Chapter 12 

                                                             नए साम्राज्य एवं राज्य


प्रश्न:1 गुप्त साम्राज्य की स्थापना किसने और कब की थी?

उत्तर: गुप्त साम्राज्य की स्थापना तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में चन्द्रगुप्त प्रथम ने की थी। उनके पूर्वज श्री गुप्त और घटोत्कच सामन्त (अधीनस्थ शासक) थे।


प्रश्न:2 समुद्रगुप्त के बारे में हमें किस स्रोत से जानकारी मिलती है?

उत्तर: समुद्रगुप्त के बारे में जानकारी प्रयाग प्रशस्ति (राजकवि हरिषेण द्वारा लिखित), एरण अभिलेख और उनके सिक्कों से मिलती है।


प्रश्न:3 समुद्रगुप्त ने आर्यावर्त के नौ शासकों के साथ क्या किया?

उत्तर: समुद्रगुप्त ने आर्यावर्त के नौ शासकों को पराजित कर अपने सीधे नियंत्रण में ले लिया।


प्रश्न:4 दक्षिण के बारह शासकों के प्रति समुद्रगुप्त की नीति क्या थी?

उत्तर: समुद्रगुप्त ने उन्हें पराजित कर समर्पण करने के लिए मजबूर किया, लेकिन बाद में उन्हें पुनः स्वतंत्र कर दिया। ये राज्य उसके करद-राज्य थे और उनसे उपहार के रूप में कर लिया जाता था।


प्रश्न:5 आटविक प्रदेश के राजा समुद्रगुप्त के अधीनता स्वीकार कैसे हुए?

उत्तर: आटविक प्रदेश के राजा, जो संभवतः अपने कबीले के सरदार थे, समुद्रगुप्त ने उन्हें अधीनता स्वीकार करने के लिए बाध्य किया और उन्हें सेवक या परिचारक का दर्जा दिया।


प्रश्न:6 सीमावर्ती राज्यों के शासक समुद्रगुप्त को कैसे मान्यता देते थे?

उत्तर: सीमावर्ती राज्यों के शासक उपहार एवं राजनिष्ठा देकर समुद्रगुप्त के सामने आत्मसमर्पण करते थे। इनमें कामरूप (असम), बंगाल, नेपाल और मालवा के राज्य शामिल थे।


प्रश्न:7 समुद्रगुप्त ने विदेश नीति पर किस प्रकार प्रभाव डाला?

उत्तर: बाहरी राज्यों के शासक, जो शकों और कुषाणों के वंशज तथा सिंहल के शासक थे, समुद्रगुप्त की अधीनता स्वीकार कर वैवाहिक संबंध स्थापित किए।


प्रश्न:8 समुद्रगुप्त ने विजित प्रदेशों के लिए किस प्रकार की नीतियाँ अपनाई?

उत्तर: आर्यावर्त के राज्यों को सीधे अपने नियंत्रण में लिया जबकि दूरस्थ राज्यों एवं आटविक प्रदेश के साथ नरम व्यवहार किया।


प्रश्न:9 संपूर्ण भारत पर सीधा नियंत्रण स्थापित करना समुद्रगुप्त के लिए क्यों कठिन था?

उत्तर: संपूर्ण भारत पर सीधा नियंत्रण कठिन था क्योंकि तत्कालीन परिवहन, संचार और प्रशासनिक संरचना सीमित थी, और दूरस्थ प्रदेशों में स्थानीय शासकों की शक्ति अधिक थी।


प्रश्न:10 चन्द्रगुप्त द्वितीय ने गद्दी पर कैसे अधिकार जमाया?

उत्तर: रामगुप्त की कायरता पर क्षुब्ध होकर, ध्रुवदेवी का वेष धारण कर शकाधिपति के शिविर में गया, उसे मारा और गद्दी पर कब्जा किया।


प्रश्न:11 दिल्ली के मेहरौली में स्थित लौह स्तंभ से चन्द्रगुप्त द्वितीय का क्या संबंध है?

उत्तर: लौह स्तंभ पर 'चन्द्र' नाम का उल्लेख है, जिसे चन्द्रगुप्त द्वितीय समझा जाता है।


प्रश्न:12 चन्द्रगुप्त द्वितीय ने पश्चिमी भारत में किस प्रकार विजय प्राप्त की?

