Chapter 12
मौसम और जलवायु
प्र.1: मौसम क्या होता है?
उत्तर: मौसम वह स्थिति है जो किसी विशेष स्थान पर किसी निश्चित समय में वायुमंडल में पाई जाती है। इसमें सूरज की रोशनी, बादल, हवा की गति और दिशा, आर्द्रता (नमी) जैसी चीजें शामिल होती हैं।
मौसम वह स्थिति है जो किसी विशेष स्थान पर किसी निश्चित समय में वायुमंडल में पाई जाती है। इसमें सूरज की रोशनी, बादल, हवा की गति और दिशा, आर्द्रता (नमी) जैसी चीजें शामिल होती हैं।
प्र.3: जलवायु क्या है?
उत्तर: मौसम उस समय की वायुमंडलीय स्थिति है जो किसी निश्चित शहर, गाँव या इलाके में पाई जाती है। इसमें आकाश की दशा, सूरज की रोशनी, बादल, हवा का झुकाव और गति, तथा नमी जैसी परिस्थितियाँ शामिल होती हैं।
प्र.4: जलवायु का निर्धारण कैसे किया जाता है?
उत्तर: किसी क्षेत्र की जलवायु का पता लगाने के लिए वहां लंबे समय तक (लगभग 30-33 वर्ष) तापमान, वर्षा, पवन की दिशा और अन्य मौसम संबंधी तत्वों का अध्ययन किया जाता है और उनका औसत निकालकर जलवायु निर्धारित की जाती है।
प्र.5: क्या सभी जगहों की जलवायु समान होती है?
उत्तर: सभी जगहों की जलवायु एक जैसी नहीं होती। अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति अलग होने के कारण वहाँ की जलवायु भी भिन्न होती है।
प्र.6: जलवायु को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक कौन-कौन से हैं?
उत्तर: जलवायु पर कई कारक प्रभाव डालते हैं। मुख्य रूप से इनमें शामिल हैं: स्थान का अक्षांश, समुद्र से दूरी, पर्वतों का आकार और दिशा, समुद्री धाराओं का प्रवाह, पवनों की दिशा, समुद्र तल से ऊँचाई और तापमान।
प्र.7: अक्षांशीय स्थिति जलवायु को कैसे प्रभावित करती है?
उत्तर: अक्षांशीय स्थिति का प्रभाव इस प्रकार होता है कि भूमध्य रेखा के नजदीकी क्षेत्रों में सूर्य की किरणें सीधी पड़ती हैं, इसलिए वहाँ गर्मी अधिक होती है। वहीं, उच्च अक्षांशीय क्षेत्रों में सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती हैं, जिससे वहाँ का तापमान कम रहता है और ठंडक अधिक होती है।
प्र.8: सूर्य की किरणों का झुकाव तापमान पर कैसे प्रभाव डालता है?
उत्तर: सूर्य की किरणें जब किसी स्थान पर सीधी पड़ती हैं तो वहाँ अधिक गर्मी पहुँचती है, जैसे भूमध्य रेखा के निकट। किन्तु जैसे-जैसे हम भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की ओर जाते हैं, किरणें तिरछी पड़ती हैं, जिससे तापमान कम होता है और क्षेत्र अपेक्षाकृत ठंडा रहता है।
प्र.9: वायु-धाराएँ (एअर-करेंट) क्या हैं?
उत्तर: जब वायु ऊपर-नीचे की दिशा में गति करती है, तो उसे वायु-धाराएँ या एअर-करेंट कहा जाता है।
प्र.10: पवन क्या है?
उत्तर:जब वायु क्षैतिज दिशा में चलती है और उच्च वायुदाब वाले क्षेत्र से निम्न वायुदाब वाले क्षेत्र की ओर बढ़ती है, तो उसे पवन कहते हैं।
प्र.11: वायुदाब क्या है?
उत्तर: वायुदाब वह दबाव है जो वायु अपने वजन के कारण पृथ्वी की सतह पर डालती है। यह समुद्र तल पर सबसे अधिक और ऊँचाई बढ़ने पर कम होता है।
प्र.12: निम्न वायुदाब और उच्च वायुदाब का मौसम पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: जहाँ वायुदाब कम होता है, वहाँ आकाश में बादल रहते हैं और मौसम नम होता है। वहीं, जहाँ वायुदाब अधिक होता है, वहाँ आकाश साफ रहता है और हवा बाहरी दिशा में बहती है।
प्र.13: पवन के मुख्य प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर: पवन को तीन मुख्य प्रकारों में बांटा जा सकता है: स्थायी पवन, जो हमेशा एक निश्चित दिशा में बहती है; मौसमी पवन, जिसकी दिशा ऋतु के अनुसार बदलती रहती है; और स्थानीय पवन, जो किसी विशेष क्षेत्र या समय में चलती है।
प्र.14: स्थायी पवन क्या है?
