Chapter 8
नए प्रश्न : नवीन विचार
प्रश्न:1 वैदिक काल में शिक्षा किस प्रकार दी जाती थी?
उत्तर: वैदिक काल में शिक्षा मौखिक रूप से दी जाती थी। विद्यार्थियों को वेदों के मूल पाठ कंठस्थ करवाए जाते थे। इसके लिए उन्हें वैदिक मंत्रों के सरल उच्चारण सिखाए जाते थे। वेदों के अलावा गणित और व्याकरण की शिक्षा दी जाती थी। विद्यार्थियों को गुरु के आश्रम में 12 वर्षों तक रहना पड़ता था।
प्रश्न:2 गुरु-शिष्य परंपरा क्या थी?
उत्तर: गुरु-शिष्य परंपरा में विद्यार्थी गुरु के आश्रम में रहकर शिक्षा प्राप्त करते थे। वे गुरु के घर का काम भी करते थे और खेतों में भी मदद करते थे। गुरु उन्हें न केवल ज्ञान देते थे, बल्कि जीवन की मूलभूत सीख भी सिखाते थे।
प्रश्न:3 आरूणि का किस प्रकार से गुरु भक्ति का उदाहरण मिलता है?
उत्तर: आरूणि ने खेत की मेड़ की दरार को रोकने के लिए खुद को खतरे में डाल दिया और मेड़ पर लेट गया। उसकी चिंता और त्याग देखकर गुरुजी बहुत प्रभावित हुए। बड़े होकर वह वेदों और शास्त्रों का महान ज्ञाता बन गया।
प्रश्न:4 इनामगाँव की ताम्रपाषाण बस्ती के बारे में क्या जानकारी प्राप्त हुई?
उत्तर: इनामगाँव महाराष्ट्र राज्य में घोड नदी के तट पर स्थित थी। 3600 से 2700 साल पहले लोग यहाँ रहते थे। मिट्टी की झोपड़ियों में रहते थे और नारंगी रंग के बर्तन जिन पर काले ज्यामितीय आकार थे, उपयोग करते थे।
प्रश्न:5 इनामगाँव के लोगों की आर्थिक गतिविधियाँ क्या थीं?
उत्तर: लोग जौ, गेहूँ, मटर, मसूर, धान की खेती करते थे। पालतू पशु जैसे गाय, बैल, भेड़, बकरी, घोड़ा रखते थे। पशुओं और कृषि उत्पादों का उपयोग भोजन और अन्य आवश्यकताओं के लिए किया जाता था।
प्रश्न:6 मृतकों को दफनाने की इनामगाँव की परंपरा क्या थी?
उत्तर: मृतकों को मिट्टी के बर्तनों या संदूकों में दफनाया जाता था। उनके साथ औजार, हथियार और गहने भी रखे जाते थे। यह उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं को दर्शाता था।
प्रश्न:7 उत्तर वैदिक काल में जन और जनपद कैसे विकसित हुए?
उत्तर: लगभग 3000 वर्ष पहले लोहे के औजारों के प्रयोग और कृषि के विस्तार से जन स्थायी जीवन जीने लगे। आर्थिक बदलावों के कारण क्षेत्रीय स्तर पर छोटी-छोटी शक्तियों का जन्म हुआ और छोटे-छोटे 'जन' धीरे-धीरे जनपद बनते गए।
प्रश्न:8 महाजनपदों का विकास कैसे हुआ?
उत्तर: लगभग 2500 वर्ष पहले कुछ जनपद अधिक महत्वपूर्ण बन गए। इन्हें महाजनपद कहा गया। इनमें अंग, मगध, काशी, कोशल, वत्स, अवंति, वणिज महल आदि प्रमुख थे।
प्रश्न:9 महाजनपदों में शासन के प्रकार कौन-कौन से थे?
उत्तर: कुछ महाजनपदों में राजतंत्र था, जहां राजा पद बंशानुगत होता था। कुछ में गणतंत्रात्मक शासन था, जहां प्रमुख या राजा का चुनाव होता था।
प्रश्न:10 महाजनपदों में कर प्रणाली कैसी थी?
उत्तर: राजा ने नियमित रूप से कर वसूल करना शुरू किया। किसानों से उपज का हिस्सा, कारीगरों से महीने में एक दिन का काम, और व्यापारियों से वस्तु खरीद-बिक्री पर कर लिया जाता था।
प्रश्न:11 मगध का प्रमुख शासक कौन था और उसने क्या किया?
