Chapter 7 

                                             जीवन का आधार पर्यावरण


प्र.1: सीमा ने गाँव और शहर की यात्रा में क्या अंतर अनुभव किया?

उत्तर: सीमा ने महसूस किया कि गाँव में हरियाली, खेत-खलिहान और उड़ती हुई चिड़ियाँ उसे बहुत सुंदर और शांति भरा लगा। जबकि शहर में ऊँचे मकान, तेज़ भागती गाड़ियाँ, धुआँ और शोर से वातावरण असुविधाजनक और सांस लेने में कठिनाई पैदा करने वाला था।


प्र.2: वायु प्रदूषण किस कारण से होता है और इसका प्रभाव क्या होता है?

उत्तर: वायु प्रदूषण तब उत्पन्न होता है जब हवा में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसें अधिक मात्रा में मिल जाती हैं। इससे वातावरण दूषित हो जाता है और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ होती हैं, जैसे साँस लेने में कठिनाई और आँखों में जलन।


प्र.3: ध्वनि प्रदूषण क्या है और इसके कारण क्या हैं?

उत्तर: ध्वनि प्रदूषण तब होता है जब वायुमंडल में अनचाही तेज आवाज़ें मौजूद होती हैं, जो हमारे कान और मस्तिष्क को कष्ट पहुँचाती हैं। यह मुख्य रूप से गाड़ियों का शोर, लाउडस्पीकर, डी.जे. और अन्य तीव्र ध्वनियों से उत्पन्न होता है।


प्र.4: ध्वनि प्रदूषण को मापने की इकाई क्या है और इसका सामान्य मान कितना है?

उत्तर: ध्वनि प्रदूषण की माप डेसीबल में की जाती है। आमतौर पर मनुष्य 80 डेसीबल तक की आवाज़ सहन कर सकता है; इससे अधिक तीव्र आवाज़ से व्यक्ति परेशान होता है और ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न होता है।


प्र.5: सीमा ने शहर में पेड़-पौधों की कमी देखकर क्या महसूस किया?

उत्तर: सीमा ने देखा कि शहर में अधिकतर बड़े-बड़े मकान हैं और पेड़-पौधे बहुत कम हैं। इससे उसे शहर की भीड़-भाड़ और व्यस्त जीवन अधिक महसूस हुआ, और उसने सोचा कि लोग अपने जीवन में पर्यावरण की कितनी अनदेखी कर रहे हैं।


प्र.6: गंगा नदी के किनारे सीमा ने क्या देखा और उससे वह क्यों हैरान हुई?

उत्तर: सीमा ने देखा कि गंगा का पानी बहुत गंदा था। कुछ लोग साबुन से कपड़े धो रहे थे, कुछ लोग स्नान कर रहे थे, और पास में एक गंदा नाला भी नदी में गिर रहा था। यह सब देखकर नदी का पानी प्रदूषित हो गया था और सीमा इस स्थिति से बहुत आश्चर्यचकित हुई।


प्र.7: गंगा नदी का प्रदूषित होना किस कारण हुआ, पिताजी ने इसे कैसे समझाया?

उत्तर: पिताजी ने बताया कि घरों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला गंदा पानी नालियों के जरिए सीधे नदी में मिल रहा है, जिससे गंगा का पानी प्रदूषित हो गया है। इस गंदगी के कारण नदी का पानी पीने या स्नान करने के लिए भी उपयुक्त नहीं रहा।


प्र.8: सड़क पर नालियों का पानी बहने का कारण क्या है?

उत्तर: पिताजी ने बताया कि नालियाँ अक्सर पॉलीथीन और अन्य कचरे से जाम हो जाती हैं। इस कारण, वर्षा न होने पर भी जाम नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है।


प्र.9: पॉलीथीन के उपयोग से पर्यावरण को किस प्रकार नुकसान होता है?

उत्तर: पॉलीथीन का प्रयोग और उसका असावधानीपूर्वक फेंकना नालियों को जाम कर देता है। इससे गंदा पानी फैलता है, जल की सफाई कठिन होती है और जीव-जंतुओं के लिए खतरा उत्पन्न होता है।


प्र.10: गंगा नदी में पाए जाने वाले डॉल्फिन के संरक्षण का महत्व क्या है?