उत्तर: स्थायी पवन वे हवाएँ होती हैं जो लगातार एक ही दिशा में बहती रहती हैं। इन्हें पृथ्वी के घूर्णन और वायुदाब के अंतर के कारण उत्पन्न माना जाता है। उदाहरण- पछुआ और पूर्वी पवन।
प्र.15: मौसमी पवन क्या होती है?
उत्तर: मौसमी पवन वे हवाएँ होती हैं जिनकी दिशा और प्रवाह ऋतु के अनुसार बदलते रहते हैं। ये विशेष मौसम में अलग-अलग दिशा में चलती हैं। उदाहरण- मानसूनी पवनें।
प्र.16: स्थानीय पवन क्या होती है?
उत्तर: स्थानीय पवनें वे हवाएँ होती हैं, जो किसी विशेष स्थान और समय पर चलती हैं। उदाहरण के लिए, बिहार के मैदानी इलाकों में गर्मी के दिनों में चलने वाली लू।
प्र.17: स्थलीय समीर और समुद्री समीर में क्या अंतर है?
उत्तर: स्थलीय समीर वह हवा है जो जमीन से समुद्र की ओर बहती है और यह मुख्यतः रात में चलती है। वहीं, समुद्री समीर समुद्र से जमीन की ओर बहती है और यह दिन के समय होती है।
प्र.18: वायुमंडलीय नमी क्या है और इसका स्रोत क्या है?
उत्तर:वायुमंडलीय नमी का अर्थ है वायुमंडल में मौजूद जलवाष्प की मात्रा। इसका प्रमुख स्रोत महासागर हैं, साथ ही पृथ्वी पर मौजूद अन्य जल स्रोत भी इसमें योगदान करते हैं।
प्र.19: वर्षा कैसे होती है?
उत्तर: वायुमंडल में मौजूद जलवाष्प जब संघनित होकर बादलों का रूप लेता है और फिर पृथ्वी पर पानी की बूंदों के रूप में गिरता है, तो इसे वर्षा कहा जाता है।
प्र.20: वर्षा के प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर: वर्षा के तीन प्रकार हैं- संवाहनिक वर्षा, पर्वतीय वर्षा और चक्रवातीय वर्षा।
प्र.21: संवाहनिक वर्षा कैसे होती है?
उत्तर: संवाहनिक वर्षा उस समय होती है जब विषुवत रेखीय क्षेत्रों में गर्म भूतल से उठी हवा ऊपर चढ़ती है, ठंडी होकर संघनित होती है और वर्षा के रूप में गिरती है।
प्र.22: पर्वतीय वर्षा कैसे होती है?
उत्तर: पर्वतीय वर्षा तब होती है जब उष्ण और आर्द्र पवन किसी पर्वत या ऊँची पहाड़ी से टकराकर ऊपर उठती है। ऊपर उठते ही हवा ठंडी होती है, जिससे उसमें मौजूद जलवाष्प संघनित होकर वर्षा के रूप में गिरता है।
प्र.23: चक्रवातीय वर्षा कैसे होती है?
उत्तर: चक्रवातीय वर्षा तब होती है जब किसी क्षेत्र में कम दबाव होता है। आसपास के विभिन्न दिशाओं से हवाएँ उस क्षेत्र की ओर चलती हैं, ऊपर उठती हैं, ठंडी होकर संघनित होती हैं और वर्षा के रूप में गिरती हैं।
प्र.24: चक्रवात क्या है?
उत्तर: चक्रवात एक शक्तिशाली तूफानी हवा का भँवर है। इसके केंद्र में कम दाब वाला क्षेत्र होता है, जिसे चक्रवात की “आँख” कहा जाता है, और इसके चारों ओर दबाव धीरे-धीरे बढ़ता है, जिससे हवाएँ तेजी से घूमती हुई केंद्र की ओर बढ़ती हैं।
प्र.25: चक्रवात की गति किस प्रकार होती है?
उत्तर: चक्रवात की गति क्षेत्र के गोलार्द्ध पर निर्भर करती है। उत्तर गोलार्द्ध में यह घड़ी की सुई के विपरीत दिशा में घूमती है, जबकि दक्षिण गोलार्द्ध में यह घड़ी की सुई की दिशा में घूमती है।
प्र.26: भारत में चक्रवात कहाँ से आते हैं?
