Chapter 17
फसलों के त्योहार
1. प्रश्न: जनवरी के मध्य में भारत में किस प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं?
उत्तर: जनवरी के मध्य में भारत के लगभग सभी प्रांतों में फसलों और कृषि से जुड़े त्योहार मनाए जाते हैं। इन त्योहारों में अच्छी पैदावार की उम्मीद, फसल की घर में आने की खुशी और प्राकृतिक ऋतु के बदलाव का जश्न मनाया जाता है।
2. प्रश्न: मकर संक्रांति या तिल-संक्रांति किन प्रांतों में मनाई जाती है?
उत्तर: मकर संक्रांति या तिल-संक्रांति उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में मनाई जाती है।
3. प्रश्न: असम में जनवरी के मध्य में कौन सा त्योहार मनाया जाता है और इसका महत्व क्या है?
उत्तर: असम में जनवरी के मध्य में बीहू मनाया जाता है। यह त्योहार फसलों की कटाई और नई फसल की शुरुआत का प्रतीक है।
4. प्रश्न: केरल और तमिलनाडु में जनवरी के मध्य में कौन से त्योहार मनाए जाते हैं?
उत्तर: केरल में ओणम और तमिलनाडु में पोंगल मनाए जाते हैं। ये दोनों फसल और कृषि से जुड़े त्योहार हैं।
5. प्रश्न: पंजाब में मकर संक्रांति का त्योहार किस रूप में मनाया जाता है?
उत्तर: पंजाब में मकर संक्रांति को लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है। यह भी फसल की कटाई और कृषि के उत्सव का प्रतीक है।
6. प्रश्न: झारखंड में सरहुल पर्व कब मनाया जाता है और इसका महत्व क्या है?
उत्तर: झारखंड में सरहुल पर्व फरवरी-मार्च या मार्च-अप्रैल में मनाया जाता है। यह पर्व आदिवासियों द्वारा प्रकृति और पेड़ों, विशेष रूप से साल के पेड़ की पूजा करने का अवसर है।
7. प्रश्न: सरहुल में आदिवासी लोग किस प्रकार के उत्सव करते हैं?
उत्तर: सरहुल के दिन स्त्री-पुरुष ढोल-मंजीरे लेकर नाचते-गाते हैं। लोग अपने घरों के सामने पंक्ति में खड़े होकर कमर में बाँहें डालकर नृत्य करते हैं, फूलों के पौधे लगाते हैं और चंदा माँगते हैं।
8. प्रश्न: सरहुल पर्व में चंदा माँगने की प्रथा में क्या दिया जाता है?
उत्तर: चंदे में मुर्गा, चावल और मिश्री दिया जाता है। यह भोजन और धन की खुशी का प्रतीक है।
9. प्रश्न: सरहुल और बसंत ऋतु का क्या संबंध है?
उत्तर: सरहुल पर्व से बसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन धान की पूजा भी की जाती है और पूजा किया हुआ धान अगली फसल में बोया जाता है।
10. प्रश्न: तमिलनाडु में पोंगल उत्सव कैसे मनाया जाता है?
उत्तर: पोंगल में खरीफ की फसलें कटकर घरों में लाईं जाती हैं। लोग नए धान को कूटकर चावल निकालते हैं और मिट्टी के नए मटके में दूध, गुड़ और चावल डालकर धूप में पकाते हैं। साबुत हल्दी मटके के मुँह पर लगाई जाती है और जब दूध में उफान आता है, तब "पोंगल पोंगल" के स्वर सुनाई देते हैं।
11. प्रश्न: गुजरात में मकर संक्रांति का जश्न किसके बिना अधूरा माना जाता है?
उत्तर: गुजरात में मकर संक्रांति का जश्न पतंगों के बिना अधूरा माना जाता है। लोग हर उम्र और धर्म के, आसमान में विभिन्न आकार और रंग की पतंगें उड़ाते हैं।
12. प्रश्न: कुमाऊँ में मकर संक्रांति को क्या कहा जाता है और वहां क्या विशेष पकवान बनते हैं?
