Chapter 2

                                                नये राज्य एवं राजाओं का उदय



प्रश्न 1: पाल कला किस क्षेत्र में विकसित हुई?
उत्तर: पाल कला मुख्यतः पूर्वी भारत (बिहार और बंगाल) में विकसित हुई।

प्रश्न 2: पाल कला की मूर्तियाँ किस पत्थर से बनाई जाती थीं?
उत्तर: काले स्लेटी रंग के कसौटी पत्थर से।

प्रश्न 3: मूर्तियाँ मुख्यतः किस प्रकार बनायी जाती थीं?
उत्तर: पृष्ठ-शिला पट्टा पर उकेर कर।

प्रश्न 4: प्रारंभ में मूर्तियों के प्रभा मण्डल कैसे थे?
उत्तर: प्रारंभ में मूर्तियों के प्रभा मण्डल अलंकृत नहीं थे।

प्रश्न 5: बाद में मूर्तियों में क्या परिवर्तन आया?
उत्तर: बाद में अलंकृत प्रभा मण्डल बनाए गए और पृष्ठ शिखा को भी अलंकृत किया गया।

प्रश्न 6: पाल कला में बौद्ध मूर्तियों में मुख्य देवता कौन थे?
उत्तर: बौद्ध मूर्तियों में मुख्य रूप से बुद्ध, बोधिसत्व, तारा और तंत्रयानी बौद्ध देव।

प्रश्न 7: बाह्य देवताओं की मूर्तियों में कौन-कौन थे?
उत्तर: विष्णु, शिव, सूर्य, दुर्गा, गणेश आदि।

प्रश्न 8: जैन मूर्तियों में क्या दिखाया गया?
उत्तर: जैन मूर्तियों में लगभग सभी तीर्थंकरों का प्रतिनिधित्व किया गया।

प्रश्न 9: पटना संग्राहालय में पालकालीन मूर्तियों का प्रमुख उदाहरण क्या है?
उत्तर: एकसारी (सारण) से प्राप्त अवलोकितेश्वर, भूमि स्पर्श मुद्रा में बुद्धा, मैत्रेय की प्रतिमाएँ।

प्रश्न 10: पाल शासकों ने शिक्षा के क्षेत्र में क्या योगदान दिया?
उत्तर: उन्होंने कई महत्वपूर्ण शैक्षिक केन्द्रों का निर्माण करवाया।

प्रश्न 11: गोपाल ने शिक्षा के क्षेत्र में क्या किया?
उत्तर: गोपाल ने ओदन्तपुरी में मठ और विश्वविद्यालय का निर्माण करवाया।

प्रश्न 12: धर्मपाल ने शिक्षा के क्षेत्र में क्या योगदान दिया?
उत्तर: धर्मपाल ने भागलपुर जिले में विक्रमशिला विश्वविद्यालय का निर्माण करवाया।

प्रश्न 13: धर्मपाल ने नालंदा महाविहार को क्या दान दिया?
उत्तर: धर्मपाल ने नालंदा महाविहार को आर्थिक और अन्य प्रकार के दान दिए।

प्रश्न 14: पाल कला में मूर्तियों का रंग क्या था?
उत्तर: काले स्लेटी रंग का।

प्रश्न 15: पालकालीन मूर्तियों में पृष्ठ शिखा का क्या महत्व था?
उत्तर: पृष्ठ शिखा को अलंकृत कर मूर्तियों को और प्रभावशाली बनाया गया।

प्रश्न 16: पालकला में अलंकृत प्रभा मण्डल का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: मूर्तियों को भव्य और दिव्य रूप देना।

प्रश्न 17: बौद्ध मूर्तियों में तारा और तंत्रयानी बौद्ध देव क्यों शामिल थे?
उत्तर: ये बौद्ध धर्म के महत्वपूर्व देव और मार्गदर्शक माने जाते थे।

प्रश्न 18: विष्णु और शिव की मूर्तियों का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: लोगों में धार्मिक आस्था और पूजा के माध्यम से शासन की वैधता दिखाना।

प्रश्न 19: जैन तीर्थंकरों का प्रतिनिधित्व क्यों किया गया?
उत्तर: जैन धर्म की महत्त्वपूर्ण शिक्षाओं और अनुयायियों को सम्मान देने के लिए।

प्रश्न 20: पालकालीन मूर्तियों का मुख्यालय कहाँ था?
उत्तर: पटना संग्राहालय में संग्रहित।

