Chapter 5

                                                                   दिशाएँ


प्रश्न:1 रोहित के पिता ने अपने मित्र को घर पहुँचाने के लिए कौन-कौन सी दिशाएँ बताईं?

उत्तर: उन्होंने कहा कि स्टेशन से उत्तर दिशा की ओर चलकर अस्पताल पहुंचे, फिर पूरब में रिक्शा स्टैंड मिलेगा, उसके बाद रिक्शा पकड़कर दक्षिण दिशा में लगभग आधा किलोमीटर चलें, फिर बायीं ओर मुड़कर उत्तर दिशा में सामुदायिक भवन मिलेगा, और उसके ठीक दक्षिण में उनका घर है।


प्रश्न:2 रोहित को पिताजी की बात समझ में क्यों नहीं आई?

उत्तर: क्योंकि दिशा और दूरी को शब्दों में बताना मुश्किल था, जिससे उसे पूरा रास्ता समझ में नहीं आया।


प्रश्न:3 रोहित के पिताजी ने रोहित को किस माध्यम से रास्ता समझाया?

उत्तर: उन्होंने कागज और पेंसिल लेकर रेखाचित्र (लाइन डाइग्राम) बनाया और दिशा बताकर समझाया।


प्रश्न:4 रोहित ने रेखाचित्र देखकर क्या महसूस किया?

उत्तर: उसे लगा कि अब वह घर से स्टेशन और स्टेशन से घर आसानी से जा सकता है।


प्रश्न:5 रोहित और उसके दोस्तों ने अपने गाँव का चित्र बनाने के बारे में क्या सोचा?

उत्तर: उन्होंने सोचा कि क्या वे अपने गाँव का नक्शा या चित्र बना सकते हैं।


प्रश्न:6 गुरुजी ने बच्चों को नक्शा बनाने से पहले क्या करने को कहा?

उत्तर: उन्होंने कहा कि इसके लिए कुछ आधारभूत जानकारी और अभ्यास की आवश्यकता है, इसलिए पहले कुछ काम करना होगा।


प्रश्न:7 बच्चों को पंक्ति में खड़ा क्यों किया गया?

उत्तर: ताकि वे अपने शरीर के दिशाओं की समझ विकसित कर सकें और नक्शा बनाने के लिए दिशाओं का सही ज्ञान प्राप्त कर सकें।


प्रश्न:8 बच्चों को पंक्ति में खड़ा कर गुरुजी ने पहले कौन-सा सवाल किया?

उत्तर: गुरुजी ने पूछा कि आपका मुँह किस दिशा में है।


प्रश्न:9 जब बच्चों का मुँह पूरब की ओर था, उनकी पीठ किस दिशा में थी?

उत्तर: उनकी पीठ पश्चिम की दिशा में थी।


प्रश्न:10 बच्चों का बायाँ हाथ किस दिशा में था?

उत्तर: बायाँ हाथ उत्तर दिशा की ओर था।


प्रश्न:11 बच्चों का दायाँ हाथ किस दिशा में था?

उत्तर: दायाँ हाथ दक्षिण दिशा की ओर था।


प्रश्न:12 गुरुजी ने प्रमुख दिशाओं के अलावा कौन-कौन सी दिशा बताईं?

उत्तर: उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा।


प्रश्न:13 गुरुजी ने बच्चों को सिर और पैर की दिशा के बारे में क्या बताया?

उत्तर: सिर के ऊपर की दिशा को जेनिथ और पैर के नीचे की दिशा को नादिर या पाताल कहा जाता है।


प्रश्न:14 कुल कितनी दिशाएँ होती हैं?

उत्तर: कुल 10 दिशाएँ होती हैं – चार प्रमुख (उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम), चार अंतर्दिशाएँ (उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम), जेनिथ और नादिर।


प्रश्न:15 बच्चे धीरे-धीरे दिशाओं के प्रश्नों का सही उत्तर क्यों देने लगे?

उत्तर: क्योंकि अभ्यास के माध्यम से उनकी समझ विकसित हो गई थी।


प्रश्न:16 उगते सूर्य की दिशा में खड़े होने पर सामने कौन-सी दिशा होती है?

उत्तर: पूरब दिशा।


प्रश्न:17 उसी स्थिति में पीछे की दिशा कौन-सी होगी?

उत्तर: पश्चिम दिशा।


प्रश्न:18 बायीं दिशा कौन-सी होगी?

