Chapter 7 

                                                                    प्रांरभिक राज्य


1. प्रश्न: वैदिक जनों के समय लोहे के औजार और उपकरण मिलने से क्या संकेत मिलता है?

उत्तर: लगभग 3000 वर्ष पहले गंगा नदी घाटी क्षेत्र में लोहे के बने औजार और उपकरण खुदाई में मिले। इससे पता चलता है कि वैदिक जनों की आर्थिक गतिविधियों में स्थायित्व आया और वे कृषि के साथ-साथ पशुपालन भी करने लगे। इसके कारण जनों का स्थायी जीवन संभव हुआ।


2. प्रश्न: छोटे-छोटे 'जन' किस प्रकार बड़े 'जनपद' में बदलते गए?

उत्तर: ऋग्वैदिक कालीन छोटे-छोटे जन आपस में विलीन होकर बड़े जनपदों का निर्माण करने लगे। उदाहरणार्थ, पुरु और भरत जन मिलकर कुरु जनपद का निर्माण किया। इसी तरह, दुर्वश और क्रिवि जन मिलकर पांचाल जनपद बने।


3. प्रश्न: महाजनपदों का विकास कब और कैसे हुआ?

उत्तर: लगभग 2500 वर्ष पहले वैदिक काल के जनपद अधिक महत्वपूर्ण हो गए और उन्हें महाजनपद कहा जाने लगा। बौद्ध और जैन ग्रंथों में 16 महाजनपदों का उल्लेख है, जिनमें अंग, मगध, काशी, कोशल, वत्स, अवंति आदि प्रमुख थे। महाजनपदों का विकास मुख्यतः कृषि, व्यापार और सैन्य शक्ति के कारण हुआ।


4. प्रश्न: महाजनपदों में शासन का प्रकार क्या था?

उत्तर: महाजनपदों में शासन का रूप एक समान नहीं था। कुछ महाजनपदों में राजतंत्र था, जिसमें राजा का पद बंशानुगत होता था, और कुछ में गणतंत्रात्मक व्यवस्था थी। राजधानियाँ शासन का केंद्र थीं।


5. प्रश्न: महाजनपदों की राजधानियों में सुरक्षा के लिए किस प्रकार की व्यवस्था थी?

उत्तर: कई राजधानियों में लकड़ी, ईंट और पत्थरों से किलेबंदी की गई थी। यह अन्य राजाओं के आक्रमण से सुरक्षा हेतु किया गया था।


6. प्रश्न: महाजनपदों में कर वसूली की प्रक्रिया क्या थी?

उत्तर: राजा ने अब नियमित रूप से कर वसूलना आरंभ किया। किसान अपनी उपज का निश्चित हिस्सा कर के रूप में देते थे, कारीगर और बुनकर महीने में एक दिन राजा के लिए काम करते थे। व्यापारियों को खरीद-फरोख्त पर कर देना पड़ता था।


7. प्रश्न: मगध का विकास किन कारणों से हुआ?

उत्तर: मगध का विकास इसकी उपजाऊ भूमि, निकटवर्ती लोहे की खानों, व्यापार और व्यवसाय के कारण हुआ। यहाँ हाथी प्रचुर मात्रा में उपलब्ध थे, जिससे विरोधी राज्यों पर अधिकार करना आसान हुआ।


8. प्रश्न: मगध के प्रथम महत्वपूर्ण राजा कौन थे और उन्होंने क्या कार्य किए?

उत्तर: बिम्बिसार मगध के प्रथम महत्वपूर्ण राजा थे। उन्होंने कोशल और लिच्छवी राजवंश के साथ वैवाहिक संबंध बनाए, अंग महाजनपद पर आक्रमण किया और गंगा नदी मार्ग से व्यापार को नियंत्रित किया।


9. प्रश्न: अजातशत्रु ने अपने पिता की नीति का पालन कैसे किया?

उत्तर: अजातशत्रु ने कोशल और वज्जि संघ के साथ युद्ध किया, काशी पर अधिकार किया, वज्जि संघ में फूट डालकर जीत हासिल की और राजगीर की सुरक्षा हेतु किलाबंदी कराई।


10. प्रश्न: उदयिन के समय मगध में क्या परिवर्तन हुए?

उत्तर: उदयिन ने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया, अवंति के कई युद्धों में विजयी हुए, लेकिन अवंति को मगध का अंग नहीं बना सके।


11. प्रश्न: शिशुनाग के समय क्या हुआ?

