Chapter 3

                                                 शहरी जीवन-यापन के स्वरूप


1. प्रश्न: राजपुर गाँव की मुख्य गली और बाजार का स्वरूप कैसा है?

उत्तर: राजपुर गाँव की मुख्य गली और सड़क बाजार जैसी दिखती है। यहाँ तरह-तरह की छोटी-बड़ी दुकानें हैं। चाय-नाश्ता की दुकान के पास एक परिवार लोहे के सामान बनाता है, पास में साइकिल मरम्मत की दुकान है, और कुछ परिवार कपड़े धोकर अपनी आजीविका चलाते हैं।


2. प्रश्न: राजपुर गाँव में अधिकांश लोग अपनी आजीविका कैसे चलाते हैं?

उत्तर: ज्यादातर लोग खेती से अपनी आजीविका चलाते हैं। यहाँ गेहूँ, चना, अरहर और मसूर की खेती होती है। इसके अलावा आम और अन्य मौसमी फलों के बगीचे भी हैं।


3. प्रश्न: जीवन-यापन के लिए राजपुर गाँव में और कौन-कौन से कार्य होते हैं?

उत्तर: लोग बागवानी, मछली पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, बकरी और सूअर पालन करते हैं। दुग्ध उत्पादन के लिए भी पशुओं का पालन होता है।


4. प्रश्न: शुकुलपुरा गाँव में सिंचाई का प्रमुख स्रोत क्या है?

उत्तर: शुकुलपुरा गाँव में अधिकांश खेतों में नहरों के माध्यम से सिंचाई होती है।


5. प्रश्न: ललन की खेती में किन फसलों का उत्पादन होता है और किस मौसम में?

उत्तर: ललन के पास 5 एकड़ जमीन है। वह बरसात में धान और ठंड में गेहूँ, चना और अन्य दलहनी फसलें उगाता है।


6. प्रश्न: ललन अपने खेत में कटाई के समय मजदूरों की मदद क्यों लेते हैं?

उत्तर: कटाई के समय मजदूरों की आवश्यकता होती है। अन्य समय बुआई और निराई-गुड़ाई में ललन को मजदूरों की जरूरत नहीं पड़ती।


7. प्रश्न: ललन के मुर्गी फार्म का उद्देश्य क्या है?

उत्तर: मुर्गी फार्म से होने वाली आय से ललन अपने दैनिक खर्चों को पूरा करने का प्रयास करता है।


8. प्रश्न: ललन को अपनी फसल जल्दी बेचने की आवश्यकता क्यों होती है?

उत्तर: ललन को बैंक का कर्ज चुकाना होता है। कर्ज न चुकाने पर भविष्य में कर्ज लेना मुश्किल हो जाता है।


9. प्रश्न: कृपाशंकर के पास कितनी जमीन है और वह किन परेशानियों का सामना करते हैं?

उत्तर: कृपाशंकर के पास 1 एकड़ जमीन है। उनके पास आधुनिक उपकरण नहीं हैं, खाद, बीज और कीटनाशक उधार लेने पड़ते हैं। कर्ज चुकाने के लिए फसल जल्दी बेचनी पड़ती है।


10. प्रश्न: कृपाशंकर सालभर अपने परिवार का गुजारा कैसे करते हैं?

उत्तर: वे दूसरों के खेतों में मजदूरी करते हैं, गाय और भैंस से दुग्ध उत्पादन करते हैं और कभी-कभी गैर-कृषि कार्य जैसे टोकरी, मट्टी के बर्तन आदि बनाते हैं।


11. प्रश्न: बड़े किसान प्रमोद के पास कितनी जमीन है और वे खेती कैसे करते हैं?

उत्तर: प्रमोद के पास लगभग 15 एकड़ जमीन है। उनकी जमीन पूरी तरह सिंचित है। वे मोटरपंप, थ्रेसर और ट्रैक्टर जैसी मशीनों का उपयोग करके खेती करते हैं।


12. प्रश्न: बड़े किसान अपनी फसल क्यों तुरंत नहीं बेचते हैं?

उत्तर: बड़े किसान जैसे प्रमोद के पास फसल को रखने की सुविधा है। इसलिए वे फसल को तब तक रखते हैं जब तक बाजार भाव उचित न हो जाए।


13. प्रश्न: बड़े किसानों के पास मजदूरों की क्या व्यवस्था होती है?

