Chapter 5

                                                  प्रांरभिक शहर : प्रथम नगरीकरण


1. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता का अंत लगभग कब हुआ था?

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता का अंत लगभग 1700 ईसा पूर्व हुआ था।


2. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के विनाश के लिए विद्वानों ने किन-किन कारणों का सुझाव दिया है?

उत्तर: विद्वानों ने हड़प्पा सभ्यता के विनाश के लिए कई कारण सुझाए हैं, जैसे कि बाढ़ ने शहरों को नुकसान पहुँचाया, भूमि में नमक की मात्रा बढ़ गई, बाहरी लोगों ने हड़प्पावासियों पर हमला किया, और वातावरण में रासायनिक एवं पारिस्थितिकी संबंधी परिवर्तन हुए।


3. प्रश्न: क्या हड़प्पा सभ्यता के सभी तत्व समाप्त हो गए?

उत्तर: नहीं, हड़प्पा सभ्यता के बहुत से तत्वों की निरंतरता आगे विकसित होने वाली ताम्रपाषाणिक संस्कृति में बनी रही।


4. प्रश्न: हड़प्पा संस्कृति के तत्वों की निरंतरता किस-किस क्षेत्र में दिखाई देती है?

उत्तर: राजस्थान में बाहर संस्कृति, मध्यप्रदेश में मालचा संरचना, महाराष्ट्र में इनामगांव एवं जोर्वे संरचना के रूप में हड़प्पा संस्कृति के तत्व दिखाई देते हैं।


5. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के धार्मिक जीवन का कौन-सा तत्व आज भी प्रचलित है?

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता में मातृदेवी की पूजा और धार्मिक क्रियाकलाप की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी प्रचलित है।


6. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के नगरों के विनाश के पीछे पारिस्थितिकी तंत्र के बदलाव का क्या योगदान था?

उत्तर: पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव के कारण लोग अपने स्थायी निवास स्थान छोड़कर अन्य क्षेत्रों में जाने के लिए विवश हुए।


7. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में बाढ़ का क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर: बाढ़ ने हड़प्पा शहरों को हानि पहुँचाई और कुछ नगरों को ध्वस्त कर दिया।


8. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के अंत में भूमि की नमक-संयोजन वृद्धि का क्या परिणाम हुआ?

उत्तर: भूमि में नमक की मात्रा बढ़ने से कृषि उत्पादन पर असर पड़ा और लोग स्थायी रूप से निवास करने में असमर्थ हुए।


9. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के विनाश में बाहरी लोगों की भूमिका कैसी रही?

उत्तर: कुछ विद्वानों के अनुसार बाहरी लोगों ने हड़प्पावासियों पर हमला किया और उनके नगरों को नष्ट किया।


10. प्रश्न: ताम्रपाषाणिक संस्कृति में हड़प्पा सभ्यता के कौन-कौन से तत्व जीवित रहे?

उत्तर: कृषि, पशुपालन, मातृदेवी पूजा, धार्मिक क्रियाकलाप, मिट्टी के बर्तन बनाने की कला और नगर योजना के तत्व ताम्रपाषाणिक संस्कृति में जीवित रहे।


11. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के नगरों का पुनरुत्थान क्यों संभव नहीं हुआ?

उत्तर: बाढ़, प्राकृतिक आपदाएँ, बाहरी आक्रमण और पर्यावरणीय बदलावों के कारण हड़प्पा नगर पुनर्जीवित नहीं हो सके।


12. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के कृषि तत्वों का विकास किस रूप में हुआ?

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता में गेहूँ, जौ, मटर, तिल और सरसों की खेती की जाती थी, जो ताम्रपाषाणिक काल में भी विकसित हुई।


13. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के पशुपालन के तत्व आगे किस संस्कृति में दिखाई दिए?