उत्तर: बिम्बिसार मगध का प्रथम महत्वपूर्ण शासक था। उसने कोशल और लिच्छवी राजवंशों से वैवाहिक संबंध स्थापित किए। अंग महाजनपद पर आक्रमण कर उसे मगध में मिला लिया और गंगा मार्ग से व्यापार बढ़ाया।
प्रश्न:12 अजातशत्रु ने मगध में क्या उपलब्धियाँ हासिल कीं?
उत्तर: अजातशत्रु ने पिता की नीति को आगे बढ़ाया, कोशल और वज्जि संघ पर विजय प्राप्त की। काशी और अवंति को पराजित किया। पाटलिपुत्र में सैनिक छावनी बनाई।
प्रश्न:13 उदयिन और शिशुनाग ने मगध में क्या किया?
उत्तर: उदयिन ने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया और अवंति से युद्ध किए। शिशुनाग ने अर्थति, वास और कोशल पर विजय प्राप्त की।
प्रश्न:14 गणराज्य क्या होता था?
उत्तर: गणराज्य में शासन का प्रधान चुनाव से आता था। छोटे-छोटे गण आपस में मिलकर संघ बनाते थे। वज्जि संघ इसका प्रमुख उदाहरण था।
प्रश्न:15 वज्जि संघ में शासन व्यवस्था कैसी थी?
उत्तर: संघ के सभी गणों के राजा नियमित रूप से सभा में मिलते और विचार-विमर्श के माध्यम से निर्णय लेते थे। लोकमत का पालन होता था।
प्रश्न:16 लिच्छवी गण का महत्व क्या था?
उत्तर: लिच्छवी वज्जि संघ में प्रमुख गण था। इसके राजा चेटक ने बिम्बिसार से वैवाहिक संबंध कर मैत्री स्थापित की।
प्रश्न:17 उत्तर भारत में नगरों का विकास कैसे हुआ?
उत्तर: नगरों का विकास आर्थिक, धार्मिक और राजनैतिक कारणों से हुआ। कृषि के अलावा व्यापार, शिल्प और तीर्थस्थलों के पास नगर विकसित हुए।
प्रश्न:18 नगरों का आर्थिक महत्व क्या था?
उत्तर: नगर वस्त्र, बर्तन और अन्य सामानों के उत्पादन और व्यापार केंद्र बने। व्यापारियों और राजाओं से कर प्राप्ति से नगर समृद्ध हुए।
प्रश्न:19 नगरों की आबादी किस प्रकार की थी?
उत्तर: नगरों में शासक, पुरोहित, व्यापारी, शिल्पकार, मजदूर, सेवक और दास रहते थे। विभिन्न वर्गों के लिए नगरों को मुहल्लों में बाँटा गया।
प्रश्न:20 उपनिषदों का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: उपनिषदों में आत्मा, परमात्मा और जीवन-मरण के विषयों पर चर्चा होती थी। यह उत्तर वैदिक ग्रंथों का हिस्सा थे और समान वार्तालाप के रूप में शिक्षा देते थे।
प्रश्न:21 नचिकेता ने यमराज से क्या प्रश्न किया?
उत्तर: नचिकेता ने पूछा कि मरने के बाद हमारा क्या होता है। यमराज ने प्रलोभन दिए लेकिन नचिकेता ने अड़ा रहकर आत्मा का स्वरूप जान लिया।
प्रश्न:22 याज्ञवश्वय और मैत्रेयी का संवाद क्या शिक्षा देता है?
उत्तर: यह बताता है कि धन से व्यक्ति बड़ा नहीं होता। अपने और समाज की भलाई के लिए सोचने और ज्ञान प्राप्त करने का महत्व है।
प्रश्न:23 सत्यकाम जाबाल किस प्रकार प्रसिद्ध हुए?
उत्तर: सत्यकाम ने गौतम ब्राह्मण के पास शिष्य बनकर शिक्षा प्राप्त की और अपने समय के महान विचारक बने।
प्रश्न:24 सिद्धार्थ गौतम (बुद्ध) का प्रारंभिक जीवन कैसा था?
उत्तर: सिद्धार्थ का जन्म 663 ई०पू० में लुम्बिनी में हुआ। बचपन से चिंतनशील थे। उन्होंने रोगी, बूढ़े, मृतक और सन्यासी देख कर जीवन-मरण के दुःखों पर विचार किया।
प्रश्न:25 बुद्ध ने मध्य मार्ग क्यों अपनाया?
उत्तर: कठोर तपस्या और सुखों का परित्याग करने के बाद उन्होंने सीखा कि न अत्यधिक कठोरता और न अत्यधिक भोग सही मार्ग है। इसे मध्य मार्ग कहते हैं।
प्रश्न:26 बोधगया में बुद्ध को किस अनुभव ने ज्ञान दिया?