उत्तर: बड़े किसान अपने पास एक या दो हलवाहा रख सकते हैं। वे सालभर मजदूर रखते हैं और अन्य आवश्यक कामों के लिए अतिरिक्त मजदूर बुलाते हैं।


14. प्रश्न: शुकुलपुरा गाँव के कृषक मजदूर संतोष की स्थिति क्या है?

उत्तर: संतोष के पास जमीन नहीं है। फसल के कटाई-बुवाई के समय गाँव में मजदूरी करता है। अन्य समय शहर में मिट्टी, बालू ढोने और निर्माण कार्य करता है।


15. प्रश्न: संतोष की पत्नी किस प्रकार का काम करती है?

उत्तर: संतोष की पत्नी घर-घर जाकर मजदूरी करती है और पशु पालन भी करती है।


16. प्रश्न: लोहार और अन्य कारीगर किस प्रकार आजीविका चलाते हैं?

उत्तर: वे बढ़ईगिरी, लोहारगिरी, दर्जी, मिट्टी के बर्तन, खिलौना, टोकरी आदि बनाकर बेचते हैं। कुछ लोग हाथ से कम्बल, कपड़ों पर जरी-गोटा का काम भी करते हैं।


17. प्रश्न: पटरी वाले व्यापारी कौन होते हैं और उनका स्वरूप क्या होता है?

उत्तर: पटरी वाले व्यापारी फुटपाथ और सड़कों के किनारे सामान बेचते हैं। उनकी दुकानें अस्थायी होती हैं और वस्तुएँ दैनिक उपयोग की होती हैं।


18. प्रश्न: पटरी वाले व्यापारियों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?

उत्तर: पुलिस या नगर निगम द्वारा उन्हें तंग किया जाता है। अक्सर उन्हें दुकान हटाने के लिए कहा जाता है।


19. प्रश्न: श्यामनारायण शहर में किस काम से जुड़ा है?

उत्तर: श्यामनारायण रिक्शाचालक है। वह गाँव में कृषक मजदूरी करता है और बाकी समय शहर में रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करता है।


20. प्रश्न: शहर में लोग किस प्रकार फुटपाथ और बाजारों में काम करते हैं?

उत्तर: शहर में लोग विभिन्न दुकानों, स्टॉल, फुटपाथ और ठेलों पर सामान बेचते हैं। इसमें खाने-पीने, कपड़े, बर्तन, पूजा सामग्री आदि शामिल हैं।


21. प्रश्न: शोरूम मालिक प्रमोद और अंशु का व्यवसाय कैसे चलता है?

उत्तर: वे रेडीमेड कपड़े और बुटिक का व्यवसाय करते हैं। माल दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और कभी-कभी विदेश से मंगवाते हैं। विज्ञापन के माध्यम से व्यापार बढ़ाते हैं।


22. प्रश्न: बड़े शोरूम और दुकानों में कर्मचारियों की भूमिका क्या होती है?

उत्तर: छोटे-बड़े कर्मचारी मैनेजर, सहायक, गार्ड और साफ-सफाई के काम संभालते हैं। दुकानदार स्वयं मालिक होते हैं।


23. प्रश्न: फैक्ट्री में आकांक्षा का कार्य क्या है?

उत्तर: आकांक्षा चादर पर हाथों की कढ़ाई करती है। दिसम्बर से अप्रैल तक मांग अधिक होने के कारण वह दिनभर 9 बजे से रात 8 बजे तक काम करती है।


24. प्रश्न: आकांक्षा जैसे कारीगरों को किस प्रकार का काम मिलता है?

उत्तर: उन्हें अस्थायी और अनियमित काम मिलता है। बरसात में कई महीनों तक काम नहीं मिलता।


25. प्रश्न: बैंक में कार्यरत स्थायी कर्मचारियों को क्या सुविधाएँ मिलती हैं?

उत्तर: वेतन, बचत पर ब्याज, पेंशन, छुट्टियाँ, चिकित्सा सुविधा आदि। उन्हें नौकरी में स्थायित्व मिलता है।


26. प्रश्न: घरेलू कामगार जैसे सरला किस प्रकार काम करती हैं?

उत्तर: वे घरों में बर्तन साफ करना, झाडू-पोछा करना, बच्चों को स्कूल ले जाना आदि कार्य करती हैं। मासिक वेतन और कभी-कभी अतिरिक्त पैसे या कपड़े मिलते हैं।


27. प्रश्न: शहर में अस्थायी और अनियमित मजदूरों की समस्याएँ क्या हैं?

