Chapter 1 

                                                                 मानव बनो  


1) मानव बनो।

प्र.1 मानव बनो शीर्षक कविता के कवि कौन है?

उत्तर -मानव बनो कविता के कवि सीव मंगल सिंह सुमन है

2) मानव बनने के लिए हमें कौन-कौन से कार्य करने चाहिए?

उत्तर- मानव बनने के लिए हमें किसी के सामने आंसू नहीं बहाना चाहिए हमें किसी का भी आसरा नहीं करना चाहिए हमें किसी के सामने हाथ नहीं फैलाने चाहिए।

3) कवि के अनुसार सबसे बड़ी भूल क्या है?

उत्तर सबसे कवि के अनुसार सबसे बड़ी बुल यह  हो है कि किसी का आसरा करना।

प्र.2 अर्थ स्पष्ट कीजिए।

क) अब अश्रु दिखलाओ नहीं अब हाथ फैलाओ नहीं।

उत्तर- हमें दूसरों के सामने आँसू बहाकर अपनी कमजोरी नहीं दिखानी चाहिए। साथ ही, किसी वस्तु या जरूरत की चीज के लिए किसी के सामने हाथ फैलाकर माँगना भी उचित नहीं होता।

ख) अब हाथ मत मलो,जलना,अगर ऐसे जलो।

उत्तर- अपने किए हुए कार्य पर पछतावा करते हुए हाथ मलना उचित नहीं है। और यदि जलन महसूस हो, तो उसे नकारात्मक रूप से नहीं बल्कि अपने को बेहतर बनाने की प्रेरणा में बदल देना चाहिए।

प्र.3 पाठ से आगे।

1) मानव बनने के बाद जो कवि द्वारा बताई गई है इसके अतिरिक्त आप मानव में और कौन कौन सा गुण देखना चाहिए?

उत्तर- कवि द्वारा बताए गुणों के अतिरिक्त मनुष्य में और भी कई अच्छे गुण होने चाहिए। जैसे—मनुष्य उदार और सहनशील हो, सभी के साथ समान व्यवहार करे, किसी के प्रति भेदभाव न रखे, समय का सम्मान करे और समाज के हित में कार्य करने की भावना रखे।ज़्यादा जानें


2) अगर कोई समस्या आपके सामने आती है तो इस समस्या का समाधान आप कैसे करते हैं उदाहरण सहित समझाइए?

उत्तर -जब कोई समस्या हमारे सामने आती है, तो सबसे पहले हमें उसे समझकर उसके कारणों को पहचानना चाहिए। फिर शांत मन से सोचकर उचित कदम तय करना चाहिए। सही समाधान खोजने के लिए जिम्मेदारी और दृढ़ता दोनों आवश्यक होते हैं।

उदाहरण – यदि हमारे समाज में बाल विवाह जैसी समस्या दिखाई दे, तो हम पहले इसकी जानकारी सही लोगों तक पहुँचाएँ, परिवार को समझाने की कोशिश करें और यदि आवश्यकता पड़े, तो सम्बंधित अधिकारियों या पुलिस को सूचना देकर बाल विवाह को रोकने में सहायता कर सकते हैं।


3) मानव होने का अर्थ है अपने जीवन पर खुद का अधिकार इस विचार की तर्क पूर्ण समीक्षा कीजिए।

उत्तर-मनुष्य होने का अर्थ है कि वह अपने जीवन के फैसले स्वयं लेने की क्षमता और अधिकार रखता है। यदि कोई व्यक्ति हर बात में दूसरों पर निर्भर रहता है, तो वह अपने जीवन की दिशा स्वयं तय नहीं कर पाता। इसलिए आवश्यक है कि मनुष्य अपनी समस्याओं के समाधान स्वयं खोजे, अपने निर्णय खुद ले और अपने जीवन को अपनी इच्छा और समझ के अनुसार चलाए। यही अपने जीवन पर स्वयं का अधिकार होने का वास्तविक अर्थ है।

प्र.4 व्याकरण।

1) हाथ फैलाना एक मुहावरा है उसी तरह के 5 मुहावरे को लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

उत्तर-1) कान धरना – गलती करने पर रोहित को शिक्षक के सामने कान धरना पड़ा।

2) हाथ फैलाना – स्वाभिमानी व्यक्ति कभी किसी के सामने हाथ नहीं फैलाता।

3) काम बढ़ाना – अनजानी बातें करके मोहन ने वहाँ सबका काम बढ़ा दिया।

4) हाथ बँटाना – पूजा रोज़ घर के कामों में अपनी माँ का हाथ बँटाती है।

5) मन ललचाना – मिठाई की खुशबू ने बच्चों का मन ललचा दिया।


2) इन शब्द के विपरीतार्थक शब्द लिखिए।

उत्तर -1.फैलाना – समेटना

          2.प्यार – घृणा

         3.मानव – अमानव


1. कवि ने भूल करने की कौन-कौन सी बातें बताई हैं?