उत्तर: शिशुनाग ने अंतिम रूप से अर्थति, वास और कोशल पर विजय प्राप्त की। धनानंद के समय यूनानी विजेता सिकंदर का आक्रमण हुआ, लेकिन सिकंदर की सेना ने मगध पर आक्रमण नहीं किया।


12. प्रश्न: गणराज्य क्या थे और इनके प्रमुख उदाहरण कौन-कौन से थे?

उत्तर: गणराज्य वे राज्य थे जिनमें शासन का प्रधान चुनाव द्वारा होता था। प्रमुख गणराज्यों में शाक्य, लिच्छवी, वज्जि, विदेह, मल्ल, कोलिय और मोरिय शामिल थे।


13. प्रश्न: वज्जि संघ में शासन कैसे होता था?

उत्तर: वज्जि संघ में विभिन्न गणों के प्रमुख नियमित बैठक करके निर्णय लेते थे। यहाँ लोकमत के आधार पर शासन की प्रवृत्ति दिखाई देती थी।


14. प्रश्न: लिच्छवी गण के बारे में क्या जानकारी है?

उत्तर: लिच्छवी गण वज्जि संघ का प्रमुख हिस्सा था। इसकी सीमाएँ वर्तमान वैशाली और मुजफ्फरपुर तक फैली थीं। बिम्बिसार ने यहाँ अपनी पुत्री से विवाह कर मैत्री स्थापित की।


15. प्रश्न: नगरों का विकास किन कारणों से हुआ?

उत्तर: नगरों का विकास आर्थिक, धार्मिक और राजनीतिक कारणों से हुआ। बड़े राज्यों की राजधानी अधिक भव्य हुई, नगरों में शासक, सैनिक और प्रशासनिक कर्मचारी रहे।


16. प्रश्न: नगरों में व्यापार और शिल्प का क्या महत्व था?

उत्तर: नगरों में शिल्प और व्यापार जीविका के मुख्य साधन थे। नगर विशिष्ट वस्तुओं के उत्पादन केंद्र बने, जिनका व्यापार अन्य नगरों में होता था।


17. प्रश्न: नगरों के विकास में धार्मिक कारण कैसे जुड़े?

उत्तर: प्रमुख मंदिर या तीर्थस्थल के आसपास पुरोहित, सेवक और अन्य लोग स्थाई रूप से बसे। यात्री दर्शन के लिए आते, जिससे बस्तियाँ नगरों में परिवर्तित हुई।


18. प्रश्न: नगरों का स्थान चयन किस आधार पर हुआ?

उत्तर: नगर अधिकतर नदियों के किनारे या प्रमुख मार्गों के पास विकसित हुए, जिससे व्यापार और सेना के आवागमन में सुविधा रहती थी।


19. प्रश्न: नगरों के आसपास गाँवों का क्या योगदान था?

उत्तर: नगरों के आसपास के गाँवों से कच्चा माल और अनाज प्राप्त होता था, जिससे नगरों का उत्पादन और व्यापार चलता था।


20. प्रश्न: द्वितीय नगरीकरण क्या है?

उत्तर: उत्तर भारत में छठी शताब्दी ईसा पूर्व तक नगरों का व्यवस्थित विकास, जिसमें प्रशासनिक, आर्थिक और धार्मिक केंद्र विकसित हुए, द्वितीय नगरीकरण कहा जाता है।


21. प्रश्न: लोहे के औजार और चित्रित धूसर पात्रों का महत्व क्या था?

उत्तर: ये संकेत देते हैं कि वैदिक जन कृषि कार्य में कुशल थे और स्थायी जीवन जीने लगे। चित्रित धूसर पात्र सांस्कृतिक और कलात्मक विकास को दिखाते हैं।


22. प्रश्न: महाजनपदों में राजधानियों का महत्व क्या था?

उत्तर: राजधानियाँ शासन का केंद्र थीं, जहाँ राजा, सेना और कर्मचारियों का निवास होता था। यहाँ निर्णय लेने और सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखा जाता था।


23. प्रश्न: कर वसूली में किसानों की भूमिका क्या थी?

उत्तर: किसान अपनी उपज का निश्चित हिस्सा कर के रूप में राजा को देते थे। इसे माग कहा जाता था और यह राजा की आय का मुख्य स्रोत था।


24. प्रश्न: कारीगरों और व्यापारियों का कर भुगतान कैसे होता था?

उत्तर: कारीगर महीने में एक दिन राजा के लिए काम करते थे। व्यापारी खरीद-फरोख्त पर कर देते थे, जो राजा की आय में योगदान करता था।


25. प्रश्न: मगध के पास लोहे की खानों का महत्व क्या था?

