Chapter 4 

                                                          मुगल साम्राज्य


1.शेरशाह सूरी का शासनकाल कब था और उसने क्या महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार किए?

उत्तर: शेरशाह सूरी का शासनकाल 1540-1545 ई0 में था। उसने पूरे राज्य में कानून और व्यवस्था स्थापित की, किसानों से उचित लगान वसूला, कृषि के लिए सिंचाई और कुएँ बनवाए, और व्यापार एवं यातायात को प्रोत्साहित किया।


2.शेरशाह ने किसानों से लगान वसूलने के लिए क्या प्रणाली अपनाई?

उत्तर: शेरशाह ने उपज की अलग-अलग किस्मों पर राजस्व तय किया, जिसमें राजस्व दर उपज का एक तिहाई थी। लगान का निर्धारण पट्टे पर दर्ज किया गया और अकाल में लगान माफ किया जाता था।


3.शेरशाह ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिए क्या उपाय किए?

उत्तर: उसने पुरानी सड़कों की मरम्मत करवाई, नई सड़कें बनवाई, हर आठ किलोमीटर पर सरायों का निर्माण किया और व्यापारियों से करों की संख्या सीमित की।


4.सरायों का निर्माण किस उद्देश्य से किया गया?

उत्तर: सरायों का निर्माण व्यापारियों और यात्रियों के विश्राम के लिए किया गया। इसके आसपास छोटे शहर और गाँव बसाए गए।


5.शेरशाह ने किसानों के लिए संकट के समय क्या सहायता दी?

उत्तर: संकट के समय उसने किसानों को कुएँ खुदवाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए ऋण सहायता प्रदान की।


6.शेरशाह का शासनकाल क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?

उत्तर: कम समय में उसने प्रशासन, कर, कृषि और व्यापार में सुधार करके जनता पर गहरा प्रभाव डाला, जिससे उसका अफगान राज्य इतिहास में महत्वपूर्ण बना।


7.अकबर ने कितनी उम्र में गद्दी संभाली और किसने शासन चलाया?

उत्तर: अकबर 13 वर्ष की आयु में गद्दी पर बैठा। बैरम खान ने प्रशासन चलाया और अकबर को राजकाज की शिक्षा दी।


8.अकबर ने अपने साम्राज्य का विस्तार कैसे किया?

उत्तर: उसने मालवा, गढ़ कटंगा, राजपूताना, गुजरात और बंगाल पर अधिकार किया और विभिन्न युद्धों के माध्यम से राज्य बढ़ाया।


9.राजपूतों को मुगल प्रशासन में शामिल करने की अकबर की नीति क्या थी?

उत्तर: अकबर ने राजपूतों को प्रशासनिक पद और जागीर दी, विवाह संबंध स्थापित किए और उनके धर्म का सम्मान किया।


10.अकबर की धार्मिक नीति सुलह-ए-कुल का उद्देश्य क्या था?

उत्तर: सुलह-ए-कुल में सभी धर्मों के लोगों के साथ सहिष्णुता और न्यायपूर्ण व्यवहार किया गया।


11.मनसबदार प्रणाली क्या थी और इसका महत्व क्या था?

उत्तर: मनसबदार वे अधिकारी थे जो प्रशासन और सेना के कार्य करते थे। उन्हें जात और सवार के आधार पर पद और वेतन दिया जाता था।


12.बड़े मनसबदारों को क्या कहा जाता था और उनका क्या कर्तव्य था?

उत्तर: बड़े मनसबदारों को 'अमीर' कहा जाता था। उनका कर्तव्य सैनिक और प्रशासनिक कार्य करना, सेना और साजो-सामान रखना था।


13.मनसबदारों को दी जाने वाली भूमि क्या कहलाती थी?

उत्तर: मनसबदारों को दी जाने वाली भूमि को 'जागीर' कहा जाता था।


14.अकबर ने राजस्व प्रणाली में कौन-कौन से सुधार किए?

उत्तर: राजा टोडरमल ने भूमि का सर्वेक्षण कर उपज के आधार पर कर तय किया, भूमि को चार श्रेणियों में बाँटा और किसानों को ऋण एवं सिंचाई सहायता प्रदान की।


15.आम लोगों का मुगल काल में जीवन कैसा था?

उत्तर: किसान और मजदूर गरीबी में जीवन यापन करते थे। वे अनाज के लिए वर्षा पर निर्भर थे और अकाल में उनकी स्थिति कठिन हो जाती थी।


16.शाहजहाँ के न्याय की जंजीर का उद्देश्य क्या था?

उत्तर: न्याय की जंजीर से आम आदमी अन्याय की शिकायत सीधे बादशाह तक पहुँचा सकता था।


17.शाहजहाँ के शासनकाल में मुगल साम्राज्य की सीमा कैसी थी?

उत्तर: शाहजहाँ के समय मुगल साम्राज्य दक्षिण भारत, असम, कंधार तक विस्तृत था, लेकिन मध्य एशिया में स्थायी नियंत्रण नहीं था।


18.औरंगजेब ने सत्ता प्राप्त करने के लिए क्या किया?

उत्तर: औरंगजेब ने अपने भाइयों के खिलाफ युद्ध किया और अपने पिता शाहजहाँ को आठ वर्षों तक कैद में रखा।


19.औरंगजेब ने साम्राज्य का विस्तार कैसे किया?

उत्तर: उसने 1663 में असम पर आक्रमण किया और 1686-87 में बीजापुर और गोलकुंडा को अपने अधीन किया।


20.औरंगजेब के शासन में प्रशासनिक समस्याएँ क्या थीं?

