Chapter 14
हिमशुक
1. प्रश्न: राजा ने अपने तीनों बेटों को किस उद्देश्य से परीक्षा में बुलाया?
उत्तर: राजा ने अपने तीनों बेटों को परीक्षा में इस उद्देश्य से बुलाया कि वह यह जान सके कि यदि किसी व्यक्ति को अपने जीवन और सम्मान की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपने पर वह विश्वासघाती निकले, तो बेटों का उस पर क्या विचार होगा और उस दोषी को किस प्रकार की सजा दी जानी चाहिए।
2. प्रश्न: सबसे बड़े बेटे ने ऐसे विश्वासघाती व्यक्ति के लिए क्या सजा सुझाई?
उत्तर: सबसे बड़े बेटे ने कहा कि ऐसे व्यक्ति की गरदन फौरन धड़ से अलग कर देनी चाहिए।
3. प्रश्न: दूसरे बेटे ने ऐसे व्यक्ति के लिए क्या विचार रखा?
उत्तर: दूसरे बेटे ने भी कहा कि ऐसे व्यक्ति को मृत्युदंड ही मिलना चाहिए और उसके प्रति किसी प्रकार की दया नहीं दिखाई जानी चाहिए।
4. प्रश्न: छोटे राजकुमार ने इस विषय पर क्या सुझाव दिया?
उत्तर: छोटे राजकुमार ने कहा कि दोषी व्यक्ति को सजा देने से पहले यह पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए कि वह सचमुच अपराधी है। बिना प्रमाण के सजा देना निर्दोष व्यक्ति की हानि कर सकता है।
5. प्रश्न: छोटे राजकुमार ने अपने विचार को उदाहरण के माध्यम से कैसे समझाया?
उत्तर: छोटे राजकुमार ने विदर्भ देश के राजा के पालतू तोते हिमशुक की कहानी सुनाकर समझाया कि बिना पूरी जानकारी के निर्णय लेना घातक हो सकता है।
6. प्रश्न: हिमशुक नामक तोता किस प्रकार का था?
उत्तर: हिमशुक एक बुद्धिमान और चतुर तोता था, जो कई भाषाओं में बोल सकता था और महल में राजा के महत्वपूर्ण मामलों में सलाह देता था।
7. प्रश्न: हिमशुक का रहन-सहन कैसा था?
उत्तर: हिमशुक पिंजरे में नहीं रहता था, वह अपनी इच्छा से स्वतंत्र होकर उड़ता रहता और आज़ादी में जीवन बिताता था।
8. प्रश्न: हिमशुक ने अपने पिता से मिलने के लिए क्या किया?
उत्तर: हिमशुक जंगल की ओर उड़ गया और संयोग से अपने पिता से मिल गया।
9. प्रश्न: हिमशुक ने अपने माता-पिता के साथ कितने दिन बिताने का निर्णय लिया?
उत्तर: हिमशुक ने अपने माता-पिता के साथ पखवाड़े (पंद्रह दिन) बिताने का निर्णय लिया।
10. प्रश्न: हिमशुक ने राजा से क्या अनुमति मांगी?
उत्तर: हिमशुक ने राजा से घर जाने की अनुमति मांगी। राजा ने शुरू में मना किया, पर अंततः हिमशुक को जाने की अनुमति दे दी।
11. प्रश्न: हिमशुक के माता-पिता ने राजा को देने के लिए क्या उपहार सोचा?
उत्तर: हिमशुक के पिता ने अमरफल का सुझाव दिया, जो खाने वाले को अमर और जवान बना देता था।
12. प्रश्न: अमरफल के साथ क्या अनहोनी घटी?
उत्तर: अमरफल को रखते समय एक जहरीले साँप ने उस पर दांत गड़ाए और फल में जहर चला गया, जिससे फल जहरीला हो गया।
13. प्रश्न: हिमशुक ने जहरीले फल को राजा को क्यों भेंट किया?
उत्तर: हिमशुक ने अपने माता-पिता के आदेशानुसार राजा को अमरफल भेंट किया, unaware कि फल जहरीला हो चुका था।
14. प्रश्न: राजा ने जहरीले फल को खाने से पहले क्या किया?
उत्तर: राजा ने दरबार आयोजित किया और अपने मंत्री के सुझाव पर पहले फल को किसी जानवर को खिलाने का निर्णय लिया।
15. प्रश्न: कौए ने फल खाने के बाद क्या किया?
उत्तर: कौए ने फल खाया और तुरंत मर गया, जिससे पता चला कि फल जहरीला था।
16. प्रश्न: राजा ने हिमशुक के प्रति क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: राजा गुस्से में आगबबूला हो गया और हिमशुक को पकड़ा, लेकिन उसकी बुद्धिमानी और राजा की समझदारी ने उसे तुरंत मारने से रोका।
17. प्रश्न: राजा ने जहरीले फल के बीज को कैसे संभाला?
उत्तर: राजा ने जहरीले फल के बीज को नगर के बाहर एक गहरे गड्ढे में दबवा दिया।
18. प्रश्न: बीज से क्या हुआ?
उत्तर: बीज अंकुरित हुआ और बढ़कर एक पेड़ बन गया, जिस पर चमकीले सुनहरे फल लग गए।
19. प्रश्न: राजा ने पेड़ की रखवाली क्यों कराई?
