Chapter 15
साहसी इंदिरा
1. प्रश्न: राष्ट्रीय आन्दोलन के समय नेता कहाँ और क्यों गुप्त रूप से मिलते थे?
उत्तर: राष्ट्रीय आन्दोलन के समय सभी स्वतंत्रता सेनानी पं० जवाहरलाल नेहरू के घर आनंद भवन में गुप्त रूप से मिलते थे। वे ऐसा इसलिए करते थे क्योंकि अंग्रेज सरकार नहीं चाहती थी कि राष्ट्रीय आन्दोलन सफल हो। पुलिस लगातार नेताओं पर नजर रखती थी, इसलिए गुप्त बैठकों की आवश्यकता थी।
2. प्रश्न: अंग्रेज सरकार राष्ट्रीय आन्दोलन के विरोध में क्यों थी?
उत्तर: अंग्रेज सरकार भारत पर शासन करना चाहती थी। यदि राष्ट्रीय आन्दोलन सफल हो जाता तो उन्हें भारत छोड़ना पड़ता। इसी कारण वे आन्दोलन को दबाने के लिए नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात रखते थे।
3. प्रश्न: एक दिन आनंद भवन में क्या विशेष घटना घटी?
उत्तर: एक दिन बहुत से राष्ट्रीय नेता पुलिस की आँखों में धूल झोंककर आनंद भवन में इकट्ठा हो गए। उन्हें कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने थे और एक नई योजना का खाका तैयार किया जा रहा था।
4. प्रश्न: इंदिरा मीटिंग वाले कमरे के पास क्यों मंडरा रही थी?
उत्तर: इंदिरा छोटी उम्र से ही देशभक्त थी और राष्ट्रीय आन्दोलन में भाग लेना चाहती थी। इसलिए वह मीटिंग के कमरे के आसपास घूम रही थी ताकि देश की सेवा में कुछ कर सके।
5. प्रश्न: पं० जवाहरलाल नेहरू ने इंदिरा को क्यों डाँटा?
उत्तर: पं० नेहरू को लगा कि इंदिरा स्कूल जाने के समय मीटिंग के पास घूम रही है, जो बच्चों की जगह नहीं थी। इसलिए उन्होंने गुस्से में उसे वहाँ से जाने के लिए कहा।
6. प्रश्न: डाँट खाने के बाद इंदिरा ने क्या किया?
उत्तर: डाँट से इंदिरा की आँखों में आँसू आ गए। वह बगीचे में जाकर झूले पर बैठ गई और गुस्से में झूले को तेज़ी से झुलाने लगी।
7. प्रश्न: झूला झूलते समय इंदिरा ने क्या देखा?
उत्तर: झूले की ऊँचाई पर पहुँचकर इंदिरा ने देखा कि चहारदीवारी के पास पुलिस वालों की भीड़ जमा है, जिससे उसे खतरे का आभास हुआ।
8. प्रश्न: इंदिरा को खतरे का अंदेशा कैसे हुआ?
उत्तर: पुलिस का जमघट देखकर उसकी वानर सेना वाली समझ सक्रिय हो गई और उसने तुरंत समझ लिया कि नेताओं को गिरफ्तार किया जा सकता है।
9. प्रश्न: इंदिरा ने खतरे को देखते ही क्या कदम उठाया?
उत्तर: इंदिरा बिना समय गँवाए मीटिंग वाले कमरे में दौड़कर पहुँची और अपने पिता तथा अन्य नेताओं को पुलिस के घेराव की सूचना दी।
10. प्रश्न: नेताओं की प्रतिक्रिया क्या थी?
उत्तर: सभी नेता सन्न रह गए क्योंकि उन्होंने नई योजना का पूरा खाका तैयार कर लिया था। यदि वह पुलिस के हाथ लग जाता तो सारी मेहनत बेकार हो जाती।
11. प्रश्न: इंदिरा ने नेताओं की मदद कैसे की?
उत्तर: इंदिरा ने साहस दिखाते हुए योजना के कागज अपने स्कूल बैग में छिपाने का प्रस्ताव रखा ताकि उन्हें सुरक्षित बाहर ले जाया जा सके।
12. प्रश्न: इंदिरा ने कागजों को कहाँ छिपाया?
उत्तर: उसने कागजों को अपनी कॉपियों के बीच बैग में रख लिया ताकि किसी को शक न हो।
13. प्रश्न: इंदिरा स्कूल कैसे गई?
उत्तर: वह स्कूल की वर्दी पहनकर बैग उठाकर कार में बैठी और ड्राइवर उसे स्कूल ले चला।
14. प्रश्न: रास्ते में क्या बाधा आई?
उत्तर: रास्ते में पुलिस के सिपाही ने कार को रोक लिया और बैग की जाँच करना चाहा।
15. प्रश्न: सिपाही ने इंदिरा से क्या पूछा?
उत्तर: सिपाही ने उससे पूछा कि उसके बैग में क्या है और शक जताया कि उसमें कुछ संदिग्ध कागज हो सकते हैं।
16. प्रश्न: इंदिरा ने सिपाही को क्या उत्तर दिया?
उत्तर: इंदिरा ने शांत स्वर में कहा कि बैग में उसकी स्कूल की किताबें हैं।
17. प्रश्न: इंदिरा ने सिपाही को कैसे विश्वास दिलाया?