उत्तर: डॉल्फिन गंगा नदी की एक राष्ट्रीय जलीय प्रजाति है। यह मछलियों और नदी के कचरे को खाती है, जिससे पानी साफ रहता है और नदी का पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।


प्र.11: शहर में अधिक गर्मी होने का कारण क्या है?

उत्तर:शहर में पेड़-पौधों की कमी, ईंट-पत्थर से बने अधिक मकान, लगातार चल रहे वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वातावरण का तापमान बढ़ाते हैं, जिससे गर्मी ज्यादा महसूस होती है।


प्र.12: ग्लोबल वार्मिंग क्या है और इसके कारण क्या हैं?

उत्तर: ग्लोबल वार्मिंग या भूमंडलीय तापन वह स्थिति है जिसमें वायुमंडल का तापमान लगातार बढ़ता रहता है। इसके मुख्य कारण हैं — उद्योगों से निकलता धुआँ, लगातार चलने वाले वाहन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा का बढ़ना।


प्र.13: ग्लोबल वार्मिंग से मनुष्य किस प्रकार प्रभावित होता है?

उत्तर: ग्लोबल वार्मिंग के कारण वातावरण अधिक गर्म हो जाता है, प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ सकती हैं, पानी और भोजन की कमी हो सकती है और मानव स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


प्र.14: सीमा ने ग्लोबल वार्मिंग को देखकर क्या निष्कर्ष निकाला?

उत्तर: सीमा ने यह निष्कर्ष निकाला कि ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण मानव गतिविधियाँ हैं। हम स्वार्थ के लिए प्राकृतिक पर्यावरण को धीरे-धीरे नष्ट कर रहे हैं और इसके लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं।


प्र.15: होर्डिंग पर लिखी पर्यावरण संरक्षण की बातें किस प्रकार से प्रभावित करती हैं?

उत्तर: होर्डिंग पर लिखे संदेश, जैसे “पॉलीथीन का इस्तेमाल जीवन के लिए खतरनाक है” और “स्वच्छ नदी, हरे-भरे वृक्ष, खुशहाल जीवन”, लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हैं और उन्हें अपने व्यवहार में सुधार लाने के लिए प्रेरित करते हैं।


प्र.16: सीमा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कौन-कौन से संकल्प लिए?

उत्तर: सीमा ने निर्णय किया कि वह अधिक से अधिक पेड़ लगाएगी, पॉलीथीन का प्रयोग नहीं करेगी, खनिज तेल वाले वाहनों का उपयोग कम करेगी, गंदे पानी का उचित निपटारा करेगी, जल का संरक्षण करेगी और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगी।


प्र.17: सोख्ता गड्ढा क्या होता है और इसका महत्व क्या है?

उत्तर: सोख्ता गड्ढा एक ढक्कनदार गड्ढा होता है जिसमें ईंट और रेत भरी होती है। इसका उद्देश्य गंदे पानी को जमा करके जमीन के भीतर भेजना है, जिससे यह सड़क पर न बहे और नालियाँ जाम न हों।


प्र.18: रामू ने तालाब में मछलियाँ क्यों डालीं?

उत्तर: रामू ने तालाब में मछलियाँ इसलिए डालीं ताकि वे मच्छरों के लार्वा खा सकें और पानी की गंदगी को कम करें। इससे तालाब का पानी साफ हुआ और मच्छरों की संख्या घट गई।


प्र.19: मछलियाँ डालने के बाद गाँव में क्या परिवर्तन आया?

उत्तर: मछलियों के तालाब में डालने से पानी साफ हुआ, मच्छरों की संख्या घट गई, तालाब के आसपास पक्षियों का झुंड दिखाई देने लगा और मछलियाँ भोजन के लिए उपलब्ध हो गईं। इसके बाद गाँव के अन्य तालाबों में भी मछलियाँ पाली जाने लगीं।


प्र.20: रामू ने मछलियों के अतिरिक्त गाँव वालों को क्या सलाह दी?

उत्तर: रामू ने सुझाव दिया कि तालाब में सिंघाड़ा और मखाना की खेती करके और अधिक लाभ कमाया जा सकता है।


प्र.21: सीमा और रामू की कहानी से हमें पर्यावरण के प्रति क्या सीख मिलती है?

