Chapter 5
शक्ति के प्रतीक के रूप में वास्तुकला, किले एवं धार्मिक स्थल K5J1Z9
1.प्रश्न: मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत बच्चे बोधगया क्यों गए और सबसे पहले उन्होंने क्या देखा?
उत्तर: बच्चे अपने विद्यालय से शैक्षणिक परिभ्रमण पर बोधगया पहुँचे। वहाँ सबसे पहले उन्होंने विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर देखा, जिससे वे बहुत प्रभावित हुए।
2.प्रश्न: महाबोधि मंदिर में बच्चों ने किस प्रकार के प्रश्न पूछे?
उत्तर: बच्चों ने अपने शिक्षक के सहयोग से मंदिर निर्माण की शैली (संरचना), उसमें प्रयुक्त सामग्री, निर्माता के उद्देश्य, उसका काल आदि से संबंधित प्रश्न पूछे।
3.प्रश्न: मध्यकालीन शासकों ने मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों का निर्माण क्यों करवाया?
उत्तर: शासकों ने अपने धार्मिक विश्वास व्यक्त करने, राजनैतिक शक्ति दिखाने, शासन को स्थायी बनाने और पड़ोसी राज्यों पर प्रभाव दिखाने के उद्देश्य से मंदिर और धार्मिक स्थलों का निर्माण करवाया।
4.प्रश्न: आठवीं से तेरहवीं सदी के बीच मंदिरों की संरचना में क्या विशेषताएँ थीं?
उत्तर: इस काल के मंदिर मुख्यतः नागर और द्रविड़ शैली में बने। नागर शैली के मंदिर आधार से शीर्ष तक शंक्वाकार होते थे, जिसमें गर्भगृह में प्रधान देवता की मूर्ति होती थी। मंदिर चारों ओर प्रदक्षिणा पथ और अलंकृत स्तंभों से घिरा होता था।
5.प्रश्न: लिंगराज मंदिर और खजुराहो के मंदिरों की मुख्य विशेषता क्या थी?
उत्तर: ये मंदिर अपनी निर्माण शैली, भव्यता और मजबूती के लिए प्रसिद्ध हैं। नागर शैली में बने होने के कारण इनका शिखर शीर्ष की ओर पतला होता है और गर्भगृह में देवता की मूर्ति स्थापित होती है।
6.प्रश्न: कोणार्क सूर्य मंदिर का रथाकार रूप क्यों बनाया गया?
उत्तर: सूर्य पौराणिक कथाओं में अपने सात घोड़ों वाले रथ पर आकाश में चलते हैं। इसी दृश्य को मंदिर में रूपांतरित किया गया, जिससे रथाकार आधार, बारह पहिए और सात अश्वों की मूर्तियाँ बनाई गईं।
7.प्रश्न: कोणार्क मंदिर की बाहरी दीवारों पर उकेरी गई आकृतियाँ किस प्रकार की थीं?
उत्तर: बाहरी दीवारें फूल-पत्तियों, पशु, देव-दानव और काल्पनिक जीवों की विस्तृत और भव्य नक्काशी से सजी थीं।
8.प्रश्न: दक्षिण भारत में मंदिरों की द्राविड़ शैली की विशेषताएँ क्या थीं?
उत्तर: द्राविड़ शैली के मंदिरों में गर्भगृह के ऊपर कई मंजिलों वाला 'विमान' होता था, मंडप और धार्मिक कक्ष गर्भगृह के सामने होते थे। मंदिर ऊँची दीवारों से घिरा होता और भव्य प्रवेश द्वार (गोपुरम्) होता था।
9.प्रश्न: मदुरै के मीनाक्षी सुन्दरेश्वर मंदिर की विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: मंदिर में विमानों की कई मंजिलें, मंडप, गर्भगृह, भव्य गोपुरम् और अलंकृत स्तंभ हैं। इसकी भव्यता शासक की शक्ति और भक्तिभाव दोनों का प्रतिनिधित्व करती है।
10.प्रश्न: राजाओं ने मंदिर निर्माण के माध्यम से अपने शासन और देवताओं का संबंध कैसे दर्शाया?
उत्तर: राजा का देवता मंदिर का प्रधान देवता होता था, छोटे देवता उसके सहयोगियों और अधीनस्थों को दर्शाते थे। मंदिर और देवी-देवता शासक और उसके सहयोगियों द्वारा शासित क्षेत्र का लघु रूप प्रस्तुत करते थे।
11.प्रश्न: तेरहवीं से सोलहवीं सदी के बीच भारत में मुस्लिम शासकों द्वारा बनाई गई इमारतों में क्या नवाचार हुआ?