उत्तर: कुमाऊँ में इसे घुघुतिया कहते हैं। इस दिन आर्ट और गुड़ को गूंधकर विविध आकार के पकवान बनाए जाते हैं, जैसे दम्रू, तलवार, दादिम का फूल आदि।
13. प्रश्न: पकवान बनाने के बाद बच्चों को क्या दिया जाता है?
उत्तर: पकवानों को माला में पिरोया जाता है, और माला के बीच में संहरा और गन्ने की गंडेहरी पिरोई जाती है। सुबह बच्चों को यह माला दी जाती है, जिससे वे पक्षियों को खिलाने और उन्हें बुलाने का कार्य करते हैं।
14. प्रश्न: पक्षियों के लिए इस दिन क्या किया जाता है?
उत्तर: बच्चे पकवान तोड़कर पक्षियों को खिलाते हैं और उन्हें बुलाते हैं, ताकि पक्षियों की अनुपस्थिति के बावजूद वातावरण जीवनपूर्ण बना रहे।
15. प्रश्न: मकर संक्रांति में तिल और पानी का क्या महत्व है?
उत्तर: मकर संक्रांति में पानी में तिल डालकर स्नान करना, तिल दान करना और आग में तिल डालना विशेष महत्व रखता है। तिल से स्वास्थ्य, समृद्धि और पुण्य की कामना की जाती है।
16. प्रश्न: क्या हर प्रदेश में फसल त्योहार समान रूप से मनाए जाते हैं?
उत्तर: नहीं। भारत के विभिन्न प्रदेशों में फसल त्योहार अलग-अलग ढंग, नाम और रीति-रिवाज से मनाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, बीहू, पोंगल, ओणम, लोहड़ी आदि।
17. प्रश्न: त्योहार मनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इन त्योहारों का मुख्य उद्देश्य अच्छी फसल की उम्मीद, प्रकृति की पूजा, खुशियाँ बाँटना और सामूहिक उत्सव के माध्यम से सामाजिक मेलजोल बढ़ाना है।
18. प्रश्न: सरहुल में घर-घर जाकर क्या किया जाता है?
उत्तर: घर-घर जाकर फूलों के पौधे लगाए जाते हैं, चंदा माँगा जाता है, खाने-पीने और खेलों का आयोजन किया जाता है।
19. प्रश्न: पोंगल में मिट्टी के मटके का क्या प्रतीक है?
उत्तर: मटका नए चावल, दूध और गुड़ से भरा जाता है। यह समृद्धि, नई फसल और उर्वरता का प्रतीक है।
20. प्रश्न: पोंगल के पकवान में हल्दी क्यों लगाई जाती है?
उत्तर: साबुत हल्दी शुभ मानी जाती है। इसे मटके के मुँह के चारों ओर लगाया जाता है।
21. प्रश्न: पोंगल में "पोंगल पोंगल" के स्वर का क्या महत्व है?
उत्तर: जब दूध में उफान आता है और मटका छलकने लगता है, तब "पोंगल पोंगल" के स्वर उत्सव की खुशी और समृद्धि का प्रतीक होते हैं।
22. प्रश्न: गुजरात में पतंग उड़ाने की प्रथा का सांस्कृतिक महत्व क्या है?
उत्तर: यह सामूहिक आनंद, उत्सव की भावना और सूर्य की उपासना का प्रतीक है। हर उम्र और धर्म के लोग इसमें शामिल होते हैं।
23. प्रश्न: कुमाऊँ के पकवानों में गन्ने की गंडेहरी क्यों डाली जाती है?
उत्तर: गन्ने की गंडेहरी माला में पिरोने का उद्देश्य बच्चों और पक्षियों को उत्साहपूर्वक खाने की वस्तु देना और उन्हें बुलाना है।
24. प्रश्न: त्योहारों के माध्यम से किस तरह की सामाजिक गतिविधियाँ होती हैं?
उत्तर: लोग नाच-गाना करते हैं, घर-घर जाकर उत्सव मनाते हैं, बच्चों को भोजन और पकवान देते हैं और सामूहिक खेल-कूद और पूजा करते हैं।
25. प्रश्न: मकर संक्रांति या फसल त्योहार किस अवधि में मनाए जाते हैं?
उत्तर: ये त्योहार जनवरी से मध्य अप्रैल तक अलग-अलग समय में मनाए जाते हैं।
26. प्रश्न: सरहुल पर्व में स्त्री-पुरुष कैसे भाग लेते हैं?
