Chapter 4

                                                               हॉकी का जादूगर     


1. खेल के मैदान में धक्का-मुक्की और नोंक-झोंक क्यों होती रहती है?


उत्तर: खेल के मैदान में जीतने की तीव्र इच्छा, प्रतिस्पर्धा और जोश के कारण धक्का-मुक्की और नोंक-झोंक की घटनाएँ हो जाती हैं। खिलाड़ी कभी-कभी भावनाओं में बहकर संयम खो देते हैं, जिससे ऐसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं।


2. लेखक ने खेल में झगड़े को सामान्य क्यों माना है?


उत्तर: लेखक ने इसे सामान्य इसलिए माना है क्योंकि खेल में पहले भी और आज भी ऐसी घटनाएँ होती रही हैं। यह खेल की प्रतिस्पर्धात्मक प्रकृति का परिणाम है।


3. 1933 की घटना का संक्षेप में वर्णन कीजिए।


उत्तर: 1933 में लेखक पंजाब रेजिमेंट की ओर से खेल रहा था। मैच के दौरान एक विरोधी खिलाड़ी ने गुस्से में उसके सिर पर हॉकी स्टिक मार दी, जिससे वह घायल हो गया।


4. लेखक किस टीम की ओर से खेला करता था?


उत्तर: लेखक पंजाब रेजिमेंट की ओर से खेला करता था।


5. विरोधी टीम कौन-सी थी?


उत्तर: विरोधी टीम सैपर्स एंड माइनर्स की थी।


6. लेखक को चोट कैसे लगी?


उत्तर: एक खिलाड़ी ने गुस्से में आकर हॉकी स्टिक लेखक के सिर पर मार दी, जिससे उसे चोट लगी।


7. चोट लगने के बाद लेखक ने क्या किया?


उत्तर: लेखक को मैदान से बाहर ले जाया गया, पट्टी बाँधी गई और थोड़ी देर बाद वह फिर मैदान में लौट आया।


8. मैदान में लौटकर लेखक ने उस खिलाड़ी से क्या कहा?


उत्तर: लेखक ने उसकी पीठ पर हाथ रखकर कहा कि वह इस चोट का बदला जरूर लेगा।


9. लेखक के इस कथन का विरोधी खिलाड़ी पर क्या प्रभाव पड़ा?


उत्तर: वह खिलाड़ी घबरा गया और हर समय लेखक पर नजर रखने लगा कि वह कब बदला लेगा।


10. लेखक ने बदला कैसे लिया?


उत्तर: लेखक ने गुस्से या हिंसा से नहीं, बल्कि शानदार खेल दिखाकर एक के बाद एक छह गोल करके बदला लिया।


11. खेल समाप्त होने के बाद लेखक ने क्या कहा?


उत्तर: लेखक ने कहा कि खेल में इतना गुस्सा अच्छा नहीं और उसने अपना बदला खेल से ही ले लिया है।


12. लेखक के अनुसार अगर चोट न लगी होती तो क्या होता?


उत्तर: लेखक ने कहा कि यदि उसे हॉकी न मारी जाती तो शायद वह केवल दो गोल से ही जीतता।


13. इस घटना से लेखक का स्वभाव कैसा प्रकट होता है?


उत्तर: इस घटना से लेखक का संयमी, खेल-भावना से भरपूर और सकारात्मक स्वभाव प्रकट होता है।


14. लेखक बुरा काम करने वाले व्यक्ति के बारे में क्या कहता है?


उत्तर: लेखक कहता है कि बुरा काम करने वाला व्यक्ति हमेशा डर में रहता है कि उसके साथ भी बुराई होगी।


15. लोग लेखक से क्या जानना चाहते हैं?


उत्तर: लोग लेखक से उसकी सफलता का राज जानना चाहते हैं।


16. लेखक सफलता का गुरु-मंत्र क्या बताता है?


उत्तर: लेखक के अनुसार लगन, साधना और खेल-भावना ही सफलता के सबसे बड़े मंत्र हैं।


17. लेखक का जन्म कब और कहाँ हुआ?


उत्तर: लेखक का जन्म सन् 1904 में प्रयाग में हुआ।


18. लेखक का पारिवारिक परिवेश कैसा था?