उत्तर: भेड़, बकरी, गाय और भैंस के पालन-पोषण के तत्व ताम्रपाषाणिक संस्कृति में भी दिखाई दिए।


14. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के व्यापारिक संबंध किस-से जुड़े थे?

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता के लोग मेसोपोटामिया, मध्य एशिया, ईरान और अफगानिस्तान के साथ व्यापार करते थे।


15. प्रश्न: हड़प्पा संस्कृति में मिट्टी के बर्तनों की कला का क्या महत्व था?

उत्तर: मिट्टी के बर्तनों में चित्रकारी और कलात्मक डिजाइन का विकास हुआ, जो आज भी हड़प्पा सभ्यता की कलात्मक समझ को दर्शाता है।


16. प्रश्न: हड़प्पाई लोग जल आपूर्ति और सफाई के प्रति कितने जागरूक थे?

उत्तर: हड़प्पाई नगरों में नालियों और कुओँ की व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लोग स्वास्थ्य और सफाई के प्रति जागरूक थे।


17. प्रश्न: हड़प्पाई नगरों में स्नानागार का क्या महत्व था?

उत्तर: स्नानागार में पानी की निकासी और भंडारण की व्यवस्था थी, और यह विशेष अवसरों पर नागरिकों द्वारा उपयोग किया जाता था।


18. प्रश्न: हड़प्पाई नगरों में निर्माण कार्यों में ईंटों का प्रयोग क्यों किया गया?

उत्तर: ईंटों का प्रयोग नगरों को मजबूती देने और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए किया गया।


19. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता में मातृदेवी पूजा का महत्व क्या था?

उत्तर: मातृदेवी को उर्वरता और जीवन शक्ति की देवी माना जाता था और उनकी पूजा आम जीवन और कृषि के लिए की जाती थी।


20. प्रश्न: हड़प्पाई लोग किन धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं में विश्वास करते थे?

उत्तर: हड़प्पाई लोग भूत-प्रेत, जादू-टोना और प्राकृतिक शक्तियों में विश्वास रखते थे।


21. प्रश्न: हड़प्पाई लोग मृतकों का अंतिम संस्कार कैसे करते थे?

उत्तर: हड़प्पाई लोग मृतकों को दफनाते और जलाते दोनों तरीके अपनाते थे।


22. प्रश्न: हड़प्पाई नगरों में किस प्रकार की नगर योजना पाई गई थी?

उत्तर: नगर योजनाबद्ध तरीके से बनाए गए थे, जहाँ सड़कें, गलियाँ और नालियाँ समकोण पर मिलती थीं और नगर कई आयताकार खंडों में विभाजित थे।


23. प्रश्न: हड़प्पाई लोगों की शिल्पकला में मुहरों का क्या महत्व था?

उत्तर: मुहरों का प्रयोग संपत्ति को चिह्नित करने और पहचान स्थापित करने के लिए किया जाता था।


24. प्रश्न: हड़प्पाई मुहरों की दो प्रमुख विशेषताएँ क्या थीं?

उत्तर: पहली, इन पर जानवरों की सुन्दर कलाकृतियाँ बनी होती थीं, और दूसरी, इन पर कुछ लिखित शब्द अंकित होते थे।


25. प्रश्न: हड़प्पाई लोगों की आर्थिक गतिविधियाँ कौन-कौन सी थीं?

उत्तर: कृषि, पशुपालन, शिकार, खाद्य संग्रहण और व्यापार हड़प्पाई लोगों की मुख्य आर्थिक गतिविधियाँ थीं।


26. प्रश्न: हड़प्पाई लोग किन-किन स्थानों से कच्चा माल प्राप्त करते थे?

उत्तर: राजस्थान से तींबा, कर्नाटक से सोना, अफगानिस्तान एवं ईरान से चीदी, मध्य एशिया से फिरोजा और गुजरात से समुद्री उत्पाद।


27. प्रश्न: हड़प्पाई लोगों का व्यापारिक संबंध किस प्राचीन सभ्यता से था?

