Chapter 8 

                                मानव पर्यावरण अन्तःक्रिया लद्दाख प्रदेश में जन जीवन


प्र.1: दिनेश ने अपने चाचा से मिलने पर सबसे पहले क्या किया?

उत्तर: दिनेश ने अपने चाचा का आदरपूर्वक अभिवादन किया और उनके चरण स्पर्श किए। इसके बाद चाचा ने उसे प्यार से गोद में उठाया और उसकी पढ़ाई के बारे में जानना चाहा।


प्र.2: दिनेश को गर्मियों में चाचा के बक्से में ऊनी कपड़े देखकर आश्चर्य क्यों हुआ?

उत्तर:दिनेश हैरान हुआ क्योंकि मौसम गर्म था, फिर भी चाचा के बक्से में स्वेटर, ऊनी टोपी, मोज़े और कोट रखे थे। उसने चाचा से पूछा कि इतनी गर्मी में ये कपड़े क्यों साथ रखे हैं।


प्र.3: चाचा ने दिनेश को लद्दाख की जलवायु के बारे में क्या बताया?

उत्तर:चाचा ने बताया कि लद्दाख का मौसम और जीवन यहाँ के जैसे नहीं हैं। वहाँ की जलवायु ठंडी और शुष्क होती है, इसलिए गर्म कपड़े हमेशा साथ रखना आवश्यक है।


प्र.4: लद्दाख को वहाँ की भाषा में क्या कहा जाता है और इसका अर्थ क्या है?

उत्तर: लद्दाख को वहाँ की भाषा में "खा-पा-चान" कहते हैं, जिसका मतलब "हिम भूमि" है, अर्थात वह क्षेत्र जहाँ बर्फ अधिक पाई जाती है।


प्र.5: दिनेश ने यह जानने के लिए क्या पूछा कि लद्दाख में अभी मौसम कैसा है?

उत्तर: दिनेश ने पूछा कि क्या लद्दाख में इस समय सर्दी है। चाचा ने बताया कि वहाँ अभी भी ठंड है और बर्फ गिर रही है, इसलिए गर्म कपड़ों की आवश्यकता रहती है।


प्र.6: लद्दाख की सामान्य ऊँचाई कितनी है और इसका मौसम पर क्या असर पड़ता है?

उत्तर: लद्दाख लगभग 3600 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। इतनी ऊँचाई के कारण वहाँ का मौसम ठंडा रहता है और हिमालय की वर्षा छाया के कारण वर्षा बहुत कम होती है, जिससे यह क्षेत्र शुष्क और ठंडा बनता है।


प्र.7: दिसम्बर और जनवरी में लद्दाख में जल का क्या रूप होता है?

उत्तर: दिसम्बर और जनवरी में लद्दाख में पानी बर्फ में बदल जाता है। इस कारण वहां का मौसम बहुत ठंडा रहता है और मई-जून जैसे गर्म महीनों में भी गरम कपड़े पहनना आवश्यक होता है।


प्र.8: लद्दाख में वर्षा के समय क्या विशेषताएँ होती हैं?

उत्तर: लद्दाख में वर्षा बहुत कम होती है, लेकिन बर्फ लगातार गिरती रहती है। यह बर्फ पानी की बूँदों की तरह गिरती है, जिससे क्षेत्र का मौसम ठंडा और शुष्क बना रहता है।


प्र.9: वहाँ पेड़-पौधों की स्थिति कैसी है और इसका कारण क्या है?

उत्तर: लद्दाख में ऊँचाई अधिक होने, मौसम ठंडा और शुष्क रहने तथा वर्षा कम होने के कारण वहाँ पेड़-पौधों की संख्या बहुत कम है।


प्र.10: लद्दाख में याक और अन्य जानवर किस प्रकार उपयोगी हैं?

उत्तर: लद्दाख में याक का दूध पनीर और मक्खन बनाने में काम आता है। जंगली भेड़, बकरी और कुत्तों से दूध, माँस और खाल प्राप्त होती है। भेड़ और बकरी के बालों से ऊनी कपड़े, टोपी, जूते और कंबल बनाए जाते हैं, जिससे स्थानीय लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी होती हैं।


प्र.11: लद्दाख में ऊनी वस्त्र बनाने के उद्योग किस प्रकार के हैं?

उत्तर: लद्दाख में ऊनी वस्त्र बनाने के उद्योग छोटे कुटीर उद्योग हैं। इनमें याक, भेड़ और बकरी के ऊन से कम्बल, टोपी, लोइयां, कपड़े और जूते तैयार किए जाते हैं, जो स्थानीय उपयोग और व्यापार दोनों के लिए बनाए जाते हैं।


प्र.12: लद्दाख में आवागमन की सुविधा कैसी है?

उत्तर: लद्दाख में आवागमन की सुविधा सीमित है। वहाँ सड़क और हवाई मार्ग हैं, लेकिन रेल नहीं है। पहले मुख्य मार्ग पगडंडियाँ थीं, जिनसे यात्रा कठिन थी। अब राष्ट्रीय राजमार्ग, सुरंगों और रोहतांग दर्रा से होकर आने-जाने से यात्रा सरल हो गई है। सैनिक अक्सर हेलिकॉप्टर का प्रयोग करते हैं।


प्र.13: लेह शहर को भारत के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग कौन-कौन से हैं?