उत्तर: लेखक एक साधारण परिवार से था।


19. लेखक बाद में कहाँ बस गया?


उत्तर: लेखक बाद में झाँसी आकर बस गया।


20. लेखक सेना में कब भर्ती हुआ?


उत्तर: लेखक 16 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती हुआ।


21. लेखक किस रेजिमेंट में भर्ती हुआ था?


उत्तर: लेखक फर्स्ट ब्राह्मण रेजिमेंट में भर्ती हुआ था।


22. शुरुआत में लेखक की हॉकी में रुचि क्यों नहीं थी?


उत्तर: शुरुआत में लेखक नौसिखिया था और उसे खेल में विशेष रुचि नहीं थी।


23. लेखक को हॉकी खेलने के लिए किसने प्रेरित किया?


उत्तर: सूबेदार मेजर तिवारी ने लेखक को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया।


24. छावनी में हॉकी अभ्यास की क्या विशेषता थी?


उत्तर: छावनी में हॉकी खेलने का कोई निश्चित समय नहीं था, सैनिक जब चाहें अभ्यास कर सकते थे।


25. लेखक के खेल में सुधार कैसे हुआ?


उत्तर: निरंतर अभ्यास और लगन से लेखक के खेल में निखार आता गया।


26. खेल में सुधार का लेखक के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?


उत्तर: जैसे-जैसे खेल सुधरता गया, वैसे-वैसे लेखक को तरक्की मिलती गई।


27. लेखक को ओलंपिक में कप्तान कब बनाया गया?


उत्तर: सन् 1936 में बर्लिन ओलंपिक में लेखक को कप्तान बनाया गया।


28. उस समय लेखक सेना में किस पद पर था?


उत्तर: उस समय लेखक सेना में लांस नायक था।


29. लेखक को “हॉकी का जादूगर” क्यों कहा गया?


उत्तर: लेखक की अद्भुत खेल शैली और गेंद पर नियंत्रण के कारण उसे “हॉकी का जादूगर” कहा गया।


30. क्या लेखक सारे गोल स्वयं करता था?


उत्तर: नहीं, लेखक अक्सर गेंद साथी खिलाड़ियों को देकर उन्हें गोल करने का अवसर देता था।


31. लेखक की खेल-भावना कैसे प्रकट होती है?


उत्तर: वह व्यक्तिगत श्रेय से अधिक टीम और देश को महत्व देता था।


32. बर्लिन ओलंपिक में भारत को कौन-सा पदक मिला?


उत्तर: भारत को बर्लिन ओलंपिक में स्वर्ण पदक मिला।


33. लेखक जीत और हार को किस रूप में देखता था?


उत्तर: लेखक जीत और हार को व्यक्तिगत नहीं, बल्कि देश की जीत-हार मानता था।


34. लेखक का जीवन संघर्षपूर्ण क्यों कहा जा सकता है?


उत्तर: साधारण परिवार, नौसिखिया खिलाड़ी से ओलंपिक कप्तान बनने तक का सफर संघर्षपूर्ण था।


35. लेखक युवाओं को क्या संदेश देता है?


उत्तर: लेखक युवाओं को लगन, मेहनत और खेल-भावना अपनाने का संदेश देता है।


36. इस पाठ में खेल-भावना का क्या महत्व बताया गया है?


उत्तर: खेल-भावना से खेल में सम्मान, संयम और सफलता प्राप्त होती है।


37. लेखक ने गुस्से का उत्तर कैसे दिया?


उत्तर: लेखक ने गुस्से का उत्तर हिंसा से नहीं, उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से दिया।


38. लेखक की सफलता का सबसे बड़ा कारण क्या था?


उत्तर: लगातार अभ्यास, टीम भावना और आत्मसंयम उसकी सफलता के मुख्य कारण थे।


39. यह पाठ हमें खेल के बारे में क्या सिखाता है?


उत्तर: यह पाठ सिखाता है कि खेल में संयम, सम्मान और सकारात्मक सोच जरूरी है।


40. इस पाठ से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?


उत्तर: इस पाठ से मुझे यह प्रेरणा मिलती है कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, मेहनत और खेल-भावना से बड़ी सफलता पाई जा सकती है।

Answer by Mrinmoee