उत्तर:भारत में अधिकतर चक्रवात अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से जन्म लेते हैं और वहीं से प्रायद्वीप की ओर बढ़ते हैं।
प्र.27: चक्रवात के प्रभाव क्या होते हैं?
उत्तर: चक्रवात के कारण ज़मीन पर भारी वर्षा होती है, समुद्र में बड़ी लहरें उठती हैं और तेज़ तूफ़ानी हवाएँ चलती हैं।
प्र.28: प्रतिचक्रवात क्या होता है?
उत्तर: प्रतिचक्रवात वह स्थिति है जिसमें उच्च दबाव का क्षेत्र केन्द्र में और कम दबाव चारों ओर होता है। इस स्थिति में हवाएँ केन्द्र से बाहर की ओर बहती हैं।
प्र.29: वर्षा के अन्य सामान्य रूप कौन-कौन से हैं?
उत्तर: वर्षा के अन्य सामान्य रूपों में हिमपात, ओले, कोहरा और जलवाष्प के संघनन से बनकर गिरने वाला पानी शामिल है।
प्र.30: वर्षा का महत्व क्या है?
उत्तर: वर्षा से धरती के भू-जल भंडार भरते हैं, यह फसलों की पैदावार बढ़ाती है और जल संरक्षण में मदद करती है।
प्र.31: सूर्य की ऊष्मा वायुमंडल के तापमान को कैसे प्रभावित करती है?
उत्तर: सूर्य की किरणें जिस कोण से पड़ती हैं और दिन की अवधि जितनी लंबी होती है, उतना ही वायुमंडल गर्म या ठंडा होता है।
प्र.32: वायुदाब में अंतर होने पर क्या होता है?
उत्तर: वायुदाब में अंतर होने पर पवनें उत्पन्न होती हैं।
प्र.33: उच्च वायुदाब वाले क्षेत्र का मौसम कैसा होता है?
उत्तर: जहाँ वायुदाब अधिक होता है, वहाँ का मौसम सामान्यतः साफ और शुष्क रहता है, और हवा उच्च दाब वाले क्षेत्र से बाहर की ओर बहती है।
प्र.34: निम्न वायुदाब वाले क्षेत्र का मौसम कैसा होता है?
उत्तर: निम्न वायुदाब वाले क्षेत्र में आकाश बादलयुक्त होता है और नम मौसम रहता है।
प्र.35: वैश्विक पवनों के नाम उदाहरण स्वरूप दें।
उत्तर: विश्व में कुछ प्रमुख स्थानीय और तीव्र पवनों के उदाहरण हैं – भारत में लू और कालवैशाखी, दक्षिण कनाडा में चिनूक, पूर्वी ऑस्ट्रेलिया में विलिविली, अटलांटिक महासागर में टारनेडो और हरिकेन, तथा पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में टाइफून।
प्र.36: गर्मी में बिहार में चलने वाली स्थानीय पवन कौन सी है?
उत्तर: गर्मी में बिहार के मैदानी भाग में चलने वाली पवन को ‘लू’ कहते हैं।
प्र.37: वायुमंडल में जलवाष्प संघनन को क्या कहा जाता है?
उत्तर: जलवाष्प का जल रूप में बदलना संघनन कहलाता है।
प्र.38: ओसांक या ओस बिंदु क्या है?
उत्तर: ओसांक या ओस बिंदु वह तापमान होता है जिस पर वायुमंडल में मौजूद जलवाष्प संघनित होकर पानी की बूँदों में बदलना शुरू कर देता है।
प्र.39: वर्षा किस प्रकार समय पर होती है?
उत्तर: विषुवत रेखीय क्षेत्रों में वर्षा सामान्यतः दोपहर के समय होती है क्योंकि गर्म भूतल की हवा ऊपर उठकर ठंडी होती है। पर्वतीय क्षेत्रों में आर्द्र पवन जब पर्वतों से टकराती है और ऊपर उठती है, तब संघनन के कारण वर्षा होती है।
प्र.40: मौसम और जलवायु के बीच संबंध क्या है?
उत्तर: मौसम वह स्थिति है जो किसी विशेष समय पर वायुमंडल में पाई जाती है, जबकि जलवायु उस स्थान में लंबे समय तक (साधारणतः 30-33 वर्षों तक) मौसम की औसत दशा को दर्शाती है। मौसम के डेटा और पैटर्न का अध्ययन करके किसी क्षेत्र की जलवायु का निर्धारण किया जाता है।
Answer by Mrinmoee