उत्तर: यह कहानी हमें यह सिखाती है कि पर्यावरण की रक्षा के लिए छोटी-छोटी सावधानियाँ और सक्रिय कदम बहुत महत्वपूर्ण हैं। पेड़ लगाने, गंदे पानी को नियंत्रित करने और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने से पर्यावरण सुरक्षित रहता है।


प्र.22: गाँव और शहर में पर्यावरणीय परिस्थितियों में क्या अंतर देखा गया?

उत्तर: गाँव में हरियाली, स्वच्छ हवा और साफ पानी उपलब्ध हैं, जबकि शहर में वायु और ध्वनि प्रदूषण अधिक है तथा तापमान अधिक होता है। इसके कारण शहर में जीवन असुविधाजनक और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक लगता है।


प्र.23: वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर: वायु प्रदूषण से व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई, आँखों और त्वचा में जलन जैसी समस्याएँ होती हैं। वहीं, ध्वनि प्रदूषण कान और मस्तिष्क को प्रभावित करता है, जिससे मानसिक तनाव, नींद में कमी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ उत्पन्न होती हैं।


प्र.24: नदी और तालाबों में प्रदूषण से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर: जब नदी और तालाब प्रदूषित हो जाते हैं, तो जल में रहने वाले जीव, आस-पास के पक्षी और मानव स्वास्थ्य प्रभावित होते हैं। गंदे पानी से मच्छरों की संख्या बढ़ती है, पानी पीने योग्य नहीं रहता और पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ जाता है।


प्र.25: प्राकृतिक पर्यावरण और मानव निर्मित पर्यावरण में अंतर समझाइए।

उत्तर: प्राकृतिक पर्यावरण में वे सभी तत्व शामिल हैं जो हमें सीधे प्रकृति से प्राप्त होते हैं, जैसे पानी, हवा और पेड़-पौधे। वहीं, मानव निर्मित पर्यावरण वे वस्तुएँ और संरचनाएँ हैं जिन्हें मनुष्य अपनी सुविधा और जरूरतों के लिए बनाता है, जैसे घर, सड़क, पुल और कारखाने।


प्र.26: शहर में पेड़-पौधों की कमी और अधिक ईंट-पत्थर के मकान होने से क्या प्रभाव होता है?

उत्तर: जब शहर में पेड़-पौधे कम होते हैं और ईंट-पत्थर के मकान ज्यादा होते हैं, तो वातावरण गर्म और अस्वस्थ हो जाता है। हवा साफ नहीं रहती, ध्वनि और वायु प्रदूषण बढ़ता है, और इससे वहाँ रहने वाले लोगों के जीवन में कठिनाई और असुविधा होती है।


प्र.27: ग्लोबल वार्मिंग को रोकने के लिए हम क्या कर सकते हैं?

उत्तर: ग्लोबल वार्मिंग रोकने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए, वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित और सोच-समझकर उपयोग करना चाहिए, प्रदूषण कम करने के उपाय अपनाने चाहिए और जल-संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए।


प्र.28: बच्चों के दृष्टिकोण से पर्यावरण संरक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: बच्चों के लिए पर्यावरण का संरक्षण इसलिए जरूरी है ताकि उन्हें स्वच्छ हवा और पानी मिले, वे स्वस्थ रहें और उनका भविष्य सुरक्षित तथा सुखमय बना रहे।


प्र.29: गाँव में तालाबों की सफाई और मछलियों की मदद से क्या लाभ मिला?

उत्तर:तालाब का पानी साफ हुआ, मच्छरों की संख्या घट गई, आसपास पक्षियों की उपस्थिति बढ़ी, मछलियाँ भोजन के लिए उपलब्ध हुईं और गाँव के लोग पानी तथा खेती के लिए बेहतर संसाधनों का लाभ उठा सके।


प्र.30: गाँव के बच्चों ने पर्यावरण के प्रति कौन-कौन सी सीख अपनाई?

उत्तर: बच्चों ने तय किया कि वे अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, पॉलीथीन का प्रयोग नहीं करेंगे, जल का संरक्षण करेंगे, गंदा पानी सही तरीके से निपटाएंगे और दूसरों को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करेंगे।


प्र.31: प्रदूषण के विभिन्न प्रकार और उनके स्रोत क्या हैं?

