Chapter 21 

                                                                    ईद


1. रमज़ान का महीना क्या होता है और इसमें क्या विशेष किया जाता है?

उत्तर:रमज़ान मुसलमानों का पवित्र महीना होता है। इस महीने में लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और रोज़ा रखते हैं। रोज़ा रखने का अर्थ है सुबह से शाम तक कुछ भी न खाना-पीना। यह महीना संयम, त्याग, धैर्य और नेक काम करने की सीख देता है।


2. असलम कौन था और उसकी उम्र कितनी थी?

उत्तर:असलम एक दस वर्ष का छोटा लड़का था। वह बहुत समझदार, दयालु और संवेदनशील था। छोटी उम्र होने के बावजूद उसके विचार बड़े और परिपक्व थे।


3. असलम रोज़ा क्यों रखना चाहता था?

उत्तर:असलम अल्लाह की इबादत करना चाहता था और ईद के त्योहार को पूरे मन से मनाना चाहता था। वह अपने बड़ों की तरह रोज़ा रखना चाहता था और इसे अपना फ़र्ज़ समझता था।


4. असलम की अम्मी ने उसे रोज़ा रखने से क्यों रोका?

उत्तर:असलम की अम्मी ने उसे इसलिए रोका क्योंकि वह अभी बहुत छोटा था। रोज़े में दिन भर भूखा-प्यासा रहना बच्चों के लिए कठिन होता है और इससे सेहत बिगड़ सकती है।


5. असलम अपने रोज़े कैसे रखता था?

उत्तर:असलम सुबह चार बजे उठकर थोड़ा-बहुत खाता था और फिर पूरे दिन कुछ भी नहीं खाता-पीता था। वह स्कूल भी जाता था और शाम को अम्मी के साथ रोज़ा खोलता था।


6. असलम के पिता के बारे में क्या बताया गया है?

उत्तर:असलम के पिता का पहले ही इंतक़ाल हो चुका था। इसलिए असलम अपनी अम्मी के साथ रहता था और परिवार की सारी जिम्मेदारी अम्मी पर थी।


7. असलम की अम्मी अपना गुज़ारा कैसे करती थीं?

उत्तर:असलम की अम्मी घर पर कढ़ाई का काम करती थीं। दिन-रात मेहनत करके जो थोड़े पैसे मिलते थे, उन्हीं से घर का खर्च और असलम की पढ़ाई चलती थी।


8. असलम को कौन-से कपड़े बहुत पसंद थे?

उत्तर:असलम को रहीम चाचा की दुकान पर टँगा कुर्ता-पायजामा और ज़री की कढ़ाई वाली सदरी बहुत पसंद थी। वह ईद पर वही कपड़े पहनना चाहता था।


9. कपड़ों की कीमत सुनकर असलम की अम्मी पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर:जब असलम की अम्मी ने कपड़ों की कीमत दो सौ रुपए सुनी, तो वे घबरा गईं। उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वे इतने महंगे कपड़े खरीद सकें।


10. असलम की अम्मी ने क्या निर्णय लिया?

उत्तर:असलम की अम्मी ने तय किया कि चाहे जैसे भी हो, वे ईद पर अपने बेटे को नए कपड़े दिलाएँगी। इसके लिए उन्होंने और अधिक मेहनत करने का फैसला किया।


11. अम्मी ने पैसे जुटाने के लिए क्या किया?

उत्तर:अम्मी ने सुबह जल्दी उठकर और रात देर तक कढ़ाई का काम किया। रोज़ा रखने के बावजूद उन्होंने दुगुनी मेहनत की, जिससे उनकी तबीयत भी खराब होने लगी।


12. ईद से एक दिन पहले असलम के पास कितने पैसे थे?

उत्तर:ईद से एक दिन पहले असलम के पास पूरे दो सौ रुपए थे, जो उसकी अम्मी ने बहुत मेहनत से इकट्ठे किए थे।


13. असलम पैसे लेकर कहाँ जा रहा था?

उत्तर:असलम पैसे लेकर रहीम चाचा की दुकान जा रहा था ताकि अपने पसंद के नए कपड़े खरीद सके।


14. रास्ते में असलम किस बात को याद करके उदास हो गया?

उत्तर:असलम को अपने दोस्त मोहन की याद आ गई, जो स्कूल की फीस न भर पाने के कारण रो रहा था और स्कूल से नाम कटने वाला था।


15. मोहन की पारिवारिक स्थिति कैसी थी?

उत्तर:मोहन बहुत गरीब था। उसके पिता बीमार थे, माँ नहीं थी और घर में खाने तक के पैसे नहीं थे। उसकी पढ़ाई भी खतरे में थी।


16. असलम के मन में कौन-सा द्वंद्व चल रहा था?

उत्तर:असलम सोच रहा था कि वह पैसे नए कपड़ों पर खर्च करे या अपने दोस्त मोहन की मदद करे। एक तरफ उसकी खुशी थी, दूसरी तरफ दोस्त की ज़िंदगी और पढ़ाई।


17. असलम ने अंत में क्या निर्णय लिया?

