Chapter 9
ममता की मूर्ति
1. अमेरिकी अधिकारी कैनेडी ने सेवा शिविर में क्या दृश्य देखा और उस पर उनकी क्या प्रतिक्रिया थी?
उत्तर:अमेरिकी अधिकारी कैनेडी ने भारत के एक सेवा शिविर में एक अत्यंत दयनीय दृश्य देखा। वहाँ एक रोगी उल्टी, दस्त और खून से लथपथ पड़ा था। एक महिला पूरे मन से उसकी सेवा कर रही थी और उसकी गंदगी साफ कर रही थी। यह दृश्य देखकर कैनेडी बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने उस महिला से हाथ मिलाने की इच्छा प्रकट की। महिला ने कहा कि उसके हाथ गंदे हैं, लेकिन कैनेडी ने कहा कि ये हाथ गंदे नहीं बल्कि पवित्र हैं और उन्होंने उन हाथों को अपने सिर पर रख लिया।
2. कैनेडी ने मदर टेरेसा के हाथों को पवित्र क्यों कहा?
उत्तर:कैनेडी ने मदर टेरेसा के हाथों को इसलिए पवित्र कहा क्योंकि वे हाथ निःस्वार्थ भाव से रोगियों की सेवा में लगे थे। वे हाथ दुखियों की पीड़ा कम करने में लगे थे, इसलिए कैनेडी की दृष्टि में वे हाथ ईश्वर के समान पवित्र थे।
3. मदर टेरेसा का वास्तविक नाम, जन्म स्थान और माता-पिता का परिचय दीजिए।
उत्तर:मदर टेरेसा का वास्तविक नाम एग्नेस गोज़ा बोजाक्यू था। उनका जन्म 27 अगस्त 1910 ई. को युगोस्लाविया के स्पोजे नगर में हुआ। उनकी माता का नाम ड्रानाफिल और पिता का नाम निकोलस था।
4. मदर टेरेसा के बचपन की कौन-सी विशेषता उनके जीवन को दिशा देने वाली बनी?
उत्तर:बचपन से ही मदर टेरेसा के मन में सेवा का भाव था। वे गरीबों, असहायों और दुखियों की मदद करना चाहती थीं। यही सेवा-भाव उनके पूरे जीवन की दिशा बन गया।
5. मदर टेरेसा ने ‘नन’ बनने का निर्णय क्यों लिया?
उत्तर:मदर टेरेसा ने समाज की सेवा करने के उद्देश्य से ‘नन’ बनने का निर्णय लिया। वे अपना पूरा जीवन ईश्वर और मानव सेवा को समर्पित करना चाहती थीं।
6. मदर टेरेसा भारत कब और किस उद्देश्य से आईं?
उत्तर:मदर टेरेसा 1928 ई. में भारत आईं। वे दार्जिलिंग के लोरैटो कान्वेंट में शिक्षिका बनकर आई थीं।
7. कोलकाता में मदर टेरेसा का शैक्षिक जीवन कैसा रहा?
उत्तर:1929 ई. में मदर टेरेसा ने कोलकाता के सेंट मेरी हाईस्कूल में पढ़ाना शुरू किया। वे बाद में उसी विद्यालय की प्रधान शिक्षिका भी बनीं।
8. मदर टेरेसा ने विद्यालय छोड़ने का निर्णय क्यों लिया?
उत्तर:गरीबों, असहायों और रोगियों की स्थिति देखकर उनका हृदय व्यथित रहता था। इसी कारण उन्होंने विद्यालय छोड़कर पूर्ण रूप से सेवा कार्य में लगने का निर्णय लिया।
9. विद्यालय छोड़ने के बाद मदर टेरेसा ने किस प्रकार का जीवन अपनाया?
उत्तर:विद्यालय छोड़ने के बाद मदर टेरेसा ने अपना जीवन गरीबों, कुष्ठ रोगियों, बीमारों और बेसहारा लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया।
10. मदर टेरेसा के पहनावे का क्या महत्व था?
उत्तर:मदर टेरेसा नीली किनारी वाली सफेद साड़ी पहनती थीं। यह साड़ी सेवा-भाव की प्रतीक बन गई और आगे चलकर नर्सों की पहचान भी बनी।
11. मदर टेरेसा ने नर्स की ट्रेनिंग क्यों ली?
उत्तर:मदर टेरेसा रोगियों की बेहतर सेवा और उपचार के लिए नर्स की ट्रेनिंग लेना चाहती थीं, ताकि वे बीमारों की सही ढंग से देखभाल कर सकें।
12. वह घटना वर्णन कीजिए जिसने ‘निर्मल हृदय’ की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
उत्तर:एक बार मदर टेरेसा एक मरणासन्न बुढ़िया को अस्पताल ले गईं, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज से मना कर दिया। वह बुढ़िया मदर की गोद में ही मर गई। इस घटना ने मदर टेरेसा को गहराई से झकझोर दिया।
13. ‘निर्मल हृदय’ की स्थापना क्यों की गई?
उत्तर:मरणासन्न, लावारिस और असहाय लोगों को सम्मानपूर्वक अंतिम समय देने के लिए मदर टेरेसा ने ‘निर्मल हृदय’ की स्थापना की।
14. ‘निर्मल हृदय’ प्रारंभ में कैसा था?