उत्तर: स्त्री-पुरुष ढोल-मंजीरे लेकर रात भर नाचते-गाते हैं और घर-घर जाकर सामूहिक उत्सव में भाग लेते हैं।
27. प्रश्न: मकर संक्रांति में तिल के पकवान का क्या महत्व है?
उत्तर: तिल के पकवान स्वास्थ्य, समृद्धि, और बुराई दूर करने का प्रतीक हैं।
28. प्रश्न: पोंगल और मकर संक्रांति में किस प्रकार की फसल का महत्व है?
उत्तर: खरीफ और धान की फसल का विशेष महत्व है। पूजा और पकवान में नए चावल का उपयोग किया जाता है।
29. प्रश्न: मकर संक्रांति में पानी में स्नान करने की परंपरा क्यों है?
उत्तर: पानी में स्नान पुण्य और स्वास्थ्य के लिए किया जाता है और इसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व प्राप्त है।
30. प्रश्न: सरहुल पर्व में फूलों के पौधे लगाने का क्या उद्देश्य है?
उत्तर: यह प्रकृति की पूजा और नई फसल की शुरुआत का प्रतीक है।
31. प्रश्न: इन त्योहारों से बच्चों का क्या अनुभव होता है?
उत्तर: बच्चे उत्साह, सामाजिक सहभागिता, खेल-कूद और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ते हैं।
32. प्रश्न: मकर संक्रांति या पोंगल में पकवान बनाने का तरीका क्या है?
उत्तर: चावल, दूध और गुड़ मिलाकर मिट्टी के मटके में पकाया जाता है। हल्दी और अन्य प्रतीकात्मक वस्तुएँ मटके के ऊपर लगाई जाती हैं।
33. प्रश्न: त्योहारों में सामूहिक खेलों और मनोरंजन का क्या महत्व है?
उत्तर: यह सामाजिक एकता, आनंद और परंपरा को जीवित रखने का माध्यम है।
34. प्रश्न: मकर संक्रांति के पकवानों का पक्षियों से क्या संबंध है?
उत्तर: पकवानों से पक्षियों को खिलाकर उनकी उपस्थिति और जीवन के चक्र को बनाए रखा जाता है।
35. प्रश्न: अलग-अलग प्रांतों में फसल त्योहारों के नाम क्या हैं?
उत्तर: उत्तर प्रदेश-बिहार-मध्य प्रदेश: मकर संक्रांति/तिल-संक्रांति; असम: बीहू; केरल: ओणम; तमिलनाडु: पोंगल; पंजाब: लोहड़ी; झारखंड: सरहुल; गुजरात: पतंग उत्सव।
36. प्रश्न: सरहुल में पूजा के बाद क्या किया जाता है?
उत्तर: पूजा के बाद लोग अपने कानों में सरई का फूल पहनते हैं, धान की पूजा करते हैं, और खाने-पीने तथा खेलों का आयोजन करते हैं।
37. प्रश्न: पोंगल और मकर संक्रांति में उत्साह का क्या प्रतीक है?
उत्तर: पकवानों की धूम, "पोंगल पोंगल" के स्वर और पतंग उड़ाना उत्साह और समृद्धि का प्रतीक हैं।
38. प्रश्न: मकर संक्रांति और सरहुल के समय मौसम का क्या महत्व है?
उत्तर: यह समय मौसम की उर्वरता और फसल के वृद्धि के अनुकूल होता है। मौसम खुशनुमा और कृषि के लिए उपयुक्त होता है।
39. प्रश्न: बच्चों और पक्षियों के साथ त्योहार मनाने का सांस्कृतिक संदेश क्या है?
उत्तर: यह प्रकृति के साथ सामंजस्य, प्रेम, सहयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है।
40. प्रश्न: इन फसल त्योहारों से समाज को क्या लाभ होता है?
उत्तर: समाज में उत्साह, मेलजोल, परंपराओं की समझ और कृषि संस्कृति के प्रति सम्मान बढ़ता है। लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशियाँ बाँटते हैं और प्राकृतिक संसाधनों की कदर करते हैं।
Answer by Mrinmoee