Chapter 15
ऐसे-ऐसे
प्रश्न और उत्तर:
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प्रश्न: मोहन की हालत इस दृश्य में कैसी है?
उत्तर: मोहन बार-बार पेट पकड़कर कराह रहा है, बेचैन है और “ऐसे-ऐसे” दर्द की शिकायत कर रहा है। -
प्रश्न: मोहन की माँ उसकी तकलीफ देखकर क्या करती हैं?
उत्तर: वह उसके पेट पर सेंक देती हैं, उसे सहलाती हैं और समझाती हैं कि जल्दी ठीक हो जाएगा। -
प्रश्न: मोहन की माँ ने पिता से क्या पूछा और क्यों?
उत्तर: उन्होंने पूछा कि मोहन ने कहीं कुछ अंट-शंट तो नहीं खाया, क्योंकि वह उसके अचानक दर्द की वजह जानना चाहती थीं। -
प्रश्न: मोहन के पिता ने माँ को क्या जवाब दिया?
उत्तर: पिता ने कहा कि मोहन ने केवल एक केला और एक संतरा खाया था। -
प्रश्न: मोहन अपने दर्द को कैसे व्यक्त करता है?
उत्तर: मोहन कहता है कि उसके पेट में “ऐसे-ऐसे” हो रहा है, लेकिन उसे ठीक-ठीक बताना नहीं आता। -
प्रश्न: पिता मोहन की तकलीफ समझने के लिए क्या पूछते हैं?
उत्तर: पिता पूछते हैं कि पेट में गड़गड़ होती है, चाकू-सा चुभता है या गोला-सा फूटता है, लेकिन मोहन का जवाब केवल “ऐसे-ऐसे” रहता है। -
प्रश्न: पड़ोसिन मोहन की माँ से मिलने पर क्या पूछती हैं?
उत्तर: वह पूछती हैं, “क्यों मोहन की माँ, कैसा है मोहन?” और उसकी तबीयत जानना चाहती हैं। -
प्रश्न: मोहन की माँ पड़ोसिन को क्या बताती हैं?
उत्तर: माँ बताती हैं कि मोहन का पेट दर्द कर रहा है, “ऐसे-ऐसे” हो रहा है, और वह बहुत परेशान है। -
प्रश्न: पड़ोसिन मोहन की हालत देखकर क्या टिप्पणी करती हैं?
उत्तर: वह कहती हैं कि नई-नई बीमारियाँ निकल रही हैं और बच्चों को खाने-पीने की तकलीफ भी होती है। -
प्रश्न: वैद्य जी मोहन के लिए क्या सलाह देते हैं?
उत्तर: वैद्य जी कहते हैं कि मामूली बात है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वे दवा भेजने का निर्देश देते हैं और गरम पानी से सेंक देने को कहते हैं। -
प्रश्न: वैद्य जी मोहन के पिता को क्या कहते हैं जब वह नोट देना चाहते हैं?
उत्तर: वैद्य जी कहते हैं कि यह नहीं देना चाहिए, और वे दवा देने के बाद चले जाते हैं। -
प्रश्न: डॉक्टर मोहन को देखकर क्या प्रतिक्रिया देते हैं?
उत्तर: डॉक्टर कहते हैं कि मोहन के पेट में कई तरह के दर्द हैं, कब्ज और बदहजमी भी है। वे पेट और जीभ देखकर जांच करते हैं। -
प्रश्न: मोहन डॉक्टर से अपनी तकलीफ कैसे बताते हैं?
उत्तर: मोहन केवल “ऐसे-ऐसे” कहता है और हाथ व उँगलियाँ दबाकर दर्द दिखाता है। -
प्रश्न: माँ डॉक्टर की बात सुनकर क्या करती हैं?
उत्तर: वह चिंता और घबराहट जताती हैं, डरती हैं कि मोहन की तबीयत खराब हो गई है। -
प्रश्न: मास्टर जी मोहन के पास आने पर क्या पूछते हैं?
उत्तर: मास्टर जी पूछते हैं कि मोहन का “ऐसे-ऐसे” क्या हुआ, और स्कूल का काम पूरा हुआ या नहीं। -
प्रश्न: मोहन मास्टर से क्या बताता है?
उत्तर: मोहन कहता है कि स्कूल का काम पूरा नहीं हुआ और इसी डर के कारण पेट में “ऐसे-ऐसे” दर्द हुआ। -
प्रश्न: मास्टर जी बताते हैं कि “ऐसे-ऐसे” का कारण क्या है?
उत्तर: मास्टर जी कहते हैं कि यह डर और स्कूल का काम न करने की चिंता के कारण पेट में ऐंठन हुई है। -
प्रश्न: माँ मास्टर की बात सुनकर क्या कहती हैं?
उत्तर: माँ कहती हैं कि वैद्य और डॉक्टर दस्त की दवा भेजेंगे, लेकिन मास्टर समझाते हैं कि यह अलग बीमारी है। -
प्रश्न: डॉक्टर मोहन को दवा देने की क्या योजना बनाते हैं?
उत्तर: डॉक्टर कहते हैं कि गरम पानी की बोतल से सेंक दें और वैद्य की भेजी दवा आधे-आधे घंटे बाद दें। -
प्रश्न: दीनानाथ मोहन की तकलीफ देखकर क्या कहते हैं?
