Chapter 3 

                                                       तुर्क अफगान शासक


प्रश्न 1: दिल्ली भारत की राजधानी कब बनी और किसके शासनकाल में इसका विकास हुआ?

उत्तर: दिल्ली भारत की राजधानी तोमर राजपूत वंश के राजाओं के शासनकाल में बनी। इस समय दिल्ली एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और प्रशासनिक केन्द्र बन गया।


प्रश्न 2: 12वीं शताब्दी के मध्य में दिल्ली पर किसने अधिकार किया और क्यों?

उत्तर: 12वीं शताब्दी के मध्य में अजमेर के चौहान शासकों ने दिल्ली पर अधिकार किया। उन्होंने दिल्ली को अपने प्रशासनिक केन्द्र के रूप में चुना।


प्रश्न 3: दिल्ली सल्तनत की स्थापना कब और किसने की?

उत्तर: 13वीं शताब्दी के आरंभ में तुर्कों ने दिल्ली सल्तनत की स्थापना की। कुतुबुद्दीन ऐबक ने गौल और तुर्कों के शासन को दिल्ली में स्थापित किया।


प्रश्न 4: दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाले पाँच प्रमुख राजवंश कौन थे?

उत्तर: ममलूक वंश (1206-1290), खिलजी वंश (1290-1320), तुगलक वंश (1320-1414), सैय्यद वंश (1414-1451), और लोदी वंश (1451-1526)।


प्रश्न 5: प्रारंभिक तुर्क शासकों ने भारत में किस प्रकार शासन स्थापित किया?

उत्तर: प्रारंभिक तुर्क शासकों ने अपने विश्वसनीय गुलामों को प्रशासनिक एवं सैन्य पदों पर नियुक्त कर राज्य को नियंत्रित किया।


प्रश्न 6: रजिया सुल्तान का महत्व क्या था?

उत्तर: रजिया सुल्तान इल्तुतमिश की बेटी थी और वह एकमात्र महिला सुल्तान थी। उसके शासनकाल में महिलाओं के प्रशासन में भी सक्रिय होने का उदाहरण मिला।


प्रश्न: बलबन ने तुर्क राज्य को सुदृढ़ करने में क्या योगदान दिया?

उत्तर 7: बलबन ने सैन्य और प्रशासनिक ढांचा मजबूत किया तथा राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित की।


प्रश्न 8: ममलूक कौन होते थे?

उत्तर: ममलूक वे लोग थे जिन्हें सुल्तान गुलाम के रूप में खरीदकर प्रशिक्षण देते और उच्च प्रशासनिक एवं सैन्य पदों पर नियुक्त करते थे।


प्रश्न 9: अलाउद्दीन खिलजी ने अपने राज्य का विस्तार किस दिशा में किया?

उत्तर: अलाउद्दीन ने उत्तर में गुजरात, मालवा, रणथंभौर, चित्तौड़ तथा दक्षिण में देवगिरि, वारंगल, द्वारसमुद्र और मदुरै तक अपने सैन्य अभियान चलाए।


प्रश्न 10: दक्षिणी राज्यों के शासन की व्यवस्था अलाउद्दीन ने कैसे की?

उत्तर: उसने पराजित राजाओं को वार्षिक कर देने के बदले शासन जारी रखने की अनुमति दी।


प्रश्न 11: मुहम्मद बिन तुगलक ने दक्षिणी राज्यों पर क्या किया?

उत्तर: उसने उन्हें युद्ध में परास्त कर सीधे अपने नियंत्रण में ले लिया।


प्रश्न 12: दिल्ली सल्तनत में अमीरों का क्या महत्व था?

उत्तर: अमीर उच्च प्रशासनिक और सैन्य पदों पर नियुक्त होते थे और सुल्तान की नीतियों को लागू करते थे।


प्रश्न 13: बरनी ने सुल्तान की आलोचना क्यों की?

उत्तर: बरनी ने आलोचना इसलिए की कि सुल्तान ने निम्न कुल के लोगों को उच्च पदों पर नियुक्त किया।


प्रश्न 14: अमीरों की नियुक्ति किन पदों पर होती थी?

उत्तर: अमीरों को प्रशासनिक, न्यायिक और सैन्य उच्च पदों पर नियुक्त किया जाता था।


प्रश्न 15: अमीरों की उत्तराधिकारिता के प्रति वफादारी कैसी थी?

उत्तर: अमीर सुल्तान के प्रति वफादार थे, लेकिन उनके उत्तराधिकारियों के प्रति वफादारी अनिश्चित थी।


प्रश्न 16: वजीर का कार्य क्या था?

उत्तर: वजीर राजस्व वसूलना, आय-व्यय पर नियंत्रण, वेतन बाँटना और अक्ता प्रदान करने का कार्य करता था।


प्रश्न 17: अक्ता और मुक्ती का क्या अर्थ था?

उत्तर: अक्ता क्षेत्रीय प्रशासनिक इकाई थी और मुक्ती अधिकारी उस अक्ता का प्रशासन, कानून-व्यवस्था और कर वसूली करते थे।


प्रश्न 18: मुक्तियों को अक्ता में कितनी अवधि के लिए रखा जाता था और क्यों?

उत्तर: उन्हें थोड़े समय के लिए रखा जाता था ताकि पद अनुवांशिक न बने और भ्रष्टाचार कम हो।


प्रश्न 19: आमिल का कार्य क्या था?

उत्तर: आमिल राजस्व का हिसाब रखता और यह सुनिश्चित करता कि केवल निर्धारित कर ही वसूला जाए।


प्रश्न 20: स्थानीय प्रशासन में शिक और शिकदार का महत्व क्या था?

