Chapter 9

                                                           बाल-लीला


1. कवि ने इस पद में किस पात्र के माध्यम से अपनी बात कही है?


उत्तर:इस पद में कवि सूरदास ने बालक कृष्ण के माध्यम से अपनी बात कही है। कृष्ण अपनी माता यशोदा से माखन खाने के आरोप का खंडन करते हुए बालसुलभ तर्क देते हैं। उनके संवाद में बालक की मासूमियत, चंचलता और बुद्धिमत्ता स्पष्ट झलकती है।


2. पद का मुख्य भाव क्या है?


उत्तर:इस पद का मुख्य भाव बाल-कृष्ण की निष्कपटता, बाल-लीला और वात्सल्य रस है। कृष्ण माता के सामने स्वयं को निर्दोष सिद्ध करने का प्रयास करते हैं, जिससे माँ-बेटे के प्रेम और स्नेह का सुंदर चित्रण हुआ है।


3. कृष्ण किस बात से इंकार कर रहे हैं?


उत्तर:कृष्ण इस बात से इंकार कर रहे हैं कि उन्होंने माखन खाया है। वे बार-बार अपनी माता से कहते हैं कि वे निर्दोष हैं और उन पर लगाया गया आरोप ग्वाल-बालों का है।


4. कृष्ण अपने बचाव में कौन-कौन से तर्क देते हैं?


उत्तर:कृष्ण कहते हैं कि वे छोटे बालक हैं, उनकी बाँहें छोटी हैं, वे छींके तक पहुँच ही नहीं सकते। इसके अलावा वे यह भी कहते हैं कि पूरा दिन गायों के पीछे मधुवन में बिताते हैं, इसलिए माखन खाने का अवसर ही नहीं मिला।


5. ‘भोर भयो गैयन के पाछे’ पंक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए।


उत्तर:इस पंक्ति का अर्थ है कि सुबह होते ही कृष्ण गायों को चराने के लिए निकल जाते हैं। इससे यह दिखाया गया है कि उनका पूरा दिन घर से बाहर बीतता है, इसलिए वे माखन खाने के दोषी नहीं हो सकते।


6. कृष्ण मधुवन जाने की बात क्यों कहते हैं?


उत्तर:कृष्ण मधुवन जाने की बात इसलिए कहते हैं ताकि यह सिद्ध कर सकें कि वे घर में नहीं रहते। वे यह दिखाना चाहते हैं कि उनका समय गायों और वन में बीतता है, न कि घर में माखन खाने में।


7. ‘चार पहर बंसीवट भटक्यो’ का भावार्थ क्या है?


उत्तर:इस पंक्ति का भावार्थ है कि कृष्ण चारों पहर बंसीवट के आसपास घूमते रहते हैं। इससे उनके चरवाहे जीवन और वन-विहार का चित्र प्रस्तुत होता है।


8. कृष्ण स्वयं को छोटा क्यों बताते हैं?


उत्तर:कृष्ण स्वयं को छोटा इसलिए बताते हैं ताकि माता यशोदा को यह विश्वास दिला सकें कि उनकी शारीरिक क्षमता इतनी नहीं है कि वे ऊँचाई पर लटके छींके से माखन निकाल सकें।


9. ‘छींको केहि विधि पायो’ से क्या अभिप्राय है?


उत्तर:इसका अभिप्राय है कि रस्सी से लटके छींके तक कृष्ण किसी भी तरह नहीं पहुँच सकते। यह उनके तर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।


10. ग्वाल-बालों की भूमिका क्या है?


उत्तर:ग्वाल-बाल इस पद में आरोप लगाने वालों की भूमिका निभाते हैं। कृष्ण का कहना है कि ग्वाल-बालों ने ही उन्हें फँसाया है और झूठा दोष लगाया है।


11. कृष्ण ग्वाल-बालों के बारे में क्या कहते हैं?


उत्तर:कृष्ण कहते हैं कि सभी ग्वाल-बाल मिलकर उनके मुख पर माखन लगा देते हैं और फिर उन्हीं पर दोष मढ़ देते हैं। इससे उनकी शरारती प्रवृत्ति उजागर होती है।


12. यशोदा को कृष्ण ‘भोरी’ क्यों कहते हैं?


उत्तर:कृष्ण यशोदा को ‘भोरी’ इसलिए कहते हैं क्योंकि वे दूसरों की बातों में आसानी से आ जाती हैं और बिना सोचे-समझे उन पर विश्वास कर लेती हैं।


13. ‘इनके कहि पतियायो’ का अर्थ स्पष्ट कीजिए।


उत्तर:इसका अर्थ है कि यशोदा ग्वाल-बालों की बातों पर विश्वास कर लेती हैं और कृष्ण की बातों को अनदेखा कर देती हैं।


14. कृष्ण माता से किस बात का भय व्यक्त करते हैं?


उत्तर:कृष्ण को भय है कि माँ के मन में उनके प्रति कोई भेद या संदेह उत्पन्न न हो जाए और वे उन्हें पराया न समझने लगें।


15. ‘जानि परायो जायो’ का भाव क्या है?


उत्तर:इस पंक्ति में कृष्ण का भावनात्मक डर प्रकट होता है कि कहीं उनकी माँ उन्हें पराया न समझने लगे।


16. कृष्ण लकुटी और कमरिया का उल्लेख क्यों करते हैं?


