Chapter 2
ग्रामीण जीवन-यापन के स्वरूप
1. भारत में गाँवों की कुल संख्या कितनी है और इसका ग्रामीण जीवन पर क्या असर है?
उत्तर: भारत लगभग छह लाख से अधिक गाँवों का देश है। इस विशाल संख्या के कारण अधिकांश भारतीय ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। यहाँ लोगों का जीवन-यापन कृषि, पशुपालन, बागवानी, हस्तशिल्प और छोटी दुकानों पर निर्भर होता है। गाँवों में संसाधनों और अवसरों की विविधता ग्रामीण जीवन को विशेष बनाती है।
2. राजपुर गाँव की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: राजपुर गाँव बिहार के बक्सर जिले में स्थित है। इसकी मुख्य गली और सड़क बाजार की तरह दिखती है। यहाँ कई छोटी-बड़ी दुकानें हैं, जैसे चाय-नाश्ता की दुकान, साइकिल मरम्मत की दुकान और लोहे की वस्तुएँ बनाने वाले परिवार के घर। गाँव में अधिकांश लोग खेती, बागवानी और पशुपालन से जीवन-यापन करते हैं।
3. राजपुर गाँव में खेती किस प्रकार की जाती है?
उत्तर: यहाँ मुख्य रूप से गेहूँ, चना, अरहर और मसूर की खेती होती है। इसके अलावा आम और अन्य मौसमी फलों के बगीचे भी हैं। लोग बागवानी से फल उगाकर बाजार में बेचकर आय प्राप्त करते हैं।
4. राजपुर गाँव में लोग अपनी आजीविका के लिए और कौन-कौन से कार्य करते हैं?
उत्तर: यहाँ के लोग मछली पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, बकरी व सूअर पालन करते हैं। दुग्ध उत्पादन के लिए पशुओं को भी पाला जाता है। कुछ परिवार कपड़े धोकर या लोहे की वस्तुएँ बनाकर भी आजीविका कमाते हैं।
5. ग्रामीण जीवन में समान अवसर की स्थिति कैसी है?
उत्तर: ग्रामीण जीवन में समान अवसर नहीं हैं। बड़े किसानों के पास अधिक जमीन, संसाधन और आधुनिक उपकरण होते हैं। मध्यम और छोटे किसानों को सीमित संसाधनों के कारण कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कृषक मजदूर पूरी तरह दूसरों के खेतों पर निर्भर रहते हैं।
6. ललन मध्यम किसान के रूप में कैसे जीवन-यापन करता है?
उत्तर: ललन के पास 5 एकड़ जमीन है। वह साल में दो फसलें उगाता है – बरसात में धान और ठंड में गेहूँ, चना व दलहनी फसलें। सिंचाई और रासायनिक खाद के कारण उपज अच्छी हुई है। वह कटाई के समय कुछ मजदूरों की मदद लेता है और मुर्गी पालन से आय अर्जित करता है।
7. ललन को मजदूरों की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
उत्तर: बुआई और निराई-गुड़ाई के समय ललन अपने परिवार के साथ काम कर सकता है। लेकिन कटाई के समय अधिक मेहनत और समय की आवश्यकता होती है। मजदूरों की कमी के कारण काम समय पर पूरा नहीं हो पाता, और मजदूरी भी बढ़ जाती है।
8. ललन के लिए बैंक कर्ज का क्या महत्व है?
उत्तर: ललन को फसल के लिए बैंक से कर्ज लेना पड़ा। कर्ज चुकाने के लिए उसे फसल जल्दी बेचना पड़ता है। यदि कर्ज समय पर न चुकाया जाए तो भविष्य में कर्ज लेने में परेशानी होगी।
9. कृपाशंकर सीमान्त किसान की स्थिति क्या है?
उत्तर: कृपाशंकर के पास केवल 1 एकड़ जमीन है। वह फसल उगाने के लिए आधुनिक उपकरण नहीं रखता। उसे खाद, बीज और कीटनाशक उधार लेने पड़ते हैं। पैसे की कमी और कर्ज चुकाने की आवश्यकता के कारण उसे फसल जल्दी बेचनी पड़ती है।
10. कृपाशंकर को फसल बेचने में क्या समस्या आती है?
उत्तर: समय पर कर्ज चुकाने के लिए उसे फसल जल्दी बेचना पड़ता है, भले ही बाजार में दाम कम हों। यह उसकी आर्थिक स्थिति पर दबाव डालता है और फसल से मिलने वाली आय सीमित हो जाती है।
11. कृपाशंकर अपने परिवार का जीवन-यापन कैसे करता है?
उत्तर: कृपाशंकर दूसरों के खेतों में काम करता है। उसके पास दो गाय और एक भैंस है, जिनका दूध वह बेचकर कुछ आय अर्जित करता है। घर का गुज़ारा मुश्किल से चलता है और कर्ज लेना भी आवश्यक हो जाता है।
12. सीमान्त किसानों को कर्ज क्यों लेना पड़ता है?
