Chapter 10

                                                कुंभा का आत्मबलिदान


 

1. बूँदी को साधारण राज्य होने के बावजूद उसे जीतना कठिन क्यों था?

उत्तर: बूँदी छोटा राज्य होते हुए भी उसकी रक्षा अत्यंत मजबूत थी। वहाँ के हाड़ा राजपूत अत्यंत वीर, त्यागी और युद्धकौशल में निपुण थे। इसलिए उसे चुटकियों में जीतना असंभव था।

2. बिना तैयारी के युद्ध करने पर चित्तौड़ को फिर हारने की आशंका क्यों थी?

उत्तर: पहला युद्ध वे पहले ही हार चुके थे। यदि फिर बिना तैयारी के लड़ते, तो बूँदी के सैनिकों की शक्ति, क्षेत्रीय लाभ और रणकौशल से चित्तौड़ के लिए जीतना असंभव था।

3. राणा की प्रतिज्ञा ने उनके मंत्रियों के सामने कैसी चुनौती उत्पन्न कर दी?

उत्तर: राणा पानी नहीं पी सकते थे, पर युद्ध की तैयारी में महीनों लग सकते थे। यह प्रतिज्ञा उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता के लिए खतरनाक थी, इसलिए मंत्रियों को तत्काल कोई उपाय निकालना पड़ा।

4. मंत्री ने जो उपाय सुझाया वह कितना व्यावहारिक था?

उत्तर: अत्यंत व्यावहारिक था, क्योंकि नकली किला बनाकर प्रतीकात्मक जीत हासिल की जा सकती थी। इससे राणा की प्रतिज्ञा भी पूरी हो जाती और भविष्य के लिए तैयारी भी की जा सकती थी।

5. नकली किला देखकर हाड़ा सैनिक ठिठक क्यों गया?

उत्तर: किले की बनावट हूबहू बूँदी जैसी थी। उसे देखकर उसे अपनी मातृभूमि की याद आ गई और भावुक होकर वह प्रणाम करने लगा।

6. सैनिक ने नकली किले को देखकर अपनी मातृभूमि को क्यों प्रणाम किया?

उत्तर: उसने उसमें बूँदी की सजीव छवि देखी। मातृभूमि के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम के कारण वह सम्मान से सिर झुका बैठा।

7. सैनिक के मन में कौतूहल क्यों उत्पन्न हुआ?

उत्तर: वह समझ नहीं पा रहा था कि उसकी मातृभूमि जैसा किला यहाँ क्यों बनाया जा रहा है। यह बात संदिग्ध और असामान्य लगी।

8. कारीगरों से जानकारी मिलने पर सैनिक की मनःस्थिति कैसे बदली?

उत्तर: योजना का उद्देश्य जानकर उसका कौतूहल क्रोध में बदल गया। वह अपने देश का अपमान सहन नहीं कर सका और उसके अंदर प्रतिशोध की ज्वाला भड़क उठी।

9. सैनिक की आँखें लाल और भुजाएँ फड़कने का क्या संकेत है?

उत्तर: यह उसके मातृभूमि-प्रेम, आक्रोश, और वीरता के उफान का प्रतीक है। वह अन्याय और अपमान के विरुद्ध लड़ने को तैयार हो चुका था।

10. सैनिक ने मातृभूमि के सम्मान को बचाने के लिए क्या प्रतिज्ञा ली?

उत्तर: उसने निर्णय लिया कि जब तक उसकी अंतिम रक्त की बूंद शेष है, वह नकली किले को अपमान का साधन नहीं बनने देगा और अपनी मातृभूमि का गौरव बचाएगा।

11. सैनिक का नाम ज्ञात होने पर उसके चरित्र की कौन-सी विशेषता उजागर होती है?

उत्तर: उसका नाम कुंभा था। वह वीरता, निष्ठा, मातृभूमि-प्रेम और अडिग संकल्प का प्रतीक था।

12. कुंभा चित्तौड़ के राणा की सेना में क्यों था?