उत्तर: इस काल में मेहराब और गुम्बद जैसी नई स्थापत्य शैलियों का प्रयोग हुआ। निर्माण में चूना पत्थर और सुर्खी का उपयोग बढ़ा, जिससे विशाल इमारतें तेज़ी से बन सकीं।
12.प्रश्न: कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद का महत्व क्या है?
उत्तर: यह दिल्ली स्थित पहली मुस्लिम उपासना स्थल है और इस्लामी स्थापत्य शैली में मेहराब और गुम्बद का प्रयोग बड़े पैमाने पर हुआ।
13.प्रश्न: कुतुबमीनार का निर्माण किसने शुरू किया और किसके स्मरण में किया गया?
उत्तर: इसका निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू किया और इसे सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की याद में बनवाया गया।
14.प्रश्न: कुतुबमीनार की संरचना और निर्माण सामग्री क्या है?
उत्तर: यह पाँच मंजिल की मीनार है, लाल और सफेद बलुआ पत्थर तथा संगमरमर से बनी है। इसमें मेहराब और छज्जों की विशिष्ट संरचना है।
15.प्रश्न: तुगलक कालीन गयासुद्दीन मकबरा की विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: इसमें भारतीय और इस्लामी शैलियों का समन्वय है। मकबरा ऊँचे चबूतरे पर बना है, गुम्बद और संगमरमर का प्रयोग हुआ।
16.प्रश्न: बिहार में तुर्कों के कालीन इमारतों में प्रमुख उदाहरण कौन-से हैं?
उत्तर: बिहारशरीफ स्थित मलिक इब्राहिम या मलिक बया का मकबरा, तेलहड़ा की मस्जिद और बेगुहजाम की मस्जिद।
17.प्रश्न: मलिक इब्राहिम मकबरे का निर्माण किसने करवाया और शैली क्या है?
उत्तर: इसका निर्माण 1353 ई0 में उनके पुत्र सैयद दाऊद ने करवाया। इसमें तुगलक शैली का प्रभाव और ढलवां दीवारें तथा गुम्बद शामिल हैं।
18.प्रश्न: मुगल स्थापत्य कला का व्यवस्थित विकास कब शुरू हुआ और किसने किया?
उत्तर: मुगल स्थापत्य कला का व्यवस्थित विकास अकबर के काल से शुरू हुआ। अकबर ने आगरा और फतेहपुर सीकरी में किले और महलों का निर्माण करवाया।
19.प्रश्न: अकबरकालीन बुलंद दरवाजा की विशेषता क्या है?
उत्तर: यह अर्ध गुम्बद शैली में बना है और लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है। साम्राज्य विस्तार के साथ भव्यता और शक्ति का प्रतीक है।
20.प्रश्न: हुमायूँ और एतामादुद्दौला के मकबरों की स्थापत्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: हुमायूँ के मकबरे में पूर्णत: संगमरमर का गुम्बद है और ऊँचा, मेहराबयुक्त प्रवेश द्वार है। एतामादुद्दौला में पितरा-दूरा या रंगीन पत्थरों से पच्चीकारी की गई।
21.प्रश्न: ताजमहल की प्रमुख स्थापत्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: विशाल संगमरमर का गुम्बद, मुख्य भवन के चारों ओर खड़ी चार मीनारें, झरोखे, जड़े हुए कीमती पत्थर और सुशोभित बाग।
22.प्रश्न: शाहजहाँनाबाद नगर और लाल किले का निर्माण क्यों किया गया?
उत्तर: 1648 ई0 में दिल्ली में प्रशासनिक भवन और सत्ता केंद्र के रूप में निर्माण करवाया गया। यह शक्ति और भव्यता का प्रतीक था।
23.प्रश्न: शाहजहाँ के शासनकाल में निर्माण कार्यों का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: जनता को रोजगार देना और कठिनाइयों से निकालना, साथ ही शासन और शासक की शक्ति का प्रदर्शन करना।
24.प्रश्न: औरंगजेब के शासन काल में स्थापत्य कला क्यों शिथिल पड़ गई?
उत्तर: औरंगजेब का शासन अशांत रहा, आंतरिक विद्रोह और साम्राज्य के नुकसान ने निर्माण कार्य को प्रभावित किया।
25.प्रश्न: औरंगाबाद में बीबी का मकबरा किसके स्मरण में बनवाया गया?