उत्तर: पश्चिमी भारत के मालवा, गुजरात और सौराष्ट्र के शासकों को पराजित कर, खम्मात और सोपारा के बंदरगाहों को अपने नियंत्रण में लिया।


प्रश्न:13 चन्द्रगुप्त द्वितीय ने अपनी पुत्री की शादी क्यों और किससे करवाई?

उत्तर: प्रभावती गुप्त की शादी दक्षिण भारत के वकाटक नरेश रूद्रसेन द्वितीय से करवाई ताकि राजनीतिक एवं सामरिक रूप से गुप्त साम्राज्य अधिक प्रभावशाली हो।


प्रश्न:14 चन्द्रगुप्त द्वितीय ने राजधानी के अतिरिक्त दूसरा केंद्र क्यों स्थापित किया?

उत्तर: उज्जैन को दूसरी राजधानी के रूप में स्थापित किया ताकि साम्राज्य के पश्चिमी भागों का प्रशासन सुचारू रूप से हो सके।


प्रश्न:15 चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासन काल में संस्कृति और शिक्षा में क्या प्रगति हुई?

उत्तर: साहित्य, कला, विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हुईं; विदेशी यात्री फाहियान ने भी इस समय भारत भ्रमण किया।


प्रश्न:16 चन्द्रगुप्त द्वितीय ने कौन-से उपाधि धारण की?

उत्तर: विक्रमादित्य की उपाधि।


प्रश्न:17 कुमारगुप्त ने नालन्दा महाविहार की स्थापना क्यों की?

उत्तर: शिक्षा के महान् केन्द्र के रूप में नालन्दा महाविहार की स्थापना की, ताकि धार्मिक और शैक्षणिक शिक्षा का प्रसार हो सके।


प्रश्न:18 स्कंदगुप्त ने हूणों के आक्रमण का सामना कैसे किया?

उत्तर: स्कंदगुप्त ने हूणों को पराजित किया और शकादित्य की उपाधि धारण की।


प्रश्न:19 गुप्त साम्राज्य का पतन किन कारणों से हुआ?

उत्तर: हूणों के लगातार आक्रमण और साम्राज्य के विकेन्द्रीकृत शासन के कारण गुप्त साम्राज्य कमजोर होने लगा।


प्रश्न:20 गुप्त साम्राज्य में राजा का क्या कर्तव्य था?

उत्तर: राजा प्रजा को सुरक्षा और न्याय प्रदान करता था और धर्म की रक्षा करता था।


प्रश्न:21 राज्य की आमदनी का मुख्य स्रोत क्या था?

उत्तर: भूमि का एक तिहाई हिस्सा (लगान) राजा की आमदनी का मुख्य स्रोत था।


प्रश्न:22 गुप्त साम्राज्य में सामंती शासन किस प्रकार था?

उत्तर: राज्य का नियंत्रण सामंती और विकेन्द्रीकृत था; भूमि अधिकारियों और सामंतों को प्रदान की जाती थी।


प्रश्न:23 गुप्त साम्राज्य की प्रशासनिक इकाइयां कौन-कौन सी थीं?

उत्तर: सबसे बड़ी इकाई देश, फिर प्रादेशिक इकाई मुक्ति (भुक्ति), उसके नीचे विषय (जिला), और सबसे छोटी ग्राम।


प्रश्न:24 प्रमुख प्रशासनिक पद कौन-कौन से थे?

उत्तर: कुमारामात्य (प्रदेश का गर्वनर), महासंधिविग्रहिक (युद्ध एवं शांति मंत्री), महादंडनायक (मुख्य न्यायाधीश), नगरपति, ग्रामिक आदि।


प्रश्न:25 हर्षवर्द्धन का राज्यारोहण किन परिस्थितियों में हुआ?

उत्तर: बंगाल के शासक शशांक ने पुष्यभूति वंश को कमजोर किया था, ऐसे संकटपूर्ण समय में हर्ष ने राज्यारोहण किया।


प्रश्न:26 हर्षवर्द्धन ने अपने साम्राज्य का विस्तार कैसे किया?

उत्तर: पंजाब से बंगाल तक सैन्य अभियान चलाकर विस्तार किया। कुछ इतिहासकारों के अनुसार कामरूप और कश्मीर भी उसकी अधीनता स्वीकार करते थे।


प्रश्न:27 हर्ष ने दक्षिण में साम्राज्य विस्तार क्यों किया और किससे पराजित हुआ?

