Chapter 10

                                                        शहरी एवं ग्राम्य जीवन


1. प्रश्न: मौर्य साम्राज्य के पतन के प्रमुख कारण क्या थे?


उत्तर: मौर्य साम्राज्य का पतन लगभग 185 ई.पू. में अशोक के अयोग्य उत्तराधिकारियों के कारण हुआ। प्रशासनिक कमजोरी, साम्राज्य को संगठित रखने में असफलता और केंद्रीय शक्ति के कमजोर पड़ने से साम्राज्य की एकता टूट गई। परिणामस्वरूप अनेक छोटे-बड़े राज्य अस्तित्व में आ गए।


2. प्रश्न: मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद भारत में कौन-कौन से नए राजवंश उभरे?


उत्तर: मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद मगध में शुंग और कण्व वंश, दक्षिण भारत में सातवाहन वंश तथा कलिंग में खारवेल का शासन स्थापित हुआ। इसके अतिरिक्त विदेशी शासकों जैसे हिन्द-यूनानी, शक और कुषाण भी भारत में आए।


3. प्रश्न: मौर्योत्तर काल को कृषि के लिए महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है?


उत्तर: मौर्योत्तर काल में लोहे के औजारों का व्यापक प्रयोग हुआ जिससे जंगल साफ कर खेती योग्य भूमि बढ़ाई गई। नई रोपण तकनीकें अपनाई गईं और सिंचाई के साधनों का विकास हुआ, जिससे कृषि उत्पादन में भारी वृद्धि हुई।


4. प्रश्न: खेती के विकास में लोहे के औजारों की क्या भूमिका रही?


उत्तर: लोहे की कुल्हाड़ी से जंगल काटे गए और लोहे के फाल से गहरी जुताई संभव हुई। इससे खेती का विस्तार हुआ और उत्पादन कई गुना बढ़ गया, जो पहले लकड़ी और पत्थर के औजारों से संभव नहीं था।


5. प्रश्न: धान की रोपण पद्धति से उत्पादन कैसे बढ़ा?


उत्तर: पहले धान का बीज तैयार कर फिर उसे खेतों में रोपने से फसल मजबूत होती थी और पैदावार कई गुना बढ़ जाती थी। इस तकनीक ने कृषि को अधिक लाभकारी बनाया।


6. प्रश्न: सिंचाई की आवश्यकता क्यों पड़ी और इसके क्या साधन थे?


उत्तर: खेती मानसून पर निर्भर थी। सूखे से बचने के लिए नहरों, कुओं, तालाबों और कृत्रिम झीलों का निर्माण किया गया। इससे खेती अधिक सुरक्षित और स्थिर हुई।


7. प्रश्न: सुदर्शन झील का इतिहास बताइए।


उत्तर: सुदर्शन झील का निर्माण चंद्रगुप्त मौर्य ने गुजरात में कराया। बाद में तूफान से टूटने पर शक शासक रुद्रदामन ने इसका पुनर्निर्माण कराया और बिना कर लगाए सरकारी खजाने से मरम्मत करवाई। बाद में गुप्त शासक स्कंदगुप्त ने भी इसका जीर्णोद्धार कराया।


8. प्रश्न: सिंचाई और औजारों के प्रयोग से समाज को क्या लाभ हुए?


उत्तर: उत्पादन बढ़ा, किसानों को रोजगार मिला, मजदूरी बढ़ी और राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हुआ। इससे राजा महल, सेना और किले बनवा सके।


9. प्रश्न: मौर्योत्तर काल में व्यापार का विकास कैसे हुआ?


उत्तर: स्थल और समुद्री मार्गों का विकास हुआ। भारत का व्यापार मध्य एशिया, पश्चिम एशिया, रोम और चीन तक फैला।


10. प्रश्न: रेशम मार्ग का क्या महत्व था?


उत्तर: रेशम मार्ग चीन को भारत के माध्यम से रोमन साम्राज्य से जोड़ता था। इसी मार्ग से रेशम और अन्य कीमती वस्तुओं का व्यापार होता था।


11. प्रश्न: रोम भारत से कौन-कौन सी वस्तुएँ आयात करता था?


उत्तर: रोम भारत से रेशम, मसाले, मोती, हाथीदांत से बने आभूषण आदि आयात करता था।


12. प्रश्न: संगमकाल क्या था और इसकी विशेषताएँ क्या थीं?


उत्तर: संगमकाल दूसरी शताब्दी ई.पू. से तीसरी शताब्दी ई. तक दक्षिण भारत का काल था। इस समय कृषि, आंतरिक और विदेशी व्यापार अत्यधिक विकसित था।


13. प्रश्न: संगमकालीन बंदरगाहों का महत्व बताइए।


उत्तर: पुहार, तोण्डी, मुजरिश और अरिकमेडू जैसे बंदरगाह व्यापार के बड़े केंद्र थे जहाँ यवन व्यापारी रहते थे।


14. प्रश्न: पुहार बंदरगाह की व्यापारिक विशेषताओं का वर्णन करें।


उत्तर: पुहार में बड़े जहाज आते थे, गोदी बाड़े थे और व्यापारी अत्यंत धनी थे। बहुमंजिला भवनों में ऊपर परिवार और नीचे व्यापार होता था।


15. प्रश्न: पुहार के व्यापारी इतने समृद्ध क्यों थे?


उत्तर: विदेशी व्यापार, समुद्री मार्गों की सुविधा और बहुमूल्य वस्तुओं के निर्यात-आयात के कारण वे समृद्ध थे।


16. प्रश्न: भारत-रोम व्यापार के पुरातात्विक प्रमाण कौन-से हैं?