उत्तर: कवि के अनुसार प्यार करना और मनुहार करना सामान्य भूलें हैं, लेकिन सबसे बड़ी भूल है किसी दूसरे व्यक्ति का आसरा लेना और स्वयं पर निर्भर न रहना।

2. कवि के अनुसार सबसे बड़ी भूल क्या है और क्यों?

उत्तर: सबसे बड़ी भूल है किसी का आसरा लेना, क्योंकि इससे व्यक्ति अपनी स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता खो देता है तथा अपने निर्णय लेने की क्षमता भी कम हो जाती है।

3. कवि मानव को किस प्रकार का जीवन जीने की प्रेरणा देता है?

उत्तर: कवि मानव को स्वतंत्र, आत्मनिर्भर, दृढ़ और संघर्षशील जीवन जीने की प्रेरणा देता है, जिसमें वह किसी पर निर्भर न होकर अपने बल पर आगे बढ़े।

4. अब अश्रु न दिखलाने की सीख कवि क्यों देता है?

उत्तर: कवि कहता है कि रोकर अपने दुःख प्रदर्शित करना कमजोरी का प्रतीक है। इंसान को मजबूत बनकर अपनी समस्याओं का समाधान स्वयं करना चाहिए।

5. हाथ फैलाने से कवि का क्या आशय है?

उत्तर: हाथ फैलाने का अर्थ है किसी से भीख माँगना या दूसरों पर निर्भर होना। कवि कहता है कि स्वाभिमानी मानव को ऐसा नहीं करना चाहिए।

6. कवि “हुंकार करने” को क्यों कहता है?

उत्तर: ‘हुंकार’ शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है। कवि चाहता है कि मानव अपनी शक्ति पहचानकर ऐसा संकल्प ले जिससे धरती भी थर्रा उठे।

7. कवि के अनुसार ‘उफ’ और ‘हाय’ कहना क्यों शोभा नहीं देता?

उत्तर: क्योंकि ये शब्द कमजोरी, असहायता और नकारात्मकता व्यक्त करते हैं। मानव का स्वभाव दृढ़, साहसी और सकारात्मक होना चाहिए।

8. आँसुओं से विश्व को हरा करने का क्या भाव है?

उत्तर: इसका अर्थ है कि दुख को कमजोरी बनाकर रोना नहीं, बल्कि उसी दुख को ताकत बनाकर दुनिया को बेहतर बनाने में लगाना।

9. “अब हाथ मत मलो” का क्या संकेत है?

उत्तर: हाथ मलना पछतावे और असहायता का प्रतीक है। कवि कहता है कि पछताने से कुछ नहीं होता, बल्कि कार्य करना आवश्यक है।

10. “जलना, अगर ऐसे जलो” का भावार्थ समझाइए।

उत्तर: कवि का आशय है कि यदि जलना है तो सकारात्मक रूप से जलो—जैसे दीपक जो स्वयं जलकर दुनिया को रोशनी देता है।

11. हृदय की भस्म से धरा को उर्वरा बनाने का क्या तात्पर्य है?

उत्तर: इसका अर्थ है कि अपने संघर्ष, पीड़ा और अनुभवों को समाज के कल्याण में बदल देना, न कि उनमें डूबे रहना।

12. कवि मानव को ‘मानव जरा’ कहकर क्या संदेश देना चाहता है?

उत्तर: कवि मानव को उसकी मूल मानवता, कर्तव्य और शक्ति की याद दिलाता है कि वह स्वयं को पहचानकर महान कार्य करे।

13. कविता में मानव के कौन-कौन से आदर्श गुण बताए गए हैं?

उत्तर: आत्मनिर्भरता, साहस, दृढ़ संकल्प, स्वाभिमान, सकारात्मकता, कर्मठता और दुनिया के लिए उपयोगी बनने का भाव।

14. कवि निर्भरता का विरोध क्यों करता है?

उत्तर: क्योंकि निर्भरता इंसान की क्षमता और स्वाभिमान को कम करती है। आत्मनिर्भरता ही वास्तविक मानवता है।

15. कविता किस प्रकार मनुष्य के अंदर शक्ति जगाती है?

उत्तर: यह कविता मनुष्य को कमजोरी त्यागकर साहस, संकल्प और आत्मबल की ओर प्रेरित करती है, जिससे वह दुनिया को बदलने की शक्ति पाता है।

16. कवि दुख और आँसू के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण कैसे देता है?

उत्तर: कवि कहता है कि आँसू दिखाकर रोना नहीं चाहिए; दुख को शक्ति बनाकर समाज के लिए सार्थक कार्य करना चाहिए।

17. कविता में प्रयुक्त “धरती थरथरा जाए” का प्रतीक क्या है?

उत्तर: यह मानव के दृढ़ संकल्प और क्षमता की महत्ता को दर्शाता है, जो दुनिया में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।

18. कवि का संदेश किस प्रकार मानव को कर्मशील बनाता है?

उत्तर: कवि पछतावे, रोने और निर्भर रहने से रोककर मानव को कर्म, संघर्ष और मेहनत की ओर प्रेरित करता है।

19. कविता में नकारात्मक शब्दों का विरोध क्यों किया गया है?