उत्तर: लेह को भारत के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-1 शामिल है, जो जोज़िला दर्रा से होकर कश्मीर घाटी से जुड़ता है। इसके अलावा, काराकोरम दर्रा कश्मीर को तिब्बत से जोड़ता है। लेह से मनीला तक की सड़क रोहतांग दर्रा से होकर गुजरती है।


प्र.14: सैनिकों के लिए लद्दाख में आवागमन का मुख्य माध्यम क्या था?

उत्तर: पहले सैनिकों के लिए मुख्य मार्ग पगडंडियाँ ही थीं, जिससे आवागमन कठिन था। अब हेलिकॉप्टर और नई बनी सड़कें सुविधाजनक मार्ग हैं, जिससे यात्रा सरल और सुरक्षित हो गई है।


प्र.15: लद्दाख के निवासी किस प्रकार के लोग हैं?

उत्तर: लद्दाख के लोग छोटे कद और सुडौल शरीर वाले होते हैं। यहाँ मुख्य रूप से दो जातीय समूह हैं: ईरानी प्रजाति के लोग, जिन्हें "बाल्टोरो" कहा जाता है और ये मुसलमान हैं; तथा मंगोल प्रजाति के लोग, जो बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं।


प्र.16: मंगोल प्रजाति के लोग किस धर्म के अनुयायी हैं?

उत्तर: लद्दाख में मंगोल प्रजाति के लोग बौद्ध धर्म मानते हैं और वे इसके अनुयायी हैं।


प्र.17: लद्दाख में बौद्ध मठों को क्या कहा जाता है?

उत्तर: लद्दाख में बौद्ध मठों को "गोम्पा" कहते हैं। हेमिस, थिकसे और लामायुरू प्रमुख और प्रसिद्ध गोम्पा हैं।


प्र.18: बौद्ध मठों में रंग-बिरंगे झंडे क्यों लगाए जाते हैं?

उत्तर: बौद्धों का मानना है कि इन झंडों पर लिखे संदेश हवाओं के साथ ऊपर तक पहुँचते हैं और ईश्वर तक सीधे पहुँचने में मदद करते हैं।


प्र.19: चाचा ने बच्चों को पेड़ा क्यों दिया और यह किससे बना था?

उत्तर: चाचा ने बच्चों को याक के दूध से बना पेड़ा दिया, ताकि वे उसे खाकर स्वाद का अनुभव करें और लद्दाख के स्थानीय संसाधनों से परिचित हों।


प्र.20: बच्चों ने लद्दाख और अपने देश की जलवायु में क्या अंतर महसूस किया?

उत्तर: बच्चों ने महसूस किया कि लद्दाख में मौसम ठंडा, शुष्क और ऊँचाई वाला है, जबकि उनके अपने क्षेत्र में गर्मी अधिक और वर्षा ज्यादा होती है।


प्र.21: लद्दाख में जानवरों का जीवन कैसे चलता है?

उत्तर: यहाँ के जानवर ठंडे और शुष्क वातावरण के अनुकूल ढलते हैं। याक, भेड़ और बकरी से दूध, माँस और ऊन प्राप्त होता है, जो स्थानीय लोगों के जीवन और उद्योगों में सहायक है।


प्र.22: याक के दूध का उपयोग किस प्रकार होता है?

उत्तर: याक के दूध से पनीर और मक्खन तैयार किए जाते हैं, जो स्थानीय भोजन और आर्थिक गतिविधियों में काम आते हैं।


प्र.23: भेड़ और बकरी के बालों का उपयोग क्या होता है?

उत्तर: भेड़ और बकरी के बालों से ऊनी कपड़े, कंबल, टोपी, लोइयाँ और जूते बनाए जाते हैं, जो ठंडी जलवायु में शरीर को गर्म रखने में मदद करते हैं।


प्र.24: लद्दाख में सड़क निर्माण का महत्व क्या है?

उत्तर: सड़कों के निर्माण से लद्दाख और शेष भारत के बीच संपर्क बना रहता है। इससे आवागमन आसान होता है, सामान और सेवाएँ पहुँचती हैं, और सैनिकों तथा स्थानीय लोगों की जीवन सुविधा बेहतर होती है।


प्र.25: काराकोरम दर्रा किस क्षेत्र को जोड़ता है?

उत्तर: काराकोरम दर्रा कश्मीर और तिब्बत को जोड़ता है और यह लद्दाख के क्षेत्र से होकर गुजरता है।


प्र.26: सैनिक हेलिकॉप्टर का उपयोग क्यों करते हैं?

उत्तर: लद्दाख की ऊँचाई, कठिन रास्ते और सीमित सड़क सुविधाओं के कारण सैनिक अक्सर हेलिकॉप्टर से यात्रा करते हैं, क्योंकि यह सबसे तेज़ और सुरक्षित माध्यम है।


प्र.27: लद्दाख में निवासी किस प्रकार के धर्म और संस्कृति के अनुयायी हैं?