उत्तर: वह लंबे समय से वहाँ नौकरी करता था। यह उसकी कर्मभूमि थी, पर मातृभूमि बूँदी के लिए उसका प्रेम अटूट था।

13. अन्य हाड़ा राजपूत भी राणा की सेना में क्यों थे?

उत्तर: रोजगार और सेवा के लिए वे राणा की सेना में शामिल थे। पर वे सभी स्वतन्त्रता और बूँदी की प्रतिष्ठा के रक्षक थे।

14. हाड़ा राजपूत राणा के प्रति स्वामिभक्त होते हुए भी इस योजना से क्यों नाराज थे?

उत्तर: अपनी मातृभूमि का अपमान वे किसी भी कीमत पर सहन नहीं कर सकते थे, चाहे वह नाटक ही क्यों न हो।

15. चित्तौड़वासी हाड़ा राजपूतों की भावनाओं से अनजान क्यों थे?

उत्तर: क्योंकि राजपूतों ने अपनी नाराजगी सार्वजनिक नहीं की थी। वे अनुशासित और संयमी थे।

16. नकली युद्ध योजना के अंतर्गत राणा को क्या करना था?

उत्तर: हल्का प्रतिरोध दिखाकर उसे आसानी से जीतना था, जिससे वे अपनी प्रतिज्ञा पूरी कर सकें।

17. राणा पूरी तरह आश्वस्त क्यों थे कि जीत निश्चित है?

उत्तर: क्योंकि वह वास्तविक युद्ध नहीं था। नकली सैनिकों को निर्धारित समय पर हथियार डालने थे।

18. नकली किले पर पहुँचते ही स्थिति अचानक बदल क्यों गई?

उत्तर: हाड़ा सैनिक कुंभा और उसके साथियों ने असली युद्ध शुरू कर दिया और तीरों की वर्षा से राणा की सेना को चौंका दिया।

19. तीरों की बौछार राणा के लिए अप्रत्याशित क्यों थी?

उत्तर: क्योंकि योजना केवल नाटक थी, वास्तविक प्रतिरोध की किसी को संभावना नहीं थी।

20. राणा को खुद पर तीर आना कैसे गम्भीर स्थिति का संकेत था?

उत्तर: इससे साबित हुआ कि कोई वास्तविक रूप से बूँदी की रक्षा कर रहा है। यह नाटक अब घातक युद्ध का रूप ले चुका था।

21. सेनापति आगे क्यों बढ़ा?

उत्तर: वह यह जानना चाहता था कि अचानक यह गंभीर हमला कौन कर रहा है।

22. कुंभा की सिंहगर्जना सुनकर सेनापति को क्या संदेश मिला?

उत्तर: कुंभा ने चेतावनी दी कि बूँदी के किले में कोई प्रवेश नहीं कर सकता, चाहे वह नकली ही क्यों न हो।

23. कुंभा के शब्दों से उसके युद्धाभिमान का कौन-सा रूप सामने आता है?

उत्तर: वह किले को मातृभूमि का प्रतीक मानता है और उसकी रक्षा के लिए प्राण त्यागने को तैयार है।

24. ‘बूँदी के वीरों की लाशों पर से गुजरना होगा’—इस कथन का अर्थ क्या है?

उत्तर: यह राजपूतों की दृढ़ता, बलिदान-भाव और मृत्यु से न डरने की प्रवृत्ति का प्रतीक है।

25. नकली किला अचानक वास्तविक रणभूमि कैसे बन गया?

उत्तर: हाड़ा राजपूतों ने मातृभूमि की गरिमा के लिए नाटक स्वीकार नहीं किया और उसे असली युद्ध में बदल दिया।

26. कुंभा की विरोध भावना कहानी में कौन-सा नैतिक संदेश देती है?

उत्तर: देश के सम्मान और धरोहर के लिए व्यक्ति को अडिग रहना चाहिए, चाहे परिस्थिति कुछ भी हो।

27. मंत्री की योजना सफल क्यों नहीं हो पाई?