प्रश्न 21: एकसारी (सारण) से प्राप्त मूर्तियों की विशेषता क्या थी?
उत्तर: भूमि स्पर्श मुद्रा में बुद्धा और मैत्रेय की प्रतिमाएँ।

प्रश्न 22: ओदन्तपुरी विश्वविद्यालय का निर्माण किसने किया?
उत्तर: गोपाल ने।

प्रश्न 23: विक्रमशिला विश्वविद्यालय किस क्षेत्र में स्थापित किया गया?
उत्तर: वर्तमान भागलपुर जिले में।

प्रश्न 24: नालंदा महाविहार को दान देने का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: शिक्षा और धर्म के प्रचार के लिए।

प्रश्न 25: पाल कला की मूर्तियों में अलंकृत प्रभा मण्डल कब बनाया गया?
उत्तर: प्रारंभिक काल में नहीं, बाद के समय में।

प्रश्न 26: पृष्ठ-शिला पट्टा का उपयोग क्यों किया गया?
उत्तर: मूर्तियों को टिकाऊ और भव्य बनाने के लिए।

प्रश्न 27: पाल शासकों के शैक्षिक योगदान का महत्व क्या था?
उत्तर: यह शिक्षा और बौद्ध अध्ययन को बढ़ावा देने का प्रमाण है।

प्रश्न 28: पालकालीन मूर्तियों में धार्मिक और सांस्कृतिक मिश्रण कैसे दिखता है?
उत्तर: बौद्ध, जैन और हिंदू देवताओं की मूर्तियाँ साथ-साथ बनायी गईं।

प्रश्न 29: पालकालीन मूर्तियों में भूमि स्पर्श मुद्रा का क्या महत्व था?
उत्तर: यह बुद्ध के ज्ञान और करुणा का प्रतीक है।

प्रश्न 30: पालकालीन शिक्षा केन्द्रों में किस प्रकार के अध्ययन होते थे?
उत्तर: बौद्ध धर्म, वेद, दर्शन, विज्ञान और भाषाओं का अध्ययन।

प्रश्न 31: पालकालीन मूर्तियों का निर्माण किस प्रकार की शैली में हुआ?
उत्तर: काले स्लेटी पत्थर पर उकेरी गई पृष्ठ-शिला शैली।

प्रश्न 32: पाल शासकों के समय शिक्षा और धर्म का संबंध कैसे था?
उत्तर: शासक शिक्षा के माध्यम से धर्म और शासन की वैधता को बढ़ावा देते थे।

प्रश्न 33: पालकालीन मूर्तियों में किन देवताओं के प्रभा मण्डल अलंकृत किए गए?
उत्तर: मुख्य रूप से बुद्ध, बोधिसत्व और जैन तीर्थंकरों।

प्रश्न 34: पालकालीन शिक्षा केन्द्रों में विद्यार्थियों का मुख्य समूह कौन था?
उत्तर: बौद्ध भिक्षु और ब्राह्मण विद्यार्थी।

प्रश्न 35: विक्रमशिला और नालंदा के बीच क्या समानता थी?
उत्तर: दोनों महाविहार शिक्षा और धार्मिक अध्ययन के प्रमुख केन्द्र थे।

प्रश्न 36: पालकालीन मूर्तियों का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
उत्तर: यह पूर्वी भारत की मूर्ति कला और धार्मिक इतिहास का महत्वपूर्ण साक्ष्य है।

प्रश्न 37: पाल शासकों के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दी गई सहायता किस रूप में थी?
उत्तर: विश्वविद्यालय निर्माण, मठों की स्थापना, पांडुलिपियों का संरक्षण और वित्तीय दान।

प्रश्न 38: पालकला की मूर्तियों में प्रतीकात्मक अलंकरण का क्या महत्व था?
उत्तर: मूर्तियों को दिव्य और पवित्र दिखाना।

प्रश्न 39: पालकालीन मूर्तियों की शैली और तकनीक किस प्रकार की थी?
उत्तर: पृष्ठ-शिला पट्टा पर उकेरना, स्लेटी पत्थर का उपयोग, प्रभा मण्डल का अलंकरण।

प्रश्न 40: पाल शासकों द्वारा शिक्षा और कला में किया गया योगदान आज क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
उत्तर: क्योंकि यह भारतीय सांस्कृतिक और शैक्षिक इतिहास की नींव और वैभव को दर्शाता है।


Answer by Mrinmoee