उत्तर: औरंगजेब ने अपनी पत्नी की याद में यह मकबरा बनवाया।
26.प्रश्न: मनेर स्थित शाहदौलत का मकबरा किसने बनवाया और इसकी विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: 1617 ई0 में इब्राहिम खाँ काकर ने बनवाया। लाल बलुआ पत्थर से निर्मित, अकबरकालीन मुगल शैली की विशेषताएँ प्रदर्शित करता है।
27.प्रश्न: सासाराम में शेरशाह का मकबरा क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: यह अफगान शैली में निर्मित है और संपूर्ण भारत में सबसे अच्छा उदाहरण माना जाता है।
28.प्रश्न: शेरशाह का मकबरा किस वर्ष तैयार हुआ और इसका आकार क्या है?
उत्तर: 1545 ई0 में तैयार हुआ। झील के मध्य अष्टकोणीय आकार, चौकोर चबूतरे पर स्थित और संतुलित गुंबद है।
29.प्रश्न: शेरशाह का मकबरा मुगल स्थापत्य से किस प्रकार जुड़ता है?
उत्तर: यह तुर्क अफगान और मुगल स्थापत्य के बीच सम्पर्क बिंदु है। मुगलों ने इसकी संरचना को अपनाकर विकसित किया।
30.प्रश्न: मंदिरों के निर्माण में राजा और देवताओं के संबंध का प्रतिनिधित्व कैसे होता था?
उत्तर: मंदिर में प्रधान देवता राजा का प्रतिनिधित्व करता, छोटे देवता सहयोगियों और अधीनस्थों का। यह शासन का लघु रूप प्रस्तुत करता था।
31.प्रश्न: कोणार्क सूर्य मंदिर के बारह पहियों और सात अश्वों का महत्व क्या है?
उत्तर: यह सूर्य देव के रथ को दर्शाता है, जहां बारह पहिए चक्रों का प्रतीक हैं और सात अश्व रथ को खींचते प्रतीत होते हैं।
32.प्रश्न: मीनाक्षी मंदिर में गोपुरम् की विशेषता क्या है?
उत्तर: भव्य और अलंकृत प्रवेश द्वार, ऊँची दीवारों और मंडपों से युक्त, द्राविड शैली की विशिष्ट पहचान।
33.प्रश्न: तुगलक शैली के मकबरों में गुम्बद और दीवारों की तकनीक कैसे थी?
उत्तर: ढलवाँ दीवारें और गुम्बद, ईंट और संगमरमर का संतुलित मिश्रण, भारतीय और इस्लामी शैलियों का संयोजन।
34.प्रश्न: मुगल बागों की संरचना कैसी होती थी?
उत्तर: चार बाग, दीवार से घिरे आयताकार अहाते में स्थित, कृत्रिम नहरों से चार हिस्सों में विभाजित।
35.प्रश्न: हुमायूँ के मकबरे का गुम्बद और प्रवेश द्वार किस कारण से महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: पहली बार पूर्ण संगमरमर में गुम्बद बनाया गया और ऊँचा, मेहराबयुक्त प्रवेश द्वार स्थापत्य नवाचार का प्रतीक है।
36.प्रश्न: एतामादुद्दौला मकबरे में पितरा-दूरा तकनीक का महत्व क्या है?
उत्तर: रंगीन पत्थरों को दबाकर बनाई गई नक्काशी, आगे ताजमहल में पूर्ण रूप से उपयोग हुई।
37.प्रश्न: शाहजहाँ के काल में मस्जिदों और महलों का निर्माण किस उद्देश्य से हुआ?
उत्तर: जनता को रोजगार देना, भव्यता और शक्ति दिखाना, धार्मिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा बनाए रखना।
38.प्रश्न: बिहार में तुर्क कालीन स्थापत्य का प्रभाव किन इमारतों में दिखता है?
उत्तर: बिहारशरीफ के मलिक इब्राहिम मकबरा, तेलहड़ा मस्जिद, बेगुहजाम मस्जिद और मनेर स्थित शाहदौलत मकबरा।
39.प्रश्न: ताजमहल में चारों ओर बागों का महत्व क्या है?
उत्तर: सौंदर्य और भव्यता बढ़ाना, धार्मिक और स्थापत्य दृष्टि से संतुलन प्रस्तुत करना।
40.प्रश्न: मुगल स्थापत्य कला की शैली और परंपरा 18वीं और 19वीं सदी में किस प्रकार जारी रही?
उत्तर: नवोदित राज्यों और स्थानीय शासकों के संरक्षण में, जैसे अवध के नवाबों द्वारा लखनऊ में निर्मित इमारतों में।
Answer by Mrinmoee