उत्तर: हड़प्पाई सभ्यता का व्यापारिक संबंध मेसोपोटामियाई सभ्यता से था।


28. प्रश्न: हड़प्पाई नगरों में निवासी कौन-कौन से शिल्पकार थे?

उत्तर: नगरों में सोनार, पत्थर काटने वाले, बुनकर, नाव-निर्माता जैसे शिल्पकार रहते थे।


29. प्रश्न: हड़प्पाई लोग किस प्रकार के वस्त्र पहनते थे?

उत्तर: वे सूती वस्त्रों और गरम कपड़े पहनते थे।


30. प्रश्न: हड़प्पाई लोग किन प्रकार के गहनों का प्रयोग करते थे?

उत्तर: हार, बाजूबन्द, अंगूठी, चूड़ी, कमरबन्द, कान की बाली और पायल, जिनमें सोना, तांबा और हाथी दाँत का उपयोग होता था।


31. प्रश्न: हड़प्पाई नगरों में बच्चों के लिए कौन-कौन से खिलौने बनाए जाते थे?

उत्तर: छोटे चक्के वाली बैलगाड़ियाँ, पशु मूर्तियाँ और पाटे का खेल।


32. प्रश्न: हड़प्पाई लोग कृषि कार्य में कौन-कौन से उपकरण इस्तेमाल करते थे?

उत्तर: हल और जमीन खोदने के साधन, तथा कुओँ और नदियों पर बनाए गए बांध।


33. प्रश्न: हड़प्पाई नगरों में जल निकासी का प्रबंध कैसे किया गया था?

उत्तर: घरों से निकलने वाला मल-जल माध्यम आकार की नालियों में जाता और फिर बड़े नालों में मिल जाता, जिनमें आयताकार गड्ढे गंदगी जमा करने के लिए बनाए गए थे।


34. प्रश्न: धौलावीरा नगर किस कारण महत्वपूर्ण है?

उत्तर: धौलावीरा तीन भागों में बसा था – गढ़ी, मध्यनगर और निचला नगर, और यहाँ से बड़े अक्षरों वाला शिलालेख प्राप्त हुआ।


35. प्रश्न: लोथल नगर क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: लोथल में बंदरगाह के अवशेष मिले हैं और यहाँ से जलीय मार्ग द्वारा व्यापार किया जाता था।


36. प्रश्न: हड़प्पाई नगरों में स्नानागार की व्यवस्था कैसे थी?

उत्तर: स्नानागार में सीढ़ियाँ, फर्श पर तराशी गई ईंट और पानी का रिसाव रोकने के लिए चारकोल की परत लगी थी।


37. प्रश्न: हड़प्पाई नगरों में नगर दुर्ग और निचला नगर किस प्रकार विभाजित थे?

उत्तर: ऊँची जगहों पर छोटे हिस्से (नगर दुर्ग) में संपन्न लोग और निचले इलाके में साधारण लोग रहते थे।


38. प्रश्न: हड़प्पाई नगरों में ईंट निर्माण की तकनीक क्यों महत्वपूर्ण थी?

उत्तर: ईंट की चिकनाई और निर्माण तकनीक से दीवारें हजारों सालों तक मजबूती से खड़ी रह सकीं।


39. प्रश्न: हड़प्पाई लोग किस प्रकार के जल स्रोत का उपयोग करते थे?

उत्तर: कुएँ और नदी के पानी का उपयोग कर सिंचाई और नगर जलापूर्ति की जाती थी।


40. प्रश्न: हड़प्पा सभ्यता के तत्वों की आज की संस्कृति में क्या निरंतरता है?

उत्तर: मातृदेवी की पूजा, धार्मिक क्रियाकलाप, नगर नियोजन की अवधारणा और कृषि-पशुपालन की तकनीक आज भी कई रूपों में प्रचलित है।

Answer by Mrinmoee