उत्तर: नर्मदा के दक्षिण में साम्राज्य विस्तार करना चाहा, लेकिन चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने उसे पराजित किया।


प्रश्न:28 हर्षवर्द्धन के धार्मिक दृष्टिकोण के बारे में क्या जानकारी है?

उत्तर: हर्ष बौद्ध धर्म का उपासक था, लेकिन अन्य धर्मावलम्बियों के प्रति भी सम्मान करता था।


प्रश्न:29 हर्ष ने शिक्षा और धर्म के क्षेत्र में क्या उपलब्धियाँ कीं?

उत्तर: कई स्तूप, बौद्ध विहार और अस्पताल का निर्माण किया; कन्नौज में पाँचवीं बौद्ध संगीति का आयोजन किया।


प्रश्न:30 हृवेनसांग का हर्षवर्द्धन पर क्या दृष्टिकोण था?

उत्तर: हृवेनसांग ने हर्ष को बौद्ध धर्म का महान् उपासक बताया, लेकिन शिव और सूर्य का भी उपासक कहा।


प्रश्न:31 चालुक्य वंश का प्रमुख शासक कौन था और उसने हर्षवर्द्धन के विरुद्ध क्या किया?

उत्तर: पुलकेशिन द्वितीय प्रमुख शासक था, जिसने हर्षवर्द्धन के दक्षिण विस्तार को रोकने का प्रयास किया और उत्तरापथस्वामी की उपाधि धारण की।


प्रश्न:32 पल्लव वंश की राजधानी कहां थी और उनका प्रभुत्व कब तक बना?

उत्तर: पल्लव वंश की राजधानी कांचीपुरम थी और उनका प्रभुत्व तमिल क्षेत्र के उत्तरी भाग में नौवीं सदी तक बना रहा।


प्रश्न:33 महेन्द्रवर्मन प्रथम और नरसिंहवर्मन का योगदान क्या था?

उत्तर: महेन्द्रवर्मन प्रथम पल्लवों का प्रथम महत्वपूर्ण शासक था। नरसिंहवर्मन ने अपने पिता के पराजय का बदला लिया और पुलकेशिन द्वितीय को पराजित किया।


प्रश्न:34 पल्लवों की सांस्कृतिक उपलब्धियों में क्या प्रमुख हैं?

उत्तर: द्रविड़ शैली की वास्तुकला का विकास, रथ शैली के मंदिर (महाबलीपुरम), कैलाशनाथ मंदिर, संस्कृत और तमिल का संरक्षण।


प्रश्न:35 काष्ठ कला क्या है?

उत्तर: यह लकड़ी आधारित कला है, जिसमें मंदिरों की दीवारों, बीम और छत को सजाया जाता है।


प्रश्न:36 द्रविड़ शैली की विशेषताएँ क्या हैं?

उत्तर: मंदिर का आधार आयताकार, शिखर अनेक खण्डों में बना, ऊपर के खण्ड छोटे होते हैं, शिखर पर स्तूपिकाएँ, मंडप और गोपुरम्।


प्रश्न:37 स्थानीय स्वशासन के कौन-कौन से संगठन थे?

उत्तर: उर (ग्रामीण संगठन), सभा (उपसमितियाँ), नगरम् (व्यापारियों का संगठन)।


प्रश्न:38 उर, सभा और नगरम् का कार्य क्या था?

उत्तर: उर में प्रभावशाली व्यक्तियों का संगठन; सभा सिंचाई, खेती, सड़क निर्माण और मंदिर देखभाल करती थी; नगरम् व्यापारियों का संगठन था।


प्रश्न:39 नालन्दा महाविहार की स्थापना क्यों हुई और यह कहाँ स्थित था?

उत्तर: शिक्षा और ज्ञान प्रसार के लिए नालन्दा महाविहार की स्थापना हुई। यह दक्षिण बिहार में राजगृह के निकट स्थित है।


प्रश्न:40 नालन्दा विश्वविद्यालय में शिक्षा का स्तर और व्यवस्था कैसी थी?

उत्तर: विश्वविद्यालय में देश-विदेश से छात्र आते थे, उनके ज्ञान और आचरण की परीक्षा ली जाती थी। अध्ययन संगोष्ठी प्रणाली से होता, विषयों में ब्राह्मण, बौद्ध, दार्शनिक, विज्ञान और कला शामिल थे। लाइब्रेरी बहुमंजिली थी और शिक्षा प्राप्त करने पर उपाधि (डिग्री) दी जाती थी।

Answer by Mrinmoee