रित करने के लिए सामान्य शिष्टाचार और संवाद का उपयोग किया।
32.व्यापारी ने भाँति-भाँति के फूलों का दावा क्यों किया?
उत्तर: ताकि वह अपने उपहार को रहस्यमयी और आकर्षक दिखा सके।
33.गोनू झा की योजना की मुख्य विशेषता क्या थी?
उत्तर: रातभर निरीक्षण करना और सही समय पर रहस्य उजागर करना।
34.व्यापारी को अंत में क्या सलाह दी गई?
उत्तर: कि वह प्रदर्शन कर लोगों का मनोरंजन करे और पुरस्कार पाने का अवसर रखे।
35.गोनू झा के बुद्धिमान निर्णय का प्रभाव क्या हुआ?
उत्तर: व्यापारी का रहस्य उजागर हुआ और दरबार में न्याय हुआ।
36.व्यापारी के झूठ और अहंकार का अंत कैसे हुआ?
उत्तर: गोनू झा की चतुराई से व्यापारी अवाक रह गया और उसे अपनी गलती समझ में आई।
37.कथा में रात का महत्व किस दृष्टि से है?
उत्तर: रात का महत्व व्यापारी के झूठ के रहस्य को उजागर करने के लिए है।
38.गोनू झा और व्यापारी की बातचीत का परिणाम क्या हुआ?
उत्तर: व्यापारी का छल पकड़ा गया और गोनू झा को पुरस्कार मिला।
39.राजा ने गोनू झा की बुद्धिमानी का मूल्यांकन कैसे किया?
उत्तर: उन्होंने उसे पुरस्कार देने योग्य बताया और व्यापारी को मनोरंजन का अवसर दिया।
40.कहानी से आप क्या सीखते हैं?
उत्तर: इस कहानी से सीख मिलती है कि चालाकी, धैर्य और विवेक से किसी भी कठिन समस्या का समाधान संभव है।
Answer by Mrinmoee