उत्तर: क्योंकि नकारात्मक सोच व्यक्ति को कमजोर बनाती है, जबकि सकारात्मकता उसे मजबूत और सफल बनाती है।

20. कविता आज के समय में क्यों प्रासंगिक है?

उत्तर: क्योंकि आज भी लोग कमजोर पड़कर निर्भर होना चाहते हैं। यह कविता उन्हें जागरूक कर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देती है।

21. कवि किस प्रकार व्यक्तित्व निर्माण की प्रेरणा देता है?

उत्तर: मनोबल, आत्मबल, आत्मनिर्णय और साहसपूर्ण कार्यों को प्रेरित करके।

22. मानव का सशक्त रूप कविता में कैसे उभरकर आता है?

उत्तर: रोने-गिड़गिड़ाने की बजाय मानव दृढ़ संकल्प और शक्ति से कार्य करता है, यही उसका सशक्त रूप है।

23. मनुहार को भूल कहना कवि की किस सोच को दर्शाता है?

उत्तर: कवि चाहता है कि व्यक्ति सम्मान के साथ जीए और किसी के सामने मनुहार करके खुद को छोटा न करे।

24. कविता के अनुसार जीवन में संघर्ष क्यों आवश्यक है?

उत्तर: संघर्ष मनुष्य को अनुभव, शक्ति और परिपक्वता देता है, जो आगे बढ़ने के लिए जरूरी है।

25. कविता का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर: आत्मनिर्भरता, साहस, पुरुषार्थ और संघर्षशीलता ही वास्तविक मानवता है।

26. कवि आंतरिक परिवर्तन पर जोर क्यों देता है?

उत्तर: क्योंकि वास्तविक बदलाव अंदर से आता है और वही बाहरी दुनिया को भी बदल सकता है।

27. कविता में आश्रित जीवन की आलोचना किस प्रकार हुई है?

उत्तर: दूसरों पर निर्भर रहने को सबसे बड़ी भूल बताया गया है और मानव को इससे दूर रहने को कहा गया है।

28. “विश्व का कण-कण हरा करना” का तात्पर्य क्या है?

उत्तर: यह संसार को समृद्ध, शांतिपूर्ण और सुखी बनाने का प्रतीक है।

29. कविता पाठक के मन में कौन-सी भावनाएँ जगाती है?

उत्तर: आत्मविश्वास, स्वाभिमान, प्रेरणा, साहस और सकारात्मकता।

30. जीवन में हताशा को शक्ति में बदलने की सीख कैसे दी गई है?

उत्तर: आँसू और पीड़ा से घबराने की बजाय उन्हें दुनिया को बेहतर बनाने में लगाने को कहा गया है।

31. कवि मानव को किस प्रकार का चरित्र अपनाने के लिए प्रेरित करता है?

उत्तर: दृढ़, निडर, स्वावलंबी, मेहनती और समाजहितैषी चरित्र।

32. “मानव बनो” की पुनरावृत्ति से कवि क्या प्रभाव पैदा करता है?

उत्तर: यह पाठक पर गहरा प्रभाव डालती है और संदेश को दृढ़ता से स्थापित करती है।

33. कविता में साहस का महत्व क्यों है?

उत्तर: क्योंकि केवल साहसी व्यक्ति ही दुनिया में परिवर्तन लाने का साहस कर सकता है।

34. कविता में नकारात्मक शब्दों का निषेध कैसे प्रेरित करता है?

उत्तर: यह व्यक्ति को उसकी क्षमताओं पर भरोसा दिलाता है और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

35. कविता मनुष्य को रोने की बजाय कार्य करने की प्रेरणा कैसे देती है?

उत्तर: कवि कहता है कि आँसू कमजोर बनाते हैं, जबकि स्वाभिमान और कर्म शक्ति देते हैं।

36. कविता का मानव-समाज पर क्या प्रभाव हो सकता है?

उत्तर: यह समाज में आत्मनिर्भर, साहसी और जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद कर सकती है।

37. कवि किस प्रकार मानव के कर्तव्यों की याद दिलाता है?

उत्तर: अपने जीवन का भार स्वयं उठाने, रोने-गिड़गिड़ाने से बचने और सार्थक कार्य करने की प्रेरणा देकर।

38. कवि पीड़ा की उपयोगिता कैसे समझाता है?

उत्तर: पीड़ा को भस्म बनाकर समाज को उर्वर बनाना, यानी दुख से सीख लेकर आगे बढ़ना।

39. कविता किस प्रकार युवाओं के लिए प्रेरणादायक है?

उत्तर: युवाओं को आत्मनिर्भर, कर्मठ और मजबूत बनने का संदेश देती है, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है।

40. कविता का संपूर्ण सार अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर: कविता मानव को उसकी शक्ति और कर्तव्य की याद दिलाती है। रोना, पछतावा और निर्भरता छोड़कर मनुष्य को साहस, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ दुनिया को बेहतर बनाने में लगना चाहिए। यही वास्तविक मानवता है।




Answer by Mrinmoee