उत्तर: जागीरों की कमी, प्रशासनिक वर्ग का बड़ा होना और सेना की क्षमता में कमी प्रमुख समस्याएँ थीं।


21.मुगल साम्राज्य के पतन के मुख्य कारण क्या थे?

उत्तर: उत्तराधिकार के संघर्ष, प्रभावशाली पदाधिकारियों का स्वार्थ, प्रशासनिक गुटबंदी, आर्थिक कठिनाइयाँ और सेना की कमजोरी।


22.मुगल प्रशासन में जागीर और मनसबदार प्रणाली का क्या महत्व था?

उत्तर: मनसबदारों को सेना और प्रशासनिक कार्य का जिम्मा दिया गया और जागीर से उनका वेतन सुनिश्चित किया गया।


23.मुगलों की सैनिक क्षमता क्यों कमजोर हुई?

उत्तर: सेना का प्रशिक्षण घट गया, नई तकनीक में रुचि कम हुई, नौसेना पर ध्यान नहीं दिया गया और उच्च अधिकारियों की संख्या बढ़ गई।


24.मुगल अभिजात्य वर्ग का जीवन 18वीं शताब्दी में कैसा था?

उत्तर: अभिजात्य वर्ग विलासिता और आलस्य में लिप्त था, शराब और आनंद में समय व्यतीत करते थे।


25.नादिरशाह के आक्रमण का प्रभाव क्या पड़ा?

उत्तर: 1739 में नादिरशाह ने दिल्ली पर आक्रमण कर भारी लूट की, जिससे मुगलों की शक्ति कमजोर हुई।


26.अहमदशाह अब्दाली ने मुगलों और मराठों पर क्या प्रभाव डाला?

उत्तर: अहमदशाह अब्दाली ने कई आक्रमण किए, जिससे मुगलों और मराठों दोनों की शक्ति कम हुई और साम्राज्य दिल्ली तक सीमित रह गया।


27.मुगल साम्राज्य कब तक बना रहा और उसकी स्थिति कैसी थी?

उत्तर: मुगल साम्राज्य 1857 तक बना रहा, लेकिन उसका क्षेत्र छोटे क्षेत्रीय राज्यों में विभक्त हो गया और राजधानी दिल्ली कमजोर नगर बन गई।


28.मुगल साम्राज्य का आर्थिक आधार क्या था?

उत्तर: कृषि, कर वसूली और व्यापार मुगल साम्राज्य का मुख्य आर्थिक आधार थे।


29.अकबर ने हिंदुस्तानी मुसलमानों को क्यों अमीर बनाया?

उत्तर: ताकि नए समर्थक बनें और ईरानी तथा तुरानी अमीरों को नियंत्रित किया जा सके।


30.राजपूतों को प्रशासन में शामिल करने से अकबर का क्या उद्देश्य था?

उत्तर: राजपूतों का समर्थन प्राप्त करना और राज्य को मजबूत बनाना।


31.सुलह-ए-कुल नीति के अन्य लाभ क्या थे?

उत्तर: इससे साम्राज्य में धार्मिक शांति बनी, बहुसंख्यक हिन्दुओं का समर्थन मिला और प्रशासन स्थिर हुआ।


32.दिन-ए-एलाही नीति का उद्देश्य क्या था?

उत्तर: सभी धर्मों के सार को जोड़कर समाज में नैतिक और सामाजिक मूल्यों को बनाए रखना।


33.मनसबदारों को कितने सैनिक और साजो-सामान रखना होता था?

उत्तर: उदाहरण के अनुसार 5000 जात के मनसबदार को 340 घोड़े, 100 हाथी, 800 ऊँट, 100 खच्चर, 160 गाड़ियाँ और अन्य सैनिक रखना होता था।


34.मनसबदारों की नियुक्ति कैसे होती थी?

उत्तर: राजा की नियुक्ति से होती थी, पद वंशानुगत नहीं होता था।


35.किसानों पर लगान बढ़ने के क्या परिणाम हुए?

उत्तर: किसानों की स्थिति खराब हुई, वे अनाज बेचने के लिए मजबूर हुए और अगले साल खाने के लिए पर्याप्त नहीं बचा पाए।


36.यूरोपीय यात्रियों ने मुगल समाज के बारे में क्या लिखा?

उत्तर: उन्होंने अमीरों की विलासिता और आम जनता की गरीबी का चित्रण किया।


37.अकबर ने जजिया कर क्यों बंद किया?

उत्तर: हिन्दुओं का समर्थन पाने और साम्राज्य में धार्मिक मेल-जोल स्थापित करने के लिए।


38.शाहजहाँ के समय कौन से दक्षिणी राज्यों को मुगल अधीन किया गया?

उत्तर: बीजापुर और गोलकुंडा को 1628-1630 में अधीन किया गया।


39.गल साम्राज्य का पतन और राजधानी दिल्ली की स्थिति कैसी थी?

उत्तर: सत्ता और प्रशासन कमजोर हो गया, दिल्ली केवल कमजोर नगर रह गया, लेकिन सांस्कृतिक वैभव जारी रहा।


40.मुगल साम्राज्य की वैभवशाली परंपरा आगे किसके पास पहुंची?

उत्तर: 18वीं शताब्दी में उदित क्षेत्रीय राज्यों और शक्तियों के पास मुगल वैभव की परंपरा पहुँच गई।


Answer by Mrinmoee