उत्तर: उनके पास इतनी आय नहीं होती कि खाद, बीज और कीटनाशक खरीदे जा सकें। समय पर बैंक कर्ज न मिलने पर उन्हें महाजन या साहूकार से ऊँची ब्याज दर पर कर्ज लेना पड़ता है।
13. प्रमोद बड़े किसान के रूप में कौन-कौन से संसाधन रखते हैं?
उत्तर: प्रमोद के पास लगभग 15 एकड़ जमीन है। वह बैंक कर्ज लेकर मोटरपंप, थ्रेसर, ट्रैक्टर-ट्राली जैसी आधुनिक मशीनें खरीदा है।
14. प्रमोद को फसल बेचने में समय क्यों लगता है?
उत्तर: उसके पास फसल को रखने के लिए घर और संसाधन हैं। इसलिए वह बाजार भाव बढ़ने तक फसल नहीं बेचता।
15. बड़े किसानों और मध्यम/छोटे किसानों में क्या अंतर है?
उत्तर: बड़े किसान के पास अधिक जमीन, संसाधन और मशीनें होती हैं। उन्हें मजदूरों की जरूरत कम पड़ती है और कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं होती। मध्यम और छोटे किसानों को सीमित संसाधनों के कारण अधिक मेहनत और कर्ज लेना पड़ता है।
16. बड़े किसान कैसे लाभ अर्जित करते हैं?
उत्तर: बड़े किसान अपनी फसल का उचित समय पर विपणन करते हैं। इसके अलावा वे चावल की मिल, बागवानी और अन्य व्यवसाय से अतिरिक्त आय अर्जित करते हैं।
17. प्रमोद मजदूरों का उपयोग कैसे करता है?
उत्तर: वह कटाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए मजदूरों को रखता है। साल भर कुछ मजदूर स्थायी रूप से उसके पास काम करते हैं, जिन्हें 'हलवाहा' कहा जाता है।
18. कृषक मजदूर कौन होते हैं?
उत्तर: कृषक मजदूर वे लोग हैं जिनके पास जमीन नहीं होती। वे दूसरों के खेतों में काम करके जीवन-यापन करते हैं।
19. संतोष और उसके जैसे मजदूरों की स्थिति कैसी है?
उत्तर: संतोष के परिवार के पास कोई जमीन नहीं है। फसल कटाई और बुआई के समय काम मिल जाता है, लेकिन साल के बाकी दिनों में उन्हें मजदूरी नहीं मिलती।
20. मजदूर परिवारों का जीवन-यापन कैसे होता है?
उत्तर: वे शहरों में मिट्टी और बालू ढोने, निर्माण कार्य और गैर-कृषि कार्य जैसे टोकरी, मट्टी के बर्तन, झाड़ू आदि बनाने का काम करते हैं।
21. कृषक मजदूरों को चिकित्सा और शिक्षा में क्या कठिनाइयाँ आती हैं?
उत्तर: संतोष के बच्चे बीमार होने पर शहर जाकर इलाज कराना पड़ता है, जिसके लिए कर्ज लेना पड़ता है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च सीमित होने के कारण उनके जीवन-यापन में कठिनाई आती है।
22. मजदूरों के पास कृषि के लिए कौन-कौन से संसाधन होते हैं?
उत्तर: अधिकांश मजदूरों के पास अपनी कोई जमीन नहीं होती। उनके पास खेती के लिए उपकरण और संसाधन नहीं होते। वे पूरी तरह दूसरों पर निर्भर रहते हैं।
23. लोहार और अन्य कारीगर किस प्रकार जीवन-यापन करते हैं?
उत्तर: कुछ परिवार लोहार, बढ़ई, राजमिस्त्री, दर्जी और मिट्टी के बर्तन, टोकरी, झाड़ू, पंखा आदि बनाकर अपने परिवार का जीवन-यापन करते हैं।
24. हस्तशिल्प और कारीगरी का ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्या योगदान है?
उत्तर: हस्तशिल्प से परिवार अपनी आजीविका चला पाते हैं। गाँव में उत्पादित सामान को बेचकर परिवार की आवश्यकताएँ पूरी होती हैं।
25. गाँवों में लोग किन-किन सेवाओं में कार्य करते हैं?
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों में लोग शिक्षक, कर्मचारी, आंगनवाड़ी सेविका, डॉक्टर, नर्स, डाकिया आदि के रूप में भी कार्य करते हैं।
26. ग्रामीण परिवारों के लिए छोटे व्यवसाय का महत्व क्या है?