उत्तर: क्योंकि हाड़ा राजपूतों की मातृभूमि के प्रति निष्ठा योजना से अधिक प्रबल थी। उनका प्रतिरोध अप्रत्याशित था।

28. नकली सैनिकों का हल्का प्रतिरोध क्यों बेकार हो गया?

उत्तर: क्योंकि कुंभा ने उन्हें मातृभूमि के सम्मान के लिए वास्तविक युद्ध लड़ने को प्रेरित किया।

29. चित्तौड़ की सेना के लिए यह स्थिति भ्रमपूर्ण क्यों थी?

उत्तर: क्योंकि वे नाटक की उम्मीद कर रहे थे, पर उन्हें वास्तविक युद्ध का सामना करना पड़ा।

30. राणा की प्रतिज्ञा किस रूप में कहानी में संकट का कारण बनती है?

उत्तर: प्रतिज्ञा के कारण चित्तौड़ को जल्दी समाधान चाहिए था, जिससे इस असामान्य योजना को अपनाना पड़ा।

31. कुंभा की मातृभूमि-भक्ति उसकी जिम्मेदारियों से कैसे ऊपर थी?

उत्तर: उसने नौकरी, वेतन और राणा की निष्ठा से ऊपर अपनी जन्मभूमि के सम्मान को रखा।

32. नकली किला मातृभूमि के प्रतीक के रूप में क्यों उभरता है?

उत्तर: क्योंकि वह बूँदी की पूरी पहचान, संरचना और स्वाभिमान को दर्शाता था। इसलिए उसे अपमानित नहीं होने दिया जा सकता था।

33. कहानी में ‘सम्मान’ का मूल्य किस प्रकार दिखाया गया है?

उत्तर: राजपूतों ने जान से अधिक अपनी मातृभूमि के सम्मान को महत्व दिया। अपमान का नाटक भी उन्हें स्वीकार नहीं था।

34. राणा और कुंभा दोनों अपने-अपने तरीके से दृढ़प्रतिज्ञ क्यों हैं?

उत्तर: राणा अहंकार और अपमान के कारण अडिग हैं, जबकि कुंभा मातृभूमि-प्रेम के कारण—दोनों की दृढ़ता कहानी में टकराव पैदा करती है।

35. चित्तौड़ की सेना नकली किले में प्रवेश क्यों नहीं कर सकी?

उत्तर: क्योंकि कुंभा और हाड़ा सैनिकों ने सभी मार्गों की रक्षा की और घातक प्रतिरोध पेश किया।

36. किले की कारीगरी देखकर कुंभा क्यों भावुक हुआ?

उत्तर: उसे अपनी जन्मभूमि के इतिहास, संस्कृति और स्मृतियाँ याद आ गईं।

37. हाड़ा राजपूत मातृभूमि के प्रति अपनी निष्ठा कैसे सिद्ध करते हैं?

उत्तर: नाटक मानने के बजाय वे प्राण देकर भी किले की रक्षा करते हैं।

38. मंत्री की चतुराई और कुंभा की वीरता में कौन-सा विरोध है?

उत्तर: मंत्री छल का सहारा लेता है, जबकि कुंभा सत्य, सम्मान और त्याग का।

39. कहानी में ‘नाटक’ और ‘वास्तविकता’ के बीच संघर्ष किस रूप में दिखाई देता है?

उत्तर: राणा युद्ध का नाटक चाहता था, पर कुंभा उसे वास्तविक युद्ध बना देता है—यह संघर्ष कथानक का मुख्य मोड़ बनता है।

40. संपूर्ण पाठ का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर: मातृभूमि का सम्मान सर्वोपरि है। श्रद्धा, वीरता, स्वाभिमान और बलिदान किसी भी राजनीतिक योजना, छल या नाटक से अधिक शक्तिशाली होते हैं। एक सच्चा देशभक्त अपनी जन्मभूमि की रक्षा के लिए प्राण तक दे सकता है।


Answer by Mrinmoee