उत्तर:असलम ने निर्णय लिया कि वह नए कपड़े नहीं खरीदेगा और पैसे मोहन को दे देगा ताकि उसके पिता का इलाज हो सके और उसकी पढ़ाई बच जाए।


18. असलम मोहन के घर जाकर क्या करता है?

उत्तर:असलम मोहन को ढाढ़स बंधाता है और उसे पूरे दो सौ रुपए दे देता है, ताकि वह अपने पिता का इलाज और फीस भर सके।


19. मोहन की प्रतिक्रिया क्या थी?

उत्तर:मोहन पहले मना करता है, लेकिन बाद में भावुक हो जाता है और असलम से लिपटकर रोने लगता है। उसे लगता है कि असलम भगवान बनकर आया है।


20. असलम घर लौटने पर अम्मी को क्या बताता है?

उत्तर:असलम अपनी अम्मी को पूरी घटना बताता है कि उसने पैसे मोहन की मदद के लिए दे दिए।


21. अम्मी की प्रतिक्रिया कैसी थी?

उत्तर:अम्मी की आँखों में आँसू आ जाते हैं। वे असलम को गले लगा लेती हैं और अपने बेटे पर गर्व महसूस करती हैं।


22. अम्मी को असलम पर नाज़ क्यों हुआ?

उत्तर:क्योंकि असलम ने स्वार्थ छोड़कर मानवता, दोस्ती और करुणा को चुना था। इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा निर्णय लेना बहुत प्रशंसनीय था।


23. असलम ने सपने में क्या देखा?

उत्तर:असलम ने सपना देखा कि अल्लाह उससे कहते हैं कि वह नेक इंसान है और उसने सच्ची ईद मनाई है।


24. “सच्ची ईद” से क्या तात्पर्य है?

उत्तर:सच्ची ईद का अर्थ है दूसरों की मदद करना, त्याग करना और इंसानियत निभाना, न कि केवल नए कपड़े पहनना।


25. इस कहानी का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर:कहानी हमें त्याग, दया, मित्रता और मानवता का महत्व सिखाती है। सच्ची खुशी दूसरों की मदद में होती है।


26. असलम के चरित्र की विशेषताएँ बताइए।

उत्तर:असलम दयालु, संवेदनशील, समझदार, निस्वार्थ और धार्मिक भावना वाला बालक था।


27. अम्मी के चरित्र से क्या शिक्षा मिलती है?

उत्तर:अम्मी त्याग, मेहनत और मातृत्व की मिसाल हैं। वे बेटे की खुशी के लिए खुद कष्ट सहती हैं।


28. मोहन का चरित्र क्या दर्शाता है?

उत्तर:मोहन गरीबी में भी पढ़ाई के प्रति लगन और आत्मसम्मान दिखाता है।


29. कहानी में गरीबी का चित्रण कैसे हुआ है?

उत्तर:गरीबी को सहनशीलता, संघर्ष और मेहनत के रूप में दिखाया गया है।


30. कहानी बच्चों को क्या सिखाती है?

उत्तर:बच्चों को दूसरों के दुख को समझना, मदद करना और सही निर्णय लेना सिखाती है।


31. असलम का निर्णय क्यों महान था?

उत्तर:क्योंकि उसने अपनी खुशी त्यागकर किसी और की ज़िंदगी बेहतर बनाई।


32. अगर आप असलम की जगह होते तो क्या करते?

उत्तर:(विद्यार्थी का स्वयं का उत्तर)


33. ईद का वास्तविक अर्थ क्या है?

उत्तर:ईद प्रेम, भाईचारे, त्याग और खुशी बाँटने का त्योहार है।


34. कहानी का शीर्षक “ईद” सार्थक क्यों है?

उत्तर:क्योंकि कहानी सच्ची ईद की भावना को दर्शाती है।


35. असलम की उम्र कम होने पर भी वह बड़ा क्यों कहलाता है?

उत्तर:क्योंकि उसके विचार और निर्णय परिपक्व थे।


36. कहानी में धार्मिक भावना कैसे दिखाई गई है?

उत्तर:रोज़ा, इबादत और अल्लाह का सपना इसके उदाहरण हैं।


37. दोस्ती का महत्व कैसे दिखाया गया है?

उत्तर:असलम ने दोस्त के लिए अपनी खुशी त्याग दी।


38. कहानी से हमें कौन-सी नैतिक शिक्षा मिलती है?

उत्तर:निस्वार्थ सेवा सबसे बड़ा धर्म है।


39. कहानी आज के समय में क्यों प्रासंगिक है?

उत्तर:आज भी समाज को करुणा और सहयोग की ज़रूरत है।


40. कहानी का निष्कर्ष लिखिए।

उत्तर:“ईद” कहानी बताती है कि इंसान की सच्ची पहचान उसके कर्मों से होती है, न कि वस्त्रों से।

Answer by Mrinmoee