उत्तर:प्रारंभ में ‘निर्मल हृदय’ एक जर्जर कमरा था, जिसमें केवल दो पलंग थे, लेकिन उसमें सेवा और ममता का अपार भाव था।
15. ‘निर्मल हृदय’ में किस प्रकार की सेवा की जाती थी?
उत्तर:यहाँ रोगियों को स्नेह, सहानुभूति और प्रेम के साथ सेवा और उपचार प्रदान किया जाता था।
16. ‘मिशनरीज़ ऑफ चैरिटीज़’ की स्थापना कब और क्यों हुई?
उत्तर:1950 ई. में ‘मिशनरीज़ ऑफ चैरिटीज़’ को मान्यता मिली। इसका उद्देश्य संगठित रूप से सेवा कार्यों का विस्तार करना था।
17. मदर टेरेसा द्वारा स्थापित अन्य संस्थाओं के नाम लिखिए।
उत्तर:मदर टेरेसा ने शिशु-सदन, प्रेम-घर और शांति-नगर की भी स्थापना की।
18. मदर टेरेसा स्वयं कौन-से कार्य करती थीं?
उत्तर:वे स्वयं रोगियों के घावों की सफाई, मल-मूत्र की सफाई जैसे कठिन कार्य भी करती थीं।
19. सेवा कार्य से मदर टेरेसा को कैसा अनुभव होता था?
उत्तर:सेवा कार्य उन्हें अत्यंत आनंद और आत्मसंतोष प्रदान करता था।
20. मदर टेरेसा को भारत सरकार ने किस सम्मान से नवाजा?
उत्तर:भारत सरकार ने मदर टेरेसा को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया।
21. नोबेल पुरस्कार मदर टेरेसा को क्यों दिया गया?
उत्तर:मानव सेवा और परोपकार के अद्वितीय कार्यों के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया गया।
22. मदर टेरेसा की मृत्यु कब हुई?
उत्तर:मदर टेरेसा का निधन 5 सितंबर 1997 को हुआ।
23. मदर टेरेसा की कौन-सी उक्ति हमें प्रेरणा देती है?
उत्तर:वे कहती थीं कि दुनिया में जहाँ भी दुखी और बेसहारा लोग मिलें, वे हमारे प्यार और मदद के हकदार हैं।
24. मदर टेरेसा को ‘ममता की मूर्ति’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर:उनका जीवन प्रेम, करुणा और सेवा से भरा था, इसलिए उन्हें ‘ममता की मूर्ति’ कहा जाता है।
25. मदर टेरेसा का कार्यक्षेत्र कौन-सा रहा?
उत्तर:उनका मुख्य कार्यक्षेत्र कोलकाता रहा, जहाँ से उन्होंने सेवा कार्यों की शुरुआत की।
26. मदर टेरेसा के जीवन से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:उनका जीवन हमें निःस्वार्थ सेवा, प्रेम और मानवता की शिक्षा देता है।
27. मदर टेरेसा गरीबों के लिए माँ कैसे बनीं?
उत्तर:वे गरीबों, रोगियों और बेसहारा लोगों की माँ की तरह देखभाल करती थीं।
28. मदर टेरेसा ने समाज की किस समस्या पर विशेष ध्यान दिया?
उत्तर:उन्होंने असहाय, रोगी और लावारिस लोगों की समस्या पर विशेष ध्यान दिया।
29. मदर टेरेसा का जीवन त्याग का प्रतीक कैसे है?
उत्तर:उन्होंने अपना आराम, पद और प्रतिष्ठा त्यागकर सेवा का मार्ग अपनाया।
30. मदर टेरेसा का व्यक्तित्व कैसा था?
उत्तर:वे सरल, करुणामयी, सहनशील और सेवाभावी थीं।
31. मदर टेरेसा ने मानवता की सेवा कैसे की?
उत्तर:उन्होंने बिना भेदभाव के सभी की सेवा की।
32. मदर टेरेसा की प्रसिद्धि का कारण क्या था?
उत्तर:उनकी निःस्वार्थ सेवा और करुणा उन्हें विश्व-प्रसिद्ध बनाती है।
33. मदर टेरेसा का जीवन युवाओं के लिए क्यों प्रेरणादायक है?
उत्तर:वे युवाओं को सेवा और संवेदना का मार्ग दिखाती हैं।
34. मदर टेरेसा ने सेवा को धर्म क्यों माना?
उत्तर:वे मानव सेवा को ईश्वर की सच्ची पूजा मानती थीं।
35. मदर टेरेसा के कार्यों में प्रेम की भूमिका क्या थी?
उत्तर:प्रेम उनके हर कार्य का आधार था।
36. मदर टेरेसा ने असहायों को क्या दिया?
उत्तर:उन्होंने उन्हें सम्मान, स्नेह और सहारा दिया।
37. मदर टेरेसा का संदेश क्या है?
उत्तर:हर दुखी व्यक्ति की मदद करना हमारा कर्तव्य है।
38. मदर टेरेसा का जीवन सादगी का उदाहरण कैसे है?
उत्तर:उन्होंने साधारण जीवन जीते हुए महान कार्य किए।
39. मदर टेरेसा का योगदान समाज के लिए क्यों अमूल्य है?
उत्तर:उन्होंने मानवता की सच्ची सेवा की।
40. पाठ के आधार पर मदर टेरेसा का संक्षिप्त मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर:मदर टेरेसा करुणा, सेवा और त्याग की प्रतीक थीं। उनका जीवन मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।
Answer by Mrinmoee