उत्तर: उत्तर दिशा।


प्रश्न:19 दायीं दिशा कौन-सी होगी?

उत्तर: दक्षिण दिशा।


प्रश्न:20 मानचित्र में ऊपर की दिशा कौन-सी मानी जाती है?

उत्तर: ऊपर की दिशा उत्तर मानी जाती है।


प्रश्न:21 मानचित्र में नीचे की दिशा कौन-सी मानी जाती है?

उत्तर: नीचे की दिशा दक्षिण मानी जाती है।


प्रश्न:22 मानचित्र में दायीं ओर कौन-सी दिशा होती है?

उत्तर: दायीं ओर पूरब होती है।


प्रश्न:23 मानचित्र में बायीं ओर कौन-सी दिशा होती है?

उत्तर: बायीं ओर पश्चिम होती है।


प्रश्न:24 भारत के चारों दिशाओं में क्या स्थित है?

उत्तर: पूरब में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर, उत्तर में हिमालय पर्वत, दक्षिण में हिन्द महासागर।


प्रश्न:25 जब किसी स्थान का मानचित्र बनाया जाता है तो वस्तुओं को कहाँ अंकित किया जाता है?

उत्तर: वस्तुओं को उनकी वास्तविक दिशा के अनुसार मानचित्र में अंकित किया जाता है।


प्रश्न:26 दिशा सीखने के लिए बच्चों को गोल घेरे में क्यों खड़ा किया गया?

उत्तर: ताकि बच्चे अपनी स्थिति और चारों दिशाओं की पहचान अभ्यास कर सकें।


प्रश्न:27जेनिथ और नादिर शब्द का अर्थ क्या है?

उत्तर: जेनिथ = सिर के ऊपर की दिशा, नादिर/पाताल = पैर के नीचे की दिशा।


प्रश्न:28 बच्चों ने दिशाओं का अभ्यास करने के बाद क्या समझा?

उत्तर: उन्होंने समझा कि किसी भी स्थान की दिशा को जानना और मानचित्र में सही अंकन करना आसान हो सकता है।


प्रश्न:29 चार प्रमुख दिशाएँ कौन-कौन सी हैं?

उत्तर: उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम।


प्रश्न:30 चार अंतर्दिशाएँ कौन-कौन सी हैं?

उत्तर: उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम।


प्रश्न:31 रोहित और उसके दोस्तों ने क्यों सोचा कि वे अपने गाँव का चित्र बना सकते हैं?

उत्तर: क्योंकि उन्होंने दिशा और स्थान की समझ विकसित कर ली थी।


प्रश्न:32 गुरुजी ने बच्चों को नक्शा बनाने से पहले क्यों दिशाओं का अभ्यास कराया?

उत्तर: ताकि वे सही दिशा और स्थान की पहचान कर सकें और नक्शा सही तरीके से बना सकें।


प्रश्न:33 बच्चों के लिए दिशा का ज्ञान क्यों आवश्यक है?

उत्तर: ताकि वे अपने घर, स्कूल या किसी स्थान तक सही रास्ता जान सकें और मानचित्र बना सकें।


प्रश्न:34 नक्शे में वस्तुओं को अंकित करने का महत्व क्या है?

उत्तर: इससे वास्तविक स्थान और दिशा का सही प्रतिनिधित्व होता है।


प्रश्न:35 बच्चों ने दिशा का अभ्यास करने के बाद क्या किया?

उत्तर: वे धीरे-धीरे सही दिशा पहचानने लगे और मानचित्र बनाने की तैयारी की।


प्रश्न:36 बच्चों ने उगते सूर्य की दिशा से कौन-कौन सी दिशाएँ पहचानीं?

उत्तर: सामने पूरब, पीछे पश्चिम, बायीं उत्तर, दायीं दक्षिण।


प्रश्न:37 भारत में पूरब की दिशा में क्या स्थित है?

उत्तर: बंगाल की खाड़ी।


प्रश्न:38 भारत में पश्चिम की दिशा में क्या स्थित है?

उत्तर: अरब सागर।


प्रश्न:39 भारत के उत्तर में क्या स्थित है?

उत्तर: हिमालय पर्वत।


प्रश्न:40 भारत के दक्षिण में क्या स्थित है?

उत्तर: हिन्द महासागर।

Answer by Mrinmoee