उत्तर:कृष्ण यह दिखाने के लिए लकुटी और कमरिया का उल्लेख करते हैं कि उन्हें पहले ही बहुत दंड मिल चुका है, इसलिए अब और सजा देना उचित नहीं।


17. यशोदा की प्रतिक्रिया क्या है?


उत्तर:यशोदा कृष्ण की बातों पर हँस पड़ती हैं और उन्हें गले से लगा लेती हैं। इससे माँ का वात्सल्य भाव प्रकट होता है।


18. ‘बिहंसी जसोदा’ से क्या स्पष्ट होता है?


उत्तर:इससे स्पष्ट होता है कि यशोदा को कृष्ण की मासूम बातें अच्छी लगती हैं और उनका क्रोध प्रेम में बदल जाता है।


19. पद में कौन-सा रस प्रधान है?


उत्तर:इस पद में वात्सल्य रस प्रधान है, जिसमें माँ-बेटे के प्रेम और स्नेह का सुंदर चित्रण हुआ है।


20. कृष्ण के चरित्र की कौन-सी विशेषता प्रकट होती है?


उत्तर:कृष्ण के चरित्र की चतुराई, वाक्पटुता, चंचलता और मासूम बुद्धिमत्ता प्रकट होती है।


21. सूरदास की भाषा की विशेषता बताइए।


उत्तर:सूरदास की भाषा ब्रजभाषा है, जो सरल, मधुर और भावपूर्ण है। इसमें लोकजीवन की सहजता झलकती है।


22. पद में लोकजीवन का चित्रण कैसे हुआ है?


उत्तर:गाय चराना, माखन, छींका, ग्वाल-बाल जैसे शब्द लोकजीवन को सजीव रूप में प्रस्तुत करते हैं।


23. कृष्ण की बाल-लीला का वर्णन कैसे हुआ है?


उत्तर:कृष्ण की बाल-लीला उनके भोले तर्कों, शरारतों और माता से किए गए संवादों के माध्यम से दिखाई गई है।


24. कवि का उद्देश्य क्या है?


उत्तर:कवि का उद्देश्य कृष्ण की बाल-लीलाओं के माध्यम से भक्ति और प्रेम का भाव जगाना है।


25. यह पद भक्ति साहित्य में क्यों महत्वपूर्ण है?


उत्तर:यह पद भक्ति साहित्य में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भक्ति को सरल, मानवीय और भावनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।


26. कृष्ण का संवाद शैली कैसी है?


उत्तर:कृष्ण की संवाद शैली तर्कपूर्ण, बालसुलभ और भावनात्मक है।


27. इस पद में माता-पुत्र संबंध कैसे व्यक्त हुआ है?


उत्तर:माता-पुत्र संबंध प्रेम, स्नेह और विश्वास पर आधारित दिखाया गया है।


28. कृष्ण का भय किस सामाजिक भावना को दर्शाता है?


उत्तर:यह भय बालक की असुरक्षा और माँ के प्रेम की आवश्यकता को दर्शाता है।


29. पद का अंत सुखद क्यों है?


उत्तर:पद का अंत सुखद है क्योंकि यशोदा कृष्ण को दंड नहीं देतीं, बल्कि प्रेम से गले लगा लेती हैं।


30. ‘लकुटी’ शब्द का प्रतीकात्मक अर्थ बताइए।


उत्तर:‘लकुटी’ माता का अनुशासन और दंड का प्रतीक है।


31. कृष्ण की मासूमियत कैसे प्रकट होती है?


उत्तर:उनकी भोली दलीलों और भावनात्मक बातों से मासूमियत प्रकट होती है।


32. सूरदास का कृष्ण कैसा बालक है?


उत्तर:सूरदास का कृष्ण चंचल, बुद्धिमान, शरारती और अत्यंत प्रिय बालक है।


33. इस पद से कौन-सा नैतिक संदेश मिलता है?


उत्तर:यह पद प्रेम, विश्वास और करुणा का संदेश देता है।


34. ग्वाल-बालों का व्यवहार क्या दर्शाता है?


उत्तर:उनका व्यवहार बाल-सुलभ शरारत और मित्रता दर्शाता है।


35. यशोदा का चरित्र कैसा है?


उत्तर:यशोदा स्नेहमयी, भोली और वात्सल्य से भरपूर माता हैं।


36. पद की काव्यात्मक सुंदरता किसमें है?


उत्तर:सरल भाषा, मधुर लय और भावनात्मक संवाद में काव्यात्मक सुंदरता है।


37. सूरदास को वात्सल्य रस का कवि क्यों कहा जाता है?


उत्तर:क्योंकि उन्होंने माँ-बेटे के प्रेम को अत्यंत सजीव रूप में चित्रित किया है।


38. पद में भाव और भाषा का संतुलन कैसे है?


उत्तर:भाव गहरे हैं लेकिन भाषा सरल है, जिससे संतुलन बना रहता है।


39. यह पद बाल मनोविज्ञान को कैसे दर्शाता है?


उत्तर:कृष्ण की तर्कशीलता और भावनात्मक अपील बाल मनोविज्ञान को दर्शाती है।


40. इस पद की समग्र विशेषता लिखिए।


उत्तर:यह पद भक्ति, वात्सल्य, बाल-लीला और प्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें सूरदास की काव्य-कला पूर्ण रूप से प्रकट होती है।

Answer by Mrinmoee