उत्तर: राजा ने मृत्युफल के सुरक्षित रहने और किसी को न खाने देने के लिए पेड़ के चारों ओर बाड़ बनवाई और रखवाली करवाई।
20. प्रश्न: पेड़ के जहरीले फल की खबर जनता में कैसी फैली?
उत्तर: खबर फैलते ही लोग डरने लगे और पेड़ के पास फटकने से भी कतराने लगे।
21. प्रश्न: बूढ़ा और उसकी बुढ़िया क्यों मृत्युफल खाने गए?
उत्तर: वे बहुत गरीब और असहाय थे। जीवन कठिन हो गया था, और उन्होंने सोचा कि मृत्युफल खाने से मर जाना ही बेहतर विकल्प है।
22. प्रश्न: बूढ़ा और बुढ़िया पेड़ तक कैसे पहुँचे?
उत्तर: उन्होंने रात में चुपके से पहरेदार की नजर बचाकर बाड़े के अंदर घुसकर फल तोड़े और घर ले गए।
23. प्रश्न: बूढ़ा और बुढ़िया ने फल खाने के बाद क्या सोचा?
उत्तर: उन्होंने सोचा कि फल खाने के बाद वे मर जाएंगे।
24. प्रश्न: क्या बूढ़ा और बुढ़िया मर गए?
उत्तर: नहीं, वे अगले दिन जिंदा और जवान होकर उठे।
25. प्रश्न: राजा ने बूढ़ा-बुढ़िया को देखकर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: राजा दंग रह गया और समझ गया कि हिमशुक ने उसे असली अमरफल भेंट किया था।
26. प्रश्न: छोटे राजकुमार ने राजा को कौन-सा सबक सिखाया?
उत्तर: छोटे राजकुमार ने यह सिखाया कि किसी को सजा देने से पहले पूरी जानकारी लेना आवश्यक है।
27. प्रश्न: हिमशुक की बुद्धिमानी किस बात में प्रकट हुई?
उत्तर: हिमशुक ने राजा को अमरफल भेंट किया और अपने माता-पिता की इच्छा पूरी की, साथ ही सावधानी से फल को सुरक्षित रखने की कोशिश की।
28. प्रश्न: मृत्युफल किस कारण अमरफल बन गया?
उत्तर: अमरफल को साँप ने छूने से जहरीला बना दिया, लेकिन बाद में उसकी जादुई शक्ति के कारण बूढ़ा-बुढ़िया जिंदा और जवान हुए।
29. प्रश्न: छोटे राजकुमार ने उदाहरण के माध्यम से क्या सिद्ध किया?
उत्तर: उसने दिखाया कि बिना प्रमाण के निर्णय लेना खतरे में डाल सकता है और निर्दोष की हानि कर सकता है।
30. प्रश्न: राजा ने छोटे बेटे की बुद्धिमानी पर क्या किया?
उत्तर: राजा छोटे राजकुमार की बातें सुनकर प्रसन्न हुआ और उसे उत्तराधिकारी घोषित कर दिया।
31. प्रश्न: हिमशुक का महत्व राजा के लिए क्या था?
उत्तर: हिमशुक राजा के लिए एक बुद्धिमान और भरोसेमंद सलाहकार था, जिसकी राय महत्त्वपूर्ण मामलों में ली जाती थी।
32. प्रश्न: अमरफल का प्रभाव बूढ़ा-बुढ़िया पर क्या हुआ?
उत्तर: अमरफल ने उन्हें तुरंत जवान और शक्तिशाली बना दिया।
33. प्रश्न: हिमशुक ने राजा से कितने दिन बाद लौटने का वादा किया था?
उत्तर: हिमशुक ने राजा से पंद्रह दिन बाद लौटने का वादा किया था।
34. प्रश्न: राजा ने अमरफल को खाने से पहले किसकी सलाह मानी?
उत्तर: राजा ने अपने मुख्यमंत्री की सलाह मानी कि पहले किसी जानवर को फल खिलाकर देखा जाए।
35. प्रश्न: हिमशुक की यात्रा का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: हिमशुक का उद्देश्य अपने माता-पिता से मिलना और राजा को अमरफल भेंट करना था।
36. प्रश्न: राजा ने मृत्युफल से क्या सीखा?
उत्तर: राजा ने सीखा कि जल्दबाजी में निर्णय लेना घातक हो सकता है और सभी कार्यों में सावधानी जरूरी है।
37. प्रश्न: बूढ़ा-बुढ़िया अमरफल खाने के बाद किस स्थिति में पहुँचे?
उत्तर: वे जिंदा, स्वस्थ, चुस्त और जवान हो गए।
38. प्रश्न: हिमशुक के माता-पिता ने राजा के लिए कौन सा फल चुनने का निर्णय लिया?
उत्तर: उन्होंने अमरफल का चयन किया, जो खाने वाले को अमर और जवान बनाता है।
39. प्रश्न: मृत्युफल और अमरफल में क्या अंतर था?
उत्तर: मृत्युफल खाने वाले को मार देता है, जबकि अमरफल जीवन और जवान शक्ति देता है।
40. प्रश्न: इस कहानी से मुख्य शिक्षा क्या मिलती है?
उत्तर: कहानी से शिक्षा मिलती है कि निर्णय लेने से पहले पूर्ण जानकारी और सावधानी जरूरी है। जल्दबाजी और अधूरी जानकारी से निर्दोष व्यक्ति का नुकसान हो सकता है, और सच्चाई की पहचान करने के लिए विवेकपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
Answer by Mrinmoee