उत्तर: लोहे की खानों ने हथियार और उपकरण निर्माण में सहायता की, जिससे मगध की सैन्य और आर्थिक शक्ति बढ़ी।


26. प्रश्न: मगध में हाथियों की उपलब्धता का क्या लाभ था?

उत्तर: हाथियों से विरोधी राज्यों पर अधिकार करना आसान हुआ और सैन्य शक्ति बढ़ी।


27. प्रश्न: बिम्बिसार ने किस प्रकार अपनी शक्ति बढ़ाई?

उत्तर: वैवाहिक संबंध स्थापित किए, अंग पर आक्रमण किया और गंगा मार्ग से व्यापार नियंत्रित कर राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत की।


28. प्रश्न: अजातशत्रु ने वज्जि संघ पर विजय कैसे प्राप्त की?

उत्तर: उन्होंने मंत्री वस्सकार की सहायता से संघ के सदस्यों में फूट डाली और विजयी हुए।


29. प्रश्न: उदयिन ने पाटलिपुत्र को क्यों राजधानी बनाया?

उत्तर: पाटलिपुत्र का स्थान रणनीतिक रूप से सुरक्षित था और गंगा, गंडक, सोन नदियों के संगम पर स्थित था।


30. प्रश्न: गणराज्य और राजतंत्र में अंतर क्या था?

उत्तर: राजतंत्र में राजा बंशानुगत रूप से सत्ता प्राप्त करता था, जबकि गणराज्य में प्रमुख का चुनाव होता था और निर्णय लोकमत द्वारा लिया जाता था।


31. प्रश्न: वज्जि संघ में निर्णय लेने की प्रक्रिया कैसी थी?

उत्तर: विभिन्न गणों के राजा नियमित सभा में मिलकर विचार-विमर्श और वाद-विवाद से निर्णय लेते थे।


32. प्रश्न: नगरों में आबादी की बहुरंगी संरचना क्या थी?

उत्तर: नगरों में शासक, पुरोहित, व्यापारी, शिल्पकार, मजदूर, सेवक और दास रहते थे।


33. प्रश्न: नगरों में मुहल्लों का महत्व क्या था?

उत्तर: विभिन्न वर्गों के लोगों के बसने के लिए नगरों को मुहल्लों में बाँटा गया। इससे सामाजिक व्यवस्था और जीवन सुविधा सुगम हुई।


34. प्रश्न: व्यापार केंद्र के रूप में नगरों का विकास कैसे हुआ?

उत्तर: उत्पादन बढ़ने पर वस्तुओं को दूसरे नगरों में ले जाकर बेचा गया। इस प्रकार नगर व्यापार का केंद्र बने।


35. प्रश्न: धार्मिक कारण से नगरों का विकास कैसे हुआ?

उत्तर: प्रमुख मंदिर और तीर्थस्थल के पास लोग स्थाई रूप से बसे और यात्री दर्शन के लिए आए, जिससे बस्ती नगर में परिवर्तित हुई।


36. प्रश्न: द्वितीय नगरीकरण का अर्थ क्या है?

उत्तर: उत्तर भारत में छठी शताब्दी ईसा पूर्व तक नगरों का व्यवस्थित और सुनियोजित विकास, जिसमें प्रशासनिक, आर्थिक और धार्मिक केंद्र विकसित हुए।


37. प्रश्न: आर्थिक संसाधनों से महाजनपदों में शक्ति कैसे बढ़ी?

उत्तर: कृषि उत्पादन, व्यापार और कर वसूली से राजा की शक्ति बढ़ी और नगरों के विकास में सहयोग मिला।


38. प्रश्न: नगरों का चयन किन स्थानों पर हुआ और क्यों?

उत्तर: अधिकतर नगर नदियों के किनारे और प्रमुख मार्गों के पास बने, ताकि व्यापार, आवागमन और सेना की गतिविधियाँ सुगम हों।


39. प्रश्न: नगरों के विकास में प्रशासनिक केन्द्र का क्या योगदान था?

उत्तर: राजाओं और कर्मचारियों के निवास से प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रही, जो आर्थिक और सामाजिक जीवन को व्यवस्थित रखती थी।


40. प्रश्न: नगरों के विकास में कृषि का क्या योगदान था?

उत्तर: गाँवों से उत्पादन और कच्चा माल मिलने से नगरों की समृद्धि बढ़ी। कृषि और पशुपालन से स्थायी निवास और आर्थिक विकास संभव हुआ।

Answer by Mrinmoee