उत्तर: उन्हें काम नहीं मिलने पर आय अस्थायी होती है। काम न मिलने पर घर चलाने में कठिनाई होती है। नौकरी की सुरक्षा नहीं होती।


28. प्रश्न: स्थायी कर्मचारी और अनियमित मजदूर में मुख्य अंतर क्या है?

उत्तर: स्थायी कर्मचारियों को नियमित वेतन, छुट्टियाँ, पेंशन और नौकरी की सुरक्षा मिलती है, जबकि अनियमित मजदूरों को अस्थायी और अनिश्चित रूप से काम मिलता है।


29. प्रश्न: शहर में व्यवसाय और नौकरी करने वाले लोगों की जीवन-शैली कैसी होती है?

उत्तर: व्यवसाय करने वाले लोग स्वतंत्र होते हैं, अपने कर्मचारियों को रखते हैं। वेतन और आय सुनिश्चित होती है। अनियमित मजदूरों का जीवन कठिन और अस्थायी होता है।


30. प्रश्न: पटरी वाले व्यापारियों का काम समाज में क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: ये व्यापारिक वस्तुएँ आसानी से उपलब्ध कराते हैं और दैनिक उपयोग के सामान के लिए लोगों की सुविधा बढ़ाते हैं।


31. प्रश्न: शहर में फैक्ट्री और कारखानों में मजदूर कैसे काम करते हैं?

उत्तर: काम छोटे-छोटे हिस्सों में बंटा होता है। कुछ काटते हैं, कुछ कढ़ाई, डिजाइनिंग और पैकिंग करते हैं।


32. प्रश्न: आकांक्षा को काम का भुगतान किस आधार पर मिलता है?

उत्तर: दिन के काम के 100 रुपये और देर तक काम करने पर अतिरिक्त 50 रुपये।


33. प्रश्न: पटना बाजार में दुकानों की व्यवस्था कैसी है?

उत्तर: बाजार में कपड़े, मिठाई, बर्तन, बिजली का सामान आदि की दुकानें हैं। बहुमंजिला दुकानों में अलग-अलग मंजिल पर अलग सामान रहता है।


34. प्रश्न: शहर में स्थायी कर्मचारियों को कौन-कौन से लाभ मिलते हैं?

उत्तर: वेतन, पेंशन, छुट्टी, चिकित्सा सुविधा, अवकाश और नौकरी की सुरक्षा।


35. प्रश्न: घरेलू कामगारों को किन परिस्थितियों में अतिरिक्त भुगतान मिलता है?

उत्तर: खुद बीमार पड़ने, परिवार में बीमार होने, शादी-विवाह और पर्व-त्योहार पर।


36. प्रश्न: शहर में रिक्शाचालक अपने परिवार का गुजारा कैसे करते हैं?

उत्तर: वे रोज रिक्शा चलाते हैं। अगर रिक्शा नहीं है तो भाड़े पर लेते हैं। आय में से भोजन और अन्य खर्च निकाल कर बाकी पैसे परिवार के लिए बचाते हैं।


37. प्रश्न: शहर में अनियमित मजदूरों को काम की अनिश्चितता क्यों रहती है?

उत्तर: काम मौसमी या परियोजना आधारित होता है। बरसात में या कम मांग के समय उन्हें काम नहीं मिलता।


38. प्रश्न: शहर में बड़े व्यवसायियों और छोटे व्यापारी में क्या अंतर है?

उत्तर: बड़े व्यवसायी स्थायी दुकान, उपकरण और कर्मचारियों के साथ बड़े स्तर पर काम करते हैं। छोटे व्यापारी फुटपाथ या ठेले पर काम करते हैं, अस्थायी और कम आय होती है।


39. प्रश्न: आकांक्षा के कारखाने से सामान कहाँ जाता है?

उत्तर: बिहार और अन्य शहरों में थोक और खुदरा व्यापारियों के यहाँ।


40. प्रश्न: शहर और गाँव के जीवन-यापन में मुख्य अंतर क्या है?

उत्तर: गाँव में अधिकांश लोग कृषि और कृषि आधारित कार्यों में लगे हैं। शहर में लोग व्यवसाय, फैक्ट्री, बैंक, दुकानों और घरेलू सेवाओं में लगे हैं। गाँव में जीवन स्थायी या अस्थायी मजदूरी पर निर्भर करता है, जबकि शहर में स्थायी और अस्थायी दोनों प्रकार के रोजगार मिलते हैं।

Answer by Mrinmoee