उत्तर: वह कहते हैं कि मोहन को कोई बड़ी तकलीफ हुई है और वैद्य जी आ रहे हैं, ठीक कर देंगे। -
प्रश्न: पिता मोहन की नटखट प्रवृत्ति पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं?
उत्तर: पिता कहते हैं कि मोहन बड़ा नटखट है और अक्सर घर और पड़ोस में शरारत करता है। -
प्रश्न: माँ मोहन की थकान देखकर क्या सोचती हैं?
उत्तर: माँ कहती हैं कि मोहन बहुत थक गया है और डरती हैं कि कल स्कूल कैसे जाएगा। -
प्रश्न: मोहन अपनी तकलीफ व्यक्त करने में क्यों हिचकिचाता है?
उत्तर: क्योंकि मोहन अपनी बीमारी का कारण सही से नहीं समझा पा रहा है और डर रहा है। -
प्रश्न: वैद्य जी मोहन को दवा लेने के लिए किसे भेजते हैं?
उत्तर: वैद्य जी कहते हैं कि दवा लेने के लिए दीनानाथ जाएँ। -
प्रश्न: डॉक्टर मोहन की पेट की जाँच कैसे करते हैं?
उत्तर: डॉक्टर पेट दबाते हैं, जीभ देखते हैं और हाथ की उँगलियों से पेट की ऐंठन महसूस करते हैं। -
प्रश्न: मोहन के माता-पिता डॉक्टर और वैद्य की सलाह के बारे में क्या सोचते हैं?
उत्तर: वे मानते हैं कि दवा और सेंक देने से मोहन की तबीयत ठीक हो जाएगी। -
प्रश्न: मास्टर जी मोहन के लिए क्या समाधान सुझाते हैं?
उत्तर: मास्टर जी कहते हैं कि मोहन स्कूल का काम पूरा करने के बाद दो दिन छुट्टी ले और तब “ऐसे-ऐसे” का दर्द दूर होगा। -
प्रश्न: मोहन के “ऐसे-ऐसे” दर्द का असली कारण क्या था?
उत्तर: असली कारण था स्कूल का काम न करने का डर और चिंता। -
प्रश्न: मोहन की माँ दवा देने के लिए क्या करती हैं?
उत्तर: माँ गरम पानी की बोतल से सेंक देती हैं और वैद्य जी द्वारा भेजी दवा देती हैं। -
प्रश्न: पिता डॉक्टर को भेंट क्यों देना चाहते हैं?
उत्तर: पिता डॉक्टर की सेवा और सलाह के लिए सम्मान स्वरूप नोट देना चाहते हैं। -
प्रश्न: वैद्य जी नोट लेने से मना क्यों करते हैं?
उत्तर: वैद्य जी कहते हैं कि यह देना सही नहीं है, और वे केवल दवा देने आए हैं। -
प्रश्न: मोहन की तकलीफ के दौरान कौन-कौन पात्र उपस्थित थे?
उत्तर: मोहन, माँ, पिता, दीनानाथ, पड़ोसिन, मास्टर जी, वैद्य जी और डॉक्टर। -
प्रश्न: डॉक्टर मोहन को देखकर क्या कहते हैं?
उत्तर: डॉक्टर कहते हैं कि मोहन का चेहरा दर्द और परेशानी बता रहा है, कब्ज और बदहजमी है। -
प्रश्न: मोहन मास्टर जी के सामने कैसे व्यवहार करता है?
उत्तर: मोहन मुँह छिपा लेता है और शर्मिंदा होकर अपने दर्द का संकेत “ऐसे-ऐसे” कहकर देता है। -
प्रश्न: माता-पिता मोहन की बीमारी के कारण किन चिंताओं में रहते हैं?
उत्तर: वे डरते हैं कि मोहन स्कूल कैसे जाएगा, खर्चा बहुत हुआ और उसका दर्द कितना गंभीर है। -
प्रश्न: मास्टर जी मोहन की बीमारी को किस तरह समझते हैं?
उत्तर: मास्टर जी समझते हैं कि मोहन की बीमारी मानसिक कारण से हुई है, यानी काम न करने का डर। -
प्रश्न: मोहन की बीमारी को हल करने का मुख्य उपाय क्या था?
उत्तर: दवा लेना, गरम पानी की सेंक और स्कूल का काम पूरा करना। -
प्रश्न: मोहन का “ऐसे-ऐसे” शब्द क्या दर्शाता है?
उत्तर: यह शब्द मोहन के दर्द और बेचैनी को व्यक्त करता है, जो वह ठीक से नहीं बता पा रहा है। -
प्रश्न: दीनानाथ मोहन की देखभाल के बारे में क्या कहते हैं?
उत्तर: वह कहते हैं कि मोहन को कोई बड़ी तकलीफ हुई है, लेकिन वैद्य जी ठीक कर देंगे। -
प्रश्न: अंत में मोहन के माता-पिता और पड़ोसियों की प्रतिक्रिया क्या है?
उत्तर: वे हँसते हैं, मोहन की शरारत और डर को समझते हैं और राहत महसूस करते हैं कि यह गंभीर बीमारी नहीं थी।