उत्तर: मुख्य प्रदूषण के प्रकार हैं—वायु प्रदूषण, जो धुआँ, कार्बन डाइऑक्साइड और उद्योगों से होता है; ध्वनि प्रदूषण, जो वाहनों, लाउडस्पीकर और तेज आवाज़ वाले उपकरणों से उत्पन्न होता है; और जल प्रदूषण, जो नालियों, साबुन, और फैक्ट्रियों के कचरे के कारण होता है।


प्र.32: सीमा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने घर और गाँव में क्या समस्याएँ महसूस कीं?

उत्तर: सीमा ने देखा कि नालियों का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, गंगा नदी प्रदूषित है और शहर में पेड़ों की संख्या बहुत कम है। उसने समझा कि ये सभी समस्याएँ मानव गतिविधियों के कारण उत्पन्न हुई हैं।


प्र.33: मछलियाँ तालाब में कैसे जल की सफाई और मच्छरों की संख्या नियंत्रण में मदद करती हैं?

उत्तर: मछलियाँ मच्छरों के लार्वा को खा कर उनकी संख्या घटाती हैं और पानी में मौजूद गंदगी को दूर करती हैं, जिससे तालाब का जल साफ रहता है और मच्छरों की समस्या कम होती है।


प्र.34: बच्चों के लिए स्वच्छ पर्यावरण बनाए रखने में सबसे छोटे-छोटे कदम क्या हो सकते हैं?

उत्तर: बच्चों छोटे-छोटे कदम जैसे पेड़ लगाना, पॉलीथीन का प्रयोग न करना, जल का संरक्षण करना, गंदा पानी सही तरीके से निपटाना और पैदल या साइकिल से चलना अपनाकर स्वच्छ पर्यावरण बनाए रख सकते हैं।


प्र.35: सीमा के अनुभव से शहर और गाँव के जीवन में क्या भिन्नताएँ समझ में आती हैं?

उत्तर: सीमा ने देखा कि गाँव में जीवन स्वच्छ, शांत और प्राकृतिक है, जबकि शहर में धुआँ, शोर, गर्मी और भीड़ अधिक है। इसके कारण शहर में रहना कठिन और स्वास्थ्य पर असर डालने वाला होता है।


प्र.36: रामू की पहल से गाँव वालों का दृष्टिकोण पर्यावरण के प्रति कैसे बदल गया?

उत्तर: रामू ने तालाब में मछलियाँ डालकर पानी साफ किया और मच्छरों को कम किया। इससे गाँव वालों को एहसास हुआ कि छोटे-छोटे प्रयासों से पर्यावरण सुधारा जा सकता है, और उन्होंने अन्य तालाबों में भी मछलियाँ पालनी शुरू कर दी।


प्र.37: तालाब में सिंघाड़ा और मखाना की खेती से क्या लाभ होता है?

उत्तर: सिंघाड़ा और मखाना की खेती से किसानों को आर्थिक फायदा होता है, जल संसाधनों का सही उपयोग होता है और यह पर्यावरण के संतुलन में भी मदद करता है।


प्र.38: बच्चों को पढ़ाई और अनुभव के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जागरूक कैसे किया जा सकता है?

उत्तर: बच्चों को प्रदूषण, जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के बारे में बताना और उन्हें व्यावहारिक अनुभव देना, उन्हें पर्यावरण के प्रति सचेत और सक्रिय बनाता है।


प्र.39: गाँव और शहर के अनुभव से बच्चों को कौन-कौन सी पर्यावरणीय समस्याएँ समझ आईं?

उत्तर: बच्चों ने देखा कि वायु और ध्वनि प्रदूषण, जल प्रदूषण, पेड़ों की कमी, बढ़ती गर्मी और नालियों में गंदा पानी जैसी समस्याएँ पर्यावरण को प्रभावित करती हैं।


प्र.40: पाठ से हमें पर्यावरण के प्रति कौन-कौन सी मुख्य सीख मिलती हैं?

उत्तर: पाठ से हमें यह सीख मिलती है कि हमें पर्यावरण को सुरक्षित रखना चाहिए, प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करनी चाहिए, प्रदूषण कम करना चाहिए, वृक्ष लगाने चाहिए, जल संरक्षण करना चाहिए और दूसरों को भी पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करना चाहिए।


Answer by Mrinmoee