Chapter 6
उपकार का बदला
1. सोमन ने बंदर और पपीते को देखकर क्या किया?
उत्तर:सोमन ने पहले बंदर को देखा और फिर पपीते को देखा, लेकिन उसने तुरंत पपीते को नहीं छुआ। वह सावधान था और बंदर के व्यवहार को समझने की कोशिश कर रहा था। वह जानता था कि बंदर के सामने पपीता उठाना खतरे से खाली नहीं है, इसलिए उसने धैर्य से काम लिया।
2. बंदर ने सोमन के साथ कैसा व्यवहार किया?
उत्तर:बंदर पहले शांत बैठा रहा, फिर अचानक सोमन की ओर खोंखियाते हुए दौड़ा। इससे सोमन डर गया। लेकिन बाद में बंदर ने पपीते को सोमन के पास लुढ़का दिया और फिर शांत होकर अपनी जगह पर बैठ गया। इससे पता चलता है कि बंदर का उद्देश्य नुकसान पहुँचाना नहीं था।
3. सोमन को बंदर से डर क्यों लगा?
उत्तर:सोमन को इसलिए डर लगा क्योंकि बंदर अचानक खोंखियाते हुए उसकी ओर दौड़ा। जंगली जानवरों का व्यवहार अनिश्चित होता है, इसलिए स्वाभाविक रूप से सोमन घबरा गया और उसे अपनी सुरक्षा की चिंता हुई।
4. बंदर ने पपीते के साथ क्या किया?
उत्तर:बंदर ने पपीते को सोमन के और नजदीक लुढ़का दिया। यह उसका संकेत था कि वह पपीते को सोमन को देना चाहता है। यह एक प्रकार का लेन-देन था, जिसमें बंदर ने बदले में कुछ पाने की भावना दिखाई।
5. सोमन ने पपीता उठाने से पहले क्या महसूस किया?
उत्तर:सोमन पपीता उठाते समय डरा हुआ था। उसे डर था कि कहीं बंदर हमला न कर दे। लेकिन बंदर के शांत व्यवहार को देखकर उसने साहस जुटाया और पपीता उठा लिया।
6. पपीता उठाने के बाद बंदर का व्यवहार कैसा हो गया?
उत्तर:सोमन को पपीता उठाते देख बंदर आश्वस्त हो गया। वह शांत हो गया और आक्रामक व्यवहार छोड़ दिया। इससे स्पष्ट होता है कि बंदर को यह संतोष था कि उसका दिया हुआ पपीता स्वीकार कर लिया गया है।
7. सोमन ने पपीते के साथ क्या किया?
उत्तर:सोमन ने अपनी कमर से चाकू निकाला, पपीते का छिलका उतारा और उसे चार टुकड़ों में काट दिया। यह उसके व्यावहारिक और शांत स्वभाव को दर्शाता है।
8. सोमन ने बंदर को पपीता क्यों दिया?
उत्तर:सोमन ने पपीते के एक-डेढ़ टुकड़े बंदर की ओर फेंक दिए, क्योंकि वह समझ गया था कि बंदर ने पपीता साझा करने के उद्देश्य से दिया है। यह आपसी समझ और नैतिकता का उदाहरण है।
9. पपीता खाने से सोमन पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:पपीता बहुत बड़ा था, जिससे सोमन का पेट भर गया। उसे तृप्ति मिली और उसने राहत महसूस की। इससे उसे यह भी लगा कि उसे पंखों का उचित मूल्य मिल गया।
10. सोमन ने अपने मन में क्या सोचा?
उत्तर:सोमन ने सोचा कि बंदर दो पंखे ले गया, लेकिन बदले में उसका पेट भर गया। उसने इसे पंखों का दाम मान लिया और संतोष महसूस किया।
11. धूप ढलने पर सोमन ने क्या किया?
उत्तर:धूप ढलने पर सोमन फिर से पंखे बेचने के लिए निकल पड़ा। यह दर्शाता है कि वह मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति था, जो अपने काम में लगा रहता था।
12. रास्ते में सोमन ने क्या पुकार लगाई?
उत्तर:सोमन ने हमेशा की तरह आवाज लगाई – “पंखा ले लो, पंखा!”। यह उसके रोज़मर्रा के जीवन और आजीविका का हिस्सा था।
13. ‘ओ पंखेवाले!’ किसने पुकारा?
उत्तर:‘ओ पंखेवाले!’ की पुकार एक बड़े डेरे के अंदर से आई। इससे सोमन को पता चला कि कोई ग्राहक या परिचित उसे बुला रहा है।
14. सोमन डेरे के अंदर क्यों गया?
उत्तर:पुकार सुनकर सोमन फाटक खोलकर डेरे के अंदर गया, क्योंकि उसे लगा कि कोई पंखे खरीदना चाहता है या उससे बात करना चाहता है।
15. डेरे में सोमन ने क्या देखा?
उत्तर:डेरे में उसने एक भद्र पुरुष को देखा, जो बरामदे में खड़े थे और जमीन पर पड़े पंखों की ओर इशारा कर रहे थे।
16. भद्र पुरुष ने सोमन से क्या पूछा?
उत्तर:भद्र पुरुष ने पूछा कि “ये दोनों पंखे तुम्हारे हैं?”। वे यह जानना चाहते थे कि पंखों का असली मालिक कौन है।
17. सोमन ने पंखों के बारे में क्या उत्तर दिया?
उत्तर:सोमन ने विनम्रता से कहा कि “जी सरकार!”, यानी उसने स्वीकार किया कि पंखे उसी के हैं।
18. भद्र पुरुष ने पंखों के बारे में क्या बताया?