उत्तर: लद्दाख में ईरानी प्रजाति के लोग मुसलमान हैं, जिन्हें "बाल्टोरो" कहा जाता है, जबकि मंगोल प्रजाति के लोग बौद्ध धर्म का पालन करते हैं और उनके धार्मिक जीवन में गोम्पा (बौद्ध मठ) महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।


प्र.28: बाल्टोरो लोग कौन हैं और उनका धर्म क्या है?

उत्तर: बाल्टोरो लद्दाख में रहने वाले ईरानी मूल के लोग हैं, और ये मुसलमान धर्म का पालन करते हैं।


प्र.29: बच्चों ने लद्दाख की जीवन शैली के बारे में क्या समझा?

उत्तर: बच्चों ने जाना कि लद्दाख में लोग ठंडी और ऊँचाई वाली जलवायु के अनुसार रहते हैं, और यहाँ के जानवर, फसलें और संसाधन उनके जीवन को अनुकूल बनाते हैं।


प्र.30: बच्चों ने प्रकृति और मानव जीवन के बीच क्या संबंध महसूस किया?

उत्तर: बच्चों ने समझा कि मानव अपने वातावरण के अनुसार ढलता है, और जानवर, फसलें, कपड़े व वनस्पतियाँ जीवन में उसकी मददगार और सहायक होती हैं।


प्र.31: चाचा ने बच्चों को जलवायु और ऊँचाई के संबंध में क्या समझाया?

उत्तर: चाचा ने बताया कि लद्दाख की ऊँचाई लगभग 3600 मीटर है, जिससे वहाँ का मौसम ठंडा और शुष्क रहता है, वर्षा कम होती है और बर्फ गिरती रहती है।


प्र.32: लद्दाख में बरसात और बर्फबारी का प्रभाव क्या है?

उत्तर: लद्दाख में वर्षा बहुत कम होती है, जबकि बर्फ नियमित रूप से गिरती रहती है। इससे मौसम ठंडा और शुष्क रहता है और वहाँ पेड़-पौधे बहुत कम पाए जाते हैं।


प्र.33: बच्चों ने यह देखकर क्या निष्कर्ष निकाला कि जीवन और वातावरण कैसे जुड़े हैं?

उत्तर: बच्चों ने महसूस किया कि जलवायु, ऊँचाई और प्राकृतिक परिस्थितियाँ मानव और जानवरों के जीवन को ढालती हैं और उनके दैनिक कार्यों और रहन-सहन को प्रभावित करती हैं।


प्र.34: बच्चों ने लद्दाख के पशु संसाधनों से क्या सीखा?

उत्तर: बच्चों ने देखा कि याक और भेड़-बकरी से प्राप्त दूध, खाल और ऊन स्थानीय लोगों के भोजन, वस्त्र और कुटीर उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हैं।


प्र.35: लद्दाख के निवासी अपनी जलवायु के अनुसार अपने शरीर और जीवन को कैसे ढालते हैं?

उत्तर: लद्दाख के निवासी अपने शरीर को सुडौल और छोटे कद का बनाते हैं और अपने रहन-सहन, कपड़े, भोजन और आवास को ठंड और शुष्क मौसम के अनुसार ढालते हैं।


प्र.36: बच्चों ने यह जानकर क्या आश्चर्य व्यक्त किया कि एक देश में कितनी विविधता है?

उत्तर:बच्चों को यह देखकर आश्चर्य हुआ कि एक ही देश में अलग-अलग क्षेत्रों में जलवायु, जीवन शैली, जानवर, फसलें और प्राकृतिक संसाधन इतने भिन्न हैं।


प्र.37: लद्दाख के बौद्ध मठों में झंडों का क्या धार्मिक महत्व है?

उत्तर: बौद्धों का मानना है कि झंडों पर लिखे संदेश हवाओं के साथ उड़कर सीधे ईश्वर तक पहुँचते हैं, इसलिए इनका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है।


प्र.38: बच्चों ने याक के दूध से बने पेड़ों का स्वाद लेकर क्या महसूस किया?

उत्तर: बच्चों ने पेड़े चखते हुए लद्दाख के प्राकृतिक संसाधनों और वहाँ के जीवन से जुड़ी जानकारी को महसूस किया और उसकी दिलचस्पी बढ़ी।


प्र.39: पाठ से बच्चों को यह क्या समझ में आया कि प्रकृति हमारे लिए कितनी मददगार है?

उत्तर: बच्चों ने समझा कि जलवायु, जानवर, फसलें और पौधे हमारे जीवन को आसान और सुरक्षित बनाने में हमारी सहायता करते हैं।


प्र.40: इस पाठ से हमें मानव और पर्यावरण के बीच अंतःक्रिया का क्या ज्ञान मिला?

उत्तर: इस पाठ से बच्चों ने यह जाना कि मानव और पर्यावरण एक-दूसरे पर निर्भर हैं। जलवायु, भूगोल, जानवर, फसलें और पेड़-पौधे हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं और हमारे जीवन को सहज और सुरक्षित बनाने में मदद करते हैं।

Answer by Mrinmoee