उत्तर: पीपल वृक्ष के नीचे ध्यान करते हुए उन्हें जीवन और दुःख का वास्तविक स्वरूप समझ में आया और उन्हें निर्वाण की प्राप्ति हुई।
प्रश्न:27 बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्य क्या हैं?
उत्तर:दुःख: जन्म, मृत्यु, रोग, असंतोष।
दुःख का कारण: इच्छा (तृष्णा)।
दुःख का निरोध: इच्छाओं का नियंत्रण।
दुःख निरोधक मार्ग: आष्टांगिक मार्ग।
प्रश्न:28 आष्टांगिक मार्ग के आठ अंग कौन-कौन से हैं?
उत्तर:सम्यक दृष्टि
सम्यक संकल्प
सम्यक वाणी
सम्यक कर्म
सम्यक आजीव
सम्यक प्रयास
सम्यक स्मृति
सम्यक समाधि
प्रश्न:29 बुद्ध का उपदेश सरल भाषा में क्यों दिया गया?
उत्तर: लोगों को आसानी से समझने के लिए। पाली भाषा का प्रयोग आम जनता तक संदेश पहुँचाने हेतु किया गया।
प्रश्न:30 बुद्ध के अनुयायी कौन थे और वे कहाँ रहते थे?
उत्तर: उनके अनुयायी भिक्षु (पुरुष) और भिक्षुणी (महिला) थे। वे सादा जीवन जीते और रहने के लिए विहार में रहते थे।
प्रश्न:31 बौद्ध धर्म का वैश्वीकरण कैसे हुआ?
उत्तर: सरल उपदेशों और संघ की संगठनात्मक व्यवस्था के कारण बौद्ध धर्म भारत के अलावा श्रीलंका, चीन, जापान, कोरिया और तिब्बत में फैल गया।
प्रश्न:32 जैन धर्म के संस्थापक कौन थे?
उत्तर: जैन धर्म के संस्थापक ऋषभ देव (ऋषम देव) थे।
प्रश्न:33 तीर्थंकर का अर्थ क्या है?
उत्तर: तीर्थंकर वह व्यक्ति होता है जो धर्म का प्रचार करते हुए दूसरों को मार्ग दिखाता है।
प्रश्न:34 महावीर का जन्म और परिवार कैसा था?
उत्तर: महावीर का जन्म 540 ई०पू० कुंडग्राम, वैशाली में हुआ। पिता क्षत्रिय कुल के प्रधान थे और माता लिच्छवी राजकुमारी थीं।
प्रश्न:35 महावीर ने जीवन में क्या त्याग किया?
उत्तर: तीस वर्ष की उम्र में उन्होंने राजमहल छोड़कर जंगल में कठोर तपस्या की और 12 वर्षों तक अन्न-जल का त्याग किया।
प्रश्न:36 महावीर ने साधु और साध्वियों को किस प्रकार जीवन जीने की शिक्षा दी?
उत्तर: साधु और साध्वियों ने सादा जीवन, न्यूनतम आवश्यकताओं, संयम, ब्रह्मचर्य और अहिंसा का पालन किया।
प्रश्न:37 जैन धर्म में अहिंसा का महत्व क्यों है?
उत्तर: महावीर का मानना था कि सभी जीवों में जीवन है। इसलिए किसी भी प्राणी को नुकसान न पहुँचाना चाहिए। इसी कारण साधु मुँह और नाक पर कपड़ा बाँधते हैं।
प्रश्न:38 जैन धर्म में त्रि-रत्न क्या है?
उत्तर: त्रि-रत्न में सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र शामिल हैं। यह जीवन-मरण के दुःखों से मुक्ति पाने का मार्ग दिखाता है।
प्रश्न:39 बौद्ध धर्म के आष्टांगिक मार्ग और जैन धर्म के त्रि-रत्न में समानताएँ क्या हैं?
उत्तर: दोनों ही मार्ग जीवन में नैतिकता, संयम, अहिंसा और सही आचरण पर बल देते हैं। दोनों व्यक्ति को दुखों से मुक्ति और ज्ञान की प्राप्ति की शिक्षा देते हैं।
प्रश्न:40 महावीर और बुद्ध के जीवन में क्या समानताएँ थीं?
उत्तर: दोनों ने राजमहल का त्याग किया, तपस्या और ध्यान किया, सत्य और अहिंसा पर बल दिया, संघ का निर्माण किया और अपने उपदेश सरल भाषा में आम जनता तक पहुँचाए।
Answer by Mrinmoee