उत्तर:भद्र पुरुष ने कहा कि ये पंखे बंदर फेंक गया था और सोमन से उन्हें ले जाने को कहा।
19. सोमन ने चारों ओर क्यों देखा?
उत्तर:सोमन ने चारों ओर इसलिए देखा क्योंकि वह यह समझना चाहता था कि बंदर ने कहाँ से पपीता लिया और क्या उसने भद्र पुरुष को कोई नुकसान पहुँचाया है।
20. सोमन ने भद्र पुरुष से क्या प्रश्न किया?
उत्तर:सोमन ने पूछा कि क्या बंदर ने उनका पपीता भी तोड़ा है। यह उसकी ईमानदारी और जिम्मेदारी को दर्शाता है।
21. भद्र पुरुष ने पपीते के बारे में क्या कहा?
उत्तर:भद्र पुरुष ने बताया कि बंदर एक पपीता तोड़कर ले गया था और जाते समय पंखे वहीं फेंक गया।
22. सोमन ने पंखा न लेने का निर्णय क्यों लिया?
उत्तर:सोमन ने कहा कि वह पंखा नहीं लेगा क्योंकि बदले में बंदर उसे पपीता दे गया था और उसे उसका दाम मिल चुका है।
23. सोमन की इस बात पर भद्र पुरुष की क्या प्रतिक्रिया हुई?
उत्तर:भद्र पुरुष को बंदर के व्यवहार और सोमन की ईमानदारी पर बहुत आश्चर्य हुआ।
24. सोमन ने पूरी घटना क्यों बताई?
उत्तर:सोमन ने पूरी घटना इसलिए बताई ताकि भद्र पुरुष को स्थिति समझ में आ जाए और किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
25. भद्र पुरुष ने बंदर के व्यवहार से क्या शिक्षा ली?
उत्तर:भद्र पुरुष ने कहा कि जब एक जंगली जानवर में इतना विवेक है, तो मनुष्य होकर वह अन्याय कैसे कर सकता है।
26. भद्र पुरुष ने सोमन से क्या करने को कहा?
उत्तर:उन्होंने सोमन से कहा कि पंखे छोड़ दे और उनका मूल्य बता दे, ताकि वे उसका उचित दाम चुका सकें।
27. सोमन ने पंखों का मूल्य कैसे बताया?
उत्तर:सोमन ने संकोच के साथ कहा कि पंखे चार रुपए जोड़ा बिकते हैं, लेकिन आज जो भी मिल जाए वही उसके लिए बहुत है।
28. सोमन के स्वभाव के बारे में क्या पता चलता है?
उत्तर:सोमन का स्वभाव ईमानदार, सरल और संतोषी है। वह अधिक लालच नहीं करता और जो मिलता है उसमें खुश रहता है।
29. भद्र पुरुष ने सोमन को क्या दिया?
उत्तर:भद्र पुरुष ने अपनी जेब से पाँच रुपए का सिक्का निकालकर सोमन को दिया, जो बताए गए मूल्य से अधिक था।
30. पाँच रुपए देने का क्या अर्थ है?
उत्तर:यह सोमन की ईमानदारी और अच्छे व्यवहार के सम्मान का प्रतीक है। भद्र पुरुष ने प्रसन्न होकर अधिक धन दिया।
31. पैसे पाकर सोमन ने क्या किया?
उत्तर:सोमन पैसे लेकर सड़क की ओर चल पड़ा और फिर से अपना काम शुरू कर दिया।
32. सोमन ने सड़क पर आकर क्या किया?
उत्तर:उसने फिर से आवाज लगाई – “पंखा ले लो, पंखा!”। यह दर्शाता है कि वह अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित है।
33. इस कहानी में बंदर का व्यवहार क्या दर्शाता है?
उत्तर:बंदर का व्यवहार विवेक, न्याय और लेन-देन की भावना को दर्शाता है, जो मनुष्यों के लिए भी एक सीख है।
34. सोमन और बंदर के संबंध से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:इससे यह शिक्षा मिलती है कि ईमानदारी और समझदारी से हर समस्या का समाधान संभव है।
35. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर:कहानी का मुख्य संदेश यह है कि ईमानदारी, नैतिकता और संतोष मनुष्य के सबसे बड़े गुण हैं।
36. सोमन को पंखों का उचित मूल्य कैसे मिला?
उत्तर:उसे पहले पपीते के रूप में और फिर पाँच रुपए के सिक्के के रूप में पंखों का उचित मूल्य मिला।
37. भद्र पुरुष का चरित्र कैसा है?
उत्तर:भद्र पुरुष न्यायप्रिय, संवेदनशील और नैतिक व्यक्ति हैं, जो सही कार्य को महत्व देते हैं।
38. कहानी में लेन-देन की भावना कैसे दिखाई गई है?
उत्तर:बंदर द्वारा पपीता देना और पंखे छोड़ना, तथा भद्र पुरुष द्वारा पैसे देना – ये सभी लेन-देन की भावना दर्शाते हैं।
39. कहानी में मानव और पशु की तुलना कैसे की गई है?
उत्तर:कहानी में दिखाया गया है कि कभी-कभी पशु भी मनुष्यों से अधिक विवेकशील और न्यायप्रिय हो सकते हैं।
40. यह कहानी हमें जीवन में क्या अपनाने की प्रेरणा देती है?
उत्तर:यह कहानी हमें ईमानदारी, संतोष, न्याय और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करना सिखाती है।
Answer by Mrinmoee