उत्तर: खुदाई में रोमन सिक्के, सुराहियाँ और विशेष बर्तन मिले हैं, जो व्यापार की पुष्टि करते हैं।


17. प्रश्न: विनिमय प्रणाली में सिक्कों का महत्व बताइए।


उत्तर: वस्तु विनिमय के स्थान पर सिक्कों से लेन-देन आसान और मानकीकृत हुआ।


18. प्रश्न: आहत सिक्के क्या थे?


उत्तर: आहत सिक्के वे थे जिन पर राजकीय चिह्न ठोककर बनाए जाते थे। ये प्रारंभिक सिक्के थे।


19. प्रश्न: हिन्द-यूनानी शासकों का सिक्का इतिहास में क्या योगदान था?


उत्तर: उन्होंने भारत में पहली बार सोने के सिक्के जारी किए।


20. प्रश्न: कुषाण कालीन सिक्कों की विशेषताएँ बताइए।


उत्तर: कुषाणों ने सोने-चाँदी और ताँबे के सिक्के जारी किए। इन पर शासकों और देवताओं के चित्र अंकित थे।


21. प्रश्न: सिक्कों से हमें उस काल की क्या जानकारी मिलती है?


उत्तर: आर्थिक समृद्धि, व्यापार, कला और धार्मिक विश्वासों की जानकारी मिलती है।


22. प्रश्न: व्यापार के विकास से शहर कैसे समृद्ध हुए?


उत्तर: शहर शिल्प, व्यापार, शिक्षा और धर्म के केंद्र बने और लोगों की आय बढ़ी।


23. प्रश्न: उत्तर भारत के प्रमुख नगर कौन-से थे?


उत्तर: तक्षशिला, कौशाम्बी, वैशाली, पाटलिपुत्र, उज्जयिनी आदि।


24. प्रश्न: पाटलिपुत्र क्यों एक प्रमुख नगर था?


उत्तर: यह स्थल और जलमार्ग दोनों से जुड़ा था और प्रशासनिक केंद्र था।


25. प्रश्न: पाटलिपुत्र की आर्थिक गतिविधियाँ बताइए।


उत्तर: व्यापार, शिल्प, प्रशासन और सांस्कृतिक गतिविधियाँ यहाँ केंद्रित थीं।


26. प्रश्न: गाँवों के बारे में हमें कम जानकारी क्यों मिलती है?


उत्तर: गाँवों की खुदाई कम हुई है, इसलिए जानकारी सीमित है।


27. प्रश्न: मौर्योत्तर काल के गाँव एक-समान क्यों नहीं थे?


उत्तर: जलवायु, भौगोलिक स्थिति और संस्कृति के कारण उनमें भिन्नता थी।


28. प्रश्न: ग्रामभोजक कौन होता था?


उत्तर: ग्रामभोजक गाँव का मुखिया होता था, जिसके पास अधिक भूमि और प्रशासनिक अधिकार होते थे।


29. प्रश्न: गृहपति किसे कहते थे?


उत्तर: जिन किसानों के पास अपनी भूमि होती थी, उन्हें गृहपति कहा जाता था।


30. प्रश्न: भूमिहीन मजदूरों की स्थिति कैसी थी?


उत्तर: वे दूसरों की भूमि पर काम करते थे और दास या कर्मकार कहलाते थे।


31. प्रश्न: दक्षिण भारत में किसानों के वर्गीकरण बताइए।


उत्तर: बड़े किसान वेल्लाल, छोटे किसान उणवार और मजदूर कसैसियार कहलाते थे।


32. प्रश्न: इस काल में कौन-कौन से शिल्पकार थे?


उत्तर: लोहार, कुम्हार, बढ़ई, बुनकर आदि।


33. प्रश्न: भारत किन वस्तुओं के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था?


उत्तर: हीरे, रेशमी वस्त्र, मलमल, सूती कपड़े आदि।


34. प्रश्न: श्रेणियाँ क्या थीं?


उत्तर: शिल्पकारों और व्यापारियों के संगठन को श्रेणी कहा जाता था।


35. प्रश्न: श्रेणियों के कार्य बताइए।


उत्तर: प्रशिक्षण, कच्चा माल उपलब्ध कराना, वितरण और बैंकिंग कार्य।


36. प्रश्न: श्रेणियाँ धार्मिक कार्यों में कैसे सहायक थीं?


उत्तर: लाभ का एक भाग धार्मिक संस्थाओं को दान दिया जाता था।


37. प्रश्न: मौर्योत्तर काल में भारत विदेशी व्यापार में कैसे अग्रणी बना?


उत्तर: अधिक उत्पादन और संगठित व्यापार से भारत निर्यातक देश बन गया।


38. प्रश्न: इस काल में सांस्कृतिक आदान-प्रदान कैसे हुआ?


उत्तर: व्यापार के माध्यम से भारतीय धर्म और संस्कृति विदेशों तक पहुँची।


39. प्रश्न: जातक कथा से हमें क्या शिक्षा मिलती है?


उत्तर: चतुराई, परिश्रम और व्यापार से निर्धन व्यक्ति भी धनी बन सकता है।


40. प्रश्न: घोड़ों का व्यापारी शहर क्यों आया होगा?


उत्तर: वह घोड़ों को बेचने और व्यापार से लाभ कमाने के लिए शहर आया होगा।

Answer by Mrinmoee