उत्तर: शिक प्रशासनिक इकाई थी और शिकदार राजस्व वसूलने तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मेदार था।


प्रश्न 21: चौधरी और परगना का प्रशासनिक महत्व क्या था?

उत्तर: चौधरी लगभग 100 गाँवों का प्रधान होता था और बाद में यह परगना प्रशासनिक इकाई का केंद्र बन गया।


प्रश्न 22: गाँव के प्रमुख अधिकारी कौन थे और उनका कार्य क्या था?

उत्तर: खुत, मुकद्दम और पटवारी प्रमुख अधिकारी थे। पटवारी भूमि और लगान का लेखा जोखा रखते थे।


प्रश्न 23: अलाउद्दीन ने सेना में हुलिया रखने का क्या कारण बताया?

उत्तर: सेना में धोखाधड़ी और घोड़ों की मिलावट को रोकने के लिए।


प्रश्न 24: अलाउद्दीन ने घुड़सवार सैनिकों को कैसे वेतन दिया?

उत्तर: उसने नकद वेतन देने की शुरुआत की, जो पहले भूमि कर से भुगतान पाते थे।


प्रश्न 25: अलाउद्दीन के मूल्य नियंत्रण का उद्देश्य क्या था?

उत्तर: जनता को वस्तुएँ उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना और सेना के खर्च को नियंत्रित करना।


प्रश्न 26: बाजार नियंत्रक, बरीद और मुनहियान का कार्य क्या था?

उत्तर: बाजार में वस्तुओं की गतिविधियों की निगरानी और गुप्त जानकारी सुल्तान तक पहुँचाना।


प्रश्न 27: मूल्य नियंत्रण केवल दिल्ली में था या अन्य भागों में भी लागू था?

उत्तर: फरिश्ता के अनुसार अन्य भागों में भी समान मूल्य थे, लेकिन बरनी ने केवल दिल्ली का उल्लेख किया।


प्रश्न 28: भूमि कर वसूलने की पुरानी व्यवस्था और तुर्कों का बदलाव क्या था?

उत्तर: पुराने शासक वर्ग द्वारा वसूली होती थी, तुर्कों ने इसे सीधे राज्य अधिकारियों के माध्यम से किया और उपज का आधा हिस्सा कर के रूप में लिया।


प्रश्न 29: मुहम्मद बिन तुगलक ने राजधानी परिवर्तन क्यों किया?

उत्तर: 1327 ई0 में देवगिरी को दौलताबाद बनाकर रणनीतिक कारणों से राजधानी स्थानांतरित की।


प्रश्न 30: राजधानी परिवर्तन का मार्ग क्या था?

उत्तर: दिल्ली से दौलताबाद जाते समय लोग उत्तर-पूर्व भारत के विभिन्न क्षेत्रों और गाँवों से होकर गुजरते थे।


प्रश्न 31: राजधानी परिवर्तन के दौरान नागरिकों को क्या कठिनाइयाँ आईं?

उत्तर: लोग बीमार हुए, पैदल लंबी यात्रा करनी पड़ी, संपत्ति खोई, और कई लोगों की मृत्यु हुई।


प्रश्न 32: मुहम्मद तुगलक की खुरासान विजय क्यों असफल रही?

उत्तर: मिस्र और खुरासान के सुल्तानों के मित्र बनने और तरमशरीन के भाई द्वारा गद्दी से हटाये जाने के कारण।


प्रश्न 33: सांकेतिक मुद्रा क्या थी और क्यों बंद करनी पड़ी?

उत्तर: तांबे के सिक्के थे, नकली बनाना आसान था और व्यापारियों ने स्वीकार नहीं किया, इसलिए बंद कर दी गई।


प्रश्न 34: मुहम्मद तुगलक ने कृषि सुधार के लिए क्या योजना बनाई?

उत्तर: दीवान-ए-अमीरकोही विभाग बनाया, 60 वर्ग मील क्षेत्र में कृषि का विस्तार करने की योजना बनाई।


प्रश्न 35: कृषि ऋण के लिए कितनी राशि मंजूर की गई और परिणाम क्या हुआ?

उत्तर: 70 लाख टंका मंजूर, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों के कारण किसानों तक ऋण नहीं पहुंचा और भूमि अधूरी रही।


प्रश्न 36: सल्तनत काल में कृषि उत्पादन कैसा था?

उत्तर: भूमि पर्याप्त थी और किसानों की संख्या कम। गेहूँ, धान, जौ, ज्वार, बाजरा, दलहन, गन्ना, कपास, तिल, अलसी आदि उगाई जाती थीं।


प्रश्न 37: अलाउद्दीन खिलजी ने किसानों से अनाज कैसे वसूल किया?

उत्तर: किसानों को उपज का आधा हिस्सा भूमि कर के रूप में देने का आदेश दिया और अतिरिक्त अनाज सरकारी गोदामों में जमा किया।


प्रश्न 38: साधारण किसान और धनी किसान में क्या अंतर था?

उत्तर: साधारण किसान मिट्टी की झोपड़ियों में रहते थे, बैल-हल के मालिक थे; धनी किसान बड़े घर, बहुमंजिला इमारतें, बगीचे और घुड़सवारी जैसी सुविधाएँ रखते थे।


प्रश्न 39: किसानों को कौन-कौन से कर देना पड़ता था?

उत्तर: भूमि कर (खराज), गृह कर, पशु कर और अन्य अतिरिक्त कर।


प्रश्न 40: मुहम्मद तुगलक के कृषि सुधार और प्रशासन से क्या सबक मिलता है?

उत्तर: यह दिखाता है कि कृषि सुधार सरकारी दायित्व है, लेकिन भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अयोग्यता से योजनाएँ असफल हो सकती हैं।


Answer by Mrinmoee