उत्तर: छोटे व्यवसाय जैसे साइकिल मरम्मत, राशन दुकान और अनाज का व्यापार ग्रामीण परिवारों को नियमित आय प्रदान करते हैं।
27. किसान अपनी आजीविका के लिए किन-किन कारकों पर निर्भर रहते हैं?
उत्तर: किसान भूमि की उपजाऊ क्षमता, सिंचाई की सुविधा, उर्वरक और कीटनाशक, मौसम और बाजार भाव पर निर्भर रहते हैं।
28. छोटे और सीमांत किसानों को कृषि में कौन-कौन सी कठिनाइयाँ आती हैं?
उत्तर: सीमित जमीन, कर्ज, मजदूरों की कमी, आधुनिक उपकरण का अभाव और बाजार में सही दाम न मिलना उनकी मुख्य कठिनाइयाँ हैं।
29. बड़े किसान आर्थिक रूप से कैसे मजबूत होते हैं?
उत्तर: उनके पास पर्याप्त जमीन, मशीनें, बैंक कर्ज का उपयोग, मजदूर और अतिरिक्त व्यवसाय होते हैं। इसलिए वे आर्थिक रूप से अधिक मजबूत होते हैं।
30. मध्यम किसान अपनी आजीविका कैसे सुनिश्चित करते हैं?
उत्तर: मध्यम किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन और छोटे व्यवसायों से आय अर्जित करते हैं। कटाई के समय मजदूरों की मदद लेते हैं और कर्ज का प्रबंधन करते हैं।
31. कृषक मजदूरों के लिए आजीविका में स्थिरता क्यों नहीं होती?
उत्तर: उनके पास जमीन और संसाधन नहीं होते। वे केवल बुआई और कटाई के समय ही काम पा सकते हैं। वर्ष के बाकी समय में उन्हें अन्य मजदूरी या गैर-कृषि कार्य करना पड़ता है।
32. कर्ज लेने की आवश्यकता किसे पड़ती है और क्यों?
उत्तर: छोटे और सीमांत किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक खरीदने के लिए कर्ज लेना पड़ता है। किसान मजदूरी, आय की कमी या मौसम के कारण समय पर पैसा नहीं कमा पाते।
33. बागवानी का ग्रामीण जीवन में क्या महत्व है?
उत्तर: बागवानी से लोग फल उगाकर बाजार में बेचते हैं। इससे आय का एक अतिरिक्त स्रोत मिलता है और परिवार का जीवन-यापन सुनिश्चित होता है।
34. पशुपालन ग्रामीण जीवन में कैसे मदद करता है?
उत्तर: मुर्गी, मछली, भैंस और गाय पालन से दूध, मांस और अन्य उत्पाद मिलते हैं। इससे परिवार की नियमित आय सुनिश्चित होती है।
35. मजदूर परिवारों के बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: आर्थिक कठिनाइयों के कारण बच्चों की शिक्षा अधूरी रह जाती है। बीमार होने पर कर्ज लेकर इलाज कराना पड़ता है।
36. बड़े किसान कृषि में मशीनों का उपयोग कैसे करते हैं?
उत्तर: बड़े किसान मोटरपंप, ट्रैक्टर, थ्रेसर और ट्रॉली का उपयोग करते हैं। इससे मेहनत कम होती है, समय की बचत होती है और उत्पादन बढ़ता है।
37. मजदूर परिवारों की गैर-कृषि आजीविका में कौन-कौन से काम शामिल हैं?
उत्तर: वे टोकरी, मिट्टी के बर्तन, झाड़ू, पंखा, चटाई, कम्बल, कपड़े पर जरी और गोटा आदि बनाते हैं।
38. मजदूरी मिलने और न मिलने का कृषक मजदूरों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: फसल कटाई और बुआई के समय मजदूरी मिलने पर जीवन-यापन आसान हो जाता है। अन्य समय में काम नहीं मिलने से आय कम होती है और कर्ज लेने की आवश्यकता बढ़ती है।
39. कृषि और अन्य व्यवसायों का ग्रामीण जीवन में क्या महत्व है?
उत्तर: कृषि ग्रामीण जीवन की मुख्य आजीविका है। अन्य व्यवसाय, पशुपालन, बागवानी और हस्तशिल्प से अतिरिक्त आय मिलती है। इससे ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से सुरक्षित रहते हैं।
40. ग्रामीण जीवन में समानता और असमानता पर प्रकाश डालिए।
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्रों में समानता नहीं है। बड़े किसानों के पास अधिक जमीन, मशीन और संसाधन होते हैं। मध्यम और सीमांत किसान सीमित संसाधन पर निर्भर रहते हैं। कृषक मजदूरों के पास जमीन और स्थिर आय नहीं होती। इस प्रकार ग्रामीण जीवन में आर्थिक और सामाजिक असमानता स्पष्ट दिखाई देती है।
Answer by Mrinmoee