उत्तर: उसने आत्मविश्वास से कहा कि कोई पिता अपनी लाडली बेटी को ऐसे जोखिम में नहीं डालेगा।
18. प्रश्न: सिपाही का व्यवहार कैसे बदला?
उत्तर: इंदिरा की बात सुनकर सिपाही को विश्वास हो गया और उसने उससे क्षमा माँगते हुए जाने दिया।
19. प्रश्न: कार आगे बढ़ने पर इंदिरा ने क्या महसूस किया?
उत्तर: बाहर पहुँचकर इंदिरा ने तसल्ली की साँस ली और उसे अपने साहस पर गर्व हुआ।
20. प्रश्न: इंदिरा को गर्व क्यों महसूस हुआ?
उत्तर: उसे गर्व था कि उसने राष्ट्रीय नेताओं की मदद की और देशभक्ति का सच्चा प्रमाण दिया।
21. प्रश्न: इस पाठ से इंदिरा के स्वभाव का कौन-सा गुण प्रकट होता है?
उत्तर: इस पाठ से इंदिरा की साहसिकता, सूझ-बूझ और देशभक्ति प्रकट होती है।
22. प्रश्न: वानर सेना क्या थी?
उत्तर: वानर सेना बच्चों का एक संगठन था, जिसे इंदिरा ने बनाया था। यह सेना संदेश पहुँचाने और खबरें लाने का काम करती थी।
23. प्रश्न: वानर सेना का नाम ऐसा क्यों रखा गया?
उत्तर: यह नाम बच्चों की टोली को दर्शाने के लिए रखा गया था, जैसे रामायण में वानर सेना थी।
24. प्रश्न: इंदिरा की उम्र और सोच में क्या विशेष बात थी?
उत्तर: छोटी उम्र में ही इंदिरा बड़ों जैसी सोच रखती थी और आज़ादी की लड़ाई में भाग लेना चाहती थी।
25. प्रश्न: आनंद भवन का क्या महत्व है?
उत्तर: आनंद भवन इलाहाबाद में स्थित नेहरू परिवार का घर था और स्वतंत्रता आन्दोलन की महत्वपूर्ण बैठकों का केंद्र था।
26. प्रश्न: इस कहानी में बच्चों की भूमिका क्या दर्शाई गई है?
उत्तर: यह कहानी दिखाती है कि बच्चे भी देश की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
27. प्रश्न: इंदिरा का धैर्य कैसे प्रकट होता है?
उत्तर: पुलिस द्वारा पूछताछ के समय उसका दिल तेज़ धड़क रहा था, फिर भी वह शांत बनी रही।
28. प्रश्न: कहानी में पुलिस की भूमिका कैसी दिखाई गई है?
उत्तर: पुलिस अंग्रेज सरकार के आदेश पर नेताओं पर नजर रखती थी और आन्दोलन को दबाने की कोशिश करती थी।
29. प्रश्न: इंदिरा की सूझ-बूझ से क्या परिणाम निकला?
उत्तर: उसकी सूझ-बूझ से राष्ट्रीय नेताओं की योजना सुरक्षित बच गई।
30. प्रश्न: कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: कहानी का मुख्य संदेश है कि साहस, बुद्धिमत्ता और देशभक्ति से बड़े से बड़ा संकट भी टाला जा सकता है।
31. प्रश्न: इंदिरा ने जोखिम क्यों उठाया?
उत्तर: उसने देश के हित को अपने डर से ऊपर रखा, इसलिए जोखिम उठाया।
32. प्रश्न: इस पाठ में देशभक्ति कैसे झलकती है?
उत्तर: इंदिरा का हर कार्य देश के लिए समर्पित था, जिससे उसकी सच्ची देशभक्ति झलकती है।
33. प्रश्न: इंदिरा का आत्मविश्वास कहाँ दिखाई देता है?
उत्तर: सिपाही से निडर होकर बात करना उसके आत्मविश्वास को दर्शाता है।
34. प्रश्न: नेताओं ने इंदिरा पर विश्वास क्यों किया?
उत्तर: वे जानते थे कि इंदिरा समझदार और साहसी है, इसलिए उन्होंने उसे कागज सौंपे।
35. प्रश्न: कहानी बच्चों को क्या प्रेरणा देती है?
उत्तर: यह कहानी बच्चों को साहसी, जिम्मेदार और देशप्रेमी बनने की प्रेरणा देती है।
36. प्रश्न: इंदिरा की भूमिका क्यों यादगार है?
उत्तर: क्योंकि उसने कम उम्र में बड़ा साहस दिखाकर आन्दोलन की रक्षा की।
37. प्रश्न: पाठ का शीर्षक “साहसी इंदिरा” क्यों उपयुक्त है?
उत्तर: क्योंकि इंदिरा ने जोखिम उठाकर अद्भुत साहस का परिचय दिया।
38. प्रश्न: कहानी में भावनात्मक पक्ष कौन-सा है?
उत्तर: पिता की डाँट, इंदिरा के आँसू और उसका गर्व भावनात्मक पक्ष को दर्शाते हैं।
39. प्रश्न: इस पाठ से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर: हमें सीख मिलती है कि सही समय पर सही निर्णय लेना बहुत जरूरी होता है।
40. प्रश्न: इंदिरा का यह कार्य इतिहास में क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: क्योंकि यह कार्य बताता है कि स्वतंत्रता संग्राम में हर उम्र के